डमरू बजाए अंग भस्मी रमाए
|| डमरू बजाए अंग भस्मी रमाए || डमरू बजाए अंग भस्मी रमाए, और ध्यान लगाए किसका, ना जाने वो डमरू वाला, ना जाने वो डमरू वाला, सब देवो में सब देवों में, है वो देव निराला, डमरू बजाए अंग भस्मी रमाये, और ध्यान लगाए किसका ॥ मस्तक पे चंदा, जिसकी जटा में है गंगा, रहती…