महिमा भोलेनाथ की सुनाएंगे

|| महिमा भोलेनाथ की सुनाएंगे || जय जय नमामि शंकर, गिरिजापति नमामि शंकर, जटा जूट भुजंग भयंकर, महिमा भोलेनाथ की सुनाएंगे, जय शिव शम्भू बोल बाबा आएंगे, शम्भो शम्भो बोल बाबा आएंगे ॥ शिवशंकर कैलाश के वासी, नाथ सुने सबकी करुणा, मन की शंका दूर करेगा, ले बम भोले की शरणा, सिर पर तेरे हाथ…

श्री सूक्तम्

|| श्री सूक्तम् PDF || हिरण्यवर्णां हरिणीं सुवर्णरजतस्र​जाम्। चन्द्रां हिरण्मयीं लक्ष्मीं जातवेदो म आवह॥1॥ तां म आवह जातवेदो लक्ष्मीमनपगामिनीम्। यस्यां हिरण्यं विन्देयं गामश्वं पुरुषानहम्॥2॥ अश्वपूर्वां रथमध्यां हस्तिनादप्रबोधिनीम्। श्रियं देवीमुपह्वये श्रीर्मा देवी जुषताम्॥3॥ कां सोस्मितां हिरण्यप्राकारामार्द्रां ज्वलन्तीं तृप्तां तर्पयन्तीम्। पद्मे स्थितां पद्मवर्णां तामिहोपह्वये श्रियम्॥4॥ चन्द्रां प्रभासां यशसा ज्वलन्तीं श्रियं लोके देवजुष्टामुदाराम्। तां पद्मिनीमीं शरणमहं प्रपद्येऽलक्ष्मीर्मे नश्यतां…

मैं ढूँढता तुझे था – प्रार्थना

|| मैं ढूँढता तुझे था – प्रार्थना || मैं ढूँढता तुझे था, जब कुंज और वन में । तू खोजता मुझे था, तब दीन के सदन में ॥ तू ‘आह’ बन किसी की, मुझको पुकारता था । मैं था तुझे बुलाता, संगीत में भजन में ॥ मेरे लिए खड़ा था, दुखियों के द्वार पर तू…

ಶ್ರೀ ಸೂಕ್ತಮ್

|| శ్రీ సూక్తం (Shri Suktam Telugu PDF) || హిరణ్యవర్ణాం హరిణీం సువర్ణరజతస్ర​జాం. చంద్రాం హిరణ్మయీం లక్ష్మీం జాతవేదో మ ఆవహ..1.. తాం మ ఆవహ జాతవేదో లక్ష్మీమనపగామినీం. యస్యాం హిరణ్యం విందేయం గామశ్వం పురుషానహం..2.. అశ్వపూర్వాం రథమధ్యాం హస్తినాదప్రబోధినీం. శ్రియం దేవీముపహ్వయే శ్రీర్మా దేవీ జుషతాం..3.. కాం సోస్మితాం హిరణ్యప్రాకారామార్ద్రాం జ్వలంతీం తృప్తాం తర్పయంతీం. పద్మే స్థితాం పద్మవర్ణాం తామిహోపహ్వయే శ్రియం..4.. చంద్రాం ప్రభాసాం యశసా జ్వలంతీం శ్రియం లోకే దేవజుష్టాముదారాం. తాం పద్మినీమీం…

मैं आया हूं तेरे द्वारे, गणराज गजानन प्यारे

|| मैं आया हूं तेरे द्वारे, गणराज गजानन प्यारे || मैं आया हूँ तेरे द्वारे, गणराज गजानन प्यारे ॥ दोहा – प्रथमे गौरा जी को वंदना, द्वितीये आदि गणेश, तृतीये सुमिरा माँ शारदा, मेरे कारज करो हमेश। पहले किसे मनाइए, और किसका कीजे ध्यान, मात पिता गुरु आपणा, सकल पुरुष का नाम ॥ मैं आया…

ஶ்ரீ ஸூக்தம்

|| ஶ்ரீ ஸூக்தம் (Shri Suktam Tamil PDF) || ஹிரண்யவர்ணாம்ʼ ஹரிணீம்ʼ ஸுவர்ணரஜதஸ்ர​ஜாம். சந்த்³ராம்ʼ ஹிரண்மயீம்ʼ லக்ஷ்மீம்ʼ ஜாதவேதோ³ ம ஆவஹ..1.. தாம்ʼ ம ஆவஹ ஜாதவேதோ³ லக்ஷ்மீமனபகா³மினீம். யஸ்யாம்ʼ ஹிரண்யம்ʼ விந்தே³யம்ʼ கா³மஶ்வம்ʼ புருஷானஹம்..2.. அஶ்வபூர்வாம்ʼ ரத²மத்⁴யாம்ʼ ஹஸ்திநாத³ப்ரபோ³தி⁴னீம். ஶ்ரியம்ʼ தே³வீமுபஹ்வயே ஶ்ரீர்மா தே³வீ ஜுஷதாம்..3.. காம்ʼ ஸோஸ்மிதாம்ʼ ஹிரண்யப்ராகாராமார்த்³ராம்ʼ ஜ்வலந்தீம்ʼ த்ருʼப்தாம்ʼ தர்பயந்தீம். பத்³மே ஸ்தி²தாம்ʼ பத்³மவர்ணாம்ʼ தாமிஹோபஹ்வயே ஶ்ரியம்..4.. சந்த்³ராம்ʼ ப்ரபா⁴ஸாம்ʼ யஶஸா ஜ்வலந்தீம்ʼ ஶ்ரியம்ʼ லோகே தே³வஜுஷ்டாமுதா³ராம். தாம்ʼ பத்³மினீமீம்ʼ…

मैं बेटा हूँ महाकाल का

|| मैं बेटा हूँ महाकाल का || दीवाना हूँ महाकाल का, उज्जैन के सरकार का, भोले बाबा मेरे है, मैं बेटा हूँ महाकाल का, दीवाना हूँ महाकाल का, उज्जैन के सरकार का ॥ दरबार तेरे आऊंगा, तेरी भक्ति में रंग जाऊंगा, सब भक्तो के साथ मिलकर, तेरी जय जयकार लगाऊंगा, ना घेरा हो कोई काल…

पुरुष सूक्तम्

|| पुरुष सूक्तम् (Purusha Suktam PDF) || ॐ सहस्त्रशीर्षा पुरुष:सहस्राक्ष:सहस्रपात्। स भूमि सर्वत: स्पृत्वाSत्यतिष्ठद्द्शाङ्गुलम् ॥ पुरुषSएवेदं सर्व यद्भूतं यच्च भाव्यम्। उतामृतत्यस्येशानो यदन्नेनातिरोहति॥ एतावानस्य महिमातो ज्यायाँश्च पूरुषः। पादोSस्य विश्वा भूतानि त्रिपादस्यामृतं दिवि॥ त्रिपादूर्ध्व उदैत्पुरुष:पादोSस्येहाभवत्पुनः। ततो विष्वङ् व्यक्रामत्साशनानशनेSअभि॥ ततो विराडजायत विराजोSअधि पूरुषः। स जातोSअत्यरिच्यत पश्चाद्भूमिमथो पुर:॥ तस्माद्यज्ञात्सर्वहुत: सम्भृतं पृषदाज्यम्। पशूंस्न्ताँश्चक्रे वायव्यानारण्या ग्राम्याश्च ये॥ तस्माद्यज्ञात् सर्वहुतSऋचः सामानि जज्ञिरे।…

लड्डू गोपाल मेरा, छोटा सा है लला मेरा

|| लड्डू गोपाल मेरा, छोटा सा है लला मेरा || लड्डू गोपाल मेरा, लड्डू गोपाल । छोटा सा है लला मेरा, करतब करे कमाल, सबसे पहले मुझे जगाओ, फिर गंगा जल से नहलाओ, नई नई पोशाक बनाओ, बदल बदल कर के पहनाओ. केसर चन्दन तिलक लगाओ, गल फूलो की माल, ॥ लड्डू गोपाल मेरा…॥ सिर…

लाड़ली अद्भुत नजारा, तेरे बरसाने में है

|| लाड़ली अद्भुत नजारा, तेरे बरसाने में है || लाड़ली अद्भुत नजारा, तेरे बरसाने में है, बेसहारों को सहारा, तेरे बरसाने में है। लाडली अद्भुत नजारा, तेरे बरसाने में है ॥ झांकीया तेरे महल की, कर रहे सब देवगण, आ गया बैकुंठ सारा, तेरे बरसाने में है, आ गया बैकुंठ सारा, तेरे बरसाने में है…

लागी लागी है लगन म्हाने श्याम नाम की

|| लागी लागी है लगन म्हाने श्याम नाम की || लागी लागी है लगन, म्हाने श्याम नाम की, भागी भागी म्हारे हिवड़े ने, यारी श्याम की, म्हारे नैणा के झरोखें में है, सूरत श्याम की, भागी भागी म्हारे हिवड़े ने, यारी श्याम की ॥ श्याम की धुन में मगन रवा म्हे, नित सांवरिये का भजन…

लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है

|| लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है || लाल लंगोटे वाले वीर हनुमान है, हनुमान गढ़ी में बैठे, अयोध्या की शान है, लाल लंगोटे वालें वीर हनुमान है ॥ बजरंगी का हूँ मैं दीवाना, हर दम गाऊं यही तराना, तेरा ही इस जीवन पर एहसान है ॥ हनुमान गढ़ी में बैठे, अयोध्या की शान है,…

मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना

|| मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना || मैं भी बोलूं राम तुम भी बोलो ना, राम है अनमोल मुख को खोलो ना ॥ तू मृत्यु लोक में आया, तुने राम नाम नहीं गाया, दुनिया को अपना बनाया, यूँ माया में भरमाया, अब तो बोलो ना, राम है अनमोल मुख को खोलो ना,…

Janapada Kathalu Telugu PDF (జనపద కథలు)

Janapada Kathalu Telugu PDF (జనపద కథలు)

Janapada Kathalu (జనపద కథలు) refers to the rich and diverse body of folk tales in Telugu. These stories, passed down orally through generations, are deeply rooted in the cultural, moral, and social fabric of Telugu-speaking regions like Andhra Pradesh and Telangana. They serve as mirrors of the rural imagination, tradition, values, and humor. Janapada Kathalu…

मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में

|| मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में || मैं तो आई वृन्दावन धाम, किशोरी तेरे चरनन में । किशोरी तेरे चरनन में, श्री राधे तेरे चरनन में ॥ ब्रिज वृन्दावन की महारानी, मुक्ति भी यहाँ भरती पानी । तेरे चन पड़े चारो धाम, किशोरी तेरे चरनन में ॥ मैं तो आई वृन्दावन…

मैं हार गया जग से, अब तुमको पुकारा है

|| मैं हार गया जग से, अब तुमको पुकारा है || मैं हार गया जग से, अब तुमको पुकारा है, दुनिया से सुना है तू, हारे का सहारा है, हारे का सहारा है, मै हार गया जग से, अब तुमको पुकारा है ॥ मैं रात अमावस की, तुम सुख का सवेरा हो, तेरे बिन सुनता…

Narsimha Puran (नरसिंह पुराण)

Narsimha Puran (नरसिंह पुराण)

नृसिंह पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है। यह पुराण भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार को समर्पित है, जो आधे सिंह और आधे मानव के रूप में प्रकट हुए थे। नृसिंह पुराण pdf में भगवान विष्णु के इस अवतार की महिमा, उनकी लीलाओं, धर्म, भक्ति, और पौराणिक कथाओं का विस्तार…

मैया बधाईं है बधाईं है

|| मैया बधाईं है बधाईं है || मैया बधाई है बधाई है, बाबा बधाई है बधाई है, ब्रज में ये कैसी ख़ुशीछाई है, ब्रज में ये कैसी ख़ुशी छाई है, मैया बधाईं है बधाईं है, बाबा बधाई है बधाई है ॥ घर घर में कैसी ख़ुशी छाई है, श्याम दीवाने गावे बधाई है, घर घर…

माखन खा गयो माखनचोर

|| माखन खा गयो माखनचोर || नटखट नटखट नंदकिशोर, माखन खा गयो माखनचोर, पकड़ो पकड़ो दौड़ो दौड़ो, कान्हा भागा जाये, कभी कुंज में, कभी कदम पे, हाथ नहीं ये आये, गोकुल की गलियों में मच गया शोर, माखन खा गयो माखनचोर, नटखट नटखट नंदकिशोर, माखन खा गयो माखनचोर ॥ संग में सखाओं की टोली खड़ी,…

श्री गजानन आरती

|| श्री गजानन आरती PDF || जय जय सतचित स्वरूपा स्वामी गणराया। अवतरलासी भूवर जड मुढ ताराया॥ || जयदेव जयदेव || निर्गुण ब्रह्म सनातन अव्यय अविनाशी। स्थिरचर व्यापून उरलें जे या जगताशी॥ तें तूं तत्त्व खरोखर निःसंशय अससी। लीलामात्रें धरिलें मानव देहासी ॥ || जयदेव जयदेव || होऊं न देशी त्याची जाणिव तूं कवणा। करूनी…

Shri Gajanan Aarti

|| Shri Gajanan Aarti PDF || Jai Jai Satchit Swaroopa Swami Ganaraya, Avatarlasi Bhoovar Jadd Muddh Taraya. || Jayadev Jayadev || Nirgun Brahma Sanatanavyaya Avinashi, Stirachar Vyaapun Urle Je Ya Jagatashi. Ten Tu Tatva Kharokhar Nihshanshay Asasi, Leela Matre Dharile Manav Dehasi. || Jayadev Jayadev || Houn Na Deshi Tyachi Janiva Tu Kavana, Karuni Gani…

ओम जय जगदीश हरे आरती

|| ओम जय जगदीश हरे आरती PDF || ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का ॐ जय जगदीश हरे…. मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूं…

गजानंद गौरी जी के लाला, मेरी महफिल में आ जाना – भजन

|| गजानंद गौरी जी के लाला – भजन || गजानंद गौरी जी के लाला, मेरी महफिल में आ जाना, मनाएं आज हम तुमको, मेरी महफिल में आ जाना ॥ गजानंद शिव के प्यारे हो, गौरा के दुलारे हो, धरु मे ध्यान चरणों में, गजानंद आप आ जाना, गजानन्द गौरी जी के लाला, मेरी महफिल में…

श्री शिवसहस्रनाम स्तोत्रम्

|| श्री शिव सहस्रनाम स्तोत्रम् PDF || महाभारतान्तर्गतम् ततः स प्रयतो भूत्वा मम तात युधिष्ठिर । प्राञ्जलिः प्राह विप्रर्षिर्नामसङ्ग्रहमादितः ॥ १॥ उपमन्युरुवाच ब्रह्मप्रोक्तैरृषिप्रोक्तैर्वेदवेदाङ्गसम्भवैः । सर्वलोकेषु विख्यातं स्तुत्यं स्तोष्यामि नामभिः ॥ २॥ महद्भिर्विहितैः सत्यैः सिद्धैः सर्वार्थसाधकैः । ऋषिणा तण्डिना भक्त्या कृतैर्वेदकृतात्मना ॥ ३॥ यथोक्तैः साधुभिः ख्यातैर्मुनिभिस्तत्त्वदर्शिभिः । प्रवरं प्रथमं स्वर्ग्यं सर्वभूतहितं शुभम् ॥ ४॥ श्रुतेः सर्वत्र…

માં જય અધ્ય શક્તિ આરતી

|| માં જય અધ્ય શક્તિ આરતી (Jay Adhya Shakti Aarti Gujarati pdf download) || જય આદ્ય શક્તિ મા જય આદ્ય શક્તિ અખંડ બ્રહ્માંડ દીપાવ્યા, પડવે પ્રકટ્યા મા … ઓમ દ્વિતીયા બે સ્વરૂપ, શિવ શક્તિ જાણું બ્રહ્મા ગણપતિ ગાવે, હર ગાયે હર માં … ઓમ તૃતિયા ત્રણ સ્વરૂપ, ત્રિભુવનમાં બેઠા ત્રયા થકી તરવેણી તું તરવેણી મા…

શ્રી શિવસહસ્રનામ સ્તોત્રમ્

|| શ્રી શિવસહસ્રનામ સ્તોત્રમ્ (Shiv Sahastranaam Gujarati PDF) || મહાભારતાન્તર્ગતમ્ તતઃ સ પ્રયતો ભૂત્વા મમ તાત યુધિષ્ઠિર . પ્રાઞ્જલિઃ પ્રાહ વિપ્રર્ષિર્નામસઙ્ગ્રહમાદિતઃ .. ૧.. ઉપમન્યુરુવાચ બ્રહ્મપ્રોક્તૈરૃષિપ્રોક્તૈર્વેદવેદાઙ્ગસમ્ભવૈઃ . સર્વલોકેષુ વિખ્યાતં સ્તુત્યં સ્તોષ્યામિ નામભિઃ .. ૨.. મહદ્ભિર્વિહિતૈઃ સત્યૈઃ સિદ્ધૈઃ સર્વાર્થસાધકૈઃ . ઋષિણા તણ્ડિના ભક્ત્યા કૃતૈર્વેદકૃતાત્મના .. ૩.. યથોક્તૈઃ સાધુભિઃ ખ્યાતૈર્મુનિભિસ્તત્ત્વદર્શિભિઃ . પ્રવરં પ્રથમં સ્વર્ગ્યં સર્વભૂતહિતં શુભમ્ .. ૪…..

శ్రీ శివసహస్రనామ స్తోత్రం

|| శ్రీ శివసహస్రనామ స్తోత్రం (Shiv Sahastranaam Telugu PDF) || మహాభారతాంతర్గతం తతః స ప్రయతో భూత్వా మమ తాత యుధిష్ఠిర . ప్రాంజలిః ప్రాహ విప్రర్షిర్నామసంగ్రహమాదితః .. 1.. ఉపమన్యురువాచ బ్రహ్మప్రోక్తైరృషిప్రోక్తైర్వేదవేదాంగసంభవైః . సర్వలోకేషు విఖ్యాతం స్తుత్యం స్తోష్యామి నామభిః .. 2.. మహద్భిర్విహితైః సత్యైః సిద్ధైః సర్వార్థసాధకైః . ఋషిణా తండినా భక్త్యా కృతైర్వేదకృతాత్మనా .. 3.. యథోక్తైః సాధుభిః ఖ్యాతైర్మునిభిస్తత్త్వదర్శిభిః . ప్రవరం ప్రథమం స్వర్గ్యం సర్వభూతహితం శుభం .. 4…..

ஶ்ரீ ஶிவஸஹஸ்ரநாம ஸ்தோத்ரம்

|| ஶ்ரீ ஶிவஸஹஸ்ரநாம ஸ்தோத்ரம் (Shiv Sahastranaam Tamil PDF) || மஹாபா⁴ரதாந்தர்க³தம் தத꞉ ஸ ப்ரயதோ பூ⁴த்வா மம தாத யுதி⁴ஷ்டி²ர . ப்ராஞ்ஜலி꞉ ப்ராஹ விப்ரர்ஷிர்நாமஸங்க்³ரஹமாதி³த꞉ .. 1.. உபமன்யுருவாச ப்³ரஹ்மப்ரோக்தைர்ருʼஷிப்ரோக்தைர்வேத³வேதா³ங்க³ஸம்ப⁴வை꞉ . ஸர்வலோகேஷு விக்²யாதம்ʼ ஸ்துத்யம்ʼ ஸ்தோஷ்யாமி நாமபி⁴꞉ .. 2.. மஹத்³பி⁴ர்விஹிதை꞉ ஸத்யை꞉ ஸித்³தை⁴꞉ ஸர்வார்த²ஸாத⁴கை꞉ . ருʼஷிணா தண்டி³னா ப⁴க்த்யா க்ருʼதைர்வேத³க்ருʼதாத்மனா .. 3.. யதோ²க்தை꞉ ஸாது⁴பி⁴꞉ க்²யாதைர்முனிபி⁴ஸ்தத்த்வத³ர்ஶிபி⁴꞉ . ப்ரவரம்ʼ ப்ரத²மம்ʼ ஸ்வர்க்³யம்ʼ ஸர்வபூ⁴தஹிதம்ʼ ஶுப⁴ம் .. 4…..

ശ്രീ ശിവസഹസ്രനാമ സ്തോത്രം

|| ശ്രീ ശിവസഹസ്രനാമ സ്തോത്രം (Shiv Sahastranaam Malayalam PDF) || മഹാഭാരതാന്തർഗതം തതഃ സ പ്രയതോ ഭൂത്വാ മമ താത യുധിഷ്ഠിര . പ്രാഞ്ജലിഃ പ്രാഹ വിപ്രർഷിർനാമസംഗ്രഹമാദിതഃ .. 1.. ഉപമന്യുരുവാച ബ്രഹ്മപ്രോക്തൈരൃഷിപ്രോക്തൈർവേദവേദാംഗസംഭവൈഃ . സർവലോകേഷു വിഖ്യാതം സ്തുത്യം സ്തോഷ്യാമി നാമഭിഃ .. 2.. മഹദ്ഭിർവിഹിതൈഃ സത്യൈഃ സിദ്ധൈഃ സർവാർഥസാധകൈഃ . ഋഷിണാ തണ്ഡിനാ ഭക്ത്യാ കൃതൈർവേദകൃതാത്മനാ .. 3.. യഥോക്തൈഃ സാധുഭിഃ ഖ്യാതൈർമുനിഭിസ്തത്ത്വദർശിഭിഃ . പ്രവരം പ്രഥമം സ്വർഗ്യം സർവഭൂതഹിതം ശുഭം .. 4…..

ಶ್ರೀ ಶಿವಸಹಸ್ರನಾಮ ಸ್ತೋತ್ರಂ

|| ಶ್ರೀ ಶಿವಸಹಸ್ರನಾಮ ಸ್ತೋತ್ರಂ (Shiv Sahastranaam Kannada PDF) || ಮಹಾಭಾರತಾಂತರ್ಗತಂ ತತಃ ಸ ಪ್ರಯತೋ ಭೂತ್ವಾ ಮಮ ತಾತ ಯುಧಿಷ್ಠಿರ . ಪ್ರಾಂಜಲಿಃ ಪ್ರಾಹ ವಿಪ್ರರ್ಷಿರ್ನಾಮಸಂಗ್ರಹಮಾದಿತಃ .. ೧.. ಉಪಮನ್ಯುರುವಾಚ ಬ್ರಹ್ಮಪ್ರೋಕ್ತೈರೃಷಿಪ್ರೋಕ್ತೈರ್ವೇದವೇದಾಂಗಸಂಭವೈಃ . ಸರ್ವಲೋಕೇಷು ವಿಖ್ಯಾತಂ ಸ್ತುತ್ಯಂ ಸ್ತೋಷ್ಯಾಮಿ ನಾಮಭಿಃ .. ೨.. ಮಹದ್ಭಿರ್ವಿಹಿತೈಃ ಸತ್ಯೈಃ ಸಿದ್ಧೈಃ ಸರ್ವಾರ್ಥಸಾಧಕೈಃ . ಋಷಿಣಾ ತಂಡಿನಾ ಭಕ್ತ್ಯಾ ಕೃತೈರ್ವೇದಕೃತಾತ್ಮನಾ .. ೩.. ಯಥೋಕ್ತೈಃ ಸಾಧುಭಿಃ ಖ್ಯಾತೈರ್ಮುನಿಭಿಸ್ತತ್ತ್ವದರ್ಶಿಭಿಃ . ಪ್ರವರಂ ಪ್ರಥಮಂ ಸ್ವರ್ಗ್ಯಂ ಸರ್ವಭೂತಹಿತಂ ಶುಭಂ .. ೪…..

ଶ୍ରୀ ଶିବସହସ୍ରନାମ ସ୍ତୋତ୍ରମ୍

|| ଶ୍ରୀ ଶିବସହସ୍ରନାମ ସ୍ତୋତ୍ରମ୍ (Shiv Sahastranaam Odia PDF) || ମହାଭାରତାନ୍ତର୍ଗତମ୍ ତତଃ ସ ପ୍ରୟତୋ ଭୂତ୍ୱା ମମ ତାତ ଯୁଧିଷ୍ଠିର । ପ୍ରାଞ୍ଜଲିଃ ପ୍ରାହ ବିପ୍ରର୍ଷିର୍ନାମସଙ୍ଗ୍ରହମାଦିତଃ ॥ ୧॥ ଉପମନ୍ୟୁରୁବାଚ ବ୍ରହ୍ମପ୍ରୋକ୍ତୈରୃଷିପ୍ରୋକ୍ତୈର୍ୱେଦବେଦାଙ୍ଗସମ୍ଭବୈଃ । ସର୍ୱଲୋକେଷୁ ବିଖ୍ୟାତଂ ସ୍ତୁତ୍ୟଂ ସ୍ତୋଷ୍ୟାମି ନାମଭିଃ ॥ ୨॥ ମହଦ୍ଭିର୍ୱିହିତୈଃ ସତ୍ୟୈଃ ସିଦ୍ଧୈଃ ସର୍ୱାର୍ଥସାଧକୈଃ । ଋଷିଣା ତଣ୍ଡିନା ଭକ୍ତ୍ୟା କୃତୈର୍ୱେଦକୃତାତ୍ମନା ॥ ୩॥ ଯଥୋକ୍ତୈଃ ସାଧୁଭିଃ ଖ୍ୟାତୈର୍ମୁନିଭିସ୍ତତ୍ତ୍ୱଦର୍ଶିଭିଃ । ପ୍ରବରଂ ପ୍ରଥମଂ ସ୍ୱର୍ଗ୍ୟଂ ସର୍ୱଭୂତହିତଂ ଶୁଭମ୍ ॥ ୪॥…

শ্ৰী শিৱসহস্ৰনাম স্তোত্ৰম্

|| শ্ৰী শিৱসহস্ৰনাম স্তোত্ৰম্ (Shiv Sahastranaam Assamese PDF) || মহাভাৰতান্তৰ্গতম্ ততঃ স প্ৰয়তো ভূত্ৱা মম তাত যুধিষ্ঠিৰ । প্ৰাঞ্জলিঃ প্ৰাহ ৱিপ্ৰৰ্ষিৰ্নামসঙ্গ্ৰহমাদিতঃ ॥ ১॥ উপমন্যুৰুৱাচ ব্ৰহ্মপ্ৰোক্তৈৰৃষিপ্ৰোক্তৈৰ্ৱেদৱেদাঙ্গসম্ভৱৈঃ । সৰ্ৱলোকেষু ৱিখ্যাতং স্তুত্যং স্তোষ্যামি নামভিঃ ॥ ২॥ মহদ্ভিৰ্ৱিহিতৈঃ সত্যৈঃ সিদ্ধৈঃ সৰ্ৱাৰ্থসাধকৈঃ । ঋষিণা তণ্ডিনা ভক্ত্যা কৃতৈৰ্ৱেদকৃতাত্মনা ॥ ৩॥ যথোক্তৈঃ সাধুভিঃ খ্যাতৈৰ্মুনিভিস্তত্ত্ৱদৰ্শিভিঃ । প্ৰৱৰং প্ৰথমং স্ৱৰ্গ্যং সৰ্ৱভূতহিতং শুভম্ ॥ ৪॥…

শ্রী শিবসহস্রনাম স্তোত্রম্

|| শ্রী শিবসহস্রনাম স্তোত্রম্ (Shiv Sahastranaam Bengali PDF) || মহাভারতান্তর্গতম্ ততঃ স প্রয়তো ভূত্বা মম তাত যুধিষ্ঠির । প্রাঞ্জলিঃ প্রাহ বিপ্রর্ষির্নামসঙ্গ্রহমাদিতঃ ॥ ১॥ উপমন্যুরুবাচ ব্রহ্মপ্রোক্তৈরৃষিপ্রোক্তৈর্বেদবেদাঙ্গসম্ভবৈঃ । সর্বলোকেষু বিখ্যাতং স্তুত্যং স্তোষ্যামি নামভিঃ ॥ ২॥ মহদ্ভির্বিহিতৈঃ সত্যৈঃ সিদ্ধৈঃ সর্বার্থসাধকৈঃ । ঋষিণা তণ্ডিনা ভক্ত্যা কৃতৈর্বেদকৃতাত্মনা ॥ ৩॥ যথোক্তৈঃ সাধুভিঃ খ্যাতৈর্মুনিভিস্তত্ত্বদর্শিভিঃ । প্রবরং প্রথমং স্বর্গ্যং সর্বভূতহিতং শুভম্ ॥ ৪॥…

श्री काल भैरव अष्टक

|| श्री काल भैरव अष्टक PDF || देवराजसेव्यमानपावनांघ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम् । नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगंबरं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ॥ भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम् । कालकालमंबुजाक्षमक्षशूलमक्षरं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ॥ शूलटंकपाशदण्डपाणिमादिकारणं श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम् । भीमविक्रमं प्रभुं विचित्रताण्डवप्रियं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ॥ भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं भक्तवत्सलं स्थितं समस्तलोकविग्रहम् । विनिक्वणन्मनोज्ञहेमकिङ्किणीलसत्कटिं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे॥ धर्मसेतुपालकं त्वधर्ममार्गनाशनं कर्मपाशमोचकं सुशर्मधायकं विभुम् । स्वर्णवर्णशेषपाशशोभितांगमण्डलं काशिकापुराधिनाथकालभैरवं भजे ॥…

Shri Jagannath Ashtakam

|| Shri Jagannath Ashtakam PDF || Kadachit Kalindi Tat Vipin Sangeet Taralo Mudabhiri Nari Vadan Kamala Swad Madhupah Rama Shambhu Brahmamarapati Ganesharchit Pado Jagannathah Swami Nayan Path Gami Bhavatu Me ॥ Bhuje Savye Venun Shirasi Shikhipichchhan Katitate Dukulan Netrante Sahachar-katakshan Vidadhate । Sada Shrimad‍-vrndavan- vasati-leela-parichayo Jagannathah Swami Nayan-path-gami Bhavatu Me ॥ Mahambhodhestire Kanak Ruchire Neel…

Shri Kaal Bhairav Ashtak

|| Shri Kaal Bhairav Ashtak PDF || Devaraja sevyamana pavananghri pankajam Vyalaya yagnasutramindushekaram kripakaram| Naradadi yogivrinda vandita digambaram Kashikapura dhinatha Kalabhairavam bhaje|| Bhanukoti bhasswaram bhavabhdhitarakam param Neelakantamipsitardhadaivakam trilochanam| Kalakalamam bhujakshamakshashoolamaksharam Kashikapura dhinatha Kalbhairavam bhaje|| Shoolatanpashadandapanimadikaranam Syamakayamadidevamaksharam niramayam | Bhimavikramam prabhuvichitratatvavarnanam Kashikapura dhinatha Kalabhairavam bhaje || Bhuktimuktidayakam prasastacharu vigraham Bhaktavatsalam sthitham samasthaloka vigraham | Vinikvananmano’jnahemakinginilasatkataam Kashikapura…

Shri Ram Raghuvir Aarti

|| Shri Ram Raghuvir Aarti PDF || Aisi Aarti Ram Raghubir Ki Karahi Man। Haran Dukhadund Govind Anandaghana॥ Achar Char Rup Hari, Sarvagat, Sarvad Basat, Iti Basana Dhup Dijai। Dipa Nijabodhagata Koha-Mada Moha Tama Prauda Abhimana Chittavritti Chhijai॥ Aisi Aarti Rama Raghubira Ki Karahi Man॥ Bhava Atishaya Vishada Pravara Naivedya Shubha Shriramana Parama Santoshakari। Prema-Tambula…

वृंदावन की स्थापना कब और कैसे हुई? जानिए इसका गौरवशाली इतिहास और वर्तमान स्वरूप

shree krishna

यमुना के पावन तट पर स्थित, लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र, वृंदावन धाम मात्र एक शहर नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव है। यहाँ की हवा में राधा-कृष्ण के प्रेम की गूँज है, कण-कण में भक्ति की सुगंध है और हर गली में इतिहास की पदचाप सुनाई देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है…

मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में

|| मन बस गयो नन्द किशोर बसा लो वृन्दावन में || मन बस गयो नन्द किशोर, अब जाना नहीं कही और, बसा लो वृन्दावन में, बसा लो वृन्दावन में ॥ सौप दिया अब जीवन तोहे, रखो जिस विधि रखना मोहे, तेरे दर पे पड़ी हूँ सब छोड़, अब जाना नहीं कही और, बसा लो वृन्दावन…

मन भजले पवनसुत नाम, प्रभु श्री राम जी आएंगे

|| मन भजले पवनसुत नाम, प्रभु श्री राम जी आएंगे || मन भजले पवनसुत नाम, प्रभु श्री राम जी आएंगे, तेरा बिगड़ा बनाने हर काम, तेरा बिगड़ा बनाने हर काम, प्रभु श्री राम जी आएंगे, मन भजले पवन सूत नाम, प्रभु श्री राम जी आएंगे ॥ स्वामी की भक्ति होती है कैसी, हनुमत ने जग…

मन चल रे वृन्दावन धाम

|| मन चल रे वृन्दावन धाम || मन चल रे वृन्दावन धाम, राधे राधे गाएंगे, ओ राधे राधे गाएंगे, राधे राधे गाएंगे, तेरा कोड़ी लगे न च दाम, राधे राधे गाएंगे ॥ वृन्दावन में बाँके बिहारी, ओढ़ के बैठ्यो कांवलिया काली, तुझे वही पे मिले विश्राम, राधे राधे गाएंगे, मन चल रे वृंदावन धाम, राधे…

मन के मंदिर में प्रभु को बसाना

|| मन के मंदिर में प्रभु को बसाना || मन के मंदिर में प्रभु को बसाना, बात हर एक के बस की नहीं है, खेलना पड़ता है जिंदगी से, भक्ति इतनी भी सस्ती नहीं है, मन के मंदिर में प्रभू को बसाना, बात हर एक के बस की नहीं है ॥ प्रेम मीरा ने मोहन…

मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो

|| मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो || मैया मोरी मैं नहिं माखन खायो । भोर भयो गैयन के पाछे, मधुवन मोहिं पठायो । चार पहर बंसीबट भटक्यो, साँझ परे घर आयो ॥ मैं बालक बहिंयन को छोटो, छींको किहि बिधि पायो । ग्वाल बाल सब बैर परे हैं, बरबस मुख लपटायो ॥ तू जननी…

मैया री मैया एक खिलौना दिलवा दे

|| मैया री मैया एक खिलौना दिलवा दे || मैया री मैया एक खिलौना छोटा सा दिलवा दे चाबी भरकर जब छोड़ तो एक ही रटन लगा दे बोले श्याम श्याम श्याम बोले श्याम श्याम श्याम सुन मैया सुन मैया मुझे एक खिलौना दिलवा दे सुन मैया सुन मैया मुझे एक खिलौना दिलवा दे बोले…

मन में है विश्वास अगर जो श्याम सहारा मिलता है

|| मन में है विश्वास अगर जो श्याम सहारा मिलता है || मन में है विश्वास अगर जो, श्याम सहारा मिलता है, रोता है कोई श्याम का प्रेमी, रोता है कोई श्याम का प्रेमी, श्याम सिंघासन हिलता है ॥ आन्धी आए तुफा आए, कैसी भी कोई मुश्किल हो, जीवन नैया डोल रही हो, दीखता ना…

मन नो मोरलियो रटे

|| मन नो मोरलियो रटे || मन नो मोरलियो, रटे तारु नाम, म्हारी झोपड़िये, आवो म्हारा राम, एक वार आवी पुर, हईया केरी हाम, म्हारी झोपड़िये, आवो म्हारा राम ॥ सूरज उगे ने म्हारी, उगती रे आशा, संध्या ढ़ले ने म्हने, मढ़ती निराशा, रात दिवस म्हने, सूझे नहीं काम, म्हारी झोपड़िये, आवो म्हारा राम, मन…

मनाओ जी गणेश भक्तो

|| मनाओ जी गणेश भक्तो || गौरा माता दी अख दा तारा, शिव शंकर दा राजदुलारा, मनाओ जी गणेश भक्तो, मनाओ जी गणेश भक्तों ॥ मत्थे चन्दन तिलक सुहावे, गल पुष्पा दी माला पावे, चढ़े पान फूल संग मेवा, करे संतन रल मिल सेवा, मनाओ जी गणेश भक्तों, मनाओ जी गणेश भक्तों ॥ सब तो…

मंगल को जन्मे, मंगल ही करते

|| मंगल को जन्मे, मंगल ही करते || मंगल को जन्मे, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥ मंगल को जन्में, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय हनुमान, जय जय हनुमान ॥ कोई तुम्हारे अतुलित बल का, कर ना सका अनुमान, नहीं तुमसा…

What is HinduNidhi? & Why?
Preserving and Celebrating Hindu Devotion and Scriptures
At HinduNidhi.Com, we are dedicated to preserving and sharing the vast spiritual and cultural heritage of Hinduism. Our extensive collection of Hindu Texts includes Aarti, Chalisa, Vrat Katha, Stotram, Sahastranaam, Ashtakam, Ashtottara, Bhajan, Path, Suktam, Kavach, Hridayam, Stuti, Shloka, Mantra, Pooja Vidhi, and more. Additionally, explore our curated Hindu scriptures in PDF format and deepen your knowledge with our insightful articles in Hindu Gyan. Join our community to connect with the timeless wisdom and traditions that have shaped our civilization.

--- Connect with HinduNidhi ---

HinduNidhi Facebook HinduNidhi X (Twitter)
Download HinduNidhi App
Join WhatsApp Channel Download App