हमारे साथ श्री रघुनाथ, तो किस बात की चिंता
|| हमारे साथ श्री रघुनाथ, तो किस बात की चिंता || हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता । शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता । किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता । किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की…