नृसिंह जयंती 2026 में कब है? जानें तिथि, पूजा विधि और पौराणिक महत्व, जानिए भगवान नृसिंह के अवतार की रहस्यमयी कथा

Lord Narasimha

हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में नृसिंह जयंती 30 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के दशावतारों में से एक प्रमुख और रहस्यमयी अवतार है नृसिंह…

Buddha Purnima 2026 क्यों है विशेष? जानिए तिथि, कथा और महत्व – बुद्ध पूर्णिमा पर पीपल वृक्ष की विशेष पूजा

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वर्ष 2026 में बुद्ध पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। यह पावन पर्व वैशाख माह की पूर्णिमा तिथि को आता है, जिसे ‘वैशाख पूर्णिमा’ भी कहते हैं। यह दिन बौद्ध धर्म के अनुयायियों के साथ-साथ हिंदुओं के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि भगवान बुद्ध को श्री हरि विष्णु का नौवां अवतार माना जाता है।…

Apara Ekadashi 2026 – अपरा एकादशी (अचला एकादशी) तिथि, मुहूर्त, व्रत कथा और पूजा विधि

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वर्ष 2026 में अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, बुधवार को रखा जाएगा। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी को ‘अचला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘अपरा’ का अर्थ है ‘अपार’, अर्थात यह व्रत जातक को अपार पुण्य और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला है। हिंदू धर्म…

ज्येष्ठ अमावस्या 2026 कब है? ज्येष्ठ अमावस्या पर क्या करें और क्या न करें? जानिए पिंडदान और तर्पण की सही विधि

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हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को ज्येष्ठ अमावस्या कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह महत्वपूर्ण तिथि 15 जून, सोमवार को पड़ रही है। धार्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि इसी दिन वट सावित्री व्रत और शनि जयंती जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं।…

त्रिशूर पूरम 2026 – दक्षिण भारत की सांस्कृतिक आत्मा, जब पूरा त्रिशूर बनता है एक जीवंत चित्रकला

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केरल का सुप्रसिद्ध त्रिशूर पूरम उत्सव 27 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा। इसे “सभी पूरमों की जननी” कहा जाता है, जिसका आयोजन त्रिशूर के ऐतिहासिक वडक्कुनाथन मंदिर में होता है। 18वीं शताब्दी में राजा शक्थान थंपुरन द्वारा शुरू किया गया यह उत्सव अपनी भव्यता और धार्मिक सौहार्द के लिए विश्व विख्यात है। इस उत्सव के…

Shankaracharya Jayanti 2026 – शंकराचार्य जयंती, जानें चार पीठों की स्थापना का रहस्य

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हिंदू पंचांग के अनुसार, आदि शंकराचार्य जयंती प्रतिवर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह शुभ अवसर 21 अप्रैल, मंगलवार को पड़ेगा। जगतगुरु आदि शंकराचार्य का जन्म 8वीं शताब्दी में केरल के ‘कालड़ी’ में हुआ था। उन्हें भगवान शिव का अवतार माना जाता है। उन्होंने मात्र…

Chaiti Chhath 2026 – चैती छठ कब से शुरू? जानें नहाए-खाय, खरना और अर्घ्य देने का शुभ समय

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चैती छठ, जिसे ‘चैत्र छठ’ भी कहा जाता है, मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश में श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह महापर्व 22 मार्च से 25 मार्च तक मनाया जाएगा। यह पर्व भगवान सूर्य और छठी मैया को समर्पित है। छठ पूजा एक पावन पर्व है जिसमें छठी…

Chaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च, शुक्रवार तक मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) के आगमन का प्रतीक है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष…

2026 Ekadashi List – वर्ष 2026 में आने वाली सभी एकादशी व्रत की सूची और एकादशी व्रत के फायदे

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान विष्णु को समर्पित है। वर्ष 2026 में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कारण कुल 26 एकादशी तिथियां पड़ेंगी। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मन और शरीर की शुद्धि होती है तथा मोक्ष की प्राप्ति होती है। हिन्दू धर्म में एकादशी व्रत…

Vat Purnima 2026 – वट पूर्णिमा व्रत कैसे करें? जानिए महत्व, पूजा विधि, कथा और लाभ

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वट पूर्णिमा हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण त्योहार है, जो विशेष रूप से महाराष्ट्र, गुजरात और दक्षिण भारत में विवाहित महिलाओं द्वारा मनाया जाता है। वर्ष 2026 में वट पूर्णिमा 29 जून, सोमवार को मनाई जाएगी। यह व्रत ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी…

हनुमान जयंती 2026 पर विशेष – शुभ संयोग, पूजा विधि और कहानी

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हनुमान जयंती, जिसे ‘हनुमान जन्मोत्सव’ के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू धर्म का एक अत्यंत पावन पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 2 अप्रैल, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को पड़ता है। भगवान हनुमान को शक्ति, अटूट भक्ति और साहस का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है…

Surdas Jayanti 2026 – कब है सूरदास जयंती? जानें तिथि, महत्व, पढ़ें अमर दोहे और जीवन परिचय

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सूरदास जयंती महान कवि और भगवान श्री कृष्ण के अनन्य भक्त संत सूरदास की याद में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में सूरदास जयंती 21 अप्रैल, मंगलवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह प्रतिवर्ष वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को आती है। सूरदास जी को “हिंदी साहित्य का सूर्य” माना…

नारद जयंती 2026 – क्यों मनाया जाता है यह पर्व और क्या है इसका महत्व? नारद जयंती पर जानें नारद मुनि के प्रमुख अवतार और उनकी विशेषताएं

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वर्ष 2026 में नारद जयंती का पावन पर्व 2 मई, शनिवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को देवर्षि नारद के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ब्रह्मा जी के मानस पुत्र नारद मुनि को ब्रह्मांड का प्रथम पत्रकार और संवाद का…

Parshuram Jayanti 2026 – जाने भगवान परशुराम की जन्मकथा, पूजन विधि और महत्व

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भगवान परशुराम जयंती हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में, परशुराम जयंती 19 अप्रैल, रविवार को मनाई जाएगी। यह तिथि हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को आती है, जिसे ‘अक्षय तृतीया’…

रंगभरी एकादशी 2026 – भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित त्योहार, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त और व्रत पारण का समय

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वर्ष 2026 में रंगभरी एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की इस तिथि को ‘आमलकी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। यह साल की एकमात्र एकादशी है जिसका संबंध भगवान विष्णु के साथ-साथ महादेव से भी है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भगवान शिव माता पार्वती का…

चैत्र नवरात्रि 2026 – घर पर मां दुर्गा की आरती कैसे करें? दुर्गा की आरती के लाभ, पूजा विधि और मंत्र

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वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च (गुरुवार) से शुरू होकर 27 मार्च (शुक्रवार) तक मनाया जाएगा। हिंदू कैलेंडर के अनुसार, यह पर्व चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है, जो ‘हिंदू नव वर्ष’ (विक्रम संवत 2083) के आगमन का भी प्रतीक है। इन नौ दिनों में…

Hanuman Janmotsav 2026 – हनुमान जन्मोत्सव पर करें इन मंत्रों का जाप, दूर होगा मंगल दोष

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वर्ष 2026 में हनुमान जन्मोत्सव का पावन पर्व 2 अप्रैल (गुरुवार) को अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व प्रतिवर्ष चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी दिन संकटमोचन श्री हनुमान जी का अवतरण हुआ था। भक्त इस दिन उपवास रखते हैं और मंदिरों…

पौष संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पौष संकष्टी गणेश चतुर्थी कहा जाता है, जिसे ‘अखुरथ संकष्टी चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें ‘विघ्नहर्ता’ यानी संकटों को हरने वाला माना जाता है। मान्यता है कि…

रामानुज जयंती 2026 कब है? जानें पूजा विधि, इतिहास और व्रत कथा

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महान समाज सुधारक और दार्शनिक स्वामी रामानुजाचार्य जी की जयंती वर्ष 2026 में 22 अप्रैल को मनाई जाएगी। यह उनकी 1009वीं जन्म वर्षगाँठ होगी। रामानुज जयंती हिंदू कैलेंडर के अनुसार चैत्र माह में ‘तिरुवाथिराई’ नक्षत्र के दिन मनाई जाती है। रामानुजाचार्य ने ‘विशिष्टाद्वैत’ दर्शन का प्रतिपादन किया और भक्ति आंदोलन को एक नई दिशा दी।…

Yashoda Jayanti 2026 – श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा यह पावन पर्व, जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और पूजन प्रक्रिया

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यशोदा जयन्ती हिन्दू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जिसे भगवान श्रीकृष्ण की पालक मां यशोदा के प्रति श्रद्धा और समर्पण के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को स्मरण करते हुए मां यशोदा के स्नेह और उनकी भक्ति का गुणगान किया जाता है। यशोदा जयन्ती का पावन पर्व…

जानें कुंभ संक्रांति 2026 का आपकी राशि पर असर और सफलता के उपाय

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कुंभ संक्रांति हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण खगोलीय और धार्मिक पर्व है, जो सूर्य के मकर राशि से कुंभ राशि में प्रवेश करने पर मनाया जाता है। यह दिन दान, पुण्य, और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। वर्ष 2026 में कुंभ संक्रांति 13 फरवरी, शुक्रवार के दिन पड़ेगी। कुंभ…

जानिए 2026 में कब है खिचड़ी उत्सव राधाबल्लभ मंदिर में

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हर साल वृंदावन के राधाबल्लभ मंदिर (Radha Ballabh Temple) में खिचड़ी उत्सव मनाया जाता हैं जो की पूरे एक माह तक चलता हैं । इस खिचड़ी महोत्सव (Khichdi Festival) 1 माह तक मंदिर में राधाबल्लभ लाल जी को खिचड़ी का भोग लगाया जाता है। इस अनूठी परंपरा में भाग लेने के लिए दूरदराज से बड़ी…

Magh Month Festival 2026 – जानें माघ का महिना कब शुरू हो रहा है और महत्व

सनातन धर्म में माघ माह का बहुत बड़ा महत्व हैं हिन्दू पंचाग के अनुसार ये वर्ष का ग्यारहवाँ महीना है। इस माह में विधिपूर्वक श्रीहरि, मां लक्ष्मी और तुलसी माता की पूजा करने से सुख और समृद्धि में वृद्धि होती है। हिन्दू धर्म के अनुसार माघ माह के नियमों का पालन करने से व्यक्ति को…

पौष पूर्णिमा कब है 2026 में और जाने इसका महत्व

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पौष माह में पड़ने वाली पूर्णिमा को पूर्णिमा (Paush Purnima 2026) के नाम से जाना जाता है। इस पौष पूर्णिमा को अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इस दिन से प्रयागराज में महाकुंभ की शुरुआत हो रही है। पूर्णिमा तिथि पर श्रीहरि के संग मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही…

Maa Saraswati Puja Vidhi and Mantra – साल 2026 में कब है बसंत पंचमी जानें डेट और सरस्वती पूजा टाइम

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हिन्दू धर्म में माँ सरस्वती की पूजा का बहुत बड़ा महत्व हैं। शस्त्रों के अनुसार सरस्वती माँ को ज्ञान, ज्ञान, कला और रचनात्मकता का प्रतीक माना जाता है। वे पवित्रता, अनुग्रह और वाक्पटुता का प्रतिनिधित्व करती हैं। ऐसी मान्यता है कि उनकी पुजा करने से बुद्धि और ज्ञान का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मां सरस्वती…

मकर संक्रांति 2026 शुभ मुहूर्त – जानें इस दिन का खगोलीय और आध्यात्मिक महत्व

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मकर संक्रांति का दिन सूर्य देव को समर्पित है और इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। हिंदू पंचांग में बारह संक्रांतियाँ होती हैं, लेकिन धार्मिक दृष्टि से मकर संक्रांति का विशेष महत्व है। इसकी लोकप्रियता इतनी अधिक है कि इसे सामान्यतः “संक्रांति” कहकर संबोधित किया जाता है। मकर संक्रान्ति 2026 पुण्य काल मुहूर्त…

Basant Panchami 2026 – करियर में सफलता के लिए मां सरस्वती को अर्पित करें ये विशेष भोग

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बसंत पंचमी, ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती की आराधना का विशेष पर्व है। यह पर्व हर साल माघ महीने के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। 2026 में बसंत पंचमी [जनवरी 23, 2026, शुक्रवार] को मनाई जाएगी। इस दिन, विद्यार्थी, कलाकार, और ज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोग माँ सरस्वती…

Bhogi Pandigai 2026 – जानें भोगी पण्डिगाई का इतिहास और इसे मनाने के प्रमुख स्थल

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भोगी पण्डिगाई दक्षिण भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है, जो पोंगल उत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। यह त्योहार पारंपरिक रूप से फसल कटाई के समय मनाया जाता है और किसानों के जीवन में एक विशेष महत्व रखता है। भोगी पण्डिगाई 2026 में 13 जनवरी को मनाई जाएगी। भारत, विविधताओं का देश है,…

सकट चौथ 2026 – कब है सकट चौथ? जानें पूजा का सही समय और विधि

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सकट चौथ हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है, जिसे गणेश जी की उपासना और संकटों के निवारण के लिए किया जाता है। इसे तिलकुटा चौथ, माघी चौथ या वक्रतुण्ड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत…

Shattila Ekadashi 2026 – षटतिला एकादशी कैसे करें? जानिए व्रत के नियम, कथा और पूजा विधि

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षटतिला एकादशी का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस एकादशी का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। “षटतिला” का अर्थ है छह प्रकार के तिलों का उपयोग, जो इस व्रत…

Pongal 2026 – साल 2026 में पोंगल पर्व कब? जानें तिथि और कहाँ मनाया जाता हैं

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पोंगल पर्व भारत के दक्षिण राज्य तमिलनाडु में मनाए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है। इसी समय पूरे उत्तर भारत में मकर संक्रांति का पर्व भी मनाया जाता हैं। इस पर्व के मनाने के लिए तमिलनाडु राज्य के लोग गायों और बैलों की पूजा करते हैं और उन्हें रंग-बिरंगे आभूषणों से सजाते…

विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा

|| विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा (Vighneshwar Chaturthi Vrat Katha PDF) || सुदन्त ब्राह्मण को परम शान्ति और पुत्र-प्राप्ति की दिव्य कथा प्राचीन काल में एक समय अयोध्या नरेश राजा दशरथ ने अपने कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ से विनम्र भाव से कहा – “हे गुरुदेव! आपने मार्गशीर्ष मास की शुक्लपक्ष चतुर्थी के व्रत का माहात्म्य विस्तारपूर्वक बताया,…

कर्ज मुक्ति और शत्रुओं पर विजय के लिए मासिक कार्तिगाई पर करें ये अचूक उपाय

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हिंदू धर्म और दक्षिण भारतीय परंपराओं में मासिक कार्तिगाई (Masik Karthigai) का अत्यधिक महत्व है। यह दिन भगवान शिव के पुत्र और देवताओं के सेनापति, भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) को समर्पित है। यदि आप लंबे समय से आर्थिक तंगी, पुराने कर्ज या गुप्त शत्रुओं से परेशान हैं, तो मासिक कार्तिगाई का दिन आपके जीवन में सकारात्मक…

घर पर कैसे करें विघ्नेश्वर चतुर्थी की विधिवत पूजा? यहाँ पढ़ें संपूर्ण व्रत कथा और आरती के नियम।

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विघ्नेश्वर चतुर्थी, जिसे हम संकष्टी चतुर्थी के रूप में भी जानते हैं, भगवान गणेश को प्रसन्न करने और जीवन के संकटों को दूर करने का महापर्व है। यदि आप भी अपने घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए इस व्रत को करने का संकल्प ले रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका…

ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम्

|| ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम् (Rinaharta Ganesha Stotram PDF) || कैलाशपर्वते रम्ये शम्भुं चन्द्रार्धशेखरम्। षडाम्नायसमायुक्तं पप्रच्छ नगकन्यका॥ ॥ पार्वत्युवाच ॥ देवश परमेशान सर्वशास्त्रार्थपारग। उपायमृणनाशस्य कृपया वद साम्प्रतम्॥ ॥ शिव उवाच ॥ सम्यक् पृष्टं त्वया भद्रे लोकानां हिकाम्यया। तत्सर्वं सम्प्रवक्ष्यामि सावधानावधारय॥ ॥ विनियोग ॥ ॐ अस्य श्रीऋणहरणकर्तृगणपतिस्तोत्रमन्त्रस्य सदाशिव ऋषिः अनुष्टुप् छन्दः श्रीऋणहरणकर्तृगणपतिर्देवता ग्लौं बीजम् गः शक्तिः…

पहली बार रख रहे हैं व्रत? विघ्नेश्वर चतुर्थी पूजा के नियम और सावधानियां जो आपको जाननी चाहिए!

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हिंदू धर्म में भगवान गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत हो या संकटों का निवारण, सबसे पहले गणपति बप्पा को ही याद किया जाता है। हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विघ्नेश्वर चतुर्थी (विनायक चतुर्थी) के रूप में मनाया जाता है। यदि आप इस बार पहली…

मासिक कार्तिगाई पूजा विधि – घर पर कैसे करें भगवान मुरुगन का अभिषेक और दीप दान?

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हिंदू धर्म में भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की आराधना का विशेष महत्व है। वैसे तो साल में एक बार आने वाली ‘थिरुकार्तिगाई’ बहुत बड़े स्तर पर मनाई जाती है, लेकिन प्रत्येक माह आने वाली मासिक कार्तिगाई का भी अपना एक विशेष आध्यात्मिक फल है। यदि आप अपने जीवन में साहस, विजय और बाधाओं से मुक्ति चाहते…

विघ्नेश्वर चतुर्थी क्यों है विशेष? जानें इस दिन किए गए उपायों का अद्भुत फल

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क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में हर माह आने वाली चतुर्थी तिथि को केवल एक तारीख नहीं, बल्कि ‘भाग्य बदलने का अवसर’ माना जाता है? भगवान गणेश, जिन्हें हम प्यार से ‘विघ्नेश्वर’ (विघ्नों के ईश्वर) कहते हैं, इस दिन अपने भक्तों के जीवन से बड़े से बड़े संकट को चुटकियों में हर लेते…

पितृ दोष से हैं परेशान? दर्श अमावस्या की रात करें ये सरल उपाय, मिलेगी हर बाधा से मुक्ति

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हिंदू धर्म में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात दर्श अमावस्या (Darsha Amavasya) की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। शास्त्रों के अनुसार, यह वह रात है जब चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है और हमारे पूर्वजों यानी पितरों की शक्तियां सबसे अधिक सक्रिय होती हैं।…

क्या होती है दर्श अमावस्या? जानें इसका धार्मिक महत्व और चंद्र देव की पूजा का सही तरीका

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हिंदू पंचांग में अमावस्या तिथि का विशेष स्थान है, लेकिन क्या आपने कभी ‘दर्श अमावस्या’ (Darsha Amavasya) के बारे में सुना है? धार्मिक दृष्टि से यह तिथि अत्यंत कल्याणकारी मानी गई है। यह वह समय होता है जब चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य होता है। इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि दर्श अमावस्या…

दर्श अमावस्या स्पेशल – जानिए इस दिन दीपदान करने के 3 चमत्कारी लाभ

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हिंदू धर्म और वैदिक पंचांग में अमावस्या की तिथि का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘दर्श अमावस्या’ की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। अमावस्या की वह रात जब चंद्रमा पूरी तरह अदृश्य होता है, उसे ‘दर्श’ कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह दिन न केवल पितरों…

Paush Amavasya 2025 – आपकी हर इच्छा पूरी करेगा पौष अमावस्या का एक लोटा जल! जानें सरल अचूक टोटका।

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हिंदू पंचांग में हर महीने की अमावस्या तिथि को पितरों (Ancestors) को समर्पित माना जाता है, लेकिन जब यह तिथि पौष माह के कृष्ण पक्ष में आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। पौष अमावस्या (Paush Amavasya) को शास्त्रों में ‘मिनी श्राद्ध’ भी कहा गया है। यह वह शक्तिशाली दिन है जब…

पौष अमावस्या व्रत कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को ‘पौष अमावस्या’ कहा जाता है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व है। इसे पितरों की आत्मा की शांति और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौष अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त…

दर्श अमावस्या व्रत कथा

हिन्दू धर्म और पंचांग में ‘दर्श अमावस्या’ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है, जब चंद्रमा आकाश में पूरी तरह अदृश्य रहता है। ‘दर्श’ का अर्थ है देखना या दर्शन करना; माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं होते, बल्कि यह पूर्वजों (पितरों) को समर्पित दिन…

10 काम जो आपको दर्श अमावस्या के दिन भूलकर भी नहीं करने चाहिए!

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दर्श अमावस्या हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण तिथि मानी जाती है। यह दिन पितृ तर्पण, श्राद्ध और आध्यात्मिक शुद्धि के लिए समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य होता है और हमारे पूर्वज (पितृ) पृथ्वी के सबसे करीब होते हैं। जहां इस दिन कुछ खास उपाय करने से…

उत्तर और दक्षिण भारत की हनुमान जयंती में क्या है अंतर? जानें तमिल ‘हनुमथ जयंती’ की पूरी जानकारी।

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हनुमान जी की महिमा अपरंपार है। देश के हर कोने में ‘बजरंगबली’ के भक्त मिल जाएंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि उत्तर भारत और दक्षिण भारत (विशेषकर तमिलनाडु) में हनुमान जयंती मनाने की परंपराएं और तिथियां बिल्कुल अलग हैं? अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि एक ही देवता का…

तमिल हनुमान जयंती 2025 – मार्गशीर्ष अमावस्या पर बजरंगबली की पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व।

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सनातन धर्म में हनुमान जी की भक्ति का अपना ही एक विशेष स्थान है। वैसे तो देश के अधिकांश हिस्सों में हनुमान जयंती चैत्र पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है, लेकिन दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में, इसे ‘हनुमत जयंती’ के रूप में मार्गशीर्ष माह की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2025 में तमिल…

साल के अंत में क्यों मनाई जाती है तमिल हनुमान जयंती? जानिए पौराणिक कथा और विशेष परंपराएं।

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भारत एक ऐसा देश है जहाँ हर त्योहार के पीछे गहरा अर्थ और विविधता छिपी होती है। जब उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा (मार्च-अप्रैल) के दौरान हनुमान जयंती की धूम होती है, ठीक उसी समय के लगभग 8-9 महीने बाद दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में, ‘तमिल हनुमान जयंती’ बेहद भव्य तरीके से मनाई जाती है।…

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