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नववर्ष 2026 में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना रुक सकती है देव कृपा

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नया साल सिर्फ कैलेंडर बदलने की तारीख नहीं है, बल्कि यह ऊर्जा (Energy) के परिवर्तन का एक बड़ा मौका होता है। वर्ष 2026 का आगमन नई उम्मीदें लेकर आ रहा है। अंक ज्योतिष के अनुसार, 2026 का कुल योग (2+0+2+6 = 10 = 1) है, जो सूर्य का अंक है। सूर्य यानी शक्ति, अधिकार और ऊर्जा।

ऐसे शक्तिशाली वर्ष में छोटी सी भी लापरवाही या ‘नकारात्मक कर्म’ आपके बनते कार्यों में बाधा डाल सकते हैं। अक्सर हम पूजा-पाठ तो खूब करते हैं, लेकिन कुछ ऐसी बुनियादी गलतियां कर बैठते हैं जिससे ‘देव कृपा’ (Divine Blessings) घर में ठहर नहीं पाती। आइये जानते हैं, वो कौन सी 5 बड़ी गलतियां हैं जिन्हें आपको 2026 की शुरुआत में करने से हर हाल में बचना चाहिए।

मुख्य द्वार की अनदेखी – लक्ष्मी के मार्ग में बाधा

अक्सर हम घर की सजावट तो करते हैं, लेकिन मुख्य द्वार (Main Entrance) को नजरअंदाज कर देते हैं। वास्तु शास्त्र में कहा गया है कि “द्वार ही देवता का मुख है।”

  • गलती – 31 दिसंबर की रात या 1 जनवरी की सुबह मुख्य द्वार के ठीक सामने जूते-चप्पलों का ढेर लगा रहना या वहां अंधेरा होना।
  • प्रभाव – यह सकारात्मक ऊर्जा को घर में घुसने से पहले ही रोक देता है।
  • 2026 के लिए सलाह – नए साल के पहले दिन मुख्य द्वार को केवल साफ ही न करें, बल्कि वहां ‘स्वास्तिक’ बनाएं और हल्दी के पानी का छिड़काव करें। यह देव कृपा को सीधे आमंत्रित करता है।

टूटी हुई वस्तुओं और कबाड़ का मोह

वर्ष 2026 ‘सूर्य’ का वर्ष है और सूर्य को स्पष्टता (Clarity) पसंद है। अगर आपके घर में ऐसी चीजें हैं जो खंडित हैं, तो वे राहु का प्रभाव बढ़ाती हैं।

  • गलती – घर के कोनों में बंद पड़ी घड़ियाँ, टूटा हुआ कांच, या जंग लगा लोहा संभाल कर रखना। कई लोग सोचते हैं “कभी काम आएगा”, लेकिन यह ‘दरिद्रता’ को न्योता देना है।
  • प्रभाव – बंद घड़ियाँ आपके ‘वक्त’ को रोक देती हैं और टूटा कांच रिश्तों में दरार लाता है।
  • सुझाव – नववर्ष से पहले घर से ‘अटाला’ (Clutter) बाहर निकालें। जगह खाली होगी, तभी तो नया भाग्य वहां अपना स्थान बना पाएगा।

‘अन्न’ और ‘जल’ का अपमान

भारतीय संस्कृति में अन्न को ब्रह्म और जल को वरुण देव माना गया है। नए साल की पार्टी के जोश में अक्सर यह गलती सबसे ज्यादा होती है।

  • गलती – थाली में झूठन छोड़ना या नल से पानी का टपकते रहना। विशेषकर नए साल के पहले दिन भोजन की बर्बादी करना शास्त्रों में ‘दोष’ माना गया है।
  • प्रभाव – यह सीधे तौर पर चंद्रमा और शुक्र को कमजोर करता है, जिससे धन (Cash Flow) की समस्या साल भर बनी रह सकती है।
  • क्या करें – संकल्प लें कि 2026 में उतना ही भोजन लेंगे जितना खाना है। रसोइ घर (Kitchen) को रात में गंदा छोड़कर न सोएं।

ब्रह्म मुहूर्त में ‘नेगेटिविटी’ का सेवन

आजकल की सबसे बड़ी गलती डिजिटल है। हमारी सुबह की शुरुआत ही गलत होती है।

  • गलती – 1 जनवरी की सुबह आंख खुलते ही सबसे पहले मोबाइल देखना, सोशल मीडिया पर नकारात्मक खबरें पढ़ना या किसी से झगड़ा करना।
  • प्रभाव – शास्त्र कहते हैं कि वर्ष की पहली सुबह का पहला विचार आपके पूरे साल की मानसिक स्थिति तय करता है। बेड-टी (Bed Tea) के नाम पर बिना कुल्ला किए भोजन/चाय ग्रहण करना भी देव कृपा को रोकता है।
  • सुझाव – 2026 की पहली सुबह अपनी हथेलियों के दर्शन (कराग्रे वसते लक्ष्मी) से करें और ईश्वर को धन्यवाद दें। मोबाइल को पहले एक घंटे तक खुद से दूर रखें।

पुराने कर्ज़ और उधार को टालना

आध्यात्मिक नियमों के अनुसार, ऊर्जा का प्रवाह लेन-देन पर टिका है।

  • गलती – यदि आप सक्षम हैं, फिर भी जानबूझकर किसी का पैसा रोके हुए हैं और नए साल का जश्न मना रहे हैं, तो यह शनि देव को रुष्ट करता है।
  • प्रभाव – 2026 में आप कितनी भी पूजा कर लें, अगर किसी का ‘हक’ मारा है, तो बरकत नहीं होगी।
  • सुझाव – हो सके तो नए साल से पहले छोटे-मोटे उधार चुकता करें। यदि संभव न हो, तो कम से कम लेनदार से बात करके उन्हें आश्वस्त करें। नीयत साफ रखने से ही देव कृपा मिलती है।

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