श्री सूर्य कवच स्तोत्रम्

भगवान सूर्य की आराधना के लिए श्री सूर्य कवच स्तोत्रम् एक अत्यंत प्रभावशाली और शक्तिशाली पाठ है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित रूप से इस कवच का पाठ करने से साधक को आरोग्य, तेज और लंबी आयु की प्राप्ति होती है। यह स्तोत्र न केवल शारीरिक रोगों से रक्षा करता है, बल्कि मानसिक शांति और…

सूर्य सूक्तम्

ऋग्वेद का सूर्य सूक्तम् भगवान सूर्य की स्तुति में समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली और तेजस्वी सूक्त है। इसमें सूर्य देव को चराचर जगत की आत्मा और समस्त ऊर्जा का स्रोत माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस सूक्त का नियमित पाठ करने से शारीरिक रोगों का नाश होता है, नेत्र ज्योति बढ़ती है और…

श्री सूर्य सहस्रनाम स्तोत्रम्

श्री सूर्य सहस्रनाम स्तोत्रम् भगवान सूर्य देव को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र पाठ है। इसमें सूर्य देव के 1000 दिव्य नामों का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि इसका नियमित पाठ करने से व्यक्ति को शारीरिक आरोग्य, मानसिक शांति और तेज प्राप्त होता है। यह स्तोत्र न केवल आध्यात्मिक उन्नति में सहायक…

श्री आदित्य द्वादशनाम स्तोत्रम्

भगवान सूर्य देव की महिमा अपार है, और उनकी कृपा प्राप्त करने का सबसे सरल मार्ग ‘आदित्य द्वादशनाम स्तोत्रम्’ का पाठ है। इस स्तोत्र में सूर्य देव के १२ प्रभावशाली नामों का वर्णन है, जिनमें आदित्य, सविता, भास्कर और दिवाकर जैसे नाम शामिल हैं। मान्यता है कि प्रतिदिन सूर्योदय के समय इन नामों का जप…

श्री शनैश्चर सहस्रनामावली

श्रीशनैश्चरसहस्रनामावळिः (Shani Sahastranamavali PDF) भगवान शनिदेव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत शक्तिशाली स्रोत है। इसमें शनि देव के 1000 पवित्र नामों का संकलन है, जिनका श्रद्धापूर्वक पाठ करने से जीवन के कष्टों, बाधाओं और साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों से मुक्ति मिलती है। शनि देव न्याय के देवता हैं, और…

श्री बुध कवचम्

श्री बुध कवचम् भगवान बुद्ध (बुध ग्रह) को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बुध देव को बुद्धि, संचार, व्यापार और तर्कशक्ति का कारक माना जाता है। यदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर है या आप पढ़ाई और कार्यक्षेत्र में एकाग्रता की कमी महसूस करते हैं, तो इस कवच…

बुध कवच स्तोत्र

बुध कवच स्तोत्र (Budh Kavach PDF) भगवान बुध (Mercury) की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत शक्तिशाली और सिद्ध माध्यम है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि आपकी कुंडली में बुध कमजोर है या अशुभ फल दे रहा है, तो इस कवच का नियमित पाठ करना लाभकारी माना जाता है। यह स्तोत्र न केवल बौद्धिक क्षमता…

श्री बुध स्तोत्रम्

बुध ग्रह की शांति और बुद्धि की तीक्ष्णता के लिए श्री बुध स्तोत्रम् का पाठ (Budh Stotram PDF) अत्यंत फलदायी माना गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि कुंडली में बुध कमजोर स्थिति में हो, तो व्यक्ति को निर्णय लेने में कठिनाई, वाणी दोष या त्वचा संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस…

श्री सरस्वती अष्टोत्तरशतनामावली

श्री सरस्वती अष्टोत्तरशतनामावली (Saraswati Ashtottara Satanamavali PDF) माँ सरस्वती के 108 दिव्य नामों का एक अत्यंत प्रभावशाली संग्रह है। विद्या, बुद्धि और कला की देवी को प्रसन्न करने के लिए इन नामों का जाप करना सर्वोत्तम माना जाता है। विद्यार्थियों और साधकों के लिए इसका नियमित पाठ एकाग्रता बढ़ाने और मानसिक स्पष्टता प्राप्त करने में…

देवी सरस्वती सहस्रनामावली

देवी सरस्वती सहस्रनामावली (Saraswati Sahastranamavali PDF) हिंदू धर्म में ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र स्तोत्र है। ‘सहस्रनामावली’ का अर्थ है माता के 1000 विशिष्ट नामों का संग्रह। मान्यता है कि इन नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से बुद्धि का विकास होता है, एकाग्रता बढ़ती है…

माता रामो मत्पिता रामचन्द्र – श्लोक अर्थ सहित

यह प्रसिद्ध श्लोक श्री रामरक्षा स्तोत्र का एक अत्यंत भावपूर्ण अंश है, जो भगवान राम के प्रति पूर्ण समर्पण और अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। इस श्लोक के माध्यम से भक्त अपनी आध्यात्मिक पहचान को केवल श्री राम से जोड़ता है। यह श्लोक हमें सिखाता है कि जब हम ईश्वर को अपने माता-पिता और मित्र…

गजेंद्र मोक्ष पाठ

गजेन्द्र मोक्ष पाठ (Gajendra Moksha Path PDF) श्रीमद्भागवत पुराण के आठवें स्कंध का एक अत्यंत प्रभावशाली और भक्तिपूर्ण अध्याय है। यह पाठ संकट के समय भगवान विष्णु की शरण में जाने और पूर्ण समर्पण की शक्ति को दर्शाता है। जब एक शक्तिशाली हाथी (गजेन्द्र) को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था और उसके सभी प्रयास विफल…

सम्पूर्ण दुर्गा कवच पाठ (विधि और लाभ)

श्री दुर्गा कवच मार्कण्डेय पुराण के ‘देवी महात्म्य’ का एक अत्यंत शक्तिशाली और महत्वपूर्ण अंश है। आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, इसका नियमित पाठ व्यक्ति के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा (कवच) तैयार करता है, जो नकारात्मक ऊर्जाओं, भय और बाधाओं से रक्षा करता है। इसमें देवी दुर्गा के विभिन्न रूपों का आह्वान किया गया है,…

श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र पाठ

श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र (Vishnu Sahasranama Stotram PDF) हिंदू धर्म के सबसे प्रभावशाली और पवित्र पाठों में से एक है। महाभारत के ‘अनुशासन पर्व’ से उद्धृत इस स्तोत्र में भगवान विष्णु के 1000 दिव्य नामों का वर्णन है। मान्यता है कि इसका नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है, भय का नाश होता…

शिव स्वर्णमाला स्तुति

भगवान शिव की महिमा अनंत है, और शिव स्वर्णमाला स्तुति (Shiv Swarnamala Stuti PDF) उनकी आराधना का एक अत्यंत प्रभावशाली और मधुर स्त्रोत है। महान दार्शनिक आदि शंकराचार्य द्वारा रचित यह स्तुति संस्कृत के वर्णमाला अक्षरों पर आधारित है, जिसमें प्रत्येक श्लोक भगवान भोलेनाथ के दिव्य स्वरूप, उनकी दया और उनकी शक्ति का वर्णन करता…

श्री दत्त स्तोत्रम् (चित्तस्थिरीकर)

भगवान दत्तात्रेय को समर्पित चित्तस्थिरीकर दत्त स्तोत्रम् (Chitta Sthirikara Datta Stotram PDF) एक अत्यंत प्रभावशाली और शांतदायक स्तोत्र है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है, ‘चित्त-स्थिरीकर’ का अर्थ है मन को स्थिर करने वाला। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जब मानसिक तनाव और अशांति बढ़ जाती है, तब इस स्तोत्र का पाठ…

भगवान राम सहस्रनामावली

भगवान श्री राम की महिमा अनंत है और उनकी स्तुति का एक अत्यंत प्रभावशाली माध्यम “भगवान राम सहस्रनामावली” है। इसमें प्रभु श्री राम के एक हजार दिव्य नामों का संग्रह है, जो उनके विभिन्न गुणों, अवतारों और लीलाओं का वर्णन करते हैं। इस नामावली का पाठ न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि साधक…

श्री राम हृदयम्

श्री राम हृदयम् अध्यात्म रामायण के युद्ध कांड का एक अत्यंत पवित्र और सारगर्भित अंश है। यह भगवान श्री राम के वास्तविक स्वरूप और उनकी दिव्य शक्ति का निरूपण करता है। इसमें श्री राम को केवल एक राजा या मनुष्य के रूप में नहीं, बल्कि परम ब्रह्म, अजन्मा और अविनाशी तत्व के रूप में वर्णित…

Chaitra Navratri 2026 – चैत्र नवरात्रि पूजा मंत्र

साल 2026 में चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व 19 मार्च, गुरुवार से शुरू होकर 27 मार्च, शुक्रवार तक मनाया जाएगा। यह त्योहार हिंदू नववर्ष (विक्रम संवत 2083) के आगमन का प्रतीक है और नौ दिनों तक मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की उपासना की जाती है। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना (कलश स्थापना) का विशेष…

बृहस्पति कवच पाठ

बृहस्पति कवच पाठ (Brihaspati Kavach Path) देवगुरु बृहस्पति को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और कल्याणकारी स्तोत्र है। इस पाठ का मुख्य उद्देश्य बृहस्पति ग्रह के शुभ प्रभावों को बढ़ाना और उनके नकारात्मक असर को कम करना है। जो व्यक्ति नियमित रूप से, विशेषकर गुरुवार के दिन, इस कवच का पाठ करता है, उसे ज्ञान, बुद्धि,…

Monday Fast – सोमवार व्रत एवं पूजा के लिए शक्तिशाली शिव मंत्र – अर्थ और लाभ सहित

Lord Shiva Mantra

सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन मंत्र जाप का विशेष महत्व है। भक्तों को “महामृत्युंजय मंत्र” ( ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ ) जपने की सलाह दी जाती है। यह मंत्र आरोग्य, दीर्घायु और भय से मुक्ति प्रदान करता है। इसके अलावा, पंचक्षरी मंत्र “ॐ नमः…

Matsya Puran Part 1 (मत्स्य पुराण – भाग 1)

Matsya Puran Part 1 (मत्स्य पुराण - भाग 1)

मत्स्य पुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक है और इसका नाम ‘मत्स्य’ (मत्स्य = मछली) से लिया गया है। यह पुराण भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से संबंधित कथाओं और धार्मिक शिक्षा का स्रोत है। मत्स्य पुराण का पहला भाग प्राचीन भारतीय धर्म, संस्कृति, और ज्योतिष का महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें…

Matsya Puran Part 2 (मत्स्य पुराण – भाग 2)

Matsya Puran Part 2 (मत्स्य पुराण - भाग 2)

मत्स्य पुराण का दूसरा भाग धार्मिक, ऐतिहासिक, और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसमें पौराणिक कथाओं, धार्मिक अनुष्ठानों, और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों का विस्तृत वर्णन किया गया है। इस भाग में मुख्य रूप से धार्मिक शिक्षाओं, विभिन्न देवी-देवताओं की कहानियों, और यथार्थ के बारे में गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। मत्स्य पुराण की…

कालभैरवाष्टकम्

|| कालभैरवाष्टकम् (Kalbhairav Ashtakam Sanskrit PDF) || देवराजसेव्यमानपावनाङ्घ्रिपङ्कजं व्यालयज्ञसूत्रमिन्दुशेखरं कृपाकरम् । नारदादियोगिबृन्दवन्दितं दिगम्बरं काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ १ ॥ भानुकोटिभास्वरं भवाब्धितारकं परं नीलकण्ठमीप्सितार्थदायकं त्रिलोचनम् । कालकालमम्बुजाक्षमक्षशूलमक्षरं काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ २ ॥ शूलटङ्कपाशदण्डपाणिमादिकारणं श्यामकायमादिदेवमक्षरं निरामयम् । भीमविक्रमं प्रभुं विचित्रताण्डवप्रियं काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥ ३ ॥ भुक्तिमुक्तिदायकं प्रशस्तचारुविग्रहं भक्तवत्सलं स्थिरं समस्तलोकविग्रहम् । निक्वणन्मनोज्ञहेमकिङ्किणीलसत्कटिं काशिकापुराधिनाथ कालभैरवं भजे ॥…

कालभैरव सहस्रनामावली

कालभैरव सहस्रनामावली भगवान कालभैरव के 1000 पवित्र और दिव्य नामों का संग्रह है। कालभैरव को समय के अधिपति, मृत्यु के रक्षक और शिव के अंशावतार के रूप में पूजा जाता है। उनकी शक्ति और भयानक रूप बुराई और नकारात्मकता को समाप्त करते हैं। कालभैरव सहस्रनामावली में उनके अद्वितीय नामों के माध्यम से उनकी महिमा, शक्ति…

श्री जगद्धात्री स्तोत्रम्

श्री जगद्धात्री स्तोत्रम् माँ जगद्धात्री को समर्पित एक दिव्य स्तुति है। ‘जगद्धात्री’ का अर्थ है संसार को धारण करने वाली। यह स्तोत्र देवी के आधार-स्वरूप और पालनकर्ता रूप का गुणगान करता है। इसमें माँ को शक्तिरूपेण और जगदानन्दे (जगत को आनंद देने वाली) कहकर नमन किया गया है। भक्त उन्हें दुःखमोचनी और सर्वापत्तारिका (सभी विपत्तियों…

श्री तुलसी कवच

श्री तुलसी कवच एक अत्यंत पवित्र और शक्तिशाली रक्षा स्तोत्र है जो देवी तुलसी को समर्पित है। इसे पढ़ने से साधक को तुलसी माता का सुरक्षा चक्र प्राप्त होता है। यह कवच व्यक्ति को हर तरह के भय, रोग, और नकारात्मक शक्तियों से बचाता है। भारतीय घरों में तुलसी को देवी लक्ष्मी का रूप मानकर…

तुलसी मंत्र

तुलसी मंत्र, माँ तुलसी को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र है, जिन्हें हिंदू धर्म में एक देवी और भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। तुलसी के पौधे को ‘वृंदा’ भी कहा जाता है और यह घर में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को रोगों से मुक्ति, सौभाग्य…

तुलसी सहस्रनामावली

तुलसी सहस्रनामावली में माता तुलसी के 1000 खास नाम लिखे गए हैं। हिंदू धर्म में तुलसी को बहुत ही शुभ और पवित्र माना जाता है। तुलसी माता विष्णु जी की बहुत बड़ी भक्त हैं और उनका पौधा ही देवी का रूप है। इस नामावली में तुलसी माता की पवित्रता, शक्ति और उनके गुणों के बारे…

छठ पूजा मंत्र

|| छठ पूजा मंत्र (Chhath Puja Mantra PDF) || छठ पूजा के मंत्रों का PDF दस्तावेज़ भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत है। यह पवित्र पर्व सूर्य देव और छठी मैया को समर्पित है, जिसमें व्रतधारी चार दिनों तक कठोर उपवास करते हैं। PDF में मुख्य रूप से सूर्य अर्घ्य मंत्र जैसे ‘ॐ ऐहि सूर्य…

श्रीकमलाम्बाष्टकम्

श्रीकमलाम्बाष्टकम् देवी श्री कमलाम्बा को समर्पित एक संस्कृत स्तोत्र है, जो माँ लक्ष्मी का ही एक रूप हैं। यह स्तोत्र विशेष रूप से संगीतकार मुत्तुस्वामी दीक्षितर द्वारा रचित ‘कमलाम्बा नववक्र कृति’ नामक प्रसिद्ध रचनाओं का एक भाग हो सकता है। “श्रीकमलाम्बाष्टकम् PDF” हिंदी में उपलब्ध एक दस्तावेज़ को संदर्भित करता है। इस PDF में आमतौर…

श्री कमला कवचम्

श्री कमला कवचम् (Shri Kamala Kavacham) एक शक्तिशाली हिंदू स्तोत्र है जो देवी कमला, दस महाविद्याओं में से एक और धन-समृद्धि की देवी माँ लक्ष्मी का आह्वान करता है। यह कवच (अभेद मंत्र) भक्तों को भौतिक और आध्यात्मिक दोनों तरह के शत्रुओं से सुरक्षा प्रदान करने के लिए रचा गया है। ‘श्री कमला कवचम् PDF’…

सिद्धशारदास्तुतिः

“सिद्धशारदास्तुतिः” एक संस्कृत स्तोत्र है जो विद्या और ज्ञान की देवी माँ शारदा (सरस्वती) की स्तुति में रचा गया है। यह स्तुति साधकों द्वारा माँ सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से पढ़ी जाती है ताकि वे ज्ञान, बुद्धि और कला के क्षेत्र में सिद्धि प्राप्त कर सकें। इसका नाम ‘सिद्धशारदा’ इंगित…

श्रीशारदादेवीस्तुतिः

श्रीशारदादेवीस्तुतिः PDF स्वामी रामकृष्ण परमहंस की धर्मपत्नी और आध्यात्मिक सहधर्मिणी, माँ शारदा देवी (श्री माँ) को समर्पित एक पवित्र स्तुति है। यह संस्कृत पाठ उनकी अलौकिक दिव्यता, मातृ-प्रेम और त्यागपूर्ण जीवन की महिमा का वर्णन करता है। स्तुति में उन्हें साक्षात ‘परमा प्रकृति’ और देवी सरस्वती का अवतार बताया गया है। इस स्तुति का हिंदी…

श्री शारदा भुजङ्ग प्रयाताष्टकम्

श्री शारदा भुजङ्ग प्रयाताष्टकम् एक संस्कृत स्तोत्र है जो विद्या और कला की देवी माँ शारदा (सरस्वती) की स्तुति में रचा गया है। ‘भुजंगप्रयात’ एक विशेष छंद का नाम है, जिसका अर्थ है ‘सर्प की चाल’। इस अष्टकम् में आठ श्लोक हैं जिनके माध्यम से भक्त देवी से बुद्धि, ज्ञान और अज्ञान के नाश की…

श्री कमलाष्टोत्तरशतनामावली

श्री कमलाष्टोत्तरशतनामावली PDF माँ कमला (दश महाविद्याओं में से एक) को समर्पित एक पवित्र स्तोत्र है, जिसमें उनके 108 नामों का वर्णन है। यह PDF भक्तों के लिए एक महत्त्वपूर्ण धार्मिक संसाधन है, जो उन्हें इस स्तोत्र का पाठ करने और देवी कमला का पूजन करने में सहायता करता है। यह नामावली देवी लक्ष्मी का…

देवी कमला सहस्रनामावली

देवी कमला सहस्रनामावली देवी कमला के 1000 दिव्य नामों का संग्रह है, जो धन, समृद्धि और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। देवी कमला, महालक्ष्मी का एक रूप हैं और उनकी पूजा से साधक को जीवन में सुख-समृद्धि और आध्यात्मिक शांति की प्राप्ति होती है। सहस्रनामावली में उनके विभिन्न नामों का उल्लेख उनकी महिमा,…

श्री राधाकुण्ड अष्टकम

श्री राधाकुण्ड अष्टकम – श्री राधाकुण्ड की महिमा का गुणगान करने वाली आठ श्लोकों की एक स्तुति है। यह अष्टकम ब्रजभूमि में स्थित परम पावन श्री राधाकुण्ड के दिव्य स्वरूप, उसके महत्त्व और वहाँ होने वाली श्री राधा-कृष्ण की लीलाओं का वर्णन करता है। हिंदी PDF प्रारूप में यह स्तोत्र अर्थ (अर्थात अनुवाद) सहित आसानी…

अट्टालसुन्दराष्टकम्

|| अट्टालसुन्दराष्टकम् (Attala Sundara Ashtakam PDF) || विक्रमपाण्ड्य उवाच- कल्याणाचलकोदण्डकान्तदोर्दण्डमण्डितम् । कबलीकृतसंसारं कलयेऽट्टालसुन्दरम् ॥ १ ॥ कालकूटप्रभाजालकलङ्कीकृतकन्धरम् । कलाधरं कलामौलिं कलयेऽट्टालसुन्दरम् ॥ २ ॥ कालकालं कलातीतं कलावन्तं च निष्कलम् । कमलापतिसंस्तुत्यं कलयेऽट्टालसुन्दरम् ॥ ३ ॥ कान्तार्धं कमनीयाङ्गं करुणामृतसागरम् । कलिकल्मषदोषघ्नं कलयेऽट्टालसुन्दरम् ॥ ४ ॥ कदम्बकाननाधीशं काङ्क्षितार्थसुरद्रुमम् । कामशासनमीशानं कलयेऽट्टालसुन्दरम् ॥ ५ ॥ सृष्टानि मायया येन…

श्री अनन्तपद्मनाभ अष्टोत्तरशतनामावलिः

श्री अनन्तपद्मनाभ अष्टोत्तरशतनामावलि भगवान विष्णु के अनन्तपद्मनाभ स्वरूप की महिमा का गुणगान करने वाली 108 नामों की एक पवित्र नामावलि है। “अष्टोत्तरशत” का अर्थ 108 होता है, और “नामावलि” का अर्थ नामों की माला। यह नामावलि मुख्य रूप से तिरुवनंतपुरम (केरल) के प्रसिद्ध श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के आराध्य देव, भगवान अनन्तपद्मनाभ को समर्पित है। यह…

भोर भई दिन चढ़ गया – नवरात्रि माता के भजन

|| भोर भई दिन चढ़ गया – भजन || भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, हो रही जय जय कार मंदिर विच आरती जय माँ । हे दरबारा वाली आरती जय माँ । ओ पहाड़ा वाली आरती जय माँ ॥ काहे दी मैया तेरी आरती बनावा, काहे दी पावां विच बाती, मंदिर विच आरती…

हिमालयराजकृत शैलपुत्रीस्तुतिः

शैलपुत्री माता नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं, जिनकी आराधना से साधक का जीवन पवित्र और ऊर्जावान बनता है। शैलपुत्री स्तुति में भक्त मां का स्मरण करते हुए उन्हें हिमालय की कन्या, समस्त शक्ति का आधार और सच्चे भक्ति मार्ग की प्रेरणा के रूप में वंदन करते हैं। माता के चरणों में पुष्प अर्पण कर, धूप-दीप…

ऋषिकृता कात्यायनीस्तुतिः

कात्यायनी स्तुति देवी दुर्गा के छठे स्वरूप की स्तुति है, जिसे श्रद्धा और भक्ति से गाया जाता है। इस स्तुति का पाठ करने से साधक को विवाह, संतान सुख और जीवन में हर प्रकार की सफलता की प्राप्ति होती है। कात्यायनी माता की स्तुति करने से मनोवांछित फल मिलता है और नारी जाति को विशेष…

श्री विश्वकर्मा स्तुति

|| श्री विश्वकर्मा स्तुतिः (Vishwakarma Stuti Mantra PDF) || पञ्चवक्त्रं जटाजूटं पञ्चादशविलोचनम् । सद्योजाताननं श्वेतं वामदेवं तु कृष्णकम् ॥ १ अघोरं रक्तवर्णं तत्पुरुषं पीतवर्णकम् । ईशानं श्यामवर्णं च शरीरं हेमवर्णकम् ॥ २ दशबाहुं महाकायं कर्णकुण्डलमण्डितम् । पीताम्बरं पुष्पमाला नागयज्ञोपवीतनम् ॥ ३ रुद्राक्षमालाभरणं व्याघ्रचर्मोत्तरीयकम् । अक्षमालां च पद्मं च नागशूलपिनाकिनम् ॥ ४ डमरुं वीणां बाणं च…

भैरवरूप शिव स्तुति

|| भैरवरूप शिव स्तुति (Bhairavroop Shiv Stuti PDF) || देव, भीषणाकार, भैरव, भयंकर, भूत-प्रेत-प्रमथाधिपति, विपति-हर्ता । मोह-मूषक-मार्जार, संसार-भय-हरण, तारण-तरण, अभय कर्ता ॥ अतुल बल, विपुलविस्तार, विग्रहगौर, अमल अति धवल धरणीधराभं । शिरसि संकुलित-कल-जूट पिंगलजटा, पटल शत-कोटि-विद्युच्छटाभं ॥ भ्राज विबुधापगा आप पावन परम, मौलि-मालेव शोभा विचित्रं । ललित लल्लाटपर राज रजनीशकल, कलाधर, नौमि हर धनद-मित्रं ॥…

धन्वन्तरि सहस्रनामावली

श्री धन्वन्तरि भगवान को आयुर्वेद के जनक और स्वास्थ्य के देवता माना जाता है। उनका प्रकट होना समुद्र मंथन के समय अमृत कलश के साथ हुआ था। वे सभी रोगों के निवारणकर्ता और आरोग्य के संरक्षक माने जाते हैं। श्री धन्वन्तरि सहस्रनामावली में उनके एक हजार दिव्य नामों का संग्रह है, जो उनकी शक्ति, करुणा…

श्री रमापत्यष्टकम्

|| श्री रमापत्यष्टकम् (Ramapati Ashtakam PDF) || जगदादिमनादिमजं पुरुषं शरदम्बरतुल्यतनुं वितनुम् । धृतकञ्जरथाङ्गगदं विगदं प्रणमामि रमाधिपतिं तमहम् ॥ १ ॥ कमलाननकञ्जरतं विरतं हृदि योगिजनैः कलितं ललितम् । कुजनैः सुजनैरलभं सुलभं प्रणमामि रमाधिपतिं तमहम् ॥ २ ॥ मुनिबृन्दहृदिस्थपदं सुपदं निखिलाध्वरभागभुजं सुभुजम् । हृतवासवमुख्यमदं विमदं प्रणमामि रमाधिपतिं तमहम् ॥ ३ ॥ हृतदानवदृप्तबलं सुबलं स्वजनास्तसमस्तमलं विमलम् । समपास्त…

श्री विष्ण्वष्टकम्

|| श्री विष्ण्वष्टकम् (Vishnu Ashtakam PDF) || विष्णुं विशालारुणपद्मनेत्रं विभान्तमीशाम्बुजयोनिपूजितम् । सनातनं सन्मतिशोधितं परं पुमांसमाद्यं सततं प्रपद्ये ॥ १ ॥ कल्याणदं कामफलप्रदायकं कारुण्यरूपं कलिकल्मषघ्नम् । कलानिधिं कामतनूजमाद्यं नमामि लक्ष्मीशमहं महान्तम् ॥ २ ॥ पीताम्बरं भृङ्गनिभं पितामह- -प्रमुख्यवन्द्यं जगदादिदेवम् । किरीटकेयूरमुखैः प्रशोभितं श्रीकेशवं सन्ततमानतोऽस्मि ॥ ३ ॥ भुजङ्गतल्पं भुवनैकनाथं पुनः पुनः स्वीकृतकायमाद्यम् । पुरन्दराद्यैरपि वन्दितं सदा…

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