Bala Ji

श्री तिरुपति बालाजी आरती

Shri Tirupati Balaji Aart Hindi Lyrics

Bala JiAarti (आरती संग्रह)हिन्दी
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भगवान श्री वेंकटेश्वर, जिन्हें हम प्यार से तिरुपति बालाजी कहते हैं, करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हैं। श्री तिरुपति बालाजी आरती (Tirupati Balaji Aarti PDF) आरती का गान करना न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार भी करता है। बालाजी की महिमा अपरंपार है और उनकी आरती के शब्द सीधे हृदय को स्पर्श करते हैं।

यदि आप भी प्रतिदिन इस दिव्य आरती का पाठ करना चाहते हैं या इसे सहेज कर रखना चाहते हैं, तो आप Tirupati Balaji Aarti PDF हमारी वेबसाइट से डाउनलोड करें। यह पीडीएफ प्रारूप आपको कहीं भी, कभी भी भगवान की स्तुति करने की सुविधा प्रदान करेगा। भक्ति भाव से की गई आरती भक्त और भगवान के बीच एक अटूट सेतु का निर्माण करती है।

|| श्री तिरुपति बालाजी आरती (Tirupati Balaji Aarti PDF) ||

जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,

जय तिरुपति बालाजी….

अगणित नाम तुम्हारे अगणित रूप धरे,
स्वामी अगणित रूप धरे,
तुमको ध्याये उनके,
तुमको ध्याये उनके,
तुमने कष्ट हरे,
जय तिरुपति बालाजी,
दाएं कर में सुदर्शन बाएं में शंख धरे,
बाएं कर में शंख धरे,
द्वार पे आये जो भी,
द्वार पे आये जो भी,
कामना सफल करे,
जय तिरुपति बालाजी,
असुर बलि को हरनी वराह स्वरुप लिया,
स्वामी वराह स्वरुप लिया,
अर्धांगिनी धरती संग,
अर्धांगिनी धरती संग,
गिरी पर वास किया,

जय तिरुपति बालाजी…..

सतयुग में गरुड़ाद्रि,
त्रेता में वृषभाद्रि,
गिरी कहलाया वृषभाद्रि,
द्वापर में अंजनाद्रि,
द्वापर में अंजनाद्रि,
कलि में वेंकटाद्रि,
जय तिरुपति बालाजी,
भूमि पर ऋषियों ने मिलकर यज्ञ किया,
फल यज्ञ का तुमको दिया,
वैंकुंठ त्याग धरा पर,
वैंकुंठ त्याग धरा पर,
तुमने वास किया,

जय तिरुपति बालाजी….

लक्ष्मी ने पद्मावती बनकर जनम लिया,
धरती पर जनम लिया,
बन में सखियों के संग,
विचर रही थी वे जग,
तुमसे मिलन हुआ,

जय तिरुपति बालाजी…

तिरुपति नाथ की महिमा जो निसदिन गाये,
वरदान वो नित पाये,
धन वैभव सुख सारे,
धन वैभव सुख सारे,
जीवन भर पाये,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय तिरुपति बालाजी,
जय जय वेंकट स्वामी,
तुम हो अंतर्यामी,
जय श्री नाथ हरी,

जय तिरुपति बालाजी…..

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