श्री रविदास जी की आरती

|| श्री रविदास जी की आरती PDF || नामु तेरो आरती भजनु मुरारे । हरि के नाम बिनु झूठे सगल पसारे ॥ नाम तेरा आसानी नाम तेरा उरसा । नाम तेरा केसरो ले छिटकारे ॥ नाम तेरा अंभुला नाम तेरा चंदनोघसि । जपे नाम ले तुझहि कउ चारे ॥ नाम तेरा दीवा नाम तेरो बाती…

देवी मातंगी सहस्रनामावली

देवी मातंगी तंत्र साधना और विद्या की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। उन्हें “तंत्र स्वरूपिणी” और “सरस्वती का तांत्रिक रूप” भी कहा जाता है। देवी मातंगी सहस्रनामावली में उनके एक हजार पवित्र नामों का वर्णन है, जो उनकी महिमा, शक्ति और अनुकंपा को प्रकट करते हैं। यह सहस्रनामावली देवी की कृपा प्राप्त करने और जीवन…

श्री प्रेतराज सरकार आरती

|| श्री प्रेतराज सरकार आरती PDF || जय प्रेतराज कृपालु मेरी, अरज अब सुन लीजिये | मैं शरण तुम्हारी आ गया हूँ, नाथ दर्शन दीजिये | मैं करूं विनती आपसे अब, तुम दयामय चित धरो | चरणों का ले लिया आसरा, प्रभु वेग से मेरा दुःख हरो | सिर पर मोरमुकुट करमें धनुष, गलबीच मोतियन…

श्री गोपाल आरती

|| श्री गोपाल आरती PDF || आरती बाल कृष्ण की कीजै । अपना जन्म सफल कर लीजै ॥ आरती बाल कृष्ण की कीजै… श्री यशोदा का परम दुलारा । बाबा के अँखियन का तारा ॥ आरती बाल कृष्ण की कीजै… गोपियन के प्राणन से प्यारा । इन पर प्राण न्योछावर कीजै ॥ आरती बाल कृष्ण…

हिन्दू पंचांग मई 2025 – किस दिन कौन-सा पर्व या व्रत है? जानिए मई माह का धार्मिक महत्व

may vrat

मई 2025 के हिन्दू पंचांग में कई महत्वपूर्ण पर्व और व्रत आने वाले हैं। यह महीना आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। आइए जानते हैं कि मई 2025 में कौन-सा पर्व या व्रत किस दिन है। हिन्दू धर्म में पंचांग का विशेष महत्त्व है, क्योंकि यह ना केवल तिथियों और नक्षत्रों की जानकारी देता…

Markandya Puran PDF Book (मार्कण्डेय पुराण)

Markandya Puran (मार्कण्डेय पुराण)

मार्कण्डेय पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख और अत्यंत महत्वपूर्ण पुराण है। इसका नाम ऋषि मार्कण्डेय के नाम पर रखा गया है, जो इस पुराण के प्रमुख ऋषि हैं। मार्कण्डेय पुराण में विभिन्न धार्मिक, नैतिक, और आध्यात्मिक विषयों का विस्तृत वर्णन है। इसमें देवी महात्म्य (दुर्गा सप्तशती) का भी उल्लेख है,…

Ling Puran PDF Book (लिंग पुराण)

Ling Puran (लिंग पुराण)

लिंग पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख पुराण है। यह पुराण भगवान शिव और शिवलिंग की महिमा को समर्पित है। लिंग पुराण में शिवलिंग की उत्पत्ति, महत्व, पूजा विधियाँ, विभिन्न तीर्थ स्थलों का विवरण, और पौराणिक कथाओं का विस्तृत वर्णन है। इसे धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता…

Garuda Puran PDF Book (गरुड़ पुराण)

Garuda Puran (गरुड़ पुराण)

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख पुराण है। यह पुराण भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ को समर्पित है। गरुड़ पुराण में मृत्यु, आत्मा, पुनर्जन्म, कर्म, और मोक्ष के विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई है। इसे विशेष रूप से मृत्युकाल में सुनने और पढ़ने का महत्व बताया गया है, जिससे…

भगवान परशुराम की कथा एवं पूजा विधि

|| भगवान परशुराम पूजा विधि || इस दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। गंगाजल से मंदिर को शुद्ध करें और पूजा की तैयारी करें। इसके पश्चात पूजा स्थल पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर भगवान परशुराम एवं भगवान विष्णु की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें। इसके…

श्री परशुराम जी की आरती

|| श्री परशुराम आरती PDF || ॐ जय परशुधारी, स्वामी जय परशुधारी। सुर नर मुनिजन सेवत, श्रीपति अवतारी॥ ॐ जय परशुधारी || जमदग्नी सुत नर-सिंह, मां रेणुका जाया। मार्तण्ड भृगु वंशज, त्रिभुवन यश छाया॥ ॐ जय परशुधारी || कांधे सूत्र जनेऊ, गल रुद्राक्ष माला। चरण खड़ाऊँ शोभे, तिलक त्रिपुण्ड भाला॥ ॐ जय परशुधारी || ताम्र…

ज्येष्ठ अमावस्या की व्रत कथा

|| ज्येष्ठ अमावस्या की व्रत कथा || नमस्ते! ज्येष्ठ अमावस्या की कोई एक विशिष्ट व्रत कथा प्रचलित नहीं है, बल्कि इस दिन से जुड़े कई धार्मिक महत्व और कथाएं हैं। मुख्य रूप से, ज्येष्ठ अमावस्या पितरों को समर्पित है और इस दिन किए गए कर्मों का विशेष महत्व होता है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में एक…

श्री सत्यनारायण आरती

|| श्री सत्यनारायण आरती || जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्‍‌न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै । नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । प्रकट भये कलि कारण,…

रामदेव जी आरती

|| रामदेव जी आरती PDF || ॐ जय श्री रामादे स्वामी जय श्री रामादे। पिता तुम्हारे अजमल मैया मेनादे ॥ ॐ जय श्री रामादे स्वामी…. रूप मनोहर जिसका घोड़े असवारी। कर में सोहे भाला मुक्तामणि धारी॥ ॐ जय श्री रामादे स्वामी…. विष्णु रूप तुम स्वामी कलियुग अवतारी । सुरनर मुनिजन ध्यावे जावे बलिहारी॥ ॐ जय…

श्री रघुवर आरती

|| श्री रघुवर आरती || आरती कीजै श्री रघुवर जी की, सत् चित् आनन्द शिव सुन्दर की। दशरथ तनय कौशल्या नन्दन, सुर मुनि रक्षक दैत्य निकन्दन। अनुगत भक्त भक्त उर चन्दन, मर्यादा पुरुषोतम वर की। आरती कीजै श्री रघुवर जी की…। निर्गुण सगुण अनूप रूप निधि, सकल लोक वन्दित विभिन्न विधि। हरण शोक-भय दायक नव…

ज्वाला देवी आरती

|| ज्वाला देवी आरती || ॐ जय ज्वाला माई, मैया जय ज्वाला माई । कष्ट हरण तेरा अर्चन, सुमिरण सुख दाई ॥ ॐ जय ज्वाला माई ………………… मैया जय ज्वाला माई, मैया जय ज्वाला माई । कष्ट हरण तेरा अर्चन, सुमिरण सुख दाई ॥ ॐ जय ज्वाला माई ………………… अटल अखंड तेरी ज्योति, युग युग…

कामाख्या देवी आरती

|| कामाख्या देवी आरती || आरती कामाक्षा देवी की । जगत् उधारक सुर सेवी की ॥ आरती कामाक्षा देवी की………. गावत वेद पुरान कहानी । योनिरुप तुम हो महारानी ॥ सुर ब्रह्मादिक आदि बखानी । लहे दरस सब सुख लेवी की ॥ आरती कामाक्षा देवी की……… दक्ष सुता जगदम्ब भवानी । सदा शंभु अर्धंग विराजिनी…

पितर जी आरती

|| पितर जी आरती || जय जय पितरजी महाराज, मैं शरण पड़्यो हूं थारी । शरण पड़्यो हूम थारी बाबा, शरण पड़्यो हूं थारी ।। जय जय पितरजी महाराज…. आप ही रक्षक आप ही दाता, आप ही खेवनहारे । मैं मूरख हूं कछु नहि जाणू, आप ही हो रखवारे ।। जय जय पितरजी महाराज…. आप…

रावण आरती

|| रावण आरती PDF || आरती कीजे दशानन जी की। लंकापति श्री रावण जी की॥ जाके बल से त्रिलोक डरता । सुमिरो जो भूखा न मरता॥ कैकसी पुत्र महाबल दायी। बना दे जो पर्वत को रायी॥ संतो को सदा तुमने मारा। पृथ्वी का कुछ बोच उतारा॥ बहन की नाक का बदला लीन्हा। सीता को अगवा…

श्री रामायण जी आरती

|| श्री रामायण जी आरती || आरती श्री रामायण जी की । कीरति कलित ललित सिय पी की ॥ गावत ब्रहमादिक मुनि नारद । बाल्मीकि बिग्यान बिसारद ॥ शुक सनकादिक शेष अरु शारद । बरनि पवनसुत कीरति नीकी ॥ ॥ आरती श्री रामायण जी की..॥ गावत बेद पुरान अष्टदस । छओं शास्त्र सब ग्रंथन को…

दत्ताची आरती

|| दत्ताची आरती PDF || त्रिगुणात्मक त्रैमूर्ती दत्त हा जाणा । त्रिगुणी अवतार त्रैलोक्य राणा । नेती नेती शब्द न ये अनुमाना ॥ सुरवर मुनिजन योगी समाधी न ये ध्याना ॥ जय देव जय देव जय श्री गुरुद्त्ता । आरती ओवाळिता हरली भवचिंता ॥ सबाह्य अभ्यंतरी तू एक द्त्त । अभाग्यासी कैची कळेल हि मात…

श्री यमराज जी की आरती

|| श्री यमराज जी की आरती PDF || धर्मराज कर सिद्ध काज, प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी । पड़ी नाव मझदार भंवर में, पार करो, न करो देरी ॥ ॥ धर्मराज कर सिद्ध काज..॥ धर्मलोक के तुम स्वामी, श्री यमराज कहलाते हो । जों जों प्राणी कर्म करत हैं, तुम सब लिखते जाते हो ॥…

श्री हिंगलाज देवी आरती

|| श्री हिंगलाज देवी आरती || ॐ जय हिंगलाज माता, मैया जय हिंगलाज माता । जो नर तुमको ध्याता, वांछित फल पाता ॥ ॐ जय हिंगलाज माता… हीरा पन्ना मंडित, शीश मुकुट सोहे । भाल सिन्दुरी टीका, भक्तन मन मोहे ॥ ॐ जय हिंगलाज माता… कर्णफूल अति उज्जवल, झिलमिल सा चमके । गजमोतिन की माला,…

श्री नवग्रह आरती

|| श्री नवग्रह आरती PDF || आरती श्री नवग्रहों की कीजै । बाध, कष्ट, रोग, हर लीजै ॥ सूर्य तेज़ व्यापे जीवन भर । जाकी कृपा कबहुत नहिं छीजै ॥ रुप चंद्र शीतलता लायें । शांति स्नेह सरस रसु भीजै ॥ मंगल हरे अमंगल सारा । सौम्य सुधा रस अमृत पीजै ॥ बुद्ध सदा वैभव…

श्री धर्मराज जी की आरती

|| श्री धर्मराज जी की आरती PDF || धर्मराज कर सिद्ध काज, प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी । पड़ी नाव मझदार भंवर में, पार करो, न करो देरी ॥ ॥ धर्मराज कर सिद्ध काज..॥ धर्मलोक के तुम स्वामी, श्री यमराज कहलाते हो । जों जों प्राणी कर्म करत हैं, तुम सब लिखते जाते हो ॥…

अक्षय तृतीया व्रत कथा

|| अक्षय तृतीया व्रत कथा || प्राचीन काल में धर्मदास नामक एक गरीब और धर्मात्मा वैश्य रहता था। वह हमेशा दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों में लगा रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और उसे यह सब पसंद नहीं था। एक बार अक्षय तृतीया के दिन धर्मदास ने गंगा स्नान किया और विधिपूर्वक भगवान विष्णु…

नरसिंह द्वादशी व्रत कथा

|| नरसिंह द्वादशी व्रत कथा PDF || प्राचीन काल में कश्यप नामक एक ऋषि थे। उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए – हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु। दोनों ही असुर स्वभाव के थे और उन्होंने चारों ओर हाहाकार मचा रखा था। पृथ्वी की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर…

श्री राणी सती दादी जी आरती

|| श्री राणी सती दादी जी आरती || ॐ जय श्री राणी सती माता, मैया जय राणी सती माता । अपने भक्त जनन की, दूर करन विपत्ती ॥ ॐ जय श्री राणी सती माता, मैया जय राणी सती माता ॥ अवनि अननंतर ज्योति अखंडीत, मंडितचहुँक कुंभा । दुर्जन दलन खडग की, विद्युतसम प्रतिभा ॥ ॐ…

श्री उमा देवी आरती

|| श्री उमा देवी आरती PDF || देवी दुर्गा उमा, विश्व जननी रमा, मात तारा, एक जगदम्बा तेरा सहारा, देवि दुर्गा उमा, विश्व जननी रमा, मात तारां, एक जगदम्बा तेरा सहारा, तू ही वैष्णवी मोह माया, तूने सारे जग को बनाया, चरण कमलों में माँ, रहता मस्तक नवाँ, यह हमारा, एक जगदम्बा तेरा सहारा, देवी…

श्री तारा देवी आरती

|| श्री तारा देवी आरती PDF || जय तारा तुम जग विख्यात, ब्रह्माणी रूप सुन्दर भात। चंद्रमा कोहनी भ्राजत, हंस रूप बन माँ तुम आई। कनकवाले केशों में, धूप-दीप फिर सजे। कंबल नीला, वस्त्र सुंदर, चरणों में अंगूर सजे। चन्दन बासम बिलोचन पर, बेल पत्रानि मला धरू। भक्तों के काज राखो, शंकर मन्दिर विशेष आयूं।…

Varuthini Ekadashi 2025 – कब है वरुथिनी एकादशी, जानें व्रत कथा, पूजा विधि, अनुष्ठान और शुभ मुहूर्त

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हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। वर्ष भर में 24 एकादशी मनाई जाती हैं, जैसे की वरुथिनी एकादशी, जो साल 2025 में 24 अप्रैल को है। इस पृष्ठ पर, हम वरुथिनी एकादशी के महत्व, व्रत के शुभ मुहूर्त, विधि और इस पवित्र तिथि के दौरान किए जाने वाले उपायों के बारे में…

कैलाश मानसरोवर झील – आध्यात्मिकता, सौंदर्य और दुर्लभता का अद्वितीय संगम

हिमालय की विशाल पर्वतमाला में, समुद्र तल से कई मीटर ऊपर स्थित मानसरोवर झील (जिसे मानस सरोवर भी कहा जाता है) तिब्बत में कैलाश पर्वत के समीप स्थित है। यह पवित्र झील ल्हासा से लगभग 2000 किलोमीटर दूर है और विश्व की सबसे ऊँची मीठे जल की झील मानी जाती है। संस्कृत में इसका नाम…

श्री लिंगाष्टकम स्तोत्र

|| श्री लिंगाष्टकम स्तोत्र || ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम्। जन्मजदुःखविनाशकलिङ्ग तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम्। रावणदर्पविनाशन लिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धन कारणलिङ्गम्। सिद्धसुराऽसुरवन्दितलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम्। दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्ग तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ कुंकुमचन्दनलेपितलिङ्गं पंकजहारसुशोभितलिङ्गम्। सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम्। दिनकरकोटि प्रभाकरलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ अष्टदलोपरि वेष्टितलिङ्गं सर्वसमुद्भव कारणलिङ्गम्। अष्टदरिद्र विनाशितलिङ्गं तत्प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम्…

Kailash Mansarovar Yatra 2025 – कैलाश मानसरोवर यात्रा जानिए तारीखें, रूट और आवेदन प्रक्रिया

Kailash Mansarovar Yatra

हर साल मई से अक्टूबर के बीच, हज़ारों श्रद्धालु विश्व के विभिन्न कोनों से आकर कैलाश पर्वत, मानसरोवर झील, अष्टपद और अन्य पवित्र स्थलों की यात्रा पर निकलते हैं। यह यात्रा शिवभक्तों के लिए न केवल एक धार्मिक अनुभव होता है, बल्कि एक गहन आध्यात्मिक साधना भी होती है। हम हर वर्ष श्रद्धालुओं की सुविधा…

कालभैरव अष्टक स्तोत्र

|| कालभैरव अष्टक स्तोत्र (Kaalbhairav Ashtak Stotram) || देवराजसेव्यमान- पावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम्। नारदादियोगिवृन्दवन्दितं दिगम्बरं काशिकापुराधिनाथ- कालभैरवं भजे। भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थ- दायकं त्रिलोचनम्। कालकालमम्बुजाक्ष- मक्षशूलमक्षरं काशिकापुराधिनाथ- कालभैरवं भजे। शूलटङ्कपाशदण्ड- पाणिमादिकारणं श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम्। भीमविक्रमं प्रभुं विचित्रताण्डवप्रियं काशिकापुराधिनाथ- कालभैरवं भजे। भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं भक्तवत्सलं स्थिरं समस्तलोकविग्रहम्। निक्क्वणन्मनोज्ञहेम- किङ्किणीलसत्कटिं काशिकापुराधिनाथ- कालभैरवं भजे। धर्मसेतुपालकं त्वधर्ममार्गनाशकं कर्मपाशमोचकं सुशर्मदायकं विभुम्। स्वर्णवर्णकेशपाश- शोभिताङ्गनिर्मलं…

सुब्रह्मण्य अपराध क्षमापण स्तोत्रम्

|| सुब्रह्मण्य अपराध क्षमापण स्तोत्रम् || नमस्ते नमस्ते गुह तारकारे नमस्ते नमस्ते गुह शक्तिपाणे । नमस्ते नमस्ते गुह दिव्यमूर्ते क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम् ॥ 1 ॥ नमस्ते नमस्ते गुह दानवारे नमस्ते नमस्ते गुह चारुमूर्ते । नमस्ते नमस्ते गुह पुण्यमूर्ते क्षमस्व क्षमस्व समस्तापराधम् ॥ 2 ॥ नमस्ते नमस्ते महेशात्मपुत्र नमस्ते नमस्ते मयूरासनस्थ । नमस्ते नमस्ते सरोर्भूत देव…

सुब्रह्मण्य स्तोत्रम्

|| सुब्रह्मण्य स्तोत्रम् || युधिष्ठिरौवाच- भगवन्श्रोतुमिच्छामि नामानि च महात्मनः । त्रिषु लोकेषु यान्यस्य विख्यातानि द्विजोत्तम ॥ १॥ वैशम्पायन उवाच- इत्युक्तः पाण्डवेयेन महात्मा ऋषिसन्निधौ । उवाच भगवांस्तत्र मार्कण्डेयो महातपाः ॥ २॥ आग्नेयश्चैव स्कन्दश्च दीप्तकीर्तिरनामयः । मयूरकेतुर्धर्मात्मा भूतेशो महिषार्दनः ॥ ३॥ कामजित्कामदः कान्तः सत्यवाग्भुवनेश्वरः । शिशुः शीघ्रः शुचिश्चण्डो दीप्तवर्णः शुभाननः ॥ ४॥ अमोघस्त्वनघो रौद्रः प्रियश्चन्द्राननस्तथा । दीप्तशक्तिः…

श्री सिद्धमंगल स्तोत्र

|| श्री सिद्धमंगल स्तोत्र || श्रीमदनन्त श्रीविभूषित अप्पललक्ष्मीनरसिंहराज । जय विजयी भव दिग्विजयी भव श्रीमदखण्ड श्रीविजयी भव ॥ १॥ श्रीविद्याधरी राधासुरेखा श्रीराखीधर श्रीपाद । जय विजयी भव दिग्विजयी भव श्रीमदखण्ड श्रीविजयी भव ॥ २॥ माता सुमती वात्सल्यामृत परिपोषित जय श्रीपाद । जय विजयी भव दिग्विजयी भव श्रीमदखण्ड श्रीविजयी भव ॥ ३॥ सत्यऋषिश्वर दुहितानन्दन बापनार्यनुत श्रीचरण…

लिङ्गाष्टकम्

॥ लिङ्गाष्टकम् ॥ ब्रह्ममुरारिसुरार्चितलिङ्गं निर्मलभासितशोभितलिङ्गम् । जन्मजदुःखविनाशकलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ देवमुनिप्रवरार्चितलिङ्गं कामदहं करुणाकरलिङ्गम् । रावणदर्पविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ सर्वसुगन्धिसुलेपितलिङ्गं बुद्धिविवर्धनकारणलिङ्गम् । सिद्धसुरासुरवन्दितलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ कनकमहामणिभूषितलिङ्गं फणिपतिवेष्टितशोभितलिङ्गम् । दक्षसुयज्ञविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ कुङ्कुमचन्दनलेपितलिङ्गं पङ्कजहारसुशोभितलिङ्गम् । सञ्चितपापविनाशनलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ देवगणार्चितसेवितलिङ्गं भावैर्भक्तिभिरेव च लिङ्गम् । दिनकरकोटिप्रभाकरलिङ्गं तत् प्रणमामि सदाशिवलिङ्गम् ॥ अष्टदलोपरिवेष्टितलिङ्गं…

नटराज जी आरती

|| नटराज जी आरती (Natraj Aarti PDF Hindi) || सत सृष्टि तांडव रचयिता नटराज राज नमो नमः… हेआद्य गुरु शंकर पिता नटराज राज नमो नमः… गंभीर नाद मृदंगना धबके उरे ब्रह्मांडना नित होत नाद प्रचंडना नटराज राज नमो नमः… शिर ज्ञान गंगा चंद्रमा चिद्ब्रह्म ज्योति ललाट मां विषनाग माला कंठ मां नटराज राज नमो नमः……

श्री पुरुषोत्तम देव आरती

|| श्री पुरुषोत्तम देव आरती || जय पुरुषोत्तम देवा, स्वामी जय पुरुषोत्तम देवा। महिमा अमित तुम्हारी, सुर-मुनि करें सेवा॥ जय पुरुषोत्तम देवा॥ सब मासों में उत्तम, तुमको बतलाया। कृपा हुई जब हरि की, कृष्ण रूप पाया॥ जय पुरुषोत्तम देवा॥ पूजा तुमको जिसने सर्व सुक्ख दीना। निर्मल करके काया, पाप छार कीना॥ जय पुरुषोत्तम देवा॥ मेधावी…

वायु नंदन की आरती

|| वायु नंदन की आरती (Vayu Nandan Aarti PDF Hindi) || हे वायु नंदन तेरी आरती गाऊँ , आरती गाऊँ प्यारे आपको मनाऊँ, आपको मनाऊँ प्यारे आपको रिझाऊँ, हे वायु नंदन तेरी आरती गाऊँ , मस्तक पे है मुकूट बिराजे , हृदय में श्री राम बिराजे, उन चरणों के में दरसन पाऊँ, हे वायु नंदन…

श्री बद्रीनाथजी आरती

|| श्री बद्रीनाथजी आरती (Badrinath Aarti PDF Hindi) || पवन मंद सुगंध शीतल, हेम मंदिर शोभितम् । निकट गंगा बहत निर्मल, श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम् ॥ शेष सुमिरन करत निशदिन, धरत ध्यान महेश्वरम् । वेद ब्रह्मा करत स्तुति, श्री बद्रीनाथ विश्वम्भरम् ॥ ॥ पवन मंद सुगंध शीतल…॥ शक्ति गौरी गणेश शारद, नारद मुनि उच्चारणम् । जोग…

श्री वैद्यनाथाष्टकम्

|| श्री वैद्यनाथाष्टकम् PDF || श्री राम सौमित्रिजटायुवेद षडाननादित्य कुजार्चिताय । श्रीनीलकण्ठाय दयामयाय श्री वैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ गङ्गाप्रवाहेन्दु जटाधराय त्रिलोचनाय स्मर कालहन्त्रे । समस्त देवैरभिपूजिताय श्री वैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ भक्तप्रियाय त्रिपुरान्तकाय पिनाकिने दुष्टहराय नित्यम् । प्रत्यक्षलीलाय मनुष्यलोके श्री वैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥ प्रभूतवातादि समस्तरोग- प्रणाशकर्त्रे मुनिवन्दिताय । प्रभाकरेन्द्वग्निविलोचनाय श्री वैद्यनाथाय नमः शिवाय ॥…

श्री विट्ठल आरती

|| श्री विट्ठल आरती || युगे अठ्ठावीस विटेवरी ऊभा । वामांगी रखुमाई दिसे दिव्य शोभा । पुंडलिकाचे भेटी परब्रह्म आलें गा । चरणी वाहे भीमा उद्धारी जगा ।। जय देव जय देव जय पांडुरंगा । रखुमाईवल्लभा राईच्या वल्लभा पावे जिवलगा ।। तुळसी माळा गळा कर ठेवुनी कटी । कांसे पीतांबर कस्तुरी लल्लाटी । देव सुरवर…

श्री कुंजबिहारी अष्टक

|| श्री कुंजबिहारी अष्टक || यः स्तूयते श्रुतिगणैर्निपुणैरजस्रं, सम्पूज्यते क्रतुगतैः प्रणतैः क्रियाभिः। तं सर्वकर्मफलदं निजसेवकानां, श्रीमद् विहारिचरणं शरणं प्रपद्ये॥ यं मानसे सुमतयो यतयो निधाय, सद्यो जहुः सहृदयान्धकारम्। तं चन्द्रमण्डल-नखावलि-दीप्यमानं, श्री मद् विहारिचरणं शरणं प्रपद्ये॥ येन क्षणेन समकारि विपद्वियोगो, ध्यानास्पदं सुगमितेन नुतेन विज्ञैः। तं तापवारण-तनवारण-सांकुषांकं, श्री मद् विहारिचरणं शरणं प्रपद्ये॥ यस्मै विधाय विधिना विधिनारदाद्याः पूजां विवेकवरदां…

श्री विश्वनाथ अष्टकम्

॥ श्री विश्वनाथाष्टकम् ॥ गङ्गातरङ्गरमणीयजटाकलापं गौरीनिरन्तरविभूषितवामभागम् नारायणप्रियमनङ्गमदापहारं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥ वाचामगोचरमनेकगुणस्वरूपं वागीशविष्णुसुरसेवितपादपीठम्। वामेन विग्रहवरेण कलत्रवन्तं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥ भूताधिपं भुजगभूषणभूषिताङ्गं व्याघ्राजिनाम्बरधरं जटिलं त्रिनेत्रम्। पाशाङ्कुशाभयवरप्रदशूलपाणिं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥ शीतांशुशोभितकिरीटविराजमानं भालेक्षणानलविशोषितपञ्चबाणम्। नागाधिपारचितभासुरकर्णपूरं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥ पञ्चाननं दुरितमत्तमतङ्गजा नांनागान्तकं दनुजपुङ्गवपन्नगानाम्। दावानलं मरणशोकजराटवीनां वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥ तेजोमयं सगुणनिर्गुणमद्वितीय- मानन्दकन्दमपराजितमप्रमेयम्। नागात्मकं सकलनिष्कलमात्मरूपं वाराणसीपुरपतिं भज विश्वनाथम्॥ रागादिदोषरहितं स्वजनानुरागं वैराग्यशान्तिनिलयं गिरिजासहायम् माधुर्यधैर्यसुभगं…

श्री पार्वतीवल्लभ अष्टकम

|| श्री पार्वतीवल्लभ अष्टकम || नमो भूतनाथं नमो देवदेवं नमः कालकालं नमो दिव्यतेजम् । नमः कामभस्मं नमश्शांतशीलं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकंठम् ॥ सदा तीर्थसिद्धं सदा भक्तरक्षं सदा शैवपूज्यं सदा शुभ्रभस्मम् । सदा ध्यानयुक्तं सदा ज्ञानतल्पं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकंठम् ॥ श्मशानं शयानं महास्थानवासं शरीरं गजानां सदा चर्मवेष्टम् । पिशाचं निशोचं पशुनां प्रतिष्ठं भजे पार्वतीवल्लभं नीलकंठम् ॥ फणीनागकण्ठे…

Akshaya Tritiya 2025 – अक्षय तृतीया महोत्सव जानें, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व, अनुष्ठान और उत्सव

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अक्षय तृतीया हिंदू धर्म के सबसे शुभ त्योहारों में से एक है। यह वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस साल अक्षय तृतीया 30 अप्रैल 2025 को है। अक्षय तृतीया एक हिंदू पर्व है जो भारतीय समाज में बहुत उत्साह और उत्सव के साथ मनाया जाता है। यह पर्व…

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