भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन मन में रम जाए
|| भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन मन में रम जाए || शिव समान दाता नहीं, है ये देवों के है देव, भक्तों के हित विष पिया, कहलाए महादेव ॥ भोले ऐसी भांग पिला दे, जो तन मन में रम जाए, तन मन में रम जाए भोले, रोम रोम बस जाए, कोई लाख जतन…