माघ महीना व्रत कथा एवं पूजा विधि

हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीना आध्यात्मिक शुद्धि और समर्पण का पवित्र समय माना जाता है। वर्ष 2026 में, माघ महीने की शुरुआत 4 जनवरी से होगी और इसका समापन 1 फरवरी को माघ पूर्णिमा के साथ होगा। इस महीने का धार्मिक महत्व अत्यधिक है, क्योंकि इसे ‘दान’ और ‘स्नान’ का मास कहा जाता है। विशेष…

माघ अमावस्या व्रत कथा

माघ मास की अमावस्या, जिसे मौनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। वर्ष 2026 में यह तिथि 18 जनवरी को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों, विशेषकर गंगा में स्नान करने से समस्त पापों का नाश होता है और अक्षय…

गुप्त नवरात्रि व्रत (माघ नवरात्रि) कथा एवं पूजा विधि

माघ मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक मनाई जाने वाली गुप्त नवरात्रि 2026 में 19 जनवरी से शुरू होकर 27 जनवरी तक चलेगी। सामान्य नवरात्रि की तुलना में गुप्त नवरात्रि साधना और तंत्र विद्या के लिए विशेष मानी जाती है। इसमें माता के नौ स्वरूपों के साथ-साथ 10 महाविद्याओं की अत्यंत…

गुरु प्रदोष व्रत कथा एवं पूजा विधि

हिंदू धर्म में गुरु प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, जो भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए किया जाता है। जब त्रयोदशी तिथि गुरुवार को पड़ती है, तो इसे गुरु प्रदोष कहा जाता है। इस दिन साधक को सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए। सायंकाल (प्रदोष काल)…

पुत्रदा एकादशी (वैकुण्ठ एकादशी) व्रत कथा और पूजा विधि

आज है पुत्रदा एकादशी, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, संतान प्राप्ति की कामना करने वाले दंपत्तियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। यह पावन एकादशी 2025 में भी भक्तों द्वारा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और मान्यता है कि सच्चे मन…

शाकम्भरी देवी की कथा

शाकम्भरी देवी मां दुर्गा के अत्यंत दयालु और ममतामयी स्वरूपों में से एक हैं। ‘शाकम्भरी’ का अर्थ है ‘शाक (वनस्पतियों) को धारण करने वाली’। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब पृथ्वी पर भीषण अकाल पड़ा और प्राणी अन्न-जल के अभाव में मरने लगे, तब भक्तों के करुण पुकार पर माता ने अवतार लिया। देवी ने अपने…

पौष संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पौष संकष्टी गणेश चतुर्थी कहा जाता है, जिसे ‘अखुरथ संकष्टी चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें ‘विघ्नहर्ता’ यानी संकटों को हरने वाला माना जाता है। मान्यता है कि…

विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा

|| विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा (Vighneshwar Chaturthi Vrat Katha PDF) || सुदन्त ब्राह्मण को परम शान्ति और पुत्र-प्राप्ति की दिव्य कथा प्राचीन काल में एक समय अयोध्या नरेश राजा दशरथ ने अपने कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ से विनम्र भाव से कहा – “हे गुरुदेव! आपने मार्गशीर्ष मास की शुक्लपक्ष चतुर्थी के व्रत का माहात्म्य विस्तारपूर्वक बताया,…

पौष अमावस्या व्रत कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, पौष मास के कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि को ‘पौष अमावस्या’ कहा जाता है। धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से इस दिन का विशेष महत्व है। इसे पितरों की आत्मा की शांति और उनके प्रति सम्मान प्रकट करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। पौष अमावस्या के दिन पूर्वजों के निमित्त…

दर्श अमावस्या व्रत कथा

हिन्दू धर्म और पंचांग में ‘दर्श अमावस्या’ का विशेष आध्यात्मिक महत्व है। यह कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि होती है, जब चंद्रमा आकाश में पूरी तरह अदृश्य रहता है। ‘दर्श’ का अर्थ है देखना या दर्शन करना; माना जाता है कि इस दिन चंद्रमा के दर्शन नहीं होते, बल्कि यह पूर्वजों (पितरों) को समर्पित दिन…

बुध प्रदोष व्रत कथा

बुध प्रदोष व्रत कथा (Budha Pradosh Vrat) भगवान शिव को समर्पित एक पावन व्रत है, जो प्रत्येक महीने की त्रयोदशी तिथि को बुधवार के दिन पड़ने पर मनाया जाता है। इस व्रत की बुध प्रदोष व्रत कथा पढ़ने से श्रद्धालु शिव कृपा शीघ्र प्राप्त करते हैं। कथा के अनुसार, एक बार देवताओं ने भगवान शिव…

सूर्य धनु संक्रांति की कथा (खरमास की कथा)

सूर्य धनु संक्रांति हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। यह वह दिन है जब ग्रहों के राजा सूर्य देव वृश्चिक राशि से निकलकर देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में प्रवेश करते हैं। इस संक्रमण के साथ ही खरमास (या धनुर्मास) की शुरुआत हो जाती है, जिसमें विवाह और अन्य बड़े शुभ कार्य वर्जित माने…

सफला एकादशी व्रत कथा एवं पूजा विधि

‘सफला एकादशी’ पौष मास के कृष्ण पक्ष में आती है, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह व्रत समस्त कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान अच्युत (श्री विष्णु) की विधि-विधान से पूजा और व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति…

बृहस्पतिवार व्रत कथा – गुरुवार व्रत पूजन

बृहस्पतिवार व्रत कथा भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह व्रत सुख-समृद्धि, ज्ञान और संतान प्राप्ति की कामना से रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी और सात बेटियों के साथ रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और व्रत नहीं करती थी। एक बार भगवान बृहस्पति…

बुधवार व्रत कथा

बुधवार व्रत हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है। इस दिन व्रत करने से बुद्धि, विद्या और समृद्धि की प्राप्ति होती है। व्रती को प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करने चाहिए और भगवान गणेश की मूर्ति के सामने दीप प्रज्वलित कर कथा सुननी चाहिए। कथा के…

बुध त्रयोदशी व्रत कथा

|| बुध त्रयोदशी व्रत कथा (Budh Trayodashi Vrat Katha) || एक समय की बात है, नैमिषारण्य तीर्थ में अनेक ऋषियों ने सूत जी महाराज से निवेदन किया, “हे भगवन्! कृपया हमें प्रदोष व्रतों में श्रेष्ठ बुध प्रदोष व्रत के विषय में विस्तार से बताएं।” सूत जी बोले – “हे मुनिगण! आप सभी ध्यानपूर्वक सुनिए, मैं…

(16) सोलह सोमवार व्रत कथा एवं पूजा विधि

सोलह सोमवार व्रत कथा (16 Solah Somvar Vrat Katha PDF) भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत प्रभावशाली उपाय है। इस व्रत को विशेष रूप से अविवाहित कन्याएं उत्तम वर की प्राप्ति के लिए करती हैं, वहीं विवाहित स्त्रियाँ सुखमय वैवाहिक जीवन हेतु इसका पालन करती हैं। सोलह सोमवार व्रत कथा (16 Solah…

सोमवार व्रत कथा, पूजा विधि, उद्यापन विधि

|| सोमवार व्रत कथा (Somvar Vrat Katha PDF) || किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी जिस वजह से वह बेहद दुखी था। पुत्र प्राप्ति के लिए वह भगवान शिव प्रत्येक सोमवार व्रत रखता था और पूरी श्रद्धा के साथ…

अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा 2025 एक अत्यंत पावन अवसर है, जो भगवान श्री गणेश के अखुरठा स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित है। यह व्रत हर संकट को हरने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। अखुरठा अर्थात जो कभी न टूटे – यह नाम गणेश जी की अपार शक्ति और अडिग…

शुक्रवारची जिवतीची कहाणी

|| शुक्रवारची जिवतीची कहाणी (Shukravarachi Jivtichi Kahani PDF) || ऐका, शुक्रवारा, तुमची कहाणी. आटपाट नगर होतं. तिथे एक राजा राज्य करत होता. त्याला मुलगा नव्हता. तेव्हा राणीने एका सुईणीला बोलावून आणलं आणि म्हणाली, “अगं, सुईणी, मला नाळेसहित एक मुलगा गुपचुप आणून दे. मी तुला खूप द्रव्य देईन!” सुईणीने ही गोष्ट मान्य केली आणि ती त्या…

शुक्र प्रदोष व्रत कथा

|| शुक्र प्रदोष व्रत कथा (Shukra Pradosh Vrat Katha PDF) || शुक्र प्रदोष व्रत की कथा इस प्रकार है, प्राचीन काल में एक नगर में तीन मित्र रहते थे – राजकुमार, ब्राह्मण कुमार और धनिक पुत्र। राजकुमार और ब्राह्मण कुमार विवाहित थे, जबकि धनिक पुत्र का विवाह हो चुका था, लेकिन गौना बाकी था। एक दिन…

रोहिणी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| रोहिणी व्रत कथा (Rohini Vrat Katha PDF) || प्राचीन कथा के अनुसार चंपापुरी राज्य में राजा माधवा, और रानी लक्ष्मीपति का राज्य था। उनके सात बेटे और एक बेटी थी। एक बार राजा ने बेटी रोहिणी के बारे में ज्योतिषी से जानकारी ली तो उसने बताया कि रोहिणी का विवाह हस्तिनापुर के राजकुमार अशोक…

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत कथा

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की कथा मुख्य रूप से महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी माता अनुसूया के पावन चरित्र से जुड़ी है। माता अनुसूया के महान सतीत्व और तपस्या से प्रभावित होकर, एक बार ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) भिक्षुकों के रूप में उनके आश्रम पहुँचे। त्रिदेव ने अनुसूया से एक कठिन शर्त रखी कि वे उन्हें…

भौम प्रदोष व्रत कथा और पूजा विधि

भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए रखा जाता है, जब प्रदोष तिथि मंगलवार को पड़ती है। ‘भौम’ का अर्थ है मंगल और ‘प्रदोष’ सूर्यास्त के बाद की तीन मुहूर्त और रात्रि के प्रारंभ की तीन मुहूर्त का समय होता है। यह व्रत विशेष रूप से ऋण मुक्ति, रोग निवारण और भूमि…

श्री विष्णु मत्स्य अवतार पौराणिक कथा

भगवान विष्णु के दस अवतारों में मत्स्य अवतार उनका प्रथम अवतार है। इसकी कथा महाप्रलय और वेदों की रक्षा से जुड़ी है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब हयग्रीव नामक दैत्य ने वेदों को चुराकर सागर में छिपा दिया, तब ज्ञान के अभाव में संसार में अधर्म फैलने लगा। उसी समय, पृथ्वी पर जल प्रलय का समय…

मोक्षदा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे वर्ष की सबसे पवित्र एकादशियों में से एक माना जाता है। ‘मोक्षदा’ का अर्थ है मोक्ष प्रदान करने वाली। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से न केवल स्वयं के पापों का नाश होता है, बल्कि पितरों को भी…

विवाह पंचमी की कथा

विवाह पंचमी का पर्व मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन भगवान राम और माता सीता के विवाह की पवित्र तिथि के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसकी कथा त्रेतायुग से जुड़ी है, जब महाराजा जनक ने अपनी पुत्री सीता के लिए शिव धनुष को तोड़ने की शर्त रखी…

नाग पंचमी कथा (राजा जनमेजय और नाग यज्ञ की कथा)

नाग पंचमी का त्योहार श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन नाग देवता की पूजा की जाती है और उन्हें दूध चढ़ाया जाता है। इस त्योहार से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं हैं, जिनमें से एक प्रमुख कथा इस प्रकार है: नाग पंचमी की पौराणिक कथा (राजा जनमेजय और…

नाग पंचमी पौराणिक कथा

|| नाग पंचमी पौराणिक कथा (Nag Panchami Pauranik Katha PDF) || प्राचीन समय की बात है. एक सेठजी के सात बेटे थे और उन सभी की शादी हो चुकी थी. सबसे छोटे बेटे की पत्नी बहुत ही संस्कारी, पढ़ी-लिखी और नेक स्वभाव की थी, लेकिन उसका कोई भाई नहीं था. एक दिन, बड़ी बहू ने…

रविवार व्रत कथा एवं पूजा विधि

रविवार व्रत कथा सूर्य देव की महिमा बताती है। यह कथा एक गरीब बुढ़िया से शुरू होती है, जो नियमित रूप से रविवार का व्रत रखती थी और सूर्य देव की पूजा करती थी। व्रत के प्रभाव से उसके घर में सुख-शांति और धन-धान्य की वृद्धि होने लगी। एक बार, पड़ोसी ने ईर्ष्यावश उसकी गाय…

चंद्र दर्शन व्रत कथा – चंद्र दर्शन व्रत विधि – चंद्र दर्शन का महत्व

हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। अमावस्या के बाद जब पहली बार चंद्रमा के दर्शन होते हैं, उसे ‘चंद्र दर्शन’ कहा जाता है। इस दिन चंद्र देव की पूजा और व्रत करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। खासकर जो लोग अपनी कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति से परेशान हैं, उनके…

हनुमान जी की व्रत कथा

हनुमान जी की व्रत कथा का विशेष महत्व है, जिसे मंगलवार या शनिवार के दिन श्रद्धापूर्वक सुना या पढ़ा जाता है। यह व्रत रामभक्त हनुमान जी को समर्पित है। कथा के अनुसार, एक ब्राह्मण महिला संतान प्राप्ति और सौभाग्य की कामना से यह व्रत रखती थी। व्रत के दौरान वह मंगलवार को उपवास करती और कथा…

मासिक शिवरात्रि पौराणिक कथा

प्राचीन कथा के अनुसार, चित्रभानु नामक एक शिकारी था, जो कर्जदार होने के कारण साहूकार द्वारा शिव मठ में बंदी बना लिया गया था। संयोग से, उस दिन शिवरात्रि थी और शिकारी ने अनजाने में ही व्रत का पालन किया। जंगल में शिकार की तलाश में वह एक बेल के पेड़ पर चढ़ा। रात को…

कृच्छ्र चतुर्थी व्रत की सम्पूर्ण कथा

कृच्छ्र चतुर्थी व्रत, जिसे संकष्टी चतुर्थी या माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत माघ (जनवरी-फरवरी) महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन के संकट (कष्ट) दूर होते…

उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को मनाई जाती है। यह वह महत्वपूर्ण दिन है जब एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी एकादशी ने मुर नामक भयंकर राक्षस का वध किया था, जिसने देवताओं को त्रस्त कर रखा था। इस दिन, भक्तजन भगवान विष्णु की विधिवत…

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी (मार्गशीर्ष संकष्टी गणेश चतुर्थी) व्रत कथा

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी, मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाई जाती है। साल 2025 में यह पावन व्रत शनिवार, 8 नवंबर को पड़ेगा। इस दिन भगवान गणेश के गणाधिप स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह…

मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत कथा व पूजा विधि (मार्गशीर्ष गुरुवार व्रत कथा)

मार्गशीर्ष (अगहन) महीने के गुरुवार को महालक्ष्मी का व्रत रखा जाता है। इस व्रत की कथा में एक गरीब और धर्मपरायण स्त्री का वर्णन है, जो अत्यंत निर्धनता में जीवन जीती थी। एक दिन, स्वयं देवी महालक्ष्मी ने बूढ़ी स्त्री का रूप धारण करके उसे यह व्रत-विधि बताई। उस स्त्री ने पूर्ण श्रद्धा और भक्ति…

श्री महालक्ष्मी व्रताची कथा (मार्गशीर्ष गुरुवारची व्रत कथा)

श्री महालक्ष्मी व्रताची कथा मार्गशीर्ष महिन्यातील गुरुवारी सांगितली जाते. ही कथा देवी लक्ष्मीच्या कृपेचे महत्त्व सांगते. एका गरीब ब्राह्मणीने हे व्रत श्रद्धेने केले आणि तिला देवी महालक्ष्मीचा आशीर्वाद मिळाला. कथेनुसार, एकदा लक्ष्मी देवीने एका म्हाताऱ्या स्त्रीचे रूप घेऊन राजाच्या महालात प्रवेश करण्याचा प्रयत्न केला, पण राणीने तिचा अपमान केला. मात्र, राजकन्या शामबालेने म्हातारीला (जी प्रत्यक्ष…

मार्गशीर्ष अमावस्या व्रत कथा

मार्गशीर्ष अमावस्या का हिन्दू धर्म में विशेष महत्व है। इसे ‘अगहन अमावस्या’ के नाम से भी जाना जाता है। यह दिन पितरों के तर्पण, स्नान और दान-धर्म के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन व्रत और पूजन करने से पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। || मार्गशीर्ष अमावस्या…

कार्तिक पूर्णिमा व्रत कथा

कार्तिक पूर्णिमा हिंदू धर्म में एक अत्यंत पवित्र तिथि है। इस दिन व्रत और पूजा का विशेष महत्व है। लोग इस व्रत और कथा को पढ़ने के लिए अक्सर “कार्तिक पूर्णिमा व्रत PDF” की तलाश करते हैं। यह PDF सामग्री में व्रत की विधि, कथा और महत्व शामिल होते हैं। इस दिन पवित्र नदियों में…

वैकुण्ठ चतुर्दशी प्रचलित पौराणिक कथा

प्रचलित पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान विष्णु ने एक हजार कमल के पुष्पों से भगवान शिव की पूजा का संकल्प लिया। पूजा के दौरान शिवजी ने विष्णु की भक्ति परखने के लिए एक कमल कम कर दिया। कमल कम देखकर, भगवान विष्णु ने अपने कमल-समान नेत्र को शिवजी को अर्पित करने का निश्चय…

विश्वेश्वर व्रत कथा और व्रत की पूजा विधि

विश्वेश्वर व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पवित्र व्रत है। इसकी कथा प्राचीन काल के कुंडा राजा से जुड़ी है, जो बहुत बड़े शिव भक्त थे। एक बार एक ऋषि ने राजा के राज्य में पवित्र नदी और मंदिर की कमी बताई। इससे दुखी होकर राजा ने राजपाट त्याग दिया और गंगा किनारे जाकर…

सोम प्रदोष व्रत कथा

सोम प्रदोष व्रत की कथा एक विधवा ब्राह्मणी और उसके पुत्र से जुड़ी है। पति के देहांत के बाद वह भिक्षा मांगकर गुजारा करती थी। एक दिन, उन्हें घायल अवस्था में विदर्भ का राजकुमार मिला, जिसकी सेवा ब्राह्मणी ने दयापूर्वक की। ब्राह्मणी सोम प्रदोष व्रत पूरी श्रद्धा से रखती थी। इस व्रत के पुण्य प्रभाव…

जाग उठेगें श्री हरि! देवउठनी एकादशी की कथा और सम्पूर्ण पूजा विधि

देव प्रबोधिनी एकादशी

हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को देवउठनी एकादशी का व्रत रखा जाता है। यह एकादशी काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि इस दिन भगवान विष्णु अपनी योग निद्रा से जागते हैं और चातुर्मास समाप्त होता है और मांगलिक कार्य आरंभ हो जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु को प्रसन्न करने…

आंवला नवमी (अक्षय नवमी) की व्रत कथा व पूजा विधि

आंवला नवमी, जिसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षरण न हो, इसलिए इस दिन किए गए पुण्य और दान का फल अक्षय होता है। इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा का विशेष महत्व है, क्योंकि…

श्री गोपाष्टमी व्रत कथा एवं पूजा विधि

श्री गोपाष्टमी व्रत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह पर्व गौ माता की पूजा और सेवा के लिए समर्पित है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने 6 वर्ष की आयु में पहली बार गौ चारण (गायों को चराना) शुरू किया था। इस दिन गाय और उनके बछड़े…

श्री तुलसी विवाह व्रत कथा एवं विवाह विधि

देखिए, श्री तुलसी विवाह व्रत कथा बड़ी पवित्र और महत्वपूर्ण है। ये कथा है वृंदा नाम की एक परम पतिव्रता स्त्री की, जिसके पति जालंधर को उसकी भक्ति के कारण कोई हरा नहीं सकता था। देवताओं की विनती पर, भगवान विष्णु ने छल से जालंधर का रूप धारण कर वृंदा का पतिव्रत धर्म भंग कर दिया,…

छठ पूजा व्रत कथा और पूजा विधि (छठ पूजा 2025 का कार्यक्रम)

|| छठ पूजा 2025 का कार्यक्रम || छठ पूजा 2025 की तारीखेंः नहाय खाय – 27 अक्टूबर 2025, सोमवार सूर्योदय: 06:39 AM सूर्यास्त: 05:41 PM खरना – 28 अक्टूबर 2025, मंगलवार सूर्योदय: 06:39 AM सूर्यास्त: 05:26 PM संध्या अर्घ्य – 29 अक्टूबर 2025, बुधवार सूर्यास्त: 05:29 PM उषा अर्घ्य – 30 अक्टूबर 2025, बृहस्पतिवार सूर्योदय:…

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