|| सोहर: जुग जुग जियसु ललनवा ||
जुग जुग जियसु ललनवा,
भवनवा के भाग जागल हो,
ललना लाल होइहे,
कुलवा के दीपक मनवा में,
आस लागल हो ॥
आज के दिनवा सुहावन,
रतिया लुभावन हो,
ललना दिदिया के होरिला जनमले,
होरिलवा बडा सुन्दर हो ॥
नकिया तहवे जैसे बाबुजी के,
अंखिया ह माई के हो
ललन मुहवा ह चनवा सुरुजवा त सगरो,
अन्जोर भइले हो ॥
सासु सुहागिन बड भागिन,
अन धन लुटावेली हो
ललना दुअरा पे बाजेला बधइया,
अन्गनवा उठे सोहर हो ॥
नाची नाची गावेली बहिनिया,
ललन के खेलावेली हो
ललना हंसी हंसी टिहुकी चलावेली,
रस बरसावेली हो ॥
जुग जुग जियसु ललनवा,
भवनवा के भाग जागल हो
ललना लाल होइहे,
कुलवा के दीपक मनवा में,
आस लागल हो ॥
- hindiआज जन्माष्टमी पर अवश्य पढ़ें – भए प्रगट कृपाला दीनदयाला
- hindiकान्हा मेरी राखी का, तुझे कर्ज चुकाना है – भजन
- hindiऐ मुरली वाले मेरे कन्हैया, बिना तुम्हारे
- hindiआज है आनंद बाबा नन्द के भवन में
- hindiआ जाओ सरकार, दिल ने पुकारा है
- hindiअब किसी महफिल में जाने
- hindiआता रहा है सांवरा, आता ही रहेगा
- hindiआपने अपना बनाया मेहरबानी आपकी
- hindiआनंद ही आनंद बरस रहा, बलिहारी ऐसे सद्गुरु की
- hindiआना मदन गोपाल, हमारे घर कीर्तन में
- hindiअगर प्यार तेरे से पाया ना होता
- hindiगजरा गिर गया जमुना जल में
- hindiबनवारी रे! जीने का सहारा तेरा नाम रे
- hindiबनवारी ओ कृष्ण मुरारी
- hindiबांटो बांटो मिठाई मनाओ ख़ुशी
Found a Mistake or Error? Report it Now

