श्री महादेव आरती

॥ श्री महादेव आरती ॥ हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥ हर हर हर महादेव! आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी। अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी॥ हर हर हर महादेव! ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम त्रिमूर्तिधारी। कर्ता, भर्ता, धर्ता, तुम ही संहारी॥ हर हर हर महादेव! रक्षक, भक्षक, प्रेरक,…

जानिए महाशिवरात्रि के दिन 11 घंटे भद्रा का महत्व और इसका प्रभाव – आपकी पूजा कैसे सफल हो सकती है, जाने इसका रहस्य

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महाशिवरात्रि एक ऐसा महापर्व है जो भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन भक्तजन उपवास रखकर, पूजा-अर्चना करके और शिव मंत्रों का जाप करके भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस साल महाशिवरात्रि के दिन 11 घंटे भद्रा का साया रहने वाला है?…

శివాష్టకం ఇన్ తెలుగు

|| Shivashtakam Stotram Telugu || ప్రభుం ప్రాణనాథం విభుం విశ్వనాథం జగన్నాథనాథం సదానన్దభాజమ్ | భవద్భవ్యభూతేశ్వరం భూతనాథం శివం శఙ్కరం శంభుమీశానమీడే ||౧|| గలే రుణ్డమాలం తనౌ సర్పజాలం మహాకాలకాలం గణేశాధిపాలమ్ | జటాజూటగఙ్గోత్తరఙ్గైర్విశాలం శివం శఙ్కరం శంభుమీశానమీడే ||౨|| ముదామాకరం మణ్డనం మణ్డయన్తం మహామణ్డలం భస్మభూషాధరం తమ్ | అనాదిం హ్యపారం మహామోహమారం శివం శఙ్కరం శంభుమీశానమీడే ||౩|| తటాధోనివాసం మహాట్టాట్టహాసం మహాపాపనాశం సదా సుప్రకాశమ్ | గిరీశం గణేశం సురేశం మహేశం శివం…

भगवान कैलासवासी आरती

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश गंग अर्धन्ग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नन्दी भृन्गी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥ शीतल मन्द सुगन्ध पवन बह बैठे हैं शिव अविनाशी। करत गान गन्धर्व सप्त स्वर राग रागिनी मधुरासी॥ यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत, बोलत हैं वनके वासी। कोयल शब्द सुनावत सुन्दर, भ्रमर करत हैं गुन्जा-सी॥ कल्पद्रुम अरु…

तेरे डमरू की धुन

|| तेरे डमरू की धुन || तेरे डमरू की धुन सुनके, मैं काशी नगरी आई हूँ, मेरे भोले ओ बम भोले, मैं काशी नगरी आई हूँ ॥ सुना है हमने ओ भोले, तेरी काशी में मुक्ति है, उसी मुक्ति को पाने को, मैं काशी नगरी आई हूँ, मेरे भोले ओ बम भोले, मैं काशी नगरी…

मैं भोला पर्वत का

|| मैं भोला पर्वत का || मैं भोला पर्वत का रै तू राणी महला की तेरी मेरी पार पड़ै ना बेशक लिखी पहला की तू भोला पर्वत का रे मैं रानी महला की तेरी मेरी जोरी खूब जमे या लिखी पहला की किसे राजा तै ब्याह करवाले मेरी गैल म रै पछतावैगी तेरी काया पड़ज्या…

शंकर तेरी जटा

|| शंकर तेरी जटा || शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा, काली घटा के अंदर, जु दामिनी उजाला, शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग धारा ॥ गल में मुंड माला की साजे, शशि भाल में गंग विराजे, डम डम डमरू बाजे, कर में त्रिशूल धारा, शंकर तेरी जटा से, बहती है गंग…

हर हर शंभू

|| हर हर शंभू || हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव हर हर शंभू (शंभू) शंभू (शंभू) शिव महादेवा शंभू शंभू शंभू शंभू शिव महादेव कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् । कर्पूरगौरं करुणावतारं संसारसारं भुजगेन्द्रहारम् । सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं नमामि । सदा बसन्तं हृदयारबिन्दे भबं भवानीसहितं…

मेरे भोले बाबा

|| मेरे भोले बाबा || मेरे भोले बाबा को अनाड़ी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, अनाड़ी मत समझो, खिलाडी मत समझो, वो है त्रिपुरारी अनाड़ी मत समझो ॥ मेरे भोले बाबा के गले सर्प माला, मेरे भोले बाबा के गले सर्प माला, सर्पो को देख कर सपेरा मत समझो, सपेरा मत समझो,…

श्री महामृत्युञ्जय कवचम्

॥ श्री महामृत्युञ्जय कवचम् ॥ ॥ श्री भैरव उवाच ॥ श्रृणुष्व परमेशानि कवचं मन्मुखोदितम् । महामृत्युञ्जयस्यास्य न देयं परमाद्भुतम् ॥ १॥ यं धृत्वा यं पठित्वा च श्रुत्वा च कवचोत्तमम् । त्रैलोक्याधिपतिर्भूत्वा सुखितोऽस्मि महेश्वरि ॥ २॥ तदेववर्णयिष्यामि तव प्रीत्या वरानने । तथापि परमं तत्वं न दातव्यं दुरात्मने ॥ ३॥ ॥ विनियोगः ॥ अस्य श्रीमहामृत्युञ्जयकवचस्य श्रीभैरव ऋषिः,…

ब्रह्माण्डविजय श्री शिव कवच

॥ ब्रह्माण्डविजय श्री शिव कवचम् ॥ ॥ नारद उवाच ॥ शिवस्य कवचं ब्रूहि मत्स्य राजेन यद्धृतम् । नारायण महाभाग श्रोतुं कौतूहलं मम ॥ १॥ ॥ श्रीनारायण उवाच ॥ कवचं शृणु विप्रेन्द्र शङ्करस्य महात्मनः । ब्रह्माण्ड विजयं नाम सर्वाऽवयव रक्षणम् ॥ २॥ पुरा दुर्वाससा दत्तं मत्स्यस्य राजाय धीमते । दत्वा षडक्षरं मन्त्रं सर्व पाप प्रणाशनम् ॥…

श्री रुद्र कवचम्

॥ श्री रुद्र कवचम् ॥ ॥ अथ श्री रुद्रकवचम् ॥ ॐ अस्य श्री रुद्र कवच स्तोत्र महा मंत्रस्य दूर्वासऋषिः अनुष्ठुप् छंदः त्र्यंबक रुद्रो देवता ह्राम् बीजम्श्रीम् शक्तिः ह्रीम् कीलकम्- मम मनसोभीष्टसिद्ध्यर्थे जपे विनियोगः ह्रामित्यादिषड्बीजैः षडंगन्यासः ॥ ॥ ध्यानम् ॥ शांतम् पद्मासनस्थम् शशिधरमकुटम् पंचवक्त्रम् त्रिनेत्रम् शूलम् वज्रंच खड्गम् परशुमभयदम् दक्षभागे महन्तम् । नागम् पाशम् च घंटाम्…

शम्भु स्तुति

॥ शम्भु स्तुति ॥ नमामि शम्भुं पुरुषं पुराणं नमामि सर्वज्ञमपारभावम् । नमामि रुद्रं प्रभुमक्षयं तं नमामि शर्वं शिरसा नमामि ॥ नमामि देवं परमव्ययंतं उमापतिं लोकगुरुं नमामि । नमामि दारिद्रविदारणं तं नमामि रोगापहरं नमामि ॥ नमामि कल्याणमचिन्त्यरूपं नमामि विश्वोद्ध्वबीजरूपम् । नमामि विश्वस्थितिकारणं तं नमामि संहारकरं नमामि ॥ नमामि गौरीप्रियमव्ययं तं नमामि नित्यंक्षरमक्षरं तम् । नमामि चिद्रूपममेयभावं…

नटराज स्तुति

॥ नटराज स्तुति ॥ सत सृष्टि तांडव रचयिता नटराज राज नमो नमः । हे आद्य गुरु शंकर पिता नटराज राज नमो नमः ॥ गंभीर नाद मृदंगना धबके उरे ब्रह्माडना । नित होत नाद प्रचंडना नटराज राज नमो नमः ॥ शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां । विषनाग माला कंठ मां नटराज राज नमो…

శివ అష్టోత్తర శతనామావళి

|| Shiva Ashtottara Shatanamavali Telugu || ఓం శివాయ నమః | ఓం మహేశ్వరాయ నమః | ఓం శంభవే నమః | ఓం పినాకినే నమః | ఓం శశిశేఖరాయ నమః | ఓం వామదేవాయ నమః | ఓం విరూపాక్షాయ నమః | ఓం కపర్దినే నమః | ఓం నీలలోహితాయ నమః | ౯ ఓం శంకరాయ నమః | ఓం శూలపాణినే నమః | ఓం ఖట్వాంగినే నమః |…

कोकिला व्रत कथा

|| कोकिला व्रत कथा || कोकिला व्रत से जुड़ी कथा का संबंध भगवान शिव एवं माता सती से जुड़ा है। माता सती ने भगवान शिव को प्राप्त करने के लिए लम्बे समय तक कठोर तपस्या को करके उन्हें पाया था। कोकिला व्रत कथा का वर्णन शिव पुराण में मिलता है। इस कथा के अनुसार देवी…

शिव अष्टोत्तर नामावली

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|| श्री शिव अष्टोत्तर नामावली || No Sanskrit Name Name Mantra नाम का अर्थ 1 शिव ॐ शिवाय नमः। पवित्रता का स्रोत 2 महेश्वर ॐ महेश्वराय नमः। देवताओं के भगवान 3 शंभवे ॐ शंभवे नमः। समृधि के प्रदाता 4 पिनाकिने ॐ पिनाकिने नमः। धनुष धारी 5 शशिशेखर ॐ शशिशेखराय नमः। ऐसे भगवान् जो अपने बालों…

भूतनाथ अष्टकम्

|| भूतनाथ अष्टकम् || शिव शिव शक्तिनाथं संहारं शं स्वरूपम् नव नव नित्यनृत्यं ताण्डवं तं तन्नादम् घन घन घूर्णिमेघं घंघोरं घंन्निनादम् भज भज भस्मलेपं भजामि भूतनाथम् ||1|| कळकळकाळरूपं कल्लोळंकंकराळम् डम डम डमनादं डम्बुरुं डंकनादम् सम सम शक्तग्रिवं सर्वभूतं सुरेशम् भज भज भस्मलेपं भजामि भूतनाथम् ||2|| रम रम रामभक्तं रमेशं रां रारावम् मम मम मुक्तहस्तं महेशं…

शिव – शंकराची आरती

॥ शिव – शंकराची आरती ॥ जय जय शिव हर शंकर जय गिरिजारमणा ॥ पंचवदन जय त्र्यंबक त्रिपुरासुरदहना ॥ भवभयभंजन सुंदर स्मरहर सुखसदना ॥ अविकल ब्रह्म निरामय जय जगदुद्धरणा ॥ १ ॥ जय जय शिव हर शंकर … जय देव जय देव जय शंकर सांबा ॥ ओंवाळित निजभावें, नमितों मी सद्भावें वर सहजगदंबा ॥ ध्रु०…

श्री शंकराची आरती

॥ श्री शंकराची आरती ॥ लवथवती विक्राळा ब्रह्माण्डी माळा। वीषे कण्ठ काळा त्रिनेत्री ज्वाळा। लावण्य सुन्दर मस्तकी बाळा। तेथुनिया जळ निर्मळ वाहे झुळझुळा॥ जय देव जय देव जय श्रीशंकरा। आरती ओवाळू तुज कर्पुरगौरा॥ कर्पुर्गौरा भोळा नयनी विशाळा। अर्धांगी पार्वती सुमनांच्या माळा। विभुतीचे उधळण शितिकण्ठ नीळा। ऐसा शंकर शोभे उमावेल्हाळा॥ जय देव जय देव जय श्रीशंकरा।…

Shri Bhairavaroop Shiv Stuti

|| Bhairavarup Shiv Stuti || Dev, Bhishanakar, Bhairav, Bhayankar, Bhoot-Pret-Pramathadhipati, Vipati-Harta। Moh-Mushak-Marjar, Sansar-Bhay-Haran, Taran-Taran, Abhaya Karta॥ Atul Bal, Vipul Vistara, Vigraha Gaur, Amal Ati Dhaval Dharanidharabham। Shirasi Sankulita- Kal-Joota Pingaljata, Patal Shat-Koti- Vidyuchchataabham॥ Bhraj Vibhudapaga Aap Pavana Param, Maule-Maaleva Shobha Vichitram। Lalit Lallatapar Raj Rajanishakala, Kaladhar, Naumi Hara Dhanada-Mitram॥ Indu-Pavak-Bhanu- Bhanunayan, Mardan-Mayan, Gun-Ayan, Gyan- Vigyan-Rupam।…

Shiv Swarnamala Stuti

|| Shiv Swarnamala Stuti || Samba Sadashiva Shambho Shankara Sharanam Me Tava Charanayugam॥ Ishagirisha Naresh Paresh Mahesha Bileshaya Bhushana Bho। Samba Sadashiva Shambho Shankara Sharanam Me Tava Charanayugam॥ Umaaya Divya Sumangala Vigraha Yalingita Vamanga Vibho। Samba Sadashiva Shambho Shankara Sharanam Me Tava Charanayugam॥ Oori Kuru Maamajnya Manaatham Doori Kuru Me Duritam Bho। Samba Sadashiva Shambho…

Shri Amogh Shiv Kavach

‖ Amogh Shiv Kavach ‖ ‖ Atha Viniyogah ‖ Asya Shri Shivakavachastotramantrasya, Brahma Rishiḥ, Vrishabha Rishiḥ, Anushtup Chhandah, Shri Sadashivarudro Devata, Hreem Shaktih, Vam Kilakam, Shreem Hreem Kleem Beejam, Shri Sadashivapretyarthe Shivakavachastotrajape Viniyogah. ‖ Karanyas ‖ Om Namo Bhagavate Jvalajvalamaline Om Hram Sarvashaktidhamne Ishanatmane Angushthabhyam Namah | Om Namo Bhagavate Jvalajvalamaline Om Nam Rim Nityatriptidhamne…

Shiv Mangalashtakam

॥ Shiv Mangalashtakam ॥ Bhavaya Chandrachudaya Nirgunaya Gunatmane । Kalkalaya Rudraya Nilgrivaya Mangalam ॥ Vrisharudhaya Bhimaya Vyagracharmambraya Ch । Pashunam Pataye Tubhyam Gaurikantaya Mangalam ॥ Bhasmoddhulitadehaya Vyalayajnopavitine । Rudrakshamalabhushaya Vyomkeshaya Mangalam ॥ Suryachandraginnitreya Namah Kailasbasine । Sachchidanandarupay Pramatheshaya Mangalam ॥ Mrityunjaya Sambayi Srishtasthayantikarine । Tryambakaya Sushantaya Trilokeshaya Mangalam ॥ Gangadharaya Somaya Namo Hariharatmne । Ugraya…

Shiv ji Stuti

॥ Shiv Stuti ॥ Ashutosh Shashank Shekhar, Chandra Mauli Chidambara, Koti Koti Pranam Shambhu, Koti Naman Digambara ॥ Nirvikar Omkar Avinashi, Tumhi Devadhi Dev, Jagat Sarjak Pralay Karta, Shivam Satyam Sundara ॥ Ashutosh Shashank Shekhar… Nirankar Swaroop Kaleshwar, Maha Yogeeshwar, Dayanidhi Danishwar Jay, Jatadhar Abhayankara ॥ Ashutosh Shashank Shekhar… Shool Pani Trishul Dhari, Augadi Baghambari,…

Shiv ji Aarti

॥ Shiv ji Aarti ॥ Om Jai Shiv Omkara Har Jai Shiv OmKara। Brahma Vishnu Sadashiv Ardhaangi Dhaara॥ Om Jai Shiv Omkara… Ekanan Chaturanan Panchanan Raajey। Hansanan Garurasan Vrishvaahan Saajey॥ Om Jai Shiv Omkara… Do Bhuj Chaar Chaturbhuj Das Bhuj Te Sohey। Teeno Roop Nirakhta Tribhuvan Jan Mohey॥ Om Jai Shiv Omkara…. Akshmala Banmala Mundmala…

श्री त्रिपुरारि स्तोत्रम्

॥ श्रीत्रिपुरारिस्तोत्रम् ॥ नमामोऽसुरारेस्सुरारेर्गणाग्र्यं नमामोऽन्धकारिं मखारिं निजारेः । शिरो गाङ्गवारिप्रचारक्षमोऽस्य नमामः पुरारिम् मुरारेः प्रियं तम् ॥ मुखैः पञ्चभिः पञ्चभिः पञ्चषष्ठं त्रयीसाङ्ख्ययोगाङ्गमारण्यकानि । जगौ भक्तिकाण्डं हरेस्सौख्यभाण्डं नमामः पुरारिं मुरारेः प्रियं तम् ॥ हरेरङ्घ्रितो गाङ्गवारि प्रसूतं कपर्दे कपर्दे कपर्द्दीचकार । अखर्वं च गर्वं हरन् जह्नुजाया नमामः पुरारिं मुरारेः प्रियं तम् ॥ गुरूणां गुरुर्यो मतो नारदेन उपज्ञोऽपि शिष्यः…

श्री दक्षिणामूर्ति सहस्रनामावलि

श्री दक्षिणामूर्ति सहस्रनामावलि भगवान शिव के दक्षिणामूर्ति स्वरूप को समर्पित है। दक्षिणामूर्ति भगवान शिव का वह रूप है, जिसमें वे ज्ञान, शिक्षा और आत्मबोध के अधिष्ठाता माने जाते हैं। यह सहस्रनामावलि उनके 1000 दिव्य और पवित्र नामों का संग्रह है, जो उनकी महिमा और अनंत शक्ति का वर्णन करती है। श्री दक्षिणामूर्ति को गुरु रूप…

महाकाल सहस्रनामावली

श्री महाकाल भगवान शिव का वह स्वरूप हैं जो समय, मृत्यु और सृष्टि के नियंता माने जाते हैं। उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग को इनका निवास स्थान माना जाता है। श्री महाकाल सहस्रनामावली भगवान महाकाल के एक हजार पवित्र नामों का संग्रह है, जो उनकी शक्ति, करुणा और महिमा का वर्णन करते हैं। यह सहस्रनामावली…

श्री अर्धनारीश्वर सहस्रनामावली

श्री अर्धनारीश्वर सहस्रनामावली भगवान शिव और माता पार्वती के अर्धनारीश्वर स्वरूप को समर्पित है। अर्धनारीश्वर का स्वरूप शिव और शक्ति का अद्वितीय संगम है, जो सृष्टि की संतुलित रचना और समस्त ब्रह्मांड की ऊर्जा के मूल रूप को दर्शाता है। सहस्रनामावली में अर्धनारीश्वर के हजार नामों का उल्लेख किया गया है, जो उनके विभिन्न गुणों…

अर्ध नारीश्वर स्तोत्रम्

॥ अर्ध नारीश्वर स्तोत्रम् ॥ चांपेयगौरार्धशरीरकायै कर्पूरगौरार्धशरीरकाय । धम्मिल्लकायै च जटाधराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ कस्तूरिकाकुंकुमचर्चितायै चितारजःपुंज विचर्चिताय । कृतस्मरायै विकृतस्मराय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ झणत्क्वणत्कंकणनूपुरायै पादाब्जराजत्फणिनूपुराय । हेमांगदायै भुजगांगदाय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ विशालनीलोत्पललोचनायै विकासिपंकेरुहलोचनाय । समेक्षणायै विषमेक्षणाय नमः शिवायै च नमः शिवाय ॥ मंदारमालाकलितालकायै कपालमालांकितकंधराय । दिव्यांबरायै…

श्री रुद्राष्टकम्

॥ श्रीरुद्राष्टकम् ॥ नमामीशमीशान निर्वाणरूपं विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं चिदाकाशमाकाशवासं भजेऽहम् ॥ निराकारमोंकारमूलं तुरीयं गिरा ज्ञान गोतीतमीशं गिरीशम् । करालं महाकाल कालं कृपालं गुणागार संसारपारं नतोऽहम् ॥ तुषाराद्रि संकाश गौरं गभीरं मनोभूत कोटिप्रभा श्री शरीरम् । स्फुरन्मौलि कल्लोलिनी चारु गङ्गा लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा ॥ चलत्कुण्डलं भ्रू सुनेत्रं विशालं प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम्…

श्री कालभैरवाष्टक स्तोत्रम् अर्थ सहित

॥ कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र पाठ विधि ॥ प्रात: काल सबसे पहले स्नान आदि करके शिवलिंग का दूध और जल से अभिषेक करें। इसके बाद भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें। पूजा समाप्त होने के बाद कालभैरवाष्टकम् स्तोत्र का जाप करें। ॥ कालभैरवाष्टकम् पाठ से लाभ ॥ प्रतिदिन कालभैरवाष्टकम् का जाप करने से जीवन का ज्ञान मिलता…

श्री काशी विश्वनाथ मंगल स्तोत्रम्

।। काशी विश्वनाथ मंगल स्तोत्र ।। ।। अथ श्रीविश्वनाथमङ्गलस्तोत्रम् ।। गङ्गाधरं शशिकिशोरधरं त्रिलोकी- रक्षाधरं निटिलचन्द्रधरं त्रिधारम् । भस्मावधूलनधरं गिरिराजकन्या- दिव्यावलोकनधरं वरदं प्रपद्ये ॥ अर्थ :- गंगा एवं बाल चन्द्र को धारण करने वाले, त्रिलोक की रक्षा करने वाले,मस्तक पर चन्द्रमा एवं त्रिधार (गंगा) -को धारण करने वाले, भस्म का उद्धूलन करने वाले तथा पार्वती को…

मंशा महादेव व्रत कथा एवं पूजन विधि

|| पूजन विधि || भगवान शिव का यह व्रत चार वर्ष का रहता है। हर वर्ष यह व्रत सिर्फ चार महीने ही करना रहता है। इस व्रत को करने से भगवान शिव बड़ी से बड़ी मन की इच्छा की पूर्ति करते है। श्रावण से कार्तिक माह तक के हर सोमवार को शिवलिंग की पूजा करें।…

દિવાસો વ્રત કથા

|| દિવાસો વ્રત કથા || એવરત-જીવરતનું વ્રત અષાઢ વદ તેરસથી અમાસ સુધી ત્રણ દિવસ કરવાનું વિધાન છે. વ્રતકર્તાએ મીઠા વિનાનું ભોજન લઈ એકટાણું કરવુું. જાગરણ કરી માતાજીના ગરબા ગાવા અને માતાજી સમક્ષ અખંડ દીવો પ્રગટાવેલો રાખવો. એવરત-જીવરતની કથા આ મુજબ છે. એક જમાનો એવો હતો કે જો સ્ત્રી નિઃસંતાન હોય તો કોઈ તેનું મોઢું ન…

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

|| बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा || एक समय राक्षसराज रावण कैलास पर्वत पर भक्तिभावपूर्वक भगवान शिव की आराधना कर रहा था। बहुत दिनों तक आराधना करने के बाद भी जब भगवान शिव उस पर प्रसन्न नहीं हुए, तब वह दूसरी विधि से तप-साधना करने लगा। उसने हिमालय पर्वत से दक्षिण की ओर सघन वृक्षों…

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

|| सोमनाथ ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा || शिव पुराण के अनुसार, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव का प्रथम ज्योतिर्लिंग है। इस ज्योतिर्लिंग की स्थापना से सम्बंधित कथा इस प्रकार है: प्रजापति दक्ष ने अपनी सभी सत्ताइस पुत्रियों का विवाह चन्द्रमा के साथ कर दिया, जिससे वे बहुत प्रसन्न हुए। चन्द्रमा को पत्नी के रूप में दक्ष…

हिरण्यगर्भ दूधेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

|| हिरण्यगर्भ दूधेश्वर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा || द्वादश ज्योतिर्लिंगों के अतिरिक्त अनेक हिरण्यगर्भ शिवलिंग हैं, जिनका बड़ा अद्भुत महातम्य है। इनमें से कई शिवलिंग चमत्कारी हैं और मनोकामनाओं को पूर्ण करने वाले हैं तथा सिद्धपीठों में स्थापित हैं। इन्हीं सिद्धपीठों में से एक है श्री दूधेश्वर नाथ महादेव मठ मंदिर, जहां स्वयंभू हिरण्यगर्भ दूधेश्वर…

भीमशंकर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा

|| भीमशंकर ज्योतिर्लिंग प्रादुर्भाव पौराणिक कथा || भीमशंकर ज्योतिर्लिंग का वर्णन शिवपुराण में मिलता है। शिवपुराण में कहा गया है कि पुराने समय में भीम नाम का एक राक्षस था। वह राक्षस कुंभकर्ण का पुत्र था, परंतु उसका जन्म ठीक उसके पिता की मृत्यु के बाद हुआ था। उसे अपने पिता की मृत्यु भगवान राम…

श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा

|| श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग उत्पत्ति पौराणिक कथा || दारूका एक प्रसिद्ध राक्षसी थी, जो देवी पार्वती से वरदान प्राप्त कर अहंकार में डूबी रहती थी। उसका पति दरुका महान बलशाली राक्षस था। उसने अनेक राक्षसों को अपने साथ मिलाकर समाज में आतंक फैला रखा था। वह यज्ञ और शुभ कर्मों को नष्ट करता और संत-महात्माओं…

ശിവ രക്ഷാ സ്തോത്രം

|| ശിവ രക്ഷാ സ്തോത്രം || ഓം അസ്യ ശ്രീശിവരക്ഷാസ്തോത്രമന്ത്രസ്യ. യാജ്ഞവൽക്യ-ഋഷിഃ. ശ്രീസദാശിവോ ദേവതാ. അനുഷ്ടുപ് ഛന്ദഃ. ശ്രീസദാശിവപ്രീത്യർഥേ ശിവരക്ഷാസ്തോത്രജപേ വിനിയോഗഃ. ചരിതം ദേവദേവസ്യ മഹാദേവസ്യ പാവനം. അപാരം പരമോദാരം ചതുർവർഗസ്യ സാധനം. ഗൗരീവിനായകോപേതം പഞ്ചവക്ത്രം ത്രിനേത്രകം. ശിവം ധ്യാത്വാ ദശഭുജം ശിവരക്ഷാം പഠേന്നരഃ. ഗംഗാധരഃ ശിരഃ പാതു ഭാലമർധേന്ദുശേഖരഃ. നയനേ മദനധ്വംസീ കർണൗ സർപവിഭൂഷണഃ. ഘ്രാണം പാതു പുരാരാതിർമുഖം പാതു ജഗത്പതിഃ. ജിഹ്വാം വാഗീശ്വരഃ പാതു കന്ധരാം ശിതികന്ധരഃ. ശ്രീകണ്ഠഃ പാതു മേ കണ്ഠം സ്കന്ധൗ…

శివ రక్షా స్తోత్రం

|| శివ రక్షా స్తోత్రం || ఓం అస్య శ్రీశివరక్షాస్తోత్రమంత్రస్య. యాజ్ఞవల్క్య-ఋషిః. శ్రీసదాశివో దేవతా. అనుష్టుప్ ఛందః. శ్రీసదాశివప్రీత్యర్థే శివరక్షాస్తోత్రజపే వినియోగః. చరితం దేవదేవస్య మహాదేవస్య పావనం. అపారం పరమోదారం చతుర్వర్గస్య సాధనం. గౌరీవినాయకోపేతం పంచవక్త్రం త్రినేత్రకం. శివం ధ్యాత్వా దశభుజం శివరక్షాం పఠేన్నరః. గంగాధరః శిరః పాతు భాలమర్ధేందుశేఖరః. నయనే మదనధ్వంసీ కర్ణౌ సర్పవిభూషణః. ఘ్రాణం పాతు పురారాతిర్ముఖం పాతు జగత్పతిః. జిహ్వాం వాగీశ్వరః పాతు కంధరాం శితికంధరః. శ్రీకంఠః పాతు మే కంఠం స్కంధౌ…

சிவ ரக்ஷா ஸ்தோத்திரம்

 || சிவ ரக்ஷா ஸ்தோத்திரம் || ஓம் அஸ்ய ஶ்ரீஶிவரக்ஷாஸ்தோத்ரமந்த்ரஸ்ய. யாஜ்ஞவல்க்ய-ருஷி꞉. ஶ்ரீஸதாஶிவோ தேவதா. அனுஷ்டுப் சந்த꞉. ஶ்ரீஸதாஶிவப்ரீத்யர்தே ஶிவரக்ஷாஸ்தோத்ரஜபே விநியோக꞉. சரிதம் தேவதேவஸ்ய மஹாதேவஸ்ய பாவனம். அபாரம் பரமோதாரம் சதுர்வர்கஸ்ய ஸாதனம். கௌரீவிநாயகோபேதம் பஞ்சவக்த்ரம் த்ரிநேத்ரகம். ஶிவம் த்யாத்வா தஶபுஜம் ஶிவரக்ஷாம் படேன்னர꞉. கங்காதர꞉ ஶிர꞉ பாது பாலமர்தேந்துஶேகர꞉. நயனே மதனத்வம்ஸீ கர்ணௌ ஸர்பவிபூஷண꞉. க்ராணம் பாது புராராதிர்முகம் பாது ஜகத்பதி꞉. ஜிஹ்வாம் வாகீஶ்வர꞉ பாது கந்தராம் ஶிதிகந்தர꞉. ஶ்ரீகண்ட꞉ பாது மே கண்டம் ஸ்கந்தௌ…

श्री शिव तांडव स्तोत्रम्

॥ शिव तांडव स्तोत्र ॥ जटाटवीगलज्जलप्रवाहपावितस्थले, गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजङ्गतुङ्गमालिकाम्। डमड्डमड्डमड्डमन्निनादवड्डमर्वयं, चकार चण्डताण्डवं तनोतु नः शिवः शिवम् ॥ जटाकटाहसम्भ्रमभ्रमन्निलिम्पनिर्झरी, विलोलवीचिवल्लरीविराजमानमूर्धनि। धगद्धगद्धगज्ज्वलल्ललाटपट्टपावके किशोरचन्द्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं मम ॥ धराधरेन्द्रनंदिनीविलासबन्धुबन्धुर, स्फुरद्दिगन्तसन्ततिप्रमोदमानमानसे। कृपाकटाक्षधोरणीनिरुद्धदुर्धरापदि, क्वचिद्दिगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥ जटा भुजङ्ग पिङ्गल स्फुरत्फणा मणिप्रभा, कदम्बकुङ्कुमद्रवप्रलिप्तदिग्वधूमुखे। मदान्धसिन्धुरस्फुरत्त्वगुत्तरीयमेदुरे, मनो विनोदमद्भुतं बिभर्तु भूतभर्तरि ॥ सहस्र लोचनप्रभृत्य शेष लेखशेखर, प्रसूनधूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः। भुजङ्ग राजमालया निबद्ध जाटजूटक,…

ಶಿವ ರಕ್ಷಾ ಸ್ತೋತ್ರ

|| ಶಿವ ರಕ್ಷಾ ಸ್ತೋತ್ರ || ಓಂ ಅಸ್ಯ ಶ್ರೀಶಿವರಕ್ಷಾಸ್ತೋತ್ರಮಂತ್ರಸ್ಯ. ಯಾಜ್ಞವಲ್ಕ್ಯ-ಋಷಿಃ. ಶ್ರೀಸದಾಶಿವೋ ದೇವತಾ. ಅನುಷ್ಟುಪ್ ಛಂದಃ. ಶ್ರೀಸದಾಶಿವಪ್ರೀತ್ಯರ್ಥೇ ಶಿವರಕ್ಷಾಸ್ತೋತ್ರಜಪೇ ವಿನಿಯೋಗಃ. ಚರಿತಂ ದೇವದೇವಸ್ಯ ಮಹಾದೇವಸ್ಯ ಪಾವನಂ. ಅಪಾರಂ ಪರಮೋದಾರಂ ಚತುರ್ವರ್ಗಸ್ಯ ಸಾಧನಂ. ಗೌರೀವಿನಾಯಕೋಪೇತಂ ಪಂಚವಕ್ತ್ರಂ ತ್ರಿನೇತ್ರಕಂ. ಶಿವಂ ಧ್ಯಾತ್ವಾ ದಶಭುಜಂ ಶಿವರಕ್ಷಾಂ ಪಠೇನ್ನರಃ. ಗಂಗಾಧರಃ ಶಿರಃ ಪಾತು ಭಾಲಮರ್ಧೇಂದುಶೇಖರಃ. ನಯನೇ ಮದನಧ್ವಂಸೀ ಕರ್ಣೌ ಸರ್ಪವಿಭೂಷಣಃ. ಘ್ರಾಣಂ ಪಾತು ಪುರಾರಾತಿರ್ಮುಖಂ ಪಾತು ಜಗತ್ಪತಿಃ. ಜಿಹ್ವಾಂ ವಾಗೀಶ್ವರಃ ಪಾತು ಕಂಧರಾಂ ಶಿತಿಕಂಧರಃ. ಶ್ರೀಕಂಠಃ ಪಾತು ಮೇ ಕಂಠಂ ಸ್ಕಂಧೌ…

शिव रक्षा स्तोत्र

|| शिव रक्षा स्तोत्र || ओम् अस्य श्रीशिवरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य। याज्ञवल्क्य-ऋषिः। श्रीसदाशिवो देवता। अनुष्टुप् छन्दः। श्रीसदाशिवप्रीत्यर्थे शिवरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः। चरितं देवदेवस्य महादेवस्य पावनम्। अपारं परमोदारं चतुर्वर्गस्य साधनम्। गौरीविनायकोपेतं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रकम्। शिवं ध्यात्वा दशभुजं शिवरक्षां पठेन्नरः। गङ्गाधरः शिरः पातु भालमर्धेन्दुशेखरः। नयने मदनध्वंसी कर्णौ सर्पविभूषणः। घ्राणं पातु पुरारातिर्मुखं पातु जगत्पतिः। जिह्वां वागीश्वरः पातु कन्धरां शितिकन्धरः। श्रीकण्ठः पातु मे कण्ठं स्कन्धौ…

ശിവ പഞ്ചാക്ഷര നക്ഷത്രമാലാ സ്തോത്രം

|| ശിവ പഞ്ചാക്ഷര നക്ഷത്രമാലാ സ്തോത്രം || ശ്രീമദാത്മനേ ഗുണൈകസിന്ധവേ നമഃ ശിവായ ധാമലേശധൂതകോകബന്ധവേ നമഃ ശിവായ. നാമശേഷിതാനമദ്ഭവാന്ധവേ നമഃ ശിവായ പാമരേതരപ്രധാനബന്ധവേ നമഃ ശിവായ. കാലഭീതവിപ്രബാലപാല തേ നമഃ ശിവായ ശൂലഭിന്നദുഷ്ടദക്ഷപാല തേ നമഃ ശിവായ. മൂലകാരണായ കാലകാല തേ നമഃ ശിവായ പാലയാധുനാ ദയാലവാല തേ നമഃ ശിവായ. ഇഷ്ടവസ്തുമുഖ്യദാനഹേതവേ നമഃ ശിവായ ദുഷ്ടദൈത്യവംശധൂമകേതവേ നമഃ ശിവായ. സൃഷ്ടിരക്ഷണായ ധർമസേതവേ നമഃ ശിവായ അഷ്ടമൂർതയേ വൃഷേന്ദ്രകേതവേ നമഃ ശിവായ. ആപദദ്രിഭേദടങ്കഹസ്ത തേ നമഃ ശിവായ…

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