मंगल मूरति राम दुलारे – भजन

|| मंगल मूरति राम दुलारे – भजन || मंगल मूरति राम दुलारे, आन पड़ा अब तेरे द्वारे, हे बजरंगबली हनुमान, हे महावीर करो कल्याण, हे महावीर करो कल्याण ॥ तीनों लोक तेरा उजियारा, दुखियों का तूने काज सवारा, हे जगवंदन केसरी नंदन, कष्ट हरो हे कृपा निधान ॥ मंगल मुरति राम दुलारे, आन पड़ा अब…

श्री सिद्धमंगल स्तोत्र

|| श्री सिद्धमंगल स्तोत्र || अथ श्री सिद्धमंगल स्तोत्र श्री मदनंत श्रीविभुषीत अप्पल लक्ष्मी नरसिंह राजा। जय विजयीभव, दिग्विजयीभव, श्रीमदखंड श्री विजयीभव॥ श्री विद्याधारी राधा सुरेखा श्री राखीधर श्रीपादा। जय विजयीभव,दिग्विजयीभव, श्रीमदखंड श्री विजयीभव॥ माता सुमती वात्सल्यामृत परिपोषित जय श्रीपादा। जय विजयीभव,दिग्विजयीभव, श्रीमदखंड श्री विजयीभव॥ सत्यऋषीश्र्वरदुहितानंदन बापनाचार्यनुत श्रीचरणा। जय विजयीभव, दिग्विजयीभव, श्रीमदखंड श्री विजयीभव॥ सवितृ…

श्री सिद्धमंगल स्तोत्रम् अर्थ, लाभ, पाठ विधि सहित

|| श्री सिद्धमंगल स्तोत्र पाठ विधि || श्री सिद्धमंगल स्तोत्र पाठ करने से पहले कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पाठ शुरू करने से पहले सुबह उठकर नित्य क्रिया के बाद स्नान कर लें। भगवान दत्तात्रेय का नाम लेकर पूजा शुरू करें फिर स्तोत्र का जाप करें। पाठ को शुरू करने के बाद बीच…

मङ्गल कवचम्

|| मङ्गल कवचम् || श्रीगणेशाय नमः । अस्य श्री अङ्गारककवचस्तोत्रमन्त्रस्य कश्यप ऋषिः, अनुष्टुप् छन्दः, अङ्गारको देवता, भौमप्रीत्यर्थं जपे विनियोगः । रक्ताम्बरो रक्तवपुः किरीटी चतुर्भुजो मेषगमो गदाभृत् । धरासुतः शक्तिधरश्च शूली सदा मम स्याद्वरदः प्रशान्तः ॥ अङ्गारकः शिरो रक्षेन्मुखं वै धरणीसुतः । श्रवौ रक्ताम्बरः पातु नेत्रे मे रक्तलोचनः ॥ नासां शक्तिधरः पातु मुखं मे रक्तलोचनः ।…

श्री झूलेलाल आरती

॥ श्री झूलेलाल आरती ॥ ॐ जय दूलह देवा, साईं जय दूलह देवा । पूजा कनि था प्रेमी, सिदुक रखी सेवा ॥ तुहिंजे दर दे केई, सजण अचनि सवाली । दान वठन सभु दिलि, सां कोन दिठुभ खाली ॥ ॥ ॐ जय दूलह देवा…॥ अंधड़नि खे दिनव, अखडियूँ – दुखियनि खे दारुं । पाए मन…

श्री गौरी माँ की आरती

|| श्री गौरी माँ की आरती || जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी । तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को । उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको ॥ ॐ जय अम्बे गौरी..॥ कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै । रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर…

श्री नरसिंह की आरती

|| श्री नरसिंह की आरती || ओम जय नरसिंह हरे, प्रभु जय नरसिंह हरे | स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे, स्तंभ फाड़ प्रभु प्रकटे, जनका ताप हरे || || ओम जय नरसिंह हरे… || तुम हो दिन दयाला, भक्तन हितकारी, प्रभु भक्तन हितकारी | अद्भुत रूप बनाकर, अद्भुत रूप बनाकर, प्रकटे भय हारी || || ओम…

रंग तेरस 2025 – शुभ मुहूर्त, परंपरागत उत्सव की विशेषता और महत्व

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रंग त्रयोदशी एक उत्सव है जो रंगों से भरा होता है और इसे चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर मनाया जाता है। इसे ‘रंग तेरस’ भी कहा जाता है। अन्य क्षेत्रों में रंग तेरस का अवधि फाल्गुन माह के हिंदू महीने में कृष्ण पक्ष के साथ मेल खाती है, जो कि ग्रेगोरियन…

वीर हनुमाना अति बलवाना – भजन

|| वीर हनुमाना अति बलवाना – भजन || वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । वीर हनुमाना अति बलवाना, राम नाम रसियो रे, प्रभु मन बसियो रे । जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे, प्रभु मन बसियो रे । जो कोई आवे, अरज लगावे, सबकी सुनियो रे,…

विष्णु सहस्त्रनाम गीता प्रेस (Vishnu Sahasranamam Gita Press)

विष्णु सहस्त्रनाम गीता प्रेस (Vishnu Sahasranamam Gita Press)

विष्णु सहस्रनाम एक बेहद प्रभावी स्तोत्र है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। विष्णु सहस्रनाम एक संस्कृत भजन है जिसमें विष्णु के 1,000 नामों की सूची है। यह स्तोत्र हिंदू धर्म में सबसे पवित्र और लोकप्रिय स्तोत्रों में से एक है और वैष्णववाद में सर्वोच्च भगवान माने जाते हैं। विष्णु सहस्रनाम जैसे महाकाव्य महाभारत के अनुषासन…

हरे राम हरे रामा जपते थे हनुमाना – भजन

|| हरे राम हरे रामा जपते थे हनुमाना || हरे राम हरे रामा, जपते थे हनुमाना, इस मंत्र कि महिमा को, सारे जग ने जाना || जब केवट ने मुख से, इस मंत्र के बोल पढ़े, त्रिलोकपति आकर, केवट की नाव चढ़े || हरे राम हरें रामा, जपते थे हनुमाना, इस मंत्र कि महिमा को,…

अग्निपुराण (Agni Purana Gita Press)

अग्निपुराण (Agni Purana Gita Press)

अग्नि पुराण को ऋषि वेद व्यास ने संकलित किया था। इस पुराण में 11 रुद्रों, 8 वसुओं तथा 12 आदित्यों के बारे में बताया गया है। विष्णु तथा शिव की पूजा के विधान, सूर्य की पूजा का विधान, नृसिंह मंत्र आदि की जानकारी भी इस पुराण में दी गयी है। इसके अतिरिक्त प्रासाद एवं देवालय निर्माण,…

मार्कण्डेय पुराण (Markandeya Purana)

मार्कण्डेय पुराण (Markandeya Purana)

मार्कण्डेय पुराण (Markandey Puran) सभी पुराणों में आकार में सबसे छोटा है। इस पुराण में 137 अध्याय और 9000 श्लोक मिलते है। 1 से 42 वें अध्याय तक के वक्ता महर्षि जैमिनि है, उसको सुनने वाले धर्म पक्षी हैं। 43 वें से 90 अध्याय के वक्ता महर्षि मार्कण्डेय ऋषि है, उसको सुनने वाले क्रप्टुकि हैं।…

Sheetala Ashtami 2025 – कब है बसोड़ा 2025, जानिए मां शीतला की पूजा अनुष्ठान, शुभ मुहूर्त और व्रत कथा

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हर वर्ष चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर शीतला माता की पूजा की जाती है। इसे बसोड़ा पर्व भी कहा जाता है। इस बार शीतला अष्टमी 22 मार्च 2025 को होगी। देश के अधिकांश क्षेत्रों में, यह त्योहार शीतला अष्टमी के नाम से मनाया जाता है। इस दिन, भक्त शीतला माता की पूजा करते…

श्री महालक्ष्मी आरती

|| श्री महालक्ष्मी आरती || ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ || ओम जय लक्ष्मी माता || उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ || ओम जय लक्ष्मी माता || दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥…

लक्ष्मी नरसिंह करावलंबा स्तोत्रम लाभ सहित

|| श्री लक्ष्मी नरसिंह करावलंबा स्तोत्रम के लाभ || नरसिंह मंत्रों का जाप करने का लाभ सभी प्रकार के भय और चिंताओं को दूर करना है। ये मंत्र सूक्ष्म तरीके से काम करता हैं और जाप करने वाले को साहस, आत्मविश्वास, विश्वास और निडरता देता है | शत्रुओं को वश में करने में मदद करता…

लक्ष्मी ध्यान मंत्र लाभ सहित

|| लक्ष्मी ध्यान मंत्र || या सा पद्मासनस्था विपुलकटितटी पद्मपत्रायताक्ष गम्भीरावर्तनाभिस्तनभरनमिता शुभ्रवस्त्रोत्तरीया । या लक्ष्मीर्दिव्यरूपैर्मणिगणखचितैः स्नापिता हेमकुम्भैः सा नित्यं पद्महस्ता मम वसतु गृहे सर्वमांगल्ययुक्ता ॥ || लक्ष्मी ध्यान मंत्र के जाप के लाभ || धन, समृद्धि और सुख-समृद्धि प्राप्त होती है। सौभाग्य और सफलता प्राप्त होती है। आध्यात्मिक विकास में मदद मिलती है। मन शांत…

लक्ष्मी जी की आरती

|| लक्ष्मी जी की आरती || ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय…

श्री लक्ष्मी जी की आरती

|| श्री लक्ष्मी जी की आरती || ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता । सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता । जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता…

श्री लक्ष्मीनारायण आरती

|| श्री लक्ष्मीनारायण आरती || जय लक्ष्मी-विष्णो। जय लक्ष्मीनारायण, जय लक्ष्मी-विष्णो। जय माधव, जय श्रीपति, जय, जय, जय विष्णो॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। जय चम्पा सम-वर्णे जय नीरदकान्ते। जय मन्द स्मित-शोभे जय अदभुत शान्ते॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। कमल वराभय-हस्ते शङ्खादिकधारिन्। जय कमलालयवासिनि गरुडासनचारिन्॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। सच्चिन्मयकरचरणे सच्चिन्मयमूर्ते। दिव्यानन्द-विलासिनि जय सुखमयमूर्ते॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। तुम त्रिभुवन की माता, तुम सबके…

पाताल लोक से जुड़ी रहस्यमयी कथाएँ – मंदिरों की वे कहानियाँ जिनका सच आज तक कोई नहीं जान पाया

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नमस्ते पाठकों! (Hello readers!) आज हम एक ऐसी यात्रा पर निकल रहे हैं जो हमें भारत की प्राचीनतम और सबसे रहस्यमयी कहानियों की दुनिया में ले जाएगी। “पाताल लोक” (Patal Lok) – एक ऐसा नाम जिसे सुनकर ही मन में जिज्ञासा और रोमांच का संचार हो जाता है। यह सिर्फ एक पौराणिक अवधारणा नहीं, बल्कि…

हनुमान पचासा (Hanuman Pachasa)

हनुमान पचासा (Hanuman Pachasa)

हनुमान पचासा भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करने वाला एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जिसमें 50 श्लोक शामिल हैं। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से भक्तों को सुरक्षा, शक्ति, और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह नकारात्मक ऊर्जाओं से रक्षा करता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। श्रद्धा और भक्ति के साथ ‘हनुमान…

कब है 2025 फुलेरा दूज, जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व, पूजाविधि और पौराणिक कथा

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पंचाग के अनुसार, प्रतिवर्ष फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को फुलेरा दूज का उत्सव आयोजित किया जाता है। इस दिन मान्यता है कि श्रीकृष्ण, राधा, और उनकी गोपियाँ मिलकर फूलों की होली खेलते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, फाल्गुन मास का पूरा महीना श्री राधा-कृष्ण की आराधना के लिए अत्यंत पुण्यकारी है,…

शिव पार्वती विवाह कथा

|| शिव पार्वती विवाह कथा || माता पार्वती ने राजा हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया। माता पार्वती भगवान शिव से विवाह करने की इच्छुक थीं। सभी देवता गण भी इसी मत के थे कि पर्वत राजकन्या पार्वती का विवाह शिव से होना चाहिए। देवताओं ने कन्दर्प को पार्वती की मद्द करने…

आशुतोष शशाँक शेखर

|| आशुतोष शशाँक शेखर || आशुतोष शशाँक शेखर, चन्द्र मौली चिदंबरा, कोटि कोटि प्रणाम शम्भू, कोटि नमन दिगम्बरा ॥ निर्विकार ओमकार अविनाशी, तुम्ही देवाधि देव, जगत सर्जक प्रलय करता, शिवम सत्यम सुंदरा ॥ निरंकार स्वरूप कालेश्वर, महा योगीश्वरा, दयानिधि दानिश्वर जय, जटाधार अभयंकरा ॥ शूल पानी त्रिशूल धारी, औगड़ी बाघम्बरी, जय महेश त्रिलोचनाय, विश्वनाथ विशम्भरा…

Shiva Puja Paddhati (शिव पूजा पद्धति)

Shiva Puja Paddhati (शिव पूजा पद्धति)

हिन्दू धर्म के अनुसार भगवान भोलेनाथ का दिन सोमवार को माना जाता हैं। इस दिन भगवान शिव की पूजा अर्चना की जाती हैं। शिव की कृपा से लोगों के कष्ट दूर होते हैं। जब भी भगवान शिव की पूजा करें तो शिवलिंग पर गंगाजल, साफ पानी या फिर गाय के दूध से अभिषेक करें. य​ह…

शिव पार्वती की अमरनाथ धाम कथा

|| शिव पार्वती की अमरनाथ धाम कथा || अमरनाथ धाम की कथा कुछ इस प्रकार से है की एक बार माता पार्वती ने महादेव से पूछा, ऐसा क्यों है कि आप अजर अमर हैं, लेकिन मुझे हर जन्म के बाद नए स्वरूप लेकर जीवन चक्र में आना पड़ता है, फिर बरसों तप करके आपको प्राप्त…

Shiv Puran (शिव पुराण)

Shiv Puran (शिव पुराण)

शिव पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक अत्यंत महत्वपूर्ण और प्रसिद्ध पुराण है। यह पुराण भगवान शिव को समर्पित है और उनके विभिन्न रूपों, लीलाओं, और उपासना विधियों का विस्तार से वर्णन करता है। शिव पुराण में शिव भक्ति, शिवलिंग पूजा, और पौराणिक कथाओं का विस्तृत वर्णन मिलता है। शिव पुराण की…

शिव तांडव स्तोत्रम् अर्थ सहित

॥ शिव तांडव स्तोत्र की विधि ॥ प्रात: काल सबसे पहले स्नान आदि कर शिवलिंग का दूध और जल से अभिषेक करें। संभव हो तो गंगाजल का इस्तेमाल करें। भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें और फिर अंत में शिव तांडव स्तोत्र का जाप करें। ॥ शिव तांडव स्तोत्र से लाभ ॥ शिव तांडव स्तोत्र…

श्री शिवमानसपूजा स्तोत्रम् अर्थ सहित

॥ श्री शिवमानसपूजा स्तोत्र पाठ की विधि ॥ श्री शिवमानसपूजा स्तोत्र का पाठ सोमवार के दिन उत्तम माना गया है। सबसे पहले स्नान आदि करके खुद को पवित्र कर लें। अब किसी आसन पर बैठकर महादेव शिव का ध्यान लगायें। श्री शिवमानसपूजा स्तोत्र पाठ करते समय अपना ध्यान सिर्फ महादेव शिव पर लगाए रखें। ॥…

श्री शिवमहिम्न स्तोत्रम् अर्थ सहित

|| शिवमहिम्न स्तोत्र पाठ विधि || शिवमहिम्न स्तोत्र पाठ से पहले शिवलिंग का कच्चे दूध और जल से अभिषेक करें। इसके बाद धूप, दीप, पुष्प और नैवेद्य अर्पित करें। पूजा के बाद शिवमहिम्न स्तोत्र का पाठ करें। || श्री शिवमहिम्नस्तोत्रम् || पुष्पदंत उवाच महिम्नः पारन्ते परमविदुषो यद्यसदृशी। स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः॥ अथावाच्यः सर्वः स्वमतिपरिमाणावधि गृणन्। ममाप्येष…

श्री शिवाष्टकम् स्तोत्रम् अर्थ सहित

|| श्री शिवाष्टकम् स्तोत्र की विधि || श्री शिवाष्टकम् स्तोत्र का पाठ सोमवार के दिन उत्तम माना गया है। इसके लिए सबसे पहले स्नान आदि करके खुद को पवित्र कर लें। अब किसी आसन पर बैठकर महादेव शिव का ध्यान लगाएं। अगर शिव की मूर्ति के समीप बैठकर शिवाष्टकम् स्तोत्र का पाठ करते हैं, तो…

श्री शिवरक्षा स्तोत्रम्

|| श्री शिवरक्षा स्तोत्रम् || श्रीसदाशिवप्रीत्यर्थं शिवरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः ॥ चरितं देवदेवस्य महादेवस्य पावनम् । अपारं परमोदारं चतुर्वर्गस्य साधनम् ॥ गौरीविनायकोपेतं पञ्चवक्त्रं त्रिनेत्रकम् । शिवं ध्यात्वा दशभुजं शिवरक्षां पठेन्नरः ॥ गंगाधरः शिरः पातु भालं अर्धेन्दुशेखरः । नयने मदनध्वंसी कर्णो सर्पविभूषण ॥ घ्राणं पातु पुरारातिः मुखं पातु जगत्पतिः । जिह्वां वागीश्वरः पातु कंधरां शितिकंधरः ॥ श्रीकण्ठः पातु…

श्री शिव पंचाक्षर स्तोत्रम्

|| शिव पंचाक्षर स्तोत्रम् || नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय। नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै नकाराय नमः शिवाय।। मन्दाकिनीसलिलचन्दनचर्चिताय, नन्दीश्वरप्रमथनाथमहेश्वराय।, मन्दारपुष्पबहुपुष्पसुपूजिताय, तस्मै मकाराय नमः शिवाय।। शिवाय गौरीवदनाब्जबृंदा, सूर्याय दक्षाध्वरनाशकाय। श्रीनीलकण्ठाय वृषध्वजाय, तस्मै शि काराय नमः शिवाय।। वशिष्ठकुम्भोद्भवगौतमार्यमूनीन्द्र, देवार्चिता शेखराय। चन्द्रार्कवैश्वानरलोचनाय, तस्मै वकाराय नमः शिवाय।। यज्ञस्वरूपाय जटाधराय, पिनाकहस्ताय सनातनाय। दिव्याय देवाय दिगम्बराय, तस्मै यकाराय नमः शिवाय।। पञ्चाक्षरमिदं पुण्यं…

श्री शिवमानसपूजा स्तोत्रम्

|| श्री शिवमानसपूजा स्तोत्र || रत्नैः कल्पितमासनं हिमजलैः स्नानं च दिव्याम्बरं। नानारत्नविभूषितं मृगमदा मोदाङ्कितं चन्दनम्।। जातीचम्पकविल्वपत्ररचितं पुष्पं च धूपं तथा। दीपं देव! दयानिधे ! पशुपते ! हृत्कल्पितं गृह्यताम् ॥ सौवर्णे नवरलखण्डरचिते पात्रे घृतं पायसं। भक्ष्यं पञ्चविधं पयोदधियुतं रम्भाफलं पानकम्।। शाकानामयुतं जलं रुचिकरं कर्पूरखण्डोज्ज्वलं। ताम्बूलं मनसा मया विरचितं भक्त्या प्रभो स्वीकुरु॥ छत्रं चामरयोर्युगं व्यजनकं चादर्शकं निर्मलं।…

शिव आवाहन मंत्र लाभ सहित

|| शिव आवाहन मंत्र || ॐ मृत्युंजय परेशान जगदाभयनाशन । तव ध्यानेन देवेश मृत्युप्राप्नोति जीवती ।। वन्दे ईशान देवाय नमस्तस्मै पिनाकिने । आदिमध्यांत रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। नमस्तस्मै भगवते कैलासाचल वासिने । नमोब्रह्मेन्द्र रूपाय मृत्युनाशं करोतु मे ।। त्र्यंबकाय नमस्तुभ्यं पंचस्याय नमोनमः । नमो दोर्दण्डचापाय मम मृत्युम् विनाशय ।। नमोर्धेन्दु स्वरूपाय नमो दिग्वसनाय च…

राम राम रामेति मंत्र

राम रामेति एक श्लोक है जिसका अर्थ है “राम का नाम जपना” याँ “राम का स्मरण करना”। और इसका जाप, सम्पूर्ण विष्णु सहस्त्रनाम याँ भगवान विष्णु के 1000 नामों के जाप के समतुल्य है। राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे मंत्र राम रामेति रामेति रमे रामे मनोरमे। सह्स्रनाम तत्तुल्यं राम नाम वरानने॥ राम राम रामेति…

सदाशिव कवचम्

|| सदाशिव कवचम् || श्रीआनन्दभैरव उवाच शैलजे देवदेवेशि सर्वाम्नायप्रपूजिते । सर्वं मे कथितं देवि कवचं न प्रकाशितम् ॥ प्रासादाख्यस्य मन्त्रस्य कवचं मे प्रकाशय । सदाशिवमहादेवभावितं सिद्धिदायकम् ॥ अप्रकाश्यं महामन्त्रं भैरवीभैरवोदयम् । सर्वरक्षाकरं देवि यदि स्नेहोऽस्ति मां प्रति ॥ श्रीआनन्दभैरवी उवाच श्रूयतां भगवन्नाथ महाकाल कुलार्णव । प्रासादमन्त्रकवचं सदाशिवकुलोदयम् ॥ प्रासादमन्त्रदेवस्य वामदेव ऋषिः स्मृतः । पङ्क्तिश्छन्दश्च देवेशः…

शिव शंकर को जिसने पूजा – भजन

|| शिव शंकर को जिसने पूजा – भजन || शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ । अंत काल को भवसागर में, उसका बेडा पार हुआ ॥ भोले शंकर की पूजा करो, ध्यान चरणों में इसके धरो । हर हर महादेव शिव शम्भू, हर हर महादेव शिव शम्भू । हर हर महादेव शिव…

शिवजी सत्य है – भजन

|| शिवजी सत्य है – भजन || जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्‌ डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम बम बम भोले बम बम भोले, बम बम भोले बम बम भोले बम बम भोले, बम बम भोले चाहू दिशा में शिव, शोहरत में शिव कल कल में शिव, पल पल में शिव ॐ नमः शिवाय…

ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा – भजन

॥ ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा – भजन ॥ ओ शंकरा मेरे शिव शंकरा, बालक मैं तू पिता है, तुझसे कुछ नही छिपा है, शंकरा भोलेनाथ भोलेनाथ, ओ शंकरा मेरें शिव शंकरा, बालक मैं तू पिता है ॥ अंग विभूति गले रुंड माला, शमशानों का वासी बड़ा दयाला, गंगा किनारे डेरा ओ लागे, नन्दी संग…

चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो – भजन

॥ चलो शिव शंकर के मंदिर में भक्तो – भजन ॥ लिया नाम जिसने भी शिवजी का मन से, उसे भोले शंकर ने अपना बनाया । खुले उस पे सब द्वार शिव की दया के, जो श्रद्धा से भोले के मंदिर में आया ॥ हर हर हर महादेव की जय हो । शंकर शिव कैलाशपति…

सुबह सुबह ले शिव का नाम – भजन

॥ सुबह सुबह ले शिव का नाम – भजन ॥ सुबह सुबह ले शिव का नाम, कर ले बन्दे यह शुभ काम । सुबह सुबह ले शिव का नाम, शिव आयेंगे तेरे काम ॥ ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय, ॐ नमः शिवाय… खुद को राख लपेटे फिरते, औरों को देते धन धाम । देवो…

शिव का डमरू डम डम बाजे – भजन

॥ शिव का डमरू डम डम बाजे – भजन ॥ शिव का डमरू डम डम बाजे, टोली कावड़ियों की नाचे, कावड़ियों की नाचे, टोली कावड़ियों की नाचे, शिव का डमरू डम डम बाजें, टोली कावड़ियों की नाचे ॥ कोई पहने पीले वस्त्र, कोई पहने लाल, दाढ़ी मूछें बड़ी हुई हैं, रूखे सूखे बाल, शिव भोले…

शिव ही सत्य है, शिव ही सुन्दर – भजन

॥ शिव ही सत्य है, शिव ही सुन्दर – भजन ॥ शिव ही सत्य है, शिव ही सुन्दर, शिव ही सब गुण आगर है, भोले दानी भोलेनाथ, शिव जी तो दया के सागर है, शिव जी तो दया के सागर है ॥ गौरी पति शिव हर हर शम्भु, जय कैलाशी भजा करो, ॐ नमः शिवाय…

श्री शिवमहिम्न स्तोत्रम्

॥ श्री शिवमहिम्नस्तोत्रम् ॥ | पुष्पदंत उवाच | महिम्नः पारन्ते परमविदुषो यद्यसदृशी। स्तुतिर्ब्रह्मादीनामपि तदवसन्नास्त्वयि गिरः॥ अथावाच्यः सर्वः स्वमतिपरिमाणावधि गृणन्। ममाप्येष स्तोत्रे हर निरपवादः परिकरः॥ अतीतः पन्थानं तव च महिमा वाङ्मनसयो:। रतदव्यावृत्या यं चकितमभिधत्ते श्रुतिरपि।। स कस्य स्तोतव्यः कतिविधिगुणः कस्य विषयः। पदे त्वर्वाचीने पतति न मनः कस्य न वचः ॥ मधुस्फीता वाचः परमममृतं निर्मितवत:। स्तवब्रह्मन्किवागपि सुरगुरोविस्मय…

2025 में महाशिवरात्रि कब मनाई जाएगी? व्रत और पूजा का सही समय जानें

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महाशिवरात्रि, भगवान शिव के भक्तों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण त्योहार है। यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। 2025 में महाशिवरात्रि बुधवार, 26 फरवरी को मनाई जाएगी। महाशिवरात्रि, भगवान शिव की आराधना का सबसे पावन पर्व है। साल 2025 में महाशिवरात्रि का पर्व कब मनाया जाएगा, शुभ मुहूर्त…

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