अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा
|| अजब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा || अजब जब है भोलेनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा, भूत प्रेत नित करे चाकरी, सबका यहाँ गुज़ारा, अजब है भोलेंनाथ ये, दरबार तुम्हारा, दरबार तुम्हारा ॥ बाघ बैल को हरदम, एक जगह पर राखे, कभी ना एक दूजे को, बुरी नज़र से ताके, कही और नही देखा…