श्री सम्मेद शिखर चालीसा

श्री सम्मेद शिखर चालीसा भगवान पार्श्वनाथ को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र है। इस चालीसा में 20 तीर्थंकरों की महिमा का वर्णन है, जिन्होंने सम्मेद शिखरजी से मोक्ष प्राप्त किया था। श्री सम्मेद शिखर चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। || श्री सम्मेद शिखर चालीसा (Sammed Shikhar Chalisa PDF)…

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा

श्री चन्द्रप्रभु चालीसा का पाठ जैन धर्म में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह चालीस चौपाइयों का संग्रह है जो आठवें तीर्थंकर, भगवान चंद्रप्रभु की स्तुति करता है। इस चालीसा का नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। || श्री चन्द्रप्रभु चालीसा (Chandraprabhu Chalisa PDF) || ।।…

श्री मल्लिनाथ चालीसा

यह चालीसा जैन धर्म के 19वें तीर्थंकर, श्री मल्लिनाथ जी, को समर्पित है। इसका पाठ करने से मन में शांति और शुद्धता का भाव आता है। यह चालीसा भगवान मल्लिनाथ के जीवन और उनकी शिक्षाओं का सार प्रस्तुत करती है। इसमें करुणा, अहिंसा और आत्म-नियंत्रण जैसे गुणों का वर्णन है, जो भक्तों को सही मार्ग…

श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा

श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा जैन धर्म के चौथे तीर्थंकर भगवान अभिनन्दन स्वामी को समर्पित है। इस चालीसा का पाठ करने से मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। || श्री अभिनन्दन नाथ चालीसा (Abhinandan Nath Chalisa PDF) || ऋषभ–अजित–सम्भव अभिनन्दन, दया करे सब पर दुखभंजन जनम–मरन के टुटे बन्धन, मन मन्दिर तिष्ठें…

अजा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

अजा एकादशी व्रत कथा के अनुसार, प्राचीन काल में हरिश्चंद्र नाम के एक सत्यवादी राजा थे। कठिन परिस्थितियों के कारण उन्हें अपनी पत्नी, पुत्र और स्वयं को बेचना पड़ा। एक चांडाल के यहाँ काम करते हुए, उन्होंने अपनी दुर्दशा से मुक्ति पाने के लिए महर्षि गौतम से उपाय पूछा। महर्षि ने उन्हें अजा एकादशी व्रत…

श्री राणी सती दादी चालीसा

श्री राणी सती दादी चालीसा का पाठ करना दादी जी के भक्तों के लिए एक विशेष आध्यात्मिक अभ्यास है। इसे करने से मन को शांति मिलती है और जीवन की कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति प्राप्त होती है। चालीसा में 40 छंद होते हैं, जिनमें दादी जी की महिमा, त्याग और उनके प्रति श्रद्धा…

माँ छिन्‍नमस्‍तका चालीसा

माँ छिन्नमस्तिका, दस महाविद्याओं में से एक हैं, जिनकी पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है। इनकी आराधना से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और भक्तों को शक्ति, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। माँ छिन्नमस्तिका चालीसा का पाठ इस साधना का एक महत्वपूर्ण अंग है। || माँ छिन्‍नमस्‍तका चालीसा (Maa Chhinnamastaka Chalisa…

माँ बृजेश्वरी देवी चालीसा (काँगड़ा देवी चालीसा)

माँ बृजेश्वरी देवी चालीसा का पाठ करने से भक्तों को अनेकों लाभ प्राप्त होते हैं। यह चालीसा माँ बृजेश्वरी देवी की महिमा और शक्ति का गुणगान करती है, जो हिमाचल प्रदेश के काँगड़ा में विराजमान हैं। इसका नियमित पाठ करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति आती है। || माँ बृजेश्वरी देवी चालीसा (Maa…

श्री वेंकटेश्वर चालीसा

श्री वेंकटेश्वर चालीसा भगवान विष्णु के एक रूप, भगवान वेंकटेश्वर की महिमा का वर्णन करती है। यह चालीसा भगवान की कृपा पाने और जीवन की बाधाओं को दूर करने का एक शक्तिशाली माध्यम है। || श्री वेंकटेश्वर चालीसा (Venkateshwar Chalisa PDF) || || दोहा || रामानुज पदकमल का, मन में धर कर ध्यान। श्रीनिवास भगवान…

श्री वामन चालीसा

श्री वामन चालीसा भगवान विष्णु के वामन अवतार को समर्पित एक पावन स्तोत्र है। इसका पाठ भक्तों को असीम शक्ति, ज्ञान और धैर्य प्रदान करता है। पुराणों के अनुसार वामन अवतार ने बलि राजा के अहंकार को विनम्र किया और धर्म की पुनर्स्थापना की। इस चालीसा का नियमित पाठ करने से पापों का नाश होता…

श्री कृष्ण कन्हैया आरती

|| श्री कृष्ण कन्हैया आरती (Krishna Kanhaiya Aarti PDF) || मथुरा कारागृह अवतारी, गोकुल जसुदा गोद विहारी। नन्दलाल नटवर गिरधारी, वासुदेव हलधर भैया की॥ आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की। मोर मुकुट पीताम्बर छाजै, कटि काछनि, कर मुरलि विराजै। पूर्ण सरक ससि मुख लखि लाजै, काम कोटि छवि जितवैया की॥ आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की। गोपीजन रस रास…

राधा कृष्ण सहस्रनामावली

राधा कृष्ण सहस्रनामावली भगवान श्रीकृष्ण और देवी राधा के दिव्य स्वरूप और उनके गुणों का वर्णन करने वाला एक पवित्र ग्रंथ है। इसमें राधा-कृष्ण के 1000 नामों का संकलन है, जो उनकी दिव्यता, प्रेम, और भक्ति का प्रतीक हैं। यह सहस्रनामावली राधा-कृष्ण के प्रति समर्पण को बढ़ाती है और भक्तों को उनके अद्वितीय प्रेम का…

श्री कृष्ण सहस्रनामावली

श्री कृष्ण सहस्रनामावली में भगवान श्रीकृष्ण के एक हजार पवित्र और दिव्य नामों का वर्णन है। यह नाम उनके विभिन्न स्वरूपों, लीलाओं, गुणों और महिमा को प्रकट करते हैं। भगवान श्रीकृष्ण, जिन्हें योगेश्वर, मुरलीधर और गोविंद के नाम से भी जाना जाता है, प्रेम, करुणा और ज्ञान के प्रतीक हैं। इस सहस्रनामावली का पाठ करने…

आज जन्माष्टमी पर अवश्य पढ़ें – भए प्रगट कृपाला दीनदयाला

|| भए प्रगट कृपाला दीनदयाला (Bhaye Pragat Kripala Din Dayala) || भए प्रगट कृपाला दीनदयाला, कौसल्या हितकारी । हरषित महतारी, मुनि मन हारी, अद्भुत रूप बिचारी ॥ लोचन अभिरामा, तनु घनस्यामा, निज आयुध भुजचारी । भूषन बनमाला, नयन बिसाला, सोभासिंधु खरारी ॥ कह दुइ कर जोरी, अस्तुति तोरी, केहि बिधि करूं अनंता । माया गुन ग्यानातीत…

श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा

श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा 2025 भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की दिव्य लीलाओं और उनके अवतरण की महिमा को दर्शाती है। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं, भजन-कीर्तन करते हैं और रात्रि 12 बजे श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाते हैं। श्री कृष्ण जन्माष्टमी व्रत कथा PDF में व्रत की सम्पूर्ण कथा, पूजन विधि और…

आरती कुंजबिहारी की (Shri Krishna Aarti)

|| आरती कुंजबिहारी की || आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन में ठाढ़े बनमाली…

जानिए श्री कृष्ण के प्रिय बाल मित्रों के नाम – कौन थे श्री कृष्ण के बाल सखा?

friends-of-shri-krishna

भगवान श्रीकृष्ण के जीवन में उनके मित्रों का विशेष महत्व रहा है। बचपन से लेकर उनके किशोरावस्था तक, श्रीकृष्ण ने कई सखा और सखियों के साथ अद्भुत समय बिताया। गोकुल और वृंदावन में उनके बचपन के कुछ खास मित्र थे, जिनके साथ उन्होंने अपनी लीलाएं कीं। लगभग 11 वर्ष की उम्र तक वे इन मित्रों…

क्या आपने कभी ध्यान से पढ़ी है कृष्ण चालीसा? रोज़ाना कृष्ण चालीसा पढ़ने से होते हैं ये 7 अद्भुत लाभ

friends-of-shri-krishna

हिंदू धर्म में चालीसा पाठ का विशेष महत्व है। हनुमान चालीसा, दुर्गा चालीसा, शिव चालीसा की तरह ही भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित “कृष्ण चालीसा” भी अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। अक्सर लोग इसे केवल एक धार्मिक पाठ समझकर पढ़ लेते हैं, लेकिन क्या आपने कभी इसे ध्यान से पढ़ा है? इसके एक-एक शब्द में गहरा…

क्यों श्री कृष्ण कहलाते हैं ‘संपूर्ण पुरुष’? श्री कृष्ण: धर्म, कर्म और प्रेम का संपूर्ण स्वरूप

shri-krishna

श्री कृष्ण भारतीय धर्म और संस्कृति में एक अद्वितीय स्थान रखते हैं। उन्हें ‘संपूर्ण पुरुष’ कहा जाता है, जो इस बात का प्रतीक है कि वे मानव जीवन के सभी पहलुओं को पूर्णता के साथ प्रस्तुत करते हैं। उनका व्यक्तित्व धर्म, कर्म, प्रेम, ज्ञान और नेतृत्व जैसे सभी गुणों का समावेश है। आइए समझते हैं…

श्री कृष्ण जी के मंत्र लाभ सहित

।। श्री कृष्ण मंत्र के लाभ ।। श्री कृष्ण मंत्र का जाप करने से सभी पापो का नाश होता है और सुख सौभाग्य में वृद्धि होती है श्री कृष्णा भगवन की पूजा बुधवार के दिन करना शुभ माना जाता है श्री कृष्णा मंत्र का जाप करने से जीवन में सकरात्मकता आती है श्री कृष्णा मंत्र…

श्री कृष्ण भोग आरती

|| श्री कृष्ण भोग आरती (Krishna Bhog Aarti PDF) || आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… दुर्योधन को मेवा त्यागो, साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन, आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन… आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… वृदावन की कुञ्ज…

विन्ध्येश्वरी चालीसा

विन्ध्येश्वरी चालीसा, माँ विंध्यवासिनी को समर्पित एक शक्तिशाली स्तुति है। यह चालीसा भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाती है। इसके नियमित पाठ से भक्त सभी प्रकार के भय, रोग और कष्टों से मुक्त हो जाते हैं। माँ विंध्यवासिनी की कृपा से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन में आने वाली…

श्री शाकंभरी चालिसा

शाकंभरी माता, जिन्हें दुर्गा का एक रूप माना जाता है, संसार को अपने शाक यानी वनस्पतियों से पोषण देती हैं। उनकी महिमा का गुणगान करने के लिए ‘श्री शाकंभरी चालिसा’ एक श्रेष्ठ और सरल साधन है। इस चालिसा का पाठ करने से जीवन में सुख, समृद्धि और शांति का आगमन होता है। यह 40 चौपाइयों…

माँ महाकाली चालीसा

माँ महाकाली की कृपा प्राप्त करने के लिए ‘महाकाली चालीसा’ का पाठ एक बहुत ही सरल और प्रभावशाली तरीका है। यह चालीसा 40 छंदों का एक संग्रह है, जिसमें माँ काली के स्वरूप, उनके कार्यों और महिमा का सुंदर वर्णन किया गया है। इसका नियमित पाठ करने से मन में शक्ति, साहस और आत्मविश्वास का…

श्री गंगा चालीसा

गंगा चालीसा का पाठ भक्तों को मोक्ष, शांति और समृद्धि प्रदान करता है। यह चालीसा माँ गंगा की महिमा का बखान करती है और उनके दिव्य गुणों को उजागर करती है। गंगा को त्रिलोकपावनी कहा जाता है, जो अपने स्पर्श से सभी पापों का नाश करती हैं। इस चालीसा का नियमित पाठ करने से मन…

खाटू श्याम चालीसा सीकर

खाटू श्याम चालीसा का पाठ विशेष रूप से सीकर, राजस्थान में स्थित खाटू श्याम जी के मंदिर में करना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस स्थान पर चालीसा का पाठ करने से भक्तों की मनोकामनाएं शीघ्र पूरी होती हैं। यहां के दिव्य वातावरण में चालीसा का पाठ करने से मन को शांति मिलती है और…

श्री साईं चालीसा

श्री साईं चालीसा एक भक्तिमय हिंदू स्तोत्र है, जो शिरडी के संत साईं बाबा को समर्पित है। इसमें 40 छंद (चौपाई) होते हैं, जिनमें साईं बाबा के जीवन, शिक्षाओं और चमत्कारों का वर्णन किया गया है। साईं चालीसा का पाठ करने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, सुख और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह चालीसा…

श्री चंडी चालीसा

श्री चंडी चालीसा देवी दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र स्तोत्र है। इस चालीसा में 40 छंद हैं जो माता रानी की महिमा, उनके विभिन्न रूपों और उनके द्वारा किए गए चमत्कारों का गुणगान करते हैं। इसका पाठ करने से भक्तों को माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है, जिससे भय, रोग और बाधाओं…

श्री परशुराम चालीसा

श्री परशुराम चालीसा भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम जी को समर्पित एक भक्तिमय रचना है। इस चालीसा का पाठ करने से भक्तों को भगवान परशुराम का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह चालीसा भगवान परशुराम के दिव्य गुणों, वीरता और न्यायप्रियता का बखान करती है। || श्री परशुराम चालीसा (Parshuram Chalisa PDF) || ॥ दोहा…

श्री धन्वंतरी चालीसा

श्री धन्वंतरी चालीसा भगवान धन्वंतरी को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र है। इस चालीसा के माध्यम से भक्त भगवान धन्वंतरी की महिमा का गुणगान करते हैं, जो आयुर्वेद के जनक और देवताओं के वैद्य माने जाते हैं। इस चालीसा का पाठ करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार होता है। यह विभिन्न रोगों, बीमारियों और…

श्री अरहनाथ चालीसा

श्री अरहनाथ चालीसा जैन धर्म के आठवें तीर्थंकर भगवान अरहनाथ को समर्पित एक पावन स्तुति है। इस चालीसा के पाठ से साधक को आंतरिक शांति, सद्बुद्धि और मोक्षमार्ग की प्रेरणा मिलती है। भगवान अरहनाथ के जीवन में त्याग, तपस्या और सत्य का अद्वितीय उदाहरण मिलता है। श्री अरहनाथ चालीसा के 40 चौपाई और 2 दोहे,…

श्री पुष्पदंत चालीसा

श्री पुष्पदंत चालीसा का पाठ भगवान पुष्पदंत की महिमा का गुणगान करता है। वे जैन धर्म के नवें तीर्थंकर थे, जिन्होंने कठोर तपस्या और साधना से केवलज्ञान प्राप्त किया। यह चालीसा उनके जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों और आध्यात्मिक गुणों को श्रद्धापूर्वक दर्शाती है। इसका नियमित पाठ करने से भक्तों को मन की शांति, आध्यात्मिक शक्ति…

ज्वाला देवी चालीसा

ज्वाला देवी चालीसा देवी ज्वाला जी को समर्पित एक भक्तिमय स्तोत्र है। यह चालीस चौपाइयों का संग्रह है, जिसमें देवी के गुणों, शक्ति और चमत्कारों का वर्णन किया गया है। चालीसा का पाठ करने से भक्तों को देवी का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में सुख-शांति आती है। यह चालीसा भक्तों को साहस, शक्ति…

वीरभद्र चालीसा

श्री वीरभद्र चालीसा भगवान शिव के रौद्र स्वरूप, वीरभद्र को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है। यह चालीसा 40 छंदों का संग्रह है जिसमें वीरभद्र के शौर्य, पराक्रम और महिमा का गुणगान किया गया है। इसका पाठ करने से भक्तों को भय से मुक्ति मिलती है और शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है। यह चालीसा भक्तों…

कामाख्या देवी चालीसा

कामाख्या देवी चालीसा का पाठ करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। यह चालीसा माँ कामाख्या की कृपा प्राप्त करने का एक सरल और शक्तिशाली माध्यम है। इसके नियमित पाठ से भक्तों के जीवन से सभी कष्ट और बाधाएँ दूर हो जाती हैं। || कामाख्या देवी चालीसा (Kamakhya Chalisa PDF) || ॥ दोहा ॥ सुमिरन कामाख्या…

विनय चालीसा (नीम करौरी बाबा)

विनय चालीसा का पाठ नीम करौरी बाबा के भक्तों के लिए एक विशेष साधन है, जिससे वे उनकी कृपा और आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं। यह चालीसा बाबा की महिमा, उनके जीवन और उनके चमत्कारों का वर्णन करती है। इसका नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है, जीवन में आने वाली बाधाएं दूर…

श्री गायत्री चालीसा

श्री गायत्री चालीसा हिंदू धर्म का एक प्रमुख भक्ति ग्रंथ है, जो देवी गायत्री को समर्पित है। गायत्री माता को वेदों की जननी और सभी देवों की शक्ति माना जाता है। इस चालीसा के नियमित पाठ से व्यक्ति को ज्ञान, बुद्धि, समृद्धि और शांति की प्राप्ति होती है। || श्री गायत्री चालीसा (Gayatri Chalisa PDF)…

श्री विष्णु चालीसा

श्री विष्णु चालीसा PDF, गुरुवार के दिन भगवान विष्णु की पूजा, आरती और चालीसा पाठ का विशेष महत्व होता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से श्री विष्णु चालीसा (Vishnu Chalisa) का पाठ करने से भगवान विष्णु अत्यंत प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के सभी दुख, कष्ट और बाधाओं…

श्री बगलामुखी चालीसा

श्री बगलामुखी चालीसा का पाठ देवी बगलामुखी की कृपा पाने का एक शक्तिशाली माध्यम है। यह चालीसा विशेष रूप से शत्रुओं पर विजय, वाद-विवाद में सफलता और जीवन की सभी बाधाओं को दूर करने के लिए बहुत प्रभावी मानी जाती है। जो व्यक्ति सच्चे मन और पूरी श्रद्धा से इस चालीसा का पाठ करता है,…

श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा

श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा जैन धर्म में 20वें तीर्थंकर, भगवान मुनिसुव्रतनाथ की स्तुति में गाई जाने वाली 40 चौपाइयों की एक भक्तिमय रचना है। इस चालीसा का पाठ करने से जीवन में शांति, सुख और समृद्धि आती है। || श्री मुनिसुव्रतनाथ चालीसा (Munisuvratnaath Chalisa PDF) || ।। दोहा ।। अरिहंत सिद्ध आचार्य को निसदिन करुं प्रणाम…

बृजेश्वरी देवी माता चालीसा

बृजेश्वरी देवी माता की महिमा अपरंपार है और उनकी चालीसा का पाठ भक्तों को सुख, शांति और समृद्धि प्रदान करता है। चालीसा का नियमित पाठ करने से माता का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। || बृजेश्वरी देवी माता चालीसा (Bajreshwari Mata Chalisa PDF) || || दोहा || शक्ति…

श्री नारद मुनि चालीसा

Narad Muni Drawing

श्री नारद मुनि को देवर्षि के रूप में जाना जाता है, जो भगवान विष्णु के परम भक्त हैं। वे तीनों लोकों में सूचनाओं का आदान-प्रदान करते हैं और भक्ति, संगीत तथा ज्ञान का प्रसार करते हैं। उनकी महिमा का गुणगान करने के लिए यह चालीसा अत्यंत शक्तिशाली और प्रभावशाली मानी जाती है। || श्री नारद…

श्री नेमिनाथ चालीसा

श्री नेमिनाथ चालीसा जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर, भगवान नेमिनाथ, को समर्पित एक भक्तिमय पाठ है। इस चालीसा में 40 छंद होते हैं, जिनमें भगवान नेमिनाथ के जीवन, त्याग, और गुणों का सुंदर वर्णन किया गया है। इसे श्रद्धापूर्वक पढ़ने से भक्तों को आत्मिक शांति, मानसिक स्थिरता और जीवन में सही मार्ग पर चलने की…

श्री सुपार्श्वनाथ चालीसा

जैन धर्म के सातवें तीर्थंकर, श्री सुपार्श्वनाथ भगवान, का चालीसा भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पाठ है। इस चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह चालीसा भगवान सुपार्श्वनाथ के जीवन, तपस्या और गुणों का गुणगान करती है, जिससे भक्तों को उनसे प्रेरणा मिलती…

श्री शीतला माता चालीसा

श्री शीतला माता चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को चेचक (छोटी माता) और अन्य त्वचा संबंधी रोगों से मुक्ति मिलती है। यह चालीसा रोग-निवारण की देवी, माता शीतला को समर्पित है। इसका नियमित पाठ करने से घर में सुख-शांति आती है और परिवार के सदस्य स्वस्थ रहते हैं। || श्री शीतला माता चालीसा (Sheetala…

श्री चंद्र देव चालीसा

श्री चंद्र देव चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को मानसिक शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा की प्राप्ति होती है। यह चालीसा भगवान चंद्र देव को समर्पित है और इसका नियमित पाठ करने से कुंडली में चंद्र ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, जिससे जीवन में सुख-समृद्धि आती है। || श्री चंद्र देव चालीसा (Chandra…

नरसिंह चालीसा

श्री नरसिंह चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को भय से मुक्ति मिलती है, शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है और जीवन के सभी संकट दूर होते हैं। यह चालीसा भगवान विष्णु के उग्र अवतार, श्री नरसिंह देव को समर्पित है। इनका रूप आधा सिंह और आधा मनुष्य का है, जो भक्तों की रक्षा के…

श्री महालक्ष्मी चालीसा

श्री महालक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को धन-धान्य, ऐश्वर्य और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। यह चालीसा धन, समृद्धि और वैभव की देवी, माता महालक्ष्मी को समर्पित है। इसका नियमित पाठ करने से घर में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है, तथा सभी प्रकार के आर्थिक संकट दूर होते हैं। || श्री महालक्ष्मी…

Join WhatsApp Channel Download App