शिव सूत्र ओशो (Shiv Sutra)

शिव सूत्र ओशो (Shiv Sutra)

शिव सूत्र ऐसे अद्भुत ग्रंथ हैं जो आध्यात्मिक यात्रा पर चलने वाले साधकों के लिए एक आंतरिक यात्रा आरंभ करने में सहायता करते हैं। इन सूत्रों का भावार्थ समझने से व्यक्ति अपने विचारों की निरंतरता को रोकने और अपने मन को शांत करने में सफल हो सकता है। यह प्राचीन पाठ किसी की आत्मा के…

शिव तंत्र पुस्तक (Shiv Tantra)

शिव तंत्र पुस्तक

शिव तंत्र पुस्तक से आप भगवान शिव की साधन का तरीका प्राप्त कर सकते हैं। शिव को तंत्र का जनक माना जाता है और इन साधना में ज्ञान, भक्ति, और कर्म का संतुलन साधना करने वाले को कुंडलिनी ऊर्जा जागरण और आत्मबोध की ओर ले जाता है। तंत्र साधना एक पूर्वाग्रह और आध्यात्मिक अभ्यास की…

शिव तंत्र रहस्य (Shiv Tantra Rahasya)

शिव तंत्र रहस्य (Shiv Tantra Rahasya)

शिव-तन्त्र रहस्य पुस्तक, जो ‘काश्मीर-शैवदर्शन’ के प्रमुख आचार्य उत्पलदेव की महान कृति ‘ईश्वरप्रत्यभिज्ञाकारिका’ और आचार्य अभिनवगुप्त की व्याख्या ‘विमर्शिनी’ पर आधारित है, में ‘शिव’ का अद्वितीय योगदान और उसकी सत्ता का महत्व बताया गया है। काश्मीर-शैवदर्शन अद्वैतवादी दर्शन को समझाता है, जो जगत को मोक्षप्राप्ति का साधन मानता है, न कि मिथ्या। नर देह, शिव…

नमामि शमीशान निर्वाण रूपं

|| Namami Shamishan Nirvan Roopam || नमामीशमीशान निर्वाणरूपं, विभुं व्यापकं ब्रह्मवेदस्वरूपम् । निजं निर्गुणं निर्विकल्पं निरीहं, चिदाकाशमाकाशवासं भजेहम् ॥ निराकारमोङ्करमूलं तुरीयं, गिराज्ञानगोतीतमीशं गिरीशम् । करालं महाकालकालं कृपालं, गुणागारसंसारपारं नतोहम् ॥ तुषाराद्रिसंकाशगौरं गभिरं, मनोभूतकोटिप्रभाश्री शरीरम् । स्फुरन्मौलिकल्लोलिनी चारुगङ्गा, लसद्भालबालेन्दु कण्ठे भुजङ्गा ॥ चलत्कुण्डलं भ्रूसुनेत्रं विशालं, प्रसन्नाननं नीलकण्ठं दयालम् । मृगाधीशचर्माम्बरं मुण्डमालं, प्रियं शङ्करं सर्वनाथं भजामि ॥ प्रचण्डं…

महामृत्युंजय मंत्र

|| महामृत्युंजय मंत्र || ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम् । उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात् ॥ महामृत्युंजय मंत्र का अर्थ :- हम त्रि-नेत्रीय वास्तविकता का चिंतन करते हैं जो जीवन की मधुर परिपूर्णता को पोषित करता है और वृद्धि करता है। ककड़ी की तरह हम इसके तने से अलग (मुक्त) हों, अमरत्व से नहीं बल्कि मृत्यु…

शिव गायत्री मंत्र

||  Shiv Gayatri Mantra || इस मंत्र का जाप करने से सुख, समृद्धि और एश्वर्य की प्राप्ति होती है। ये मंत्र आपके पापों का भी नाश करता हैं। इस मंत्र का जाप करने से अकाल मृत्यु और गंभीर बीमारियों से मुक्ति मिलती है। शिव गायत्री मंत्र –  ॐ तत्पुरुषाय विदमहे, महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्र प्रचोदयात् |…

शिव महापुराण (Shiv Mahapuran)

शिव महापुराण

शिव महापुराण में भगवान बोलेनाथ के निराकर और साकार रूप का सचित्र वर्णन है। भगवान शिव ही आदिदेव है, भगवान शिव से ही सकल ब्रम्हांड उत्पन्न और लीन हो रहे है। यह पुराण सभी पुराणों में सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण व सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली पुराणों में से एक है। इस पुराण में भगवान शिव के…

दुर्गा स्तुति चमन (Durga Stuti by Chaman)

दुर्गा स्तुति चमन (Durga Stuti by Chaman)

दुर्गा स्तुति / Durga Stuti by Chaman को नियमित रूप से पढ़ने से आपके मन को शांति मिलती है और आपके जीवन से सभी बुराइयां समाप्त होती हैं। इसके चलते, आप स्वस्थ, धनवान और समृद्ध बनते हैं। सर्वोत्तम परिणाम पाने के लिए, सुबह स्नान करके देवी दुर्गा की मूर्ति या तस्वीर के सामने दुर्गा स्तुति…

श्री महादेव आरती

॥ श्री महादेव आरती ॥ हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥ हर हर हर महादेव! आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी। अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी॥ हर हर हर महादेव! ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम त्रिमूर्तिधारी। कर्ता, भर्ता, धर्ता, तुम ही संहारी॥ हर हर हर महादेव! रक्षक, भक्षक, प्रेरक,…

जानिए महाशिवरात्रि के दिन 11 घंटे भद्रा का महत्व और इसका प्रभाव – आपकी पूजा कैसे सफल हो सकती है, जाने इसका रहस्य

lord shiva

महाशिवरात्रि एक ऐसा महापर्व है जो भगवान शिव की आराधना का सबसे बड़ा दिन माना जाता है। इस दिन भक्तजन उपवास रखकर, पूजा-अर्चना करके और शिव मंत्रों का जाप करके भगवान शिव को प्रसन्न करते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस साल महाशिवरात्रि के दिन 11 घंटे भद्रा का साया रहने वाला है?…

श्री संतान गणपति स्तोत्र

॥ श्री संतान गणपति स्तोत्र ॥ नमोऽस्तु गणनाथाय सिद्धिबुद्धियुताय च। सर्वप्रदाय देवाय पुत्रवृद्धिप्रदाय च॥ गुरूदराय गुरवे गोत्रे गुह्यासिताय ते। गोप्याय गोपिताशेषभुवनाय चिदात्मने॥ विश्वमूलाय भव्याय विश्वसृष्टिकराय ते। नमो नमस्ते सत्याय सत्यपूर्णाय शुण्डिने॥ एकदन्ताय शुद्धाय सुमुखाय नमो नमः। प्रपन्नजनपालाय प्रणतार्तिविनाशिने॥ शरणं भव देवेश संततिं सुदृढां कुरु। भविष्यन्ति च ये पुत्रा मत्कुले गणनायक॥ ते सर्वे तव पूजार्थं निरताः…

श्री अच्युताष्टकम्

|| अच्युताष्टकम् || अच्युतं केशवं रामनारायणं कृष्णदामोदरं वासुदेवं हरिम्। श्रीधरं माधवं गोपिकावल्लभं जानकीनायकं रामचन्द्रं भजे॥ अच्युतं केशवं सत्यभामाधवं माधवं श्रीधरं राधिकाराधितम्। इंदिरामन्दिरं चेतसा सुन्दरं देवकीनन्दनं नन्दजं संदधे॥ विष्णवे जिष्णवे शङ्खिने चक्रिणे रूक्मिणीरागिणे जानकीजानये। वल्लवीवल्लभायार्चितायात्मने कंसविध्वंसिने वंशिने ते नम:॥ कृष्ण गोविन्दहे राम नारायण श्रीपते वासुदेवाजित श्रीनिधे। अच्युतानन्त हे माधवाधोक्षज द्वारकानायक द्रौपदीरक्षक॥ राक्षसक्षोभित: सीतया शोभितो दण्डकारण्यभूपुण्यताकारण:। लक्ष्मणेनान्वितो…

श्रीविश्वनाथमङ्गलस्तोत्रम्

|| श्रीविश्वनाथमङ्गलस्तोत्रम् || गङ्गाधरं शशिकिशोरधरं त्रिलोकी- रक्षाधरं निटिलचन्द्रधरं त्रिधारम् । भस्मावधूलनधरं गिरिराजकन्या- दिव्यावलोकनधरं वरदं प्रपद्ये ॥ काशीश्वरं सकलभक्तजनातिहारं विश्वेश्वरं प्रणतपालनभव्यभारम् । रामेश्वरं विजयदानविधानधीरं गौरीश्वरं वरदहस्तधरं नमामः ॥ गङ्घोत्तमाङ्ककलितं ललितं विशालं तं मङ्गलं गरलनीलगलं ललामम् । श्रीमुण्डमाल्यवलयोज्ज्वलमञ्जुलीलं लक्ष्मीशवरार्चितपदाम्बुजमाभजामः ॥ दारिव्र्यदुःखदहनं कमनं सुराणां दीनार्तिदावदहनं दमनं रिपूणाम् । दानं श्रियां प्रणमनं भुवनाधिपानां मानं सतां वृषभवाहनमानमामः ॥ श्रीकृष्णचन्द्रशरणं रमणं…

सांझी माता की आरती

|| सांझी माता की आरती || आरता री आरता, सांझी माई आरता, आरता के मूर्ख, चमेली का डोरा, डोरा री डोरा, सांझी का भैया गोरा, गोरी बावड़िया, चमके चुड़ला, अस्सी तेरे पान, पिचासी तेरे …… नो नोर्ते देवी के, सोलह कनागत पितरो के, उठ मेरी देवी खोल किवाड़, पूजन आये तेरे दरबार, पूजा-पाठ के क्या…

बाबा बालक नाथ आरती

।। बाबा बालक नाथ आरती ।। ओम जय कलाधारी हरे, स्वामी जय पौणाहारी हरे भगत जनों की नइया, भव से पार करे। ओ३म् जय… बालक उम्र सुहानी, नाम बाबा बालक नाथा। अमर हुए शंकर से, सुन कर अमर गाथा। ओम जय कलाधारी हरे… शीश पे बाल सुनहरी, गल रूद्राक्षी माला हाथ में झोली चिमटा, आसन…

मां पार्वती के नाम पर रखे लड़कियों के नाम

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हिन्दू धर्म के अनुसार बेटियों को घर की लक्ष्मी माना जाता है। आप भी आपकी प्यारी बिटियाँ का नाम माँ पार्वती के नाम पर रख कर लक्ष्मी जी की कृपा पा सकते हैं और घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। इस लेख के द्वारा  कुछ ऐसे सुंदर और अर्थपूर्ण नामों के बारे…

Maa Baglamukhi Sadhna Book (माँ बगलामुखी साधना विधि)

Maa Baglamukhi Sadhna Book (माँ बगलामुखी साधना विधि )

बगलामुखी माँ की साधना शुत्रओं पर विजय प्राप्ति, भय मुक्ति, वाद-विवाद में विजय और वाक सिद्धि के लिए किया जाता है। तांत्रिक क्रियाओं के लिए भी मां पीतांबरा की साधना होती है। मां की कृपा से भक्त सभी प्रकार की बाधाओं से दूर होता है। जीवन में खुशहाली बनी रहती है। माँ बगलामुखी के बारे…

गोपाल सहस्त्रनाम

|| Gopal Sahastranam Stotram || 1 ॐ हरये स्वाहा। 2 ॐ देवकीनंदनाय स्वाहा। 3 ॐ कंसहन्त्रे स्वाहा। 4 ॐ परात्मने स्वाहा। 5 ॐ पीताम्बराय स्वाहा। 6 ॐ पूर्णदेवाय स्वाहा। 7 ॐ रमेशाय स्वाहा। 8 ॐ कृष्णाय स्वाहा। 9 ॐ परेशाय स्वाहा। 10 ॐ पुराणाय स्वाहा। 11 ॐ सुरेशाय स्वाहा। 12 ॐ अच्युताय स्वाहा। 13 ॐ…

प्रेम दर्शन (Prem Darshan)

प्रेम दर्शन (Prem Darshan)

प्रेम दर्शन हनुमान प्रसाद पोद्दार द्वारा लिखित एक अनुपम आध्यात्मिक ग्रंथ है, जो प्रेम के गूढ़ दर्शन और उसकी शाश्वत महिमा पर आधारित है। यह पुस्तक प्रेम को केवल एक भावना तक सीमित न रखते हुए, उसे मानव जीवन का सर्वश्रेष्ठ मार्ग और परम उद्देश्य बताती है। हनुमान प्रसाद पोद्दार, जिन्हें “भाईजी” के नाम से…

मानवता अंक (Manavta Ank)

मानवता अंक (Manavta Ank)

मानवता अंक एक अद्भुत और प्रेरणादायक पुस्तक है, जिसे महान आध्यात्मिक गुरु और लेखक पंडित श्री रामनारायणदत्त जी शास्त्री द्वारा रचित किया गया है। यह ग्रंथ न केवल मानव जीवन के उद्देश्यों को समझने में मदद करता है, बल्कि इसमें जीवन की नैतिकता, आध्यात्मिकता और सामाजिक सेवा की भावना को भी गहराई से वर्णित किया…

ब्रजविलास (Brajvilas)

ब्रजविलास (Brajvilas)

ब्रजविलास एक प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथ है, जो भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं और ब्रजभूमि की महिमा का विस्तार से वर्णन करता है। यह ग्रंथ भक्तों के लिए न केवल आध्यात्मिक ज्ञान का स्रोत है, बल्कि ब्रज क्षेत्र की संस्कृति, परंपरा और धार्मिक महत्व को भी समझने का एक अनूठा माध्यम है। ब्रजविलास ग्रंथ के रचयिता…

राम लक्ष्मण के संग जानकी – भजन

|| राम लक्ष्मण के संग जानकी || राम लक्ष्मण के संग जानकी, जय बोलो हनुमान की, राम लक्ष्मण के संग जानकी, जय बोलो हनुमान की || बल बुद्धि हमे ज्ञान दो, नित पापो से हम सब टले, बल बुद्धि हमे ज्ञान दो, नित पापो से हम सब टले, बैठ कर तेरे द्वारे पे हम, तेरे…

तलवकारोपनिषद् (Talvakaropanishada)

तलवकारोपनिषद् (Talvakaropanishada)

तलवकारोपनिषद्, जिसे केनोपनिषद् के नाम से भी जाना जाता है, प्राचीन भारतीय वैदिक साहित्य का एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है। यह उपनिषद् सामवेद के अंतर्गत आता है और इसमें गहन दार्शनिक विषयों को सरल और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इस उपनिषद् का मुख्य उद्देश्य ब्रह्म (सर्वोच्च सत्य) और आत्मा के स्वरूप को समझाना…

Saraswati Panchali

Saraswati Panchali

सरस्वती वंदना या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता। या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना॥ या ब्रह्माच्युत शंकरप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता। सा माम् पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥1॥ शुक्लाम् ब्रह्मविचार सार परमाम् आद्यां जगद्व्यापिनीम्। वीणा-पुस्तक-धारिणीमभयदां जाड्यान्धकारापहाम्॥ हस्ते स्फटिकमालिकाम् विदधतीम् पद्मासने संस्थिताम्। वन्दे ताम् परमेश्वरीम् भगवतीम् बुद्धिप्रदाम् शारदाम्॥2॥ सरस्वती उपासना मंत्र सरस्वती नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणी, विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु में सदा। पूजा मंत्र या…

श्री शालिग्राम आरती

।। आरती ।। शालिग्राम सुनो विनती मेरी । यह बरदान दयाकर पाऊं ।। प्रात: समय उठी मंजन करके । प्रेम सहित सनान कराऊँ ।। शालिग्राम सुनो विनती मेरी… चन्दन धुप दीप तुलसीदल । वरन -बरन के पुष्प चढ़ाऊँ ।। शालिग्राम सुनो विनती मेरी… तुम्हरे सामने नृत्य करूँ नित । प्रभु घंटा शंख मृदंग बजाऊं ।।…

धर्मराज आरती

|| धर्मराज आरती || धर्मराज कर सिद्ध काज, प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी । पड़ी नाव मझदार भंवर में, पार करो, न करो देरी ॥ ॥ धर्मराज कर सिद्ध काज..॥ धर्मलोक के तुम स्वामी, श्री यमराज कहलाते हो । जों जों प्राणी कर्म करत हैं, तुम सब लिखते जाते हो ॥ अंत समय में सब…

श्री गोदावरी आरती

।। गोदावरी आरती ।। श्री आरती गोदावरी । उगमस्थ ब्रह्मगिरी । कुशावर्त गंगाद्वारी । माता श्री त्र्यंबकेश्वरी ।। जय पतित पावनी । निवृत्ति नाथाचरणी । गौतम श्री जटाधारी । वरदात्री गोदावरी ।। जय अमृत वाहिनी । वरदा माता अंजनी । वंदन श्री रामभूमी । कुंभपात्री गोदावरी ।। जय जीवन दायिनी । गोवर्धन जनस्थानी । नाथसागरा…

माँ ताप्ती की आरती

|| आरती || ॐ जय ताप्ती माता, मैया जय ताप्ती माता। तीनो लोक निस दिन ध्यावत, नारद गुण गाता।। || ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।। सूर्य देव है पिता तिहारे, छाया संज्ञा माता। सावित्री यमुना भगिनी तिहारी, यम शनि भ्राता।। || ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।। सूर्य…

श्री पांडुरंगा अष्टकम

|| पांडुरंगा अष्टकम || महायोगपीठे तटे भीमरथ्या वरं पुंडरीकाय दातुं मुनीद्रैः । समागत्य तिष्टंतमानंदकदं परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगं ॥ तडिद्वाससं नीलमेघावभासं रमामंदिरं सुंदरं चित्प्रकाशम् । वरं त्विष्टिकायां समन्यस्तपादं परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगं ॥ प्रमाणं भवाब्धेरिदं मामकानां नितंबः कराभ्यां धृतो येन तस्मात् । विधातुर्वसत्यै धृतो नाभिकोशः परब्रह्मलिंगं भजे पांडुरंगं ॥ स्फुरत्कौस्तुभालंकृतं कंठदेशे श्रिया जुष्टकेयूरकं श्रीनिवासम् । शिवं शान्तमीड्यं…

श्री गौरीशाष्टकम

॥ श्री गौरीशाष्टकम ॥ भज गौरीशं भज गौरीशंगौरीशं भज मन्दमते। जलभवदुस्तरजलधिसुतरणंध्येयं चित्ते शिवहरचरणम्। अन्योपायं न हि न हि सत्यंगेयं शङ्कर शङ्कर नित्यम्। भज गौरीशं भज गौरीशंगौरीशं भज मन्दमते॥ दारापत्यं क्षेत्रं वित्तंदेहं गेहं सर्वमनित्यम्। इति परिभावय सर्वमसारंगर्भविकृत्या स्वप्नविचारम्। भज गौरीशं भज गौरीशंगौरीशं भज मन्दमते॥ मलवैचित्ये पुनरावृत्ति:पुनरपि जननीजठरोत्पत्ति:। पुनरप्याशाकुलितं जठरं किंनहि मुञ्चसि कथयेश्चित्तम्। भज गौरीशं भज गौरीशंगौरीशं…

कष्ट हरण अष्टक

|| कष्ट हरण अष्टक || जय गुरुदेव अलख अभेव अतल अखेव सुखधाम। अज्ञा दुखहारी नित सुखकारी मंगलकारी तव नाम। कष्ट कटीजे दुःख हरीजे सभ सुख कीजे अभिरामा। हे सर्वेश्वर हे परमेश्वर हे जगदीश्वर सत कामा। भो भगवंता सर्व नियंता मेतहुं चिंता भयभरी। रखऊं शरणा अपने चरणा जनमहि मरणा कट जरी। दीजे सुमति हरिए कुमति निर्मल…

श्री राधे गोविंदा मन भज ले हरि का प्यारा नाम है

|| श्री राधे गोविंदा मन भज ले हरि का प्यारा नाम है || श्री राधे गोविंदा, मन भज ले हरी का प्यारा नाम है । गोपाला हरी का प्यारा नाम है, नंदलाला हरी का प्यारा नाम है ॥ मोर मुकुट सर गल बन माला, केसर तिलक लगाए, वृन्दावन में कुञ्ज गलिन में सब को नाच…

रामजी की निकली सवारी रामजी की लीला है न्यारी

|| रामजी की निकली सवारी रामजी की लीला है न्यारी || सर पे मुकुट सजे मुख पे उजाला हाथ धनुष गले में पुष्प माला हम दास इनके ये सबके स्वामी अंजान हम ये अंतरयामी शीश झुकाओ राम गुण गाओ बोलो जय विष्णु के अवतारी रामजी की निकली सवारी, रामजी की लीला है, एक तरफ लक्ष्मण…

श्रीमान नारायण नाम संकीर्तन

|| श्रीमान नारायण नाम संकीर्तन || श्रीमन्नारायण नारायण नारायण नारायण ।टेक। लक्ष्मीनारायण नारायण नारायण नारायण बद्रीनारायण नारायण नारायण नारायण मुक्तिनारायण नारायण नारायण नारायण सत्यनारायण नारायण नारायण नारायण गोदानारायण नारायण नारायण नारायण वेंकटनारायण नारायण नारायण नारायण श्रीविष्णुपुराण भागवत गीता (स्वमी), वाल्मीकिजीकी रामायण । श्रीमन्नारायण नारायण नारायण नारायण ॥ चारिहूँ वेद पुराण अष्टादश, वेदव्यासजी की पारायण ।…

पकड़ लो हाथ बनवारी

|| पकड़ लो हाथ बनवारी || पकड़ लो हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे, हमारा कुछ ना बिगड़ेगा, तुम्हारी लाज जाएगी, पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब जाएंगे ॥ धरी है पाप की गठरी, हमारे सर पे ये भारी, वजन पापो का है भारी, इसे कैसे उठाऐंगे, पकड़ लों हाथ बनवारी, नहीं तो डूब…

हमारे साथ श्री रघुनाथ

|| हमारे साथ श्री रघुनाथ || हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता । शरण में रख दिया जब माथ तो किस बात की चिंता । किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता । किया करते हो तुम दिन रात क्यों बिन बात की चिंता । तेरे स्वामी, तेरे…

जय श्री श्याम जपो जय श्री श्याम

|| जय श्री श्याम जपो जय श्री श्याम || जय श्री श्याम जपो, जय श्री श्याम, पल में बनेंगे तेरे, बिगड़े काम, रोग शोक मिटे सब यहाँ, है चमत्कारी यह खाटू धाम, जय श्री श्याम जपों, जय श्री श्याम, पल में बनेंगे तेरे, बिगड़े काम ॥ जाने तेरी महिमा ये संसार, खाटू वाले शक्ति तेरी…

श्री हनुमान साठिका

|| श्री हनुमान साठिका || जय जय जय हनुमान अडंगी । महावीर विक्रम बजरंगी ॥ जय कपीश जय पवन कुमारा । जय जगबन्दन सील अगारा ॥ जय आदित्य अमर अबिकारी । अरि मरदन जय-जय गिरधारी ॥ अंजनि उदर जन्म तुम लीन्हा । जय-जयकार देवतन कीन्हा ॥ बाजे दुन्दुभि गगन गम्भीरा । सुर मन हर्ष असुर…

जग में सुंदर हैं दो नाम

|| जग में सुंदर हैं दो नाम || जग में सुन्दर हैं दो नाम, चाहे कृष्ण कहो या राम । बोलो राम राम राम, बोलो श्याम श्याम श्याम ॥ माखन ब्रज में एक चुरावे, एक बेर भिलनी के खावे । प्रेम भाव से भरे अनोखे, दोनों के हैं काम ॥ बोलो राम राम राम, बोलो…

राधा कौन से पुण्य किए तूने

|| राधा कौन से पुण्य किए तूने || राधा कौन से पुण्य किये तूने, जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥ राधा जब सोलह शृंगार करे, प्रभ दर्पण आप दिखाते है, राधा कौन से पुण्य किये तूने, जो हरि रोज तेरे घर आते हैं ॥ राधा जब पनघट पे जावे, प्रभु मटकी आप उठाते…

भर दे रे श्याम झोली भर दे

|| भर दे रे श्याम झोली भर दे || भरदे रे श्याम झोली भरदे, भरदे, ना बहला ओ बातों में, ना बहला ओ, बातों में ॥ नादान है अनजान हैं, श्याम तू ही मेरा भगवान है, तुझे चाहूं तुझे पाऊं, मेरे दिल का यही अरमान है, पढ़ ले रे श्याम दिल की पढ़ले, सब लिखा…

मेरी अंखियों के सामने ही रहना मां जगदंबे

|| मेरी अंखियों के सामने ही रहना मां जगदंबे || मेरी अखियों के सामने ही रहना, माँ शेरों वाली जगदम्बे। ॥ मेरी अखियों के सामने…॥ हम तो चाकर मैया तेरे दरबार के, भूखे हैं हम तो मैया बस तेरे प्यार के॥ ॥ मेरी अखियों के सामने…॥ विनती हमारी भी अब करो मंज़ूर माँ, चरणों से…

श्री गिरिजा माता आरती

|| श्री गिरिजा माता आरती || ॐ जय गिरिजा मैय्या, माँ जय गिरिजा मैय्या, जो जन तुमको ध्याता, जो जन तुमको ध्याता, अनुपम सुख पाता, ॐ जय गिरिजा मैय्या, ॐ जय गिरिजा मैय्या, माँ जय गिरिजा मैय्या, जो जन तुमको ध्याता, जो जन तुमको ध्याता, अनुपम सुख पाता, ॐ जय गिरिजा मैय्या, कोशी नदी सुहावनि,…

वृंदावन के ओ बांके बिहारी

|| वृंदावन के ओ बांके बिहारी || वृन्दावन के ओ बांके बिहारी, हमसे पर्दा करो ना मुरारी ॥ हम तुम्हारे पराये नही है, गैर के दर पे आये नहीं है, हम तुम्हारे पुराने पुजारी, हम तुम्हारे पुराने पुजारी, हमसे पर्दा करो ना मुरारी, वृन्दावन के ओ बांके बिहारी ॥ हरिदास के राज दुलारे, नन्द यशोदा…

जय बजरंगबली जय हनुमान

|| जय बजरंगबली जय हनुमान || जय बजरंगी जय हनुमाना, रुद्र रूप जय जय बलवाना, पवनसुत जय राम दुलारे, संकट मोचन सिय मातु के प्यारे ॥ जय वज्रकाय जय राम केरू दासा, हृदय करतु सियाराम निवासा, न जानहु नाथ तोहे कस गोहराई, राम भक्त तोहे राम दुहाई ॥ विनती सुनहु लाज रखहु हमारी, काज कौन…

देव हो देव गणपति देव

|| देव हो देव गणपति देव || गणपति बाप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया गणपति बाप्पा मोरया मंगल मूर्ति मोरया ॥ मोरया रे बाप्पा मोरया रे ॥ मोरया रे बाप्पा मोरया रे ॥ देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे बढ़कर कौन ॥ देवा हो देवा गणपति देवा तुमसे बढ़कर कौन स्वामी तुमसे…

राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना

|| राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना || पार ना लगोगे श्री राम के बिना, राम ना मिलेगे हनुमान के बिना। राम ना मिलेगे हनुमान के बिना, श्री राम ना मिलेंगे हनुमान के बिना। वेदो ने पुराणो ने कह डाला, राम जी का साथी बजरंग बाला। जीये हनुमान नही राम के बिना, राम भी रहे…

श्री हरि शरणाष्टकम्

॥ श्री हरि शरणाष्टकम् ॥ ध्येयं वदन्ति शिवमेव हि केचिदन्ये शक्तिं गणेशमपरे तु दिवाकरं वै। रूपैस्तु तैरपि विभासि यतस्त्वमेव तस्मात्त्वमेव शरणं मम दीनबन्धो॥ नो सोदरो न जनको जननी न जाया नैवात्मजो न च कुलं विपुलं बलं वा। संदृष्यते न किल कोऽपि सहायको मे तस्मात्त्वमेव शरणं मम दीनबन्धो॥ नोपासिता मदमपास्य मया महान्तस्तीर्थानि चास्तिकधिया न हि सेवितानि।…

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