गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति (Gayatri Ki Dainik Sadhana evam Yagya Paddhati)

गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति (Gayatri Ki Dainik Sadhana evam Yagya Paddhati)

‘गायत्री की दैनिक साधना एवं यज्ञ पद्धति’ पं. श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा रचित एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जो साधकों को गायत्री मंत्र के माध्यम से आत्मिक विकास और जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग दिखाता है। यह पुस्तक दैनिक साधना के महत्व और यज्ञ की विधि को सरल भाषा में प्रस्तुत करती है। गायत्री…

भोले की किरपा, जिस पर भी रहती है

|| भोले की किरपा, जिस पर भी रहती है || भोले की किरपा, जिस पर भी रहती है, उसके घर में सुख की, गंगा बहती है, पूछ लो चाहे जाके, इसके भक्तो से, मैं नही कहता, सारी दुनिया कहती है, भोलें की किरपा, जिस पर भी रहती है, उसके घर में सुख की, गंगा बहती…

अरज सुणो बनवारी

|| अरज सुणो बनवारी || अरज सुणो बनवारी सांवरियां म्हारी, अरज सुणो बनवारी, अरज सुनो गिरधारी सांवरिया म्हारी, अरज सुनो गिरधारी ॥ श्वास श्वास मे थारे सुमीरु दाता, भूलों मति बनवारी, भुल गया तो रे, लाज जावेगी, हँसी होवेगी घणी थारी, सांवरियां म्हारी अरज सुणो बनवारी ॥ माया नागणि कियो है कुन्डालो दाता, ईण ते…

भाव सुमन लेकर मैं बैठा, गौरी सुत स्वीकार करो

|| भाव सुमन लेकर मैं बैठा, गौरी सुत स्वीकार करो || भाव सुमन लेकर मैं बैठा, गौरी सुत स्वीकार करो, हे गणनायक शुभ वरदायक, हे गणनायक शुभ वरदायक, आकर सिर पर हाथ धरो, भाव सुमन लेकर मै बैठा, गौरी सुत स्वीकार करो ॥ विद्यावारिधि बुद्धिविधाता, आप दया के सागर हो, भक्तों के दुःख हरने वाले,…

भटकूं क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा

|| भटकूं क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा || भटकूं क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा, जब तूफानों ने रुलाया, लिले चढ़कर श्याम आया, मुस्कुरा कर मुझसे बोला, मैं तेरा हूँ मैं तेरा, भटकूँ क्यों मैं भला, संग मेरे है सांवरा ॥ श्याम जबसे है मिला, फुल मधुबन का खिला, लाख पतझड़ सर…

भस्मी लगाएं बाबा, उज्जैन के वो राजा

|| भस्मी लगाएं बाबा, उज्जैन के वो राजा || कालो के काल है, मृत्यु के है वो राजा, भस्मी लगाएं बाबा, उज्जैन के वो राजा ॥ दीदार करना चाहूं, दर्शन को प्यासी अखियां, चरणों में रहना चाहूं, बस दिल की एक आशा, उज्जैन में भी आऊ, दर्शन भी करना चाहूं, महाकाल की वो महिमा, सबको…

भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणा

|| भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणा || भरी उनकी आँखों में है, कितनी करुणा जाकर सुदामा भिखारी से पूछो है करामात क्या उनके चरणों की रज जाकर के गौतम की नारी से पूछो कृपा कितनी करते हैं शरणागतों पे कृपा कितनी करते हैं शरणागतों पे बता सकते हैं यदि, बता सकते हैं यदि…

भरदे रे श्याम झोली भरदे

|| भरदे रे श्याम झोली भरदे || भरदे रे श्याम झोली भरदे, भरदे, ना बहला ओ बातों में, ना बहला ओ, बातों में ॥ नादान है अनजान हैं, श्याम तू ही मेरा भगवान है, तुझे चाहूं तुझे पाऊं, मेरे दिल का यही अरमान है, पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले, सब लिखा है आंखों…

ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें

|| ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें || ऐसी भक्ति हे शम्भू दे दो मुझे, रात दिन मैं भजन तेरे गाता रहूं, जैसा भी आए ग़म जिंदगी में मगर, दो वो शक्ति की मैं मुस्कुराता रहूं, ऐसी भक्ति महादेव दे दो हमें, रात दिन हम भजन तेरे गाते रहें ॥ तार ऐसा जुड़े जो ना…

ज्येष्ठ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

|| ज्येष्ठ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा PDF || सतयुग में एक पृथु नामक राजा हुए जिन्होंने सौ यज्ञ किए। उनके राज्य में दयादेव नामक एक विद्वान ब्राह्मण रहते थे, जिनके चार पुत्र थे। पिता ने वैदिक विधि से अपने पुत्रों का विवाह कर दिया। उन चार बहुओं में सबसे बड़ी बहू अपनी सास से…

आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

|| आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा PDF || पार्वती जी ने पूछा, “हे पुत्र! आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को गणेश जी की पूजा कैसे करनी चाहिए? आषाढ़ मास के गणपति देवता का क्या नाम है? उनके पूजन का क्या विधान है? कृपया आप मुझे बताइए।” गणेश जी ने कहा, “आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी के दिन कृष्णपिङ्गल…

निर्जला एकादशी व्रत कथा

|| निर्जला एकादशी का महत्त्व || एकादशी व्रत हिन्दुओ में सबसे अधिक प्रचलित व्रत माना जाता है। वर्ष में चौबीस एकादशियाँ आती हैं, किन्तु इन सब एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सबसे बढ़कर फल देने वाली समझी जाती है क्योंकि इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष भर की एकादशियों के व्रत का फल…

Garg Samhita Gita Press Download (सम्पूर्ण गर्ग संहिता)

Garg Samhita Gita Press Download (सम्पूर्ण गर्ग संहिता)

श्री गर्ग संहिता एक महत्वपूर्ण पौराणिक ग्रंथ है जो भगवान कृष्ण और राधा के लीलाओं, उनके प्रेम, और उनसे संबंधित अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं का विस्तृत वर्णन प्रस्तुत करता है। यह संहिता महर्षि गर्ग द्वारा संकलित की गई मानी जाती है, जो यादवों के कुलगुरु थे और भगवान कृष्ण के जीवन से गहराई से जुड़े थे।…

गोरी सुत गणराज पधारो

|| गोरी सुत गणराज पधारो || गौरी सूत गणराज पधारो, आके सारे काज सवारों, तुझको आना होगा, तुझको आना होगा ॥ सारे देवो में पहले तुझको मनाये, तू ही दयालु सारे विघ्न हटाये, गिरजा के प्यारे बाबा शिव के दुलारे, दुखड़ो से आके देवा हमको उबारो, तुझको आना होगा, तुझको आना होगा ॥ गोरी सुत…

गौरी सूत शंकर लाल

|| गौरी सूत शंकर लाल || गौरी सूत शंकर लाल, विनायक मेरी अरज सुनो, बैठा भागवत महा पूराण, विनायक मेरी अरज सुनो, गौरी सुत शंकर लाल, विनायक मेरी अरज सुनो ॥ सब देवन मे आप बड़े हो, तुमको प्रथम मनावे, घर मे गणपति सदा बिराजे, कारज शुभ करावे, संग रिद्धि सिद्धि, संग रिद्धि सिद्धि आओ…

घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है

|| घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है || घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, घायल कर जाती है ॥ घनश्याम तेरी बंसी, पागल कर जाती है, मुस्कान तेरी मोहन, घायल कर जाती है ॥ सोने की होती तो, क्या करते तुम मोहन, ये बांस की होकर भी, दुनिया को नचाती…

घनश्याम तुम ना आये, जीवन ये बीता जाये

|| घनश्याम तुम ना आये, जीवन ये बीता जाये || घनश्याम तुम ना आये, जीवन ये बीता जाये ॥ तेरा वियोग प्यारे, अब तो सहा ना जाये, एक बार आ भी जाओ, बैठे हो क्यो छिपाये, घनश्याम तुम ना आए, जीवन ये बीता जाये ॥ मैं ढूढ़ती थी दर दर, पर तुम नजर ना आये,…

गोविंदा आने वाला है

|| गोविंदा आने वाला है || करलो तैयारी स्वागत की, गोविंदा आने वाला है, गोविंदा आने वाला हैं, गोपाला आने वाला है, करलो तैयारी स्वागत की, गोविंदा आने वाला हैं ॥ फूलों से गलियां सजवाओ, मटके में माखन भरवाओ, ग्वालो बालों को संग लाकर, वो रास रचाने वाला है, करलो तैयारी स्वागत की, गोविंदा आने…

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में

|| घनश्याम तुम्हारे मंदिर में || घनश्याम तुम्हारे मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ, वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ ॥ मैं देखूं अपने कर्मो को, फिर दया को तेरी करूणा को, ठुकराई हुई मैं दुनिया से, तेरा दर खटकाने आई हूँ, घनश्याम तुम्हारें मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई…

गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता

|| गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता || गुणवान मेरे गणपति बुद्धि के है दाता है मेरे दाता सबके दाता भाग्यविधाता । मेरे दाता,मेरे दाता, मेरे दाता, मेरे दाता है मेरे दाता सबके दाता भाग्यविधाता ॥ बैठे है ऊँचे आसन डाले तन दुशाला है वो ही सुनने वाला है वो ही सूंड वाला है…

गुरु शिव को बना लीजिए

|| गुरु शिव को बना लीजिए || गुरु शिव को बना लीजिए, भक्ति से घर सजा लीजिये ॥ कर नहीं है तो लाचार है, है तो ताली बजा दीजिये । गुरु शिव को बना लीजिये, भक्ति से घर सजा लीजिये ॥ गुरु सेवा से ही ज्ञान का, ज्योति दिल में जला लीजिये । गुरु शिव…

घुमा दें मोरछड़ी

|| घुमा दें मोरछड़ी || बाबा थारी मोरछड़ी, घूमे करे कमाल । धूम मची खाटू नगर में, भक्तां करे धमाल ॥ हीरा मोत्या जड़ी जड़ी, संकट काटे खड़ी खड़ी, मेरे सर पे बाबा श्याम, घुमा दें मोरछड़ी, मेरे सर पे बाबा श्याम, घुमा दें मोरछड़ी ॥ शरण पड्या म्हे थारी अरज करा, खोलो पट बाबा…

घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन

|| घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन || घुमतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन, खेलतड़ा घर आवो, ओ म्हारा प्यारा गजानन ॥ ब्रम्हा पधारो विष्णु पधारो देवा, संग में ले आना सरस्वती को, ओ म्हारा प्यारा गजानन, घुमतड़ा घर आवों, ओ म्हारा प्यारा गजानन ॥ राम पधारो लक्ष्मण पधारो देवा, संग में ले…

हार गया हूँ जग से बाबा

|| हार गया हूँ जग से बाबा || हार गया हूँ जग से बाबा, मुझको गले लगा लो तुम, लायक नहीं हूँ दर के तेरे, लायक नहीं हूँ दर के तेरे, लायक मुझको बना लो तुम, हार गया हूं जग से बाबा, मुझको गले लगा लो तुम ॥ पापी हूँ या कपटी हूँ मैं, जैसा…

हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे

|| हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे || हार गया हूँ बाबा, अब तो आके थाम रे, सुन सांवरे हारे का सहारा, तेरा नाम रे ॥ दर्दी के तूने बाबा, दर्द मिटाए, दुखड़े गिनाऊँ कितने, जाए ना गिनाएं, मैंने सुना है दर पे, मैंने सुना है दर पे, बनते बिगड़े काम रे,…

गिरिजा के छैया, गणपति तुम्हे पुकारूँ

|| गिरिजा के छैया, गणपति तुम्हे पुकारूँ || गिरिजा के छैया, गणपति तुम्हे पुकारूँ, पूजूं मैं तुम्हे, आरती तेरी उतारूँ, गिरिजा के छैंया ॥ पान फूल मेवा से, चरणों की सेवा से, प्रथम तुम्हे पूजूं, मैं छवि चित धारण, गिरिजा के छैंया, गणपति तुम्हे पुकारूँ, गिरिजा के छैंया ॥ देव दुष्ट हन्ता हो, जगत के…

गोबिंद चले चरावन गैया

|| गोबिंद चले चरावन गैया || गोबिंद चले चरावन गैया । दिनो है रिषि आजु भलौ दिन, कह्यौ है जसोदा मैया ॥ उबटि न्हवाइ बसन भुषन, सजि बिप्रनि देत बधैया । करि सिर तिलकु आरती बारति, फ़ुनि-फ़ुनि लेति बलैया ॥ ’चतुर्भुजदास’ छाक छीके सजि, सखिन सहित बलभैया । गिरिधर गवनत देखि अंक भर, मुख चूम्यो…

हार के आया मैं जग सारा

|| हार के आया मैं जग सारा || हार के आया मैं जग सारा, तेरी चौखट पर, तुमसे ही है सारी उम्मीदें, तुम ही लोगे खबर, सब कहते है अपने भगत की, श्याम हमेशा पत रखता है, हारे का सहारा मेरा श्याम, हमेशा मेरी लाज रखता है ॥ जग से रिश्ता तोड़ दिया है, तुझसे…

गोकुल की हर गली मे, मथुरा की हर गली मे

|| गोल की हर गली मे, मथुरा की हर गली मे || गोकुल की हर गली मे, मथुरा की हर गली मे ॥ गोकुल की हर गली मे, मथुरा की हर गली मे, कान्हा को ढूँढ़ता हूँ, दुनिया की हर गली मे ॥ गोकुल गया तो सोचा, माखन चुराता होगा, या फ़िर कदम्ब के नीचे,…

गौरा ढूंढ रही पर्वत पर

|| गौरा ढूंढ रही पर्वत पर || गौरा ढूंढ रही पर्वत पर, शिव को पति बनाने को, पति बनाने को, भोले को, पति बनाने को, गौरा ढूंढ रही पर्वत पे, शिव को पति बनाने को ॥ ना चाहिए मुझे माथे का टिका, मांग सजाने को, हमें तो चाहिए भोला तेरी माला, हरी गुण गाने को,…

गौरा ने घोट कर, पीस कर छान कर

|| गौरा ने घोट कर, पीस कर छान कर || गौरा ने घोट कर, पीस कर छान कर, शिव को भंगिया पिलाई, मजा आ गया, छोड़ कैलाश को, पहुंचे शमशान में, गांजे की दम लगायी, मजा आ गया ॥ जब नशा भांग, गांजे का चढ़ने लगा, भोला नचने लगे, डमरू बजने लगा, जल चुकी थी…

राजराजेश्वरी स्तोत्र

|| राजराजेश्वरी स्तोत्र PDF || या त्रैलोक्यकुटुम्बिका वरसुधाधाराभि- सन्तर्पिणी भूम्यादीन्द्रिय- चित्तचेतनपरा संविन्मयी शाश्वती। ब्रह्मेन्द्राच्युत- वन्दितेशमहिषी विज्ञानदात्री सतां तां वन्दे हृदयत्रिकोणनिलयां श्रीराजराजेश्वरीम्। यां विद्येति वदन्ति शुद्धमतयो वाचां परां देवतां षट्चक्रान्तनिवासिनीं कुलपथप्रोत्साह- संवर्धिनीम्। श्रीचक्राङ्कितरूपिणीं सुरमणेर्वामाङ्क- संशोभिनीं तां वन्दे हृदयत्रिकोणनिलयां श्रीराजराजेश्वरीम्। या सर्वेश्वरनायिकेति ललितेत्यानन्द- सीमेश्वरी- त्यम्बेति त्रिपुरेश्वरीति वचसां वाग्वादिनीत्यन्नदा। इत्येवं प्रवदन्ति साधुमतयः स्वानन्दबोधोज्ज्वलाः तां वन्दे हृदयत्रिकोणनिलयां श्रीराजराजेश्वरीम्। या…

हरी हरी भांग का मजा लीजिये

|| हरी हरी भांग का मजा लीजिये || हरी हरी भांग का मजा लीजिये, सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये, सावन में शिव की बूटी पिया कीजिये ॥ इसकी हर पत्ती में अज़ब खुमार है, इसीलिए भंग भोले पीते बार बार है, भंग पिके प्रेम शिव से बढ़ा लीजिये, सावन में शिव की बूटी…

हरि हरि हरि सुमिरन करो

|| हरि हरि हरि सुमिरन करो || हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो, हरि चरणारविन्द उर धरो हरे राम हरे राम रामा रामा हरे हरे हरे कृष्णा करे कृष्णा कृष्णा कृष्णा हरे हरे हरि की कथा होये जब जहाँ, गंगा हू चलि आवे तहाँ हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो यमुना सिंधु सरस्वती आवे, गोदावरी…

हरि का भजन करो, हरि है तुम्हारा

|| हरि का भजन करो, हरि है तुम्हारा || हरि का भजन करो, हरि है तुम्हारा, हरि के भजन बिन, हरि के भजन बिन, नहीं गुजारा, हरि का भजन करों, हरि है तुम्हारा॥ हरि नाम से तेरा काम बनेगा, हरि नाम ही तेरे साथ चलेगा, हरि नाम लेने वाला, हरि नाम लेने वाला, हरि का…

बूटी ले आओ हनुमान प्यारे

|| बूटी ले आओ हनुमान प्यारे || बूटी ले आओ हनुमान प्यारे, मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना, डूबती तेरे राम की नैया, बाला तू आके पार लगाना, बुटी ले आओ हनुमान प्यारे, मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना ॥ था जो भैया भैया मुझको कहता, आज भूमि पे मूर्छित पड़ा है, आँखे खोले ना कुछ बात…

चदरिया झीनी रे झीनी

|| चदरिया झीनी रे झीनी || कबीरा जब हम पैदा हुए, जग हँसे हम रोये, ऐसी करनी कर चलो, हम हँसे जग रोये। चदरिया झीनी रे झीनी, राम नाम रस भीनी, चदरीया झीनी रे झीनी ॥ अष्ट कमल का चरखा बनाया, पांच तत्व की पूनी, नौ दस मास बुनन को लागे, मूरख मैली किनी, चदरीया…

चाहे राम भजो चाहे श्याम

|| चाहे राम भजो चाहे श्याम || चाहे राम भजो चाहे श्याम, नाम दोनों हितकारी है, दोनों हितकारी है, विष्णु जी के अवतारी है, चाहे राम भजों चाहे श्याम, नाम दोनों हितकारी है ॥ राम जी जन जन के आदर्श, गर्व करे इनपे भारतवर्ष, श्याम बजाए बांसुरी, और रचाए रास, ब्रजमंडल से विश्व में, पहुंची…

चाहे सुख हो दुःख हो, एक ही नाम बोलो जी

|| चाहे सुख हो दुःख हो, एक ही नाम बोलो जी || चाहे सुख हो दुःख हो, एक ही नाम बोलो जी, बोलो बोलो बोलो, जय श्री श्याम बोलो जी, बोलो बोलो बोलो, जय श्री श्याम बोलो जी ॥ हारे का सहारा, तेरा साथ निभाएगा, जब भी पुकारेगा, तू सामने पायेगा, श्याम नाम से इस…

चल रे कावडिया शिव के धाम

|| चल रे कावडिया शिव के धाम || चाहे छाए हो बादल काले, चाहे पाँव में पड़ जाय छाले, चल रे कावड़िया शिव के धाम, चाहे आग गगन से बरसे, चाहे पानी को मन तरसे, चल रे कावडिया शिव के धाम, चल रे कावडिया शिव के धाम, बोल बम बोल बम बोल बम बोल, तेरा…

श्री सीताष्टाक्षर स्तोत्रम्

|| सीताष्टाक्षर स्तोत्रम् (Siteshtakshara Stotram Sanskrit PDF) || श्रीसीताराम चरणौ शरणं प्रपद्ये । अङ्गद उवाच – लङ्काया हि प्रचण्डोग्रेर्यत्पाठाद् रक्षितोऽसि तत् । श्रीसीताष्टाक्षरस्तोत्रं वक्तुमर्हसि मारुते ॥ १॥ हनुमान उवाच – रामभक्त महाभाग सन्मते वालिनन्दन । श्रीसीताष्टाक्षरस्तोत्रं सर्वभीतिहरं शृणु ॥ २॥ श्रीमद् रामप्रिया पुण्या श्रीमद् रामपरायणा । श्रीमद् रामादभिन्ना च श्रीसीता शरणं मम ॥ ३॥ शरणाश्रित…

शान्ति स्तोत्रम्

|| शान्ति स्तोत्रम् (Shanti Stotram Sanskrit PDF) || नश्यन्तु प्रेतकूष्माण्डा नश्यन्तु दूषका नराः । साधकानां शिवाः सन्तु स्वाम्नायपरिपालनम् ॥ नन्दन्तु मातरः सर्वा जयन्तु योगिनीगणाः । जयन्तु सिद्धा डाकिन्यो जयन्तु गुरूशक्तयः ॥ नन्दन्तु ह्यणिमाद्याश्च नन्दन्तु गुह्यकादयः । नन्दन्तु भैरवाः सर्वे सिद्धविद्याधरादयः ॥ ये चाम्नायविशुद्धाश्च मन्त्रिणः शुद्धबुद्धयः । सर्वदा नन्दयानन्दं नन्दन्तु कुलपालकाः ॥ इन्द्राद्यास्तर्पिताः सन्तु तृप्यन्तु वास्तुदेवताः…

पार्वतीवल्लभ नीलकण्ठाष्टकम्

|| पार्वतीवल्लभ नीलकण्ठाष्टकम् (Parvativallabha Nilakanth Ashtakam PDF) || नमो भूतनाथं नमो देवदेवं नमः कालकालं नमो दिव्यतेजः । नमः कामभस्मं नमश्शान्तशीलं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकण्ठम् ॥ १॥ सदा तीर्थसिद्धं सदा भक्तरक्षं सदा शैवपूज्यं सदा शुभ्रभस्मम् । सदा ध्यानयुक्तं सदा ज्ञानतल्पं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकण्ठम् ॥ २॥ श्मशाने शयानं महास्थानवासं शरीरं गजानं सदा चर्मवेष्टम् । पिशाचादिनाथं पशूनां प्रतिष्ठं भजे…

श्री हाटकेश्वराष्टकम्

|| हाटकेश्वराष्टकम् (Hatkeshvar Ashtakam Sanskrit PDF) || जटातटान्तरोलसत्सुरापगोर्मिभास्वरं ललाटनेत्रमिन्दुनाविराजमानशेखरम् । लसद्विभूतिभूषितं फणीन्द्रहारमीश्वरं नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ पुरान्धकादिदाहकं मनोभवप्रदाहकं महाधराशिनाशकमभीप्सितार्थदायकम् । जगत्त्रयैककारकं विभाकरं विदारकं नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ मदीय मानसस्थले सदास्तु ते पदद्वयं मदीय वक्त्रपङ्कजे शिवेति चाक्षरद्वयम् । मदीय लोचनाग्रतः सदार्धचन्द्रविग्रहं नमामि नाटकेश्वरं भजामि हाटकेश्वरम् ॥ भजन्ति हाटकेश्वरं सुभक्तिभावतोत्रये भवन्ति हाटकेश्वरः प्रमाणमात्र नागरः ।…

विश्वनाथाष्टकस्तोत्रम्

|| विश्वनाथाष्टकस्तोत्रम् (Vishvanath Ashtakastotram Sanskrit PDF) || आदिशम्भु-स्वरूप-मुनिवर-चन्द्रशीश-जटाधरं मुण्डमाल-विशाललोचन-वाहनं वृषभध्वजम् । नागचन्द्र-त्रिशूलडमरू भस्म-अङ्गविभूषणं श्रीनीलकण्ठ-हिमाद्रिजलधर-विश्वनाथविश्वेश्वरम् ॥ गङ्गसङग-उमाङ्गवामे-कामदेव-सुसेवितं नादबिन्दुज-योगसाधन-पञ्चवक्तत्रिलोचनम् । इन्दु-बिन्दुविराज-शशिधर-शङ्करं सुरवन्दितं श्रीनीलकण्ठ-हिमाद्रिजलधर-विश्वनाथविश्वेश्वरम् ॥ ज्योतिलिङ्ग-स्फुलिङ्गफणिमणि-दिव्यदेवसुसेवितं मालतीसुर -पुष्पमाला -कञ्ज-धूप-निवेदितम् । अनलकुम्भ-सुकुम्भझलकत-कलशकञ्चनशोभितं श्रीनीलकण्ठहिमाद्रिजलधर-विश्वनाथविश्वेश्वरम् ॥ मुकुटक्रीट-सुकनककुण्डलरञ्जितं मुनिमण्डितं हारमुक्ता-कनकसूत्रित-सुन्दरं सुविशेषितम् । गन्धमादन-शैल-आसन-दिव्यज्योतिप्रकाशनं श्रीनीलकण्ठ-हिमाद्रिजलधर-विश्वनाथ-विश्वेश्वरम् ॥ मेघडम्वरछत्रधारण-चरणकमल-विलासितं पुष्परथ-परमदनमूरति-गौरिसङ्गसदाशिवम् । क्षेत्रपाल-कपाल-भैरव-कुसुम-नवग्रहभूषितं श्रीनीलकण्ठ-हिमाद्रिजलधर-विश्वनाथ-विश्वेश्वरम् ॥ त्रिपुरदैत्य-विनाशकारक-शङ्करं फलदायकं रावणाद्दशकमलमस्तक-पूजितं वरदायकम् । कोटिमन्मथमथन-विषधर-हारभूषण-भूषितं श्रीनीलकण्ठ-हिमाद्रिजलधर-विश्वनाथविश्वेश्वरम् ॥ मथितजलधिज-शेषविगलित-कालकूटविशोषणं ज्योतिविगलितदीपनयन-त्रिनेत्रशम्भु-सुरेश्वरम् ।…

चले है भोला, सज धज के

|| चले है भोला, सज धज के || भोला तन पे भस्म लगाये, मन में गौरा को बसाये, चले है भोला, सज धज के, संखिया मंगल गाती हैं, भूत प्रेत बाराती हैं ॥ भूत और प्रेत सब, झूम झूम जाते हैं, लूले और लँगड़े भी, डिस्को दिखाते हैं, भोला मन ही मन मुस्काये, रूप अजब…

चले पवन की चाल, मेरा बजरंगबली

|| चले पवन की चाल, मेरा बजरंगबली || लाल लंगोटा हाथ में सोटा, चले पवन की चाल, मेरा बजरंगबली ॥ माँ अंजनी का प्यारा है, राम भगत मतवाला है, राम भजन में मस्त रहे, भक्तो का रखवाला है भूत प्रेत को मार भगावे, दुष्टो का है काल, मेरा बजरंगबली ॥ जब जब राम ने हुकुम…

चली चली रे पालकी श्री राम की

|| चली चली रे पालकी श्री राम की || चली चली रे, चली चली रे, चली चली रे पालकी श्री राम की, जय बोलो भक्तो वीर हनुमान की ॥ भक्तों के ये काज संवारे, कर देते हैं वारे न्यारे, श्री राम जी के साथ माता जानकी, जय बोलो भक्तों वीर हनुमान की, चली चली रे…

Join WhatsApp Channel Download App