माँ ताप्ती की आरती

|| आरती ||

ॐ जय ताप्ती माता, मैया जय ताप्ती माता।
तीनो लोक निस दिन ध्यावत, नारद गुण गाता।।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

सूर्य देव है पिता तिहारे, छाया संज्ञा माता।
सावित्री यमुना भगिनी तिहारी, यम शनि भ्राता।।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

सूर्य वंश में जन्म लिया, बनी चन्द्रवंश ब्याहता।
कुरू वंश की तुम जननी, तुम ही कुरू माता।।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

तेरा परस जो कोई पावे, नव जीवन पाता।
तेरा दरश जो कोई पावे, जन्म सफल हो जाता।।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

उठ प्रभात कर स्नान ध्यान, नित पाप उतर जाता।
तेरे दर जो कोई आता, ऋद्धि- सिद्धि धन पाता।।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

मां ताप्ती की शरण में, जो कोई जन आता।
शनि का भय न होवे, राहू नही धमकाता।।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

सूर्यपुत्री ताप्ती की महिमा, जो कोई जन गाता।
भव सागर तर जाता, कीर्ति विजय पाता।

|| ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।।

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