ये सारे खेल तुम्हारे है जग कहता खेल नसीबों का
|| ये सारे खेल तुम्हारे है जग कहता खेल नसीबों का || ये सारे खेल तुम्हारे है, जग कहता खेल नसीबों का, मैं तुझसे दौलत क्यूँ मांगू, मैंने सुना तू यार गरीबों का ॥ तेरी दीन सुदामा से यारी, हमको ये सबक सिखाती है, धनवानों की ये दुनिया है, पर तू निर्धन का साथी है,…



