|| हनुमान् माला मंत्रम् || ॐ ह्रौं क्ष्रौं ग्लौं हुं ह्सौं ॐ नमो भगवते पंचवक्त्र हनूमते प्रकट पराक्रमाक्रांत सकलदिङ्मंडलाय, निजकीर्ति स्फूर्तिधावल्य वितानायमान जगत्त्रितयाय, अतुलबलैश्वर्य रुद्रावताराय, मैरावण मदवारण गर्व निर्वापणोत्कंठ कंठीरवाय, ब्रह्मास्त्रगर्व सर्वंकषाय, वज्रशरीराय, लंकालंकारहारिणे, तृणीकृतार्णवलंघनाय, अक्षशिक्षण विचक्षणाय, दशग्रीव गर्वपर्वतोत्पाटनाय, लक्ष्मण प्राणदायिने, सीतामनोल्लासकराय, राममानस चकोरामृतकराय, मणिकुंडलमंडित गंडस्थलाय, मंदहासोज्ज्वलन्मुखारविंदाय, मौंजी कौपीन विराजत्कटितटाय, कनकयज्ञोपवीताय, दुर्वार वारकीलित लंबशिखाय, तटित्कोटि…