कुबेर जी की आरती
|| आरती || ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे, स्वामी जय यक्ष जय यक्ष कुबेर हरे | शरण पड़े भगतों के, भण्डार कुबेर भरे, || ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे || शिव भक्तों में भक्त कुबेर बड़े, स्वामी भक्त कुबेर बड़े | दैत्य दानव मानव से, कई-कई युद्ध लड़े || || ऊँ जय यक्ष कुबेर हरे…



