विनय पचासा
|| Banke Bihari Chalisa (Vinay Pachasa) || ॥ दोहा ॥ बांकी चितवन कटि लचक, बांके चरन रसाल। स्वामी श्री हरिदास के बांके बिहारी लाल॥ ॥ चौपाई ॥ जै जै जै श्री बाँकेबिहारी, हम आये हैं शरण तिहारी। स्वामी श्री हरिदास के प्यारे, भक्तजनन के नित रखवारे। श्याम स्वरूप मधुर मुसिकाते, बड़े-बड़े नैन नेह बरसाते। पटका पाग…