राम की बात करता हूं – भजन

|| मैं और किसी की नहीं, राम की बात करता हूं || जिनके नाम से मैं दिन की शुरुआत करता हूं मैं और किसी की नहीं, राम की बात करता हूं जिनके नाम को प्रेम मैं दिन रात करता हूं मैं और किसी की नहीं, राम की बात करता हूं श्री राम जानकी जय जय…

राम सिया राम – भजन

|| राम सिया राम सिया राम जै जै राम || सिया मुख पर दिख जाये मुस्कान जो राम दरस मिल जाये सिया राम नाम से बनी है जोगन राम नाम की कहाये जिसे प्रीत लगी बस राम से उसकी लाज रखे एक नाम राम सिया राम सिया राम जै जै राम राम सिया राम सिया…

सिया राम के चरणों की – भजन

|| सिया राम के चरणों की || सियाराम के चरणों की, गर धूल जो मिल जाए, सच कहता हे राम, तकदीर बदल जाए, सियाराम के चरणों की || ये मन बड़ा चंचल है, कैसे तेरा भजन करूँ, जितना इसे समझाऊं, उतना ही मचल जाए, सियाराम के चरणो की, गर धूल जो मिल जाए, सच कहता…

मेरे राम मुझको देना सहारा – भजन

|| मेरे राम मुझको देना सहारा || मेरे राम मुझको देना सहारा, कही छूट जाये न दामन तुम्हारा || दामन तुम्हारा, दामन तुम्हारा, दामन तुम्हारा दामन, कही छूट जाये न दामन तुम्हारा || इशारो से मुझको बुलाती ये दुनिया, तेरे रास्ते से हटाती ये दुनिया, तेरा नाम मुझको है प्राणो से प्यारा, कही छूट जाये…

सीताराम दरश रस बरसें – भजन

|| सीताराम दरश रस बरसें जैसे सावन की झड़ी || सीताराम दरश रस बरसें, जैसे सावन की झड़ी || चहुं दिशि बरसें राम रस, छायों हरस अपार, राजा रानी की करे, सब मिल जय जयकार कौशल नंदन राजा राम, जानकी वल्लभ राजा राम, जय सियाराम जय जय सियाराम। ऐसे राम दरश रस बरसें, जैसे सावन…

श्री राम जी की आरती

|| श्री राम जी की आरती || हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ, आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ, अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ || कनक सिहासन रजत जोड़ी, दशरथ नंदन जनक किशोरी, युगल छबि को सदा निहारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूं || बाम भाग शोभित जग जननी,…

श्री राम स्तुति – नमामि भक्त वत्सलं

॥ श्री राम स्तुति – नमामि भक्त वत्सलं ॥ नमामि भक्त वत्सलं । कृपालु शील कोमलं ॥ भजामि ते पदांबुजं । अकामिनां स्वधामदं ॥ निकाम श्याम सुंदरं । भवाम्बुनाथ मंदरं ॥ प्रफुल्ल कंज लोचनं । मदादि दोष मोचनं ॥ प्रलंब बाहु विक्रमं । प्रभोऽप्रमेय वैभवं ॥ निषंग चाप सायकं । धरं त्रिलोक नायकं ॥ दिनेश…

अवध में राम आए है – भजन

|| अवध में राम आए है – भजन || सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आये हैं सजा दो घर को गुलशन सा अवध में राम आये हैं अवध में राम आये हैं मेरे सरकार आये हैं अवध में राम आये हैं मेरे सरकार आये हैं मेरे सरकार आये हैं लगे कुटिया…

श्री राम कवच

॥ श्री राम कवचम् ॥ ॥ अगस्तिरुवाच ॥ आजानुबाहुमरविन्ददळायताक्षाजन्म शुद्धरस हास मुखप्रसादम् । श्यामं गृहीत शरचाप मुदाररूपम् । रामं सराम मभिराम मनुस्मरामि ॥ १॥ श्रुणु वक्ष्याम्यहं सर्वं सुत्तिक्ष्ण मुनिसत्तम । श्रीरामकवचं पुण्यं सर्वकाम प्रदायकम् ॥ २॥ अद्वैतानन्द चैतन्य शुद्ध सत्वैक लक्षणः । बहिरन्तः सुतीक्ष्णात्र रामचन्द्रः प्रकाशते ॥ ३॥ तत्व विद्यार्थिनो नित्यं रमन्ते चित्सुखात्मनि । इति…

श्री राम रघुपति आरती

॥ श्री राम रघुपति आरती ॥ बन्दौं रघुपति करुना निधान। जाते छूटै भव-भेद ग्यान॥ रघुबन्स-कुमुद-सुखप्रद निसेस। सेवत पद-पन्कज अज-महेस॥ निज भक्त-हृदय पाथोज-भृन्ग। लावन्यबपुष अगनित अनन्ग॥ अति प्रबल मोह-तम-मारतण्ड। अग्यान-गहन- पावक-प्रचण्ड॥ अभिमान-सिन्धु-कुम्भज उदार। सुररन्जन, भन्जन भूमिभार॥ रागादि- सर्पगन पन्नगारि। कन्दर्प-नाग-मृगपति, मुरारि॥ भव-जलधि-पोत चरनारबिन्द। जानकी-रवन आनन्द कन्द॥ हनुमन्त प्रेम बापी मराल। निष्काम कामधुक गो दयाल॥ त्रैलोक-तिलक, गुनगहन…

श्री राम रघुवीर आरती

॥ श्री राम रघुवीर आरती ॥ ऐसी आरती राम रघुबीर की करहि मन। हरण दुखदुन्द गोविन्द आनन्दघन॥ अचर चर रुप हरि, सर्वगत, सर्वदा बसत, इति बासना धूप दीजै। दीप निजबोधगत कोह-मद-मोह-तम प्रौढ़ अभिमान चित्तवृत्ति छीजै॥ ऐसी आरती राम रघुबीर की करहि मन॥ भाव अतिशय विशद प्रवर नैवेद्य शुभ श्रीरमण परम सन्तोषकारी। प्रेम-ताम्बूल गत शूल सन्शय…

राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली – भजन

।। राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली – भजन ।। राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली । कृष्ण नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली । ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली । ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली…

जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है – भजन

॥ जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है – भजन ॥ जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है अभी हमने जी भर के देखा नहीं है ॥ कैसी घड़ी आज जीवन की आई । अपने ही प्राणो की करते विदाई । अब ये अयोध्या हमारी नहीं है ॥ जरा देर ठहरो राम तमन्ना यही है…

बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम – भजन

॥ बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम – भजन ॥ बड़ी देर भई, बड़ी देर भई, कब लोगे खबर मोरे राम, बड़ी देर भई, कहते हैं तुम हो दया के सागर, फिर क्यूँ खाली मेरी गागर, झूमें झुके कभी ना बरसे, कैसे हो तुम घनश्याम , हे राम, हे राम बड़ी देर भई,…

जिस भजन में राम का नाम ना हो – भजन

॥ जिस भजन में राम का नाम ना हो – भजन ॥ जिस भजन में राम का नाम ना हो, उस भजन को गाना ना चाहिए ॥ चाहे बेटा कितना प्यारा हो, उसे सिर पे चढ़ाना ना चाहिए, चाहे बेटी कितनी लाडली हो, घर घर ने घुमाना ना चाहिए, जिस भजन में राम का नाम…

सीता राम, सीता राम, सीताराम कहिये – भजन

॥ सीता राम, सीता राम, सीताराम कहिये – भजन ॥ सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये। मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में, तू अकेला नाहिं प्यारे, राम तेरे साथ में । विधि का विधान जान, हानि लाभ सहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये…

जिन पर कृपा राम करे – भजन

॥ जिन पर कृपा राम करे – भजन ॥ राम नाम आधार जिन्हें, वो जल में राह बनाते हैं, जिन पर कृपा राम करें, वो पत्थर भी तिर जाते हैं ॥ लक्ष्य राम जी सिद्धि राम जी, राम ही राह बनायी, राम कर्म हैं राम ही कर्ता, राम की सकल बड़ाई राम काम करने वालों…

जिनके हृदय श्री राम बसे – भजन

॥ जिनके हृदय श्री राम बसे – भजन ॥ जिनके हृदय श्री राम बसे, उन और को नाम लियो ना लियो । जिनके हृदय श्री राम बसे, उन और को नाम लियो ना लियो । जिनके हृदय श्री राम । कोई मांगे कंचन सी काया, कोई मांग रहा प्रभु से माया । कोई पुण्य करे,…

राम ही पार लगावेंगे – भजन

॥ राम ही पार लगावेंगे – भजन ॥ अजी मैं तो राम ही राम भजूँ री मेरे राम, राम ही पार लगावेंगे जल थल गगन मण्डल में राम राम ही पार लगावेंगे तन मोरा राम, मन मोरा राम तन मोरा राम, मन मोरा राम मोरा कण-कण हो ऽ ऽ राम ही राम॥ राम ही पार…

कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी – भजन

॥ कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी – भजन ॥ कब दर्शन देंगे राम परम हितकारी कब दर्शन देंगे राम दीन हितकारी रास्ता देखत शबरी की उम्र गयी सारी ॥ कही कोई कांटा प्रभु को नहीं चुभ जाये पग तन्मग्चारे चुन चुन पुष्प बिछाए मीठे फल चख कर नित्य सजाये थारी रास्ता देखत शबरी की…

पायो जी मैंने राम रतन धन पायो – भजन

॥ पायो जी मैंने राम रतन धन पायो – भजन ॥ पायो जी मैंने राम रतन धन पायो । पायो जी मैंने राम रतन धन पायो । वस्तु अमोलिक दी मेरे सतगुरु । कृपा कर अपनायो ॥ पायो जी मैंने राम रतन धन पायो । पायो जी मैंने राम रतन धन पायो । जन्म जन्म…

राम नाम के साबुन से जो – भजन

॥ राम नाम के साबुन से जो – भजन ॥ राम नाम के साबुन से जो, मन का मेल भगाएगा, निर्मल मन के दर्पण में तू, राम के दर्शन पाएगा ॥ रोम रोम में राम है तेरे, वो तो तुझसे दूर नही, देख सके न आंखे उनको, उन आंखों में नूर नही, देखेगा तू मन…

अयोध्या वही है, राम भी वही है – भजन

|| अयोध्या वही है, राम भी वही है || अयोध्या में आये राम सपना नहीं है अयोध्या वही है, राम भी वही है ! बरसों से बैठे तंबू में राम थे कोन कौन इनके पीछे हुए बदनाम थे संतों की मेहनत व्यर्थ नहीं है अयोध्या वही है, राम भी वही है कैकई माँ ने वनवास…

राम आ गए धन्य भाग सबरी मुस्काये – भजन

|| राम आ गए धन्य भाग सबरी मुस्काये || राम आ गए, धन्य भाग शबरी मुस्काये। आँखों में प्रेम आंसू, चरणों को धो रही है, मारे ख़ुशी के शबरी, व्याकुल सी हो रही है, क्या लाऊँ क्या खिलाऊँ, कुछ भी समझ ना आए, राम आ गये, धन्य भाग्य शबरी हर्षाए ॥ वन से जो तोड़कर…

एक बार तो आओ राम, दासी की कुटिया में – भजन

|| एक बार तो आओ राम, दासी की कुटिया में || एक बार तो आओ राम, दासी की कुटिया में – २ कर लो थोड़ा आराम, दासी की कुटिया में – २ तेरे लिए रघुवर, मैं वन में रहती हूँ – २ दुःख दर्द सभी सारे, हसकर के सहती हूँ – २ कब आओगे राघव…

जनक दुलारी के जानकी प्यारी के – भजन

|| जनक दुलारी के जानकी प्यारी के || तर्ज – हम तुम चोरी से जनक दुलारी के, जानकी प्यारी के मन में बसे श्री राम || जब से देखा है राम को, की जनक दुलारी के, जानकी प्यारी के, मन में बसे श्री राम || मंदिर में जनक दुलारी, जब गौरी पूजन आई | सिया…

श्री राम की गली में तुम जाना – भजन

|| श्री राम की गली में तुम जाना || तर्ज – मनिहारी का भेष बनाया श्री राम की गली में तुम जाना, वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना, श्री राम की गली मे तुम जाना, वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना || उनके तन में है राम, उनके मन में है राम, अपनी आंखो से देखे, वो कण कण…

राम जी करेंगे ना तो श्याम जी करेंगे – भजन

|| राम जी करेंगे ना तो श्याम जी करेंगे || राम जी करेंगे ना तो श्याम जी करेंगे, तेरे सारे काम हनुमानजी करेंगे || जय हो जय हो | राम और श्याम दोनों बात मानते हैं, भक्त से बड़ा ना कोई सब जानते हैं, होगा वही जो भी ये जुबान से कहेंगे, राम जी करेगे…

हे मारुती सारी राम कथा – भजन

|| हे मारुती सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में || हे मारुती सारी राम कथा का, सार तुम्हारी आँखों में, हे मारुती सारी राम कथा का, सार तुम्हारी आँखों में, दुनिया भर की भक्ति का, भंडार तुम्हारी आँखों में, हे मारुती, हे मारुती सारी राम कथा का, सार तुम्हारी आँखों में || जय…

काम होगा वही जिसे चाहोगे राम – भजन

|| काम होगा वही जिसे चाहोगे राम || काम होगा वही जिसे चाहोगे राम, अपने स्वामी को, अपने स्वामी को सेवक क्या समझाएगा || सागर में तेर रहे पत्थर यह सारे, इनमे बसे है श्री रामजी हमारे, वही डूब गये पत्थर नही जिनमे राम, अपने स्वामी को, अपने स्वामी को सेवक क्या समझाएगा || लंका…

आते जाते हुए गुनगुनाया करो – भजन

|| आते जाते हुए गुनगुनाया करो || आते जाते हुए गुनगुनाया करो, राम बोला करो राम गाया करो || रिश्ता रखते हो जैसे तुम संसार से, मोह बंधन बंधा है जैसे परिवार से, मोह बंधन बंधा है जैसे परिवार से, थोड़ा उससे भी रिश्ता निभाया करो, राम बोला करो राम गाया करो || कौन कहता…

एक बार जो रघुबर की नजरो – भजन

|| एक बार जो रघुबर की नजरो का इशारा हो जाये || एक बार जो रघुबर की, नजरो का इशारा हो जाये, तेरी लगन में खो जाऊँ मैं, दुनिया से किनारा हो जाये || श्री राम तुम्हारे चरणों में, आशीष सभी को मिलती है, यह धूल तुम्हारी मिल जाये, जीवन का सहारा हो जाये ||…

मेरी नैया में लक्ष्मण राम – भजन

|| मेरी नैया में लक्ष्मण राम ओ गंगा मैया धीरे बहो || मेरी नैया में लक्ष्मण राम, ओ गंगा मैया धीरे बहो, गंगा मैया हो गंगा मैया, मेरी नैया मे चारों धाम, ओ गंगा मैया धीरे बहो, गंगा मैया हो गंगा मैया || उछल उछल मत मारो हिचकोले, देख हिचकोले, मेरा मनवा डोले, मेरी नैया…

मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा – भजन

|| मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा || || दोहा || चलती चक्की को देखकर, दिया कबीरा रोय, दो पाटन के बिच में, साबुत बचा ना कोई | मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा, गोरखधंधा, गोरखधंधा, गोरखधंधा राम, मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा || धरती और आकाश बिच में, सूरज तारे चन्दा, हवा बादलो…

श्री राम भुजङ्ग प्रयात स्तोत्रम्

॥ श्री राम भुजङ्ग प्रयात स्तोत्रम् ॥ विशुद्धं परं सच्चिदानन्दरूपं गुणाधारमाधारहीनं वरेण्यम् । महान्तं विभान्तं गुहान्तं गुणान्तं सुखान्तं स्वयं धाम रामं प्रपद्ये ॥ शिवं नित्यमेकं विभुं तारकाख्यं सुखाकारमाकारशून्यं सुमान्यम् । महेशं कलेशं सुरेशं परेशम् नरेशं निरीशं महीशं प्रपद्ये ॥ यदावर्णयत्कर्णमूलेऽन्तकाले शिवो रामरामेति रामेति काश्याम् । तदेकं परं तारकब्रह्मरूपं भजेऽहं भजेऽहं भजेऽहं भजेऽहं ॥ महारत्नपीठे शुभे…

जटायु कृत श्री राम स्तोत्र

॥ जटायु कृत श्री राम स्तोत्र ॥ जटायुरुवाच अगणितगुणमप्रमेयमाद्यं सकलजगत्स्थितिसंयमादिहेतुम् । उपरमपरमं परात्मभूतं सततमहं प्रणतोऽस्मि रामचन्द्रम् ॥ निरवधिसुखमिन्दिराकटाक्षं क्षपितसुरेन्द्रचतुर्मुखादिदुःखम् । नरवरमनिशं नतोऽस्मि रामं वरदमहं वरचापबाणहस्तम् ॥ त्रिभुवनकमनीयरूपमीड्यं रविशतभासुरमीहितप्रदानम् । शरणदमनिशं सुरागमूले कृतनिलयं रघुनन्दनं प्रपद्ये ॥ भवविपिनदवाग्निनामधेयं भवमुखदैवतदैवतं दयालुम् । दनुजपतिसहस्रकोटिनाशं रवितनयासदृशं हरिं प्रपद्ये ॥ अविरतभवभावनातिदूरं भवविमुखैर्मुनिभिस्सदैव दृश्यम् । भवजलधिसुतारणाङ्घ्रिपोतं शरणमहं रघुनन्दनं प्रपद्ये ॥ गिरिशगिरिसुतामनोनिवासं गिरिवरधारिणमीहिताभिरामम्…

श्री नामरामायणम्

|| श्री नामरामायणम् || ॥ बालकाण्डः ॥ शुद्धब्रह्मपरात्पर राम्॥ १॥ कालात्मकपरमेश्वर राम्॥ २॥ शेषतल्पसुखनिद्रित राम्॥ ३॥ ब्रह्माद्यामरप्रार्थित राम्॥ ४॥ चण्डकिरणकुलमण्डन राम्॥ ५॥ श्रीमद्दशरथनन्दन राम्॥ ६॥ कौसल्यासुखवर्धन राम्॥ ७॥ विश्वामित्रप्रियधन राम्॥ ८॥ घोरताटकाघातक राम्॥ ९॥ मारीचादिनिपातक राम्॥ १०॥ कौशिकमखसंरक्षक राम्॥ ११॥ श्रीमदहल्योद्धारक राम्॥ १२॥ गौतममुनिसम्पूजित राम्॥ १३॥ सुरमुनिवरगणसंस्तुत राम्॥ १४॥ नाविकधावितमृदुपद राम्॥ १५॥ मिथिलापुरजनमोहक राम्॥ १६॥…

Adbhut Ramayan (अद्भुत रामायण)

Adbhut Ramayan (अद्भुत रामायण)

अद्भुत रामायण वाल्मीकि द्वारा रचित एक प्रसिद्ध ग्रंथ है, जो रामायण का एक विशेष संस्करण माना जाता है। यह रामायण की एक अनूठी और अद्वितीय कहानी प्रस्तुत करता है, जो मूल वाल्मीकि रामायण से भिन्न है। अद्भुत रामायण में भगवान राम की वीरता, त्याग और शक्ति का वर्णन अत्यंत प्रभावशाली ढंग से किया गया है।…

श्री रामचन्द्राष्टकम्

॥ श्री रामचन्द्राष्टकम् ॥ चिदाकारो धातापरमसुखदः पावन- तनुर्मुनीन्द्रैर्यो-गीन्द्रैर्यतिपतिसुरेन्द्रैर्हनुमता। सदा सेव्यः पूर्णोजनकतनयाङ्गः सुरगुरू रमानाथो रामो रमतुमम चित्ते तु सततम्॥ मुकुन्दो गोविन्दोजनकतनयालालितपदः पदं प्राप्तायस्याधमकुलभवा चापि शबरी। गिरातीतोऽगम्योविमलधिषणैर्वेदवचसा रमानाथो रामो रमतुमम चित्ते तु सततम्॥ धराधीशोऽधीशःसुरनरवराणां रघुपतिः किरीटी केयूरीकनककपिशः शोभितवपुः। समासीनः पीठेरविशतनिभे शान्तमनसो रमानाथो रामो रमतुमम चित्ते तु सततम्॥ वरेण्यः शारण्यःकपिपतिसखश्चान्तविधुरो ललाटे काश्मीरोरुचिरगतिभङ्गः शशिमुखः। नराकारो रामोयतिपतिनुतः संसृतिहरो रमानाथो रामो…

श्री राम प्रेमाष्टकम्

॥ श्री रामप्रेमाष्टकम् ॥ श्यामाम्बुदाभमरविन्दविशालनेत्रं बन्धूकपुष्पसदृशाधरपाणिपादम्। सीतासहायमुदितं धृतचापबाणं रामं नमामि शिरसा रमणीयवेषम्॥ पटुजलधरधीरध्वानमादाय चापं पवनदमनमेकं बाणमाकृष्य तूणात्। अभयवचनदायी सानुजः सर्वतो मे रणहतदनुजेन्द्रो रामचन्द्रः सहायः॥ दशरथकुलदीपोऽमेयबाहुप्रतापो दशवदनसकोपः क्षालिताशेषपापः। कृतसुररिपुतापो नन्दितानेकभूपो विगततिमिरपङ्को रामचन्द्रः सहायः॥ कुवलयदलनीलः कामितार्थप्रदो मे कृतमुनिजनरक्ष रक्षसामे कहन्ता। अपहृतदुरितोऽसौ नाममात्रेण पुंसामखिल- सुरनृपेन्द्रो रामचन्द्रः सहायः॥ असुरकुलकृशानुर्मानसाम्भोजभानुः सुरनरनिकराणामग्रणीर्मे रघूणाम्। अगणितगुणसीमा नीलमेघौघधामा शमदमितमुनीन्द्रो रामचन्द्रः सहायः॥ कुशिकतनययागं रक्षिता लक्ष्मणाढ्यः…

श्री रामाष्टकम्

॥ श्री रामाष्टकम् ॥ कृतार्तदेववन्दनंदिनेशवंशनन्दनम्। सुशोभिभालचन्दनंनमामि राममीश्वरम्॥ मुनीन्द्रयज्ञकारकंशिलाविपत्तिहारकम्। महाधनुर्विदारकंनमामि राममीश्वरम्॥ स्वतातवाक्यकारिणंतपोवने विहारिणम्। करे सुचापधारिणंनमामि राममीश्वरम्॥ कुरङ्गमुक्तसायकंजटायुमोक्षदायकम्। प्रविद्धकीशनायकंनमामि राममीश्वरम्॥ प्लवङ्गसङ्गसम्मतिंनिबद्धनिम्नगापतिम्। दशास्यवंशसङ्क्षतिंनमामि राममीश्वरम्॥ विदीनदेवहर्षणंकपीप्सितार्थवर्षणम्। स्वबन्धुशोककर्षणंनमामि राममीश्वरम्॥ गतारिराज्यरक्षणंप्रजाजनार्तिभक्षणम्। कृतास्तमोहलक्षणंनमामि राममीश्वरम्॥ हृताखिलाचलाभरंस्वधामनीतनागरम्। जगत्तमोदिवाकरंनमामि राममीश्वरम्॥ इदं समाहितात्मनानरो रघूत्तमाष्टकम्। पठन्निरन्तरं भयंभवोद्भवं न विन्दते॥ ॥ इति श्री रामाष्टकं सम्पूर्णम् ॥

रामो राजमणि – श्लोक अर्थ सहित

॥ रामो राजमणि – श्लोक ॥ रामो राजमणिः सदा विजयते रामं रमेशं भजे रामेणाभिहता निशाचरचमूः रामाय तस्मै नमः । रामान्नास्ति परायणंपरतरं रामस्य दासोस्म्यहं रामे चित्तलयस्सदा भवतु मे भो राम मामुद्धर ॥ हिंदी अर्थ: राम (श्रीराम) सभी राजाओं में श्रेष्ठ रत्न हैं, और वे सदैव विजय प्राप्त करते हैं। मैं उन लक्ष्मीपति राम का भजन करता हूँ,…

രാമ രക്ഷാ കവചം

|| രാമ രക്ഷാ കവചം || അഥ ശ്രീരാമകവചം. അസ്യ ശ്രീരാമരക്ഷാകവചസ്യ. ബുധകൗശികർഷിഃ. അനുഷ്ടുപ്-ഛന്ദഃ. ശ്രീസീതാരാമചന്ദ്രോ ദേവതാ. സീതാ ശക്തിഃ. ഹനൂമാൻ കീലകം. ശ്രീമദ്രാമചന്ദ്രപ്രീത്യർഥേ ജപേ വിനിയോഗഃ. ധ്യാനം. ധ്യായേദാജാനുബാഹും ധൃതശരധനുഷം ബദ്ധപദ്മാസനസ്ഥം പീതം വാസോ വസാനം നവകമലദലസ്പർധിനേത്രം പ്രസന്നം. വാമാങ്കാരൂഢസീതാ- മുഖകമലമിലല്ലോചനം നീരദാഭം നാനാലങ്കാരദീപ്തം ദധതമുരുജടാമണ്ഡനം രാമചന്ദ്രം. അഥ സ്തോത്രം. ചരിതം രഘുനാഥസ്യ ശതകോടിപ്രവിസ്തരം. ഏകൈകമക്ഷരം പുംസാം മഹാപാതകനാശനം. ധ്യാത്വാ നീലോത്പലശ്യാമം രാമം രാജീവലോചനം. ജാനകീലക്ഷ്മണോപേതം ജടാമുകുടമണ്ഡിതം. സാസിതൂർണധനുർബാണപാണിം നക്തഞ്ചരാന്തകം. സ്വലീലയാ ജഗത്ത്രാതുമാവിർഭൂതമജം വിഭും. രാമരക്ഷാം…

இராம ரட்சை கவசம்

|| இராம ரட்சை கவசம் || அத ஶ்ரீராமகவசம்। அஸ்ய ஶ்ரீராமரக்ஷாகவசஸ்ய। புதகௌஶிகர்ஷி꞉। அனுஷ்டுப்-சந்த꞉। ஶ்ரீஸீதாராமசந்த்ரோ தேவதா। ஸீதா ஶக்தி꞉। ஹனூமான் கீலகம்। ஶ்ரீமத்ராமசந்த்ரப்ரீத்யர்தே ஜபே விநியோக꞉। த்யானம்। த்யாயேதாஜானுபாஹும் த்ருதஶரதனுஷம் பத்தபத்மாஸனஸ்தம் பீதம் வாஸோ வஸானம் நவகமலதலஸ்பர்திநேத்ரம் ப்ரஸன்னம்। வாமாங்காரூடஸீதா- முககமலமிலல்லோசனம் நீரதாபம் நானாலங்காரதீப்தம் தததமுருஜடாமண்டனம் ராமசந்த்ரம்। அத ஸ்தோத்ரம்। சரிதம் ரகுநாதஸ்ய ஶதகோடிப்ரவிஸ்தரம்। ஏகைகமக்ஷரம் பும்ஸாம் மஹாபாதகநாஶனம்। த்யாத்வா நீலோத்பலஶ்யாமம் ராமம் ராஜீவலோசனம்। ஜானகீலக்ஷ்மணோபேதம் ஜடாமுகுடமண்டிதம்। ஸாஸிதூர்ணதனுர்பாணபாணிம் நக்தஞ்சராந்தகம்। ஸ்வலீலயா ஜகத்த்ராதுமாவிர்பூதமஜம் விபும்। ராமரக்ஷாம்…

ರಾಮ ರಕ್ಷಾ ಕವಚ

|| ರಾಮ ರಕ್ಷಾ ಕವಚ || ಅಥ ಶ್ರೀರಾಮಕವಚಂ. ಅಸ್ಯ ಶ್ರೀರಾಮರಕ್ಷಾಕವಚಸ್ಯ. ಬುಧಕೌಶಿಕರ್ಷಿಃ. ಅನುಷ್ಟುಪ್-ಛಂದಃ. ಶ್ರೀಸೀತಾರಾಮಚಂದ್ರೋ ದೇವತಾ. ಸೀತಾ ಶಕ್ತಿಃ. ಹನೂಮಾನ್ ಕೀಲಕಂ. ಶ್ರೀಮದ್ರಾಮಚಂದ್ರಪ್ರೀತ್ಯರ್ಥೇ ಜಪೇ ವಿನಿಯೋಗಃ. ಧ್ಯಾನಂ. ಧ್ಯಾಯೇದಾಜಾನುಬಾಹುಂ ಧೃತಶರಧನುಷಂ ಬದ್ಧಪದ್ಮಾಸನಸ್ಥಂ ಪೀತಂ ವಾಸೋ ವಸಾನಂ ನವಕಮಲದಲಸ್ಪರ್ಧಿನೇತ್ರಂ ಪ್ರಸನ್ನಂ. ವಾಮಾಂಕಾರೂಢಸೀತಾ- ಮುಖಕಮಲಮಿಲಲ್ಲೋಚನಂ ನೀರದಾಭಂ ನಾನಾಲಂಕಾರದೀಪ್ತಂ ದಧತಮುರುಜಟಾಮಂಡನಂ ರಾಮಚಂದ್ರಂ. ಅಥ ಸ್ತೋತ್ರಂ. ಚರಿತಂ ರಘುನಾಥಸ್ಯ ಶತಕೋಟಿಪ್ರವಿಸ್ತರಂ. ಏಕೈಕಮಕ್ಷರಂ ಪುಂಸಾಂ ಮಹಾಪಾತಕನಾಶನಂ. ಧ್ಯಾತ್ವಾ ನೀಲೋತ್ಪಲಶ್ಯಾಮಂ ರಾಮಂ ರಾಜೀವಲೋಚನಂ. ಜಾನಕೀಲಕ್ಷ್ಮಣೋಪೇತಂ ಜಟಾಮುಕುಟಮಂಡಿತಂ. ಸಾಸಿತೂರ್ಣಧನುರ್ಬಾಣಪಾಣಿಂ ನಕ್ತಂಚರಾಂತಕಂ. ಸ್ವಲೀಲಯಾ ಜಗತ್ತ್ರಾತುಮಾವಿರ್ಭೂತಮಜಂ ವಿಭುಂ. ರಾಮರಕ್ಷಾಂ…

राम कवच

|| राम कवच || अथ श्रीरामकवचम्। अस्य श्रीरामरक्षाकवचस्य। बुधकौशिकर्षिः। अनुष्टुप्-छन्दः। श्रीसीतारामचन्द्रो देवता। सीता शक्तिः। हनूमान् कीलकम्। श्रीमद्रामचन्द्रप्रीत्यर्थे जपे विनियोगः। ध्यानम्। ध्यायेदाजानुबाहुं धृतशरधनुषं बद्धपद्मासनस्थं पीतं वासो वसानं नवकमलदलस्पर्धिनेत्रं प्रसन्नम्। वामाङ्कारूढसीता- मुखकमलमिलल्लोचनं नीरदाभं नानालङ्कारदीप्तं दधतमुरुजटामण्डनं रामचन्द्रम्। अथ स्तोत्रम्। चरितं रघुनाथस्य शतकोटिप्रविस्तरम्। एकैकमक्षरं पुंसां महापातकनाशनम्। ध्यात्वा नीलोत्पलश्यामं रामं राजीवलोचनम्। जानकीलक्ष्मणोपेतं जटामुकुटमण्डितम्। सासितूर्णधनुर्बाणपाणिं नक्तञ्चरान्तकम्। स्वलीलया जगत्त्रातुमाविर्भूतमजं विभुम्। रामरक्षां पठेत्प्राज्ञः…

രാമ പഞ്ചരത്ന സ്തോത്രം

|| രാമ പഞ്ചരത്ന സ്തോത്രം || യോഽത്രാവതീര്യ ശകലീകൃത- ദൈത്യകീർതി- ര്യോഽയം ച ഭൂസുരവരാർചിത- രമ്യമൂർതിഃ. തദ്ദർശനോത്സുകധിയാം കൃതതൃപ്തിപൂർതിഃ സീതാപതിർജയതി ഭൂപതിചക്രവർതീ . ബ്രാഹ്മീ മൃതേത്യവിദുഷാമപ- ലാപമേതത് സോഢും ന ചാഽർഹതി മനോ മമ നിഃസഹായം. വാച്ഛാമ്യനുപ്ലവമതോ ഭവതഃ സകാശാ- ച്ഛ്രുത്വാ തവൈവ കരുണാർണവനാമ രാമ. ദേശദ്വിഷോഽഭിഭവിതും കില രാഷ്ട്രഭാഷാം ശ്രീഭാരതേഽമരഗിരം വിഹിതും ഖരാരേ. യാചാമഹേഽനവരതം ദൃഢസംഘശക്തിം നൂനം ത്വയാ രഘുവരേണ സമർപണീയാ. ത്വദ്ഭക്തി- ഭാവിതഹൃദാം ദുരിതം ദ്രുതം വൈ ദുഃഖം ച ഭോ യദി വിനാശയസീഹ…

రామ పంచరత్న స్తోత్రం

|| రామ పంచరత్న స్తోత్రం || యోఽత్రావతీర్య శకలీకృత- దైత్యకీర్తి- ర్యోఽయం చ భూసురవరార్చిత- రమ్యమూర్తిః. తద్దర్శనోత్సుకధియాం కృతతృప్తిపూర్తిః సీతాపతిర్జయతి భూపతిచక్రవర్తీ . బ్రాహ్మీ మృతేత్యవిదుషామప- లాపమేతత్ సోఢుం న చాఽర్హతి మనో మమ నిఃసహాయం. వాచ్ఛామ్యనుప్లవమతో భవతః సకాశా- చ్ఛ్రుత్వా తవైవ కరుణార్ణవనామ రామ. దేశద్విషోఽభిభవితుం కిల రాష్ట్రభాషాం శ్రీభారతేఽమరగిరం విహితుం ఖరారే. యాచామహేఽనవరతం దృఢసంఘశక్తిం నూనం త్వయా రఘువరేణ సమర్పణీయా. త్వద్భక్తి- భావితహృదాం దురితం ద్రుతం వై దుఃఖం చ భో యది వినాశయసీహ…

Join WhatsApp Channel Download App