करवीरपुरवासिनी सुरवरमुनिमाता – महालक्ष्मीची आरती

|| करवीरपुरवासिनी सुरवरमुनिमाता – महालक्ष्मीची आरती || करवीरपुरवासिनी सुरवरमुनिमाता । पुरहरवरदायिनी मुरहरप्रियकांता ॥ कमलाकारे जठरी जन्मविला धाता । सहस्त्रवदनी भूधर न पुरे गुण गाता ॥ जय देवी जय देवी जय महालक्ष्मी । वससी व्यापकरूपे तू स्थूलसूक्ष्मी ॥ मातुलिग गदायुत खेटक रविकिरणी । झळके हाटकवाटी पीयुषरसपाणी ॥ माणिकदशना सुरंगवसना मृगनयनी । शशिधरवदना, राजस मदनाची जननी ॥…

ॐ नमो आद्यरूपे – महालक्ष्मीची आरती

|| ॐ नमो आद्यरूपे – महालक्ष्मीची आरती || देवी भगवती माते ॥ काळिका कामरूप । शक्ति तूं जगन्माते ॥ वैष्णवी भूतमाया । मूळपीठ देवते ॥ झालिया भेटी तूझी । नीवारिसी पापंतें ॥ जय श्रीकुलदेवते । महालक्ष्मी ग माते । आरती घेउनीयां । ओंवाळीन मी तूतें ॥ अंबिका भद्रकाली । देवी आद्या कुमारी ॥ मारिलें चंडमुंड…

श्री महालक्ष्मी आरती

|| श्री महालक्ष्मी आरती || ओम जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ || ओम जय लक्ष्मी माता || उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ || ओम जय लक्ष्मी माता || दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥…

लक्ष्मी जी की आरती

|| लक्ष्मी जी की आरती || ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निशिदिन सेवत, हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी, तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रुप निरंजनी, सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय…

श्री लक्ष्मी जी की आरती

|| श्री लक्ष्मी जी की आरती || ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता । तुमको निसदिन सेवत, हर विष्णु विधाता ॥ उमा, रमा, ब्रम्हाणी, तुम ही जग माता । सूर्य चद्रंमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॥ ॥ॐ जय लक्ष्मी माता…॥ दुर्गा रुप निरंजनि, सुख-संपत्ति दाता । जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि-सिद्धि धन पाता…

श्री लक्ष्मीनारायण आरती

|| श्री लक्ष्मीनारायण आरती || जय लक्ष्मी-विष्णो। जय लक्ष्मीनारायण, जय लक्ष्मी-विष्णो। जय माधव, जय श्रीपति, जय, जय, जय विष्णो॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। जय चम्पा सम-वर्णे जय नीरदकान्ते। जय मन्द स्मित-शोभे जय अदभुत शान्ते॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। कमल वराभय-हस्ते शङ्खादिकधारिन्। जय कमलालयवासिनि गरुडासनचारिन्॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। सच्चिन्मयकरचरणे सच्चिन्मयमूर्ते। दिव्यानन्द-विलासिनि जय सुखमयमूर्ते॥ जय लक्ष्मी-विष्णो। तुम त्रिभुवन की माता, तुम सबके…

ஶிவ ஜீ ஆரதீ

|| ஶிவ ஜீ ஆரதீ || ௐ ஜய ஶிவ ஓங்காரா, ஸ்வாமீ ஜய ஶிவ ஓங்காரா. ப்³ரஹ்மா, விஷ்ணு, ஸதா³ஶிவ, அர்த்³தா⁴ங்கீ³ தா⁴ரா .. ௐ ஜய ஶிவ ஓங்காரா….. ஏகானன சதுரானன பஞ்சானன ராஜே . ஹம்ʼஸாஸன க³ரூஃடா²ஸன வ்ருʼஷவாஹன ஸாஜே .. ௐ ஜய ஶிவ ஓங்காரா….. தோ³ பு⁴ஜ சார சதுர்பு⁴ஜ த³ஸபு⁴ஜ அதி ஸோஹே . த்ரிகு³ண ரூப நிரக²தே த்ரிபு⁴வன ஜன மோஹே .. ௐ ஜய ஶிவ…

শিৱ জী আৰতী

|| শিৱ জী আৰতী || ওঁ জয় শিৱ ওঙ্কাৰা, স্ৱামী জয় শিৱ ওঙ্কাৰা। ব্ৰহ্মা, ৱিষ্ণু, সদাশিৱ, অৰ্দ্ধাঙ্গী ধাৰা ॥ ওঁ জয় শিৱ ওঙ্কাৰা…॥ একানন চতুৰানন পঞ্চানন ৰাজে । হংসাসন গৰূড়াসন ৱৃষৱাহন সাজে ॥ ওঁ জয় শিৱ ওঙ্কাৰা…॥ দো ভুজ চাৰ চতুৰ্ভুজ দসভুজ অতি সোহে । ত্ৰিগুণ ৰূপ নিৰখতে ত্ৰিভুৱন জন মোহে ॥ ওঁ জয় শিৱ…

ଶିଵ ଆରତୀ

|| ଶିଵ ଆରତୀ || ସର୍ଵେଶଂ ପରମେଶଂ ଶ୍ରୀପାର୍ଵତୀଶଂ ଵଂଦେଽହଂ ଵିଶ୍ଵେଶଂ ଶ୍ରୀପନ୍ନଗେଶମ୍ । ଶ୍ରୀସାଂବଂ ଶଂଭୁଂ ଶିଵଂ ତ୍ରୈଲୋକ୍ୟପୂଜ୍ୟଂ ଵଂଦେଽହଂ ତ୍ରୈନେତ୍ରଂ ଶ୍ରୀକଂଠମୀଶମ୍ ॥ ଭସ୍ମାଂବରଧରମୀଶଂ ସୁରପାରିଜାତଂ ବିଲ୍ଵାର୍ଚିତପଦୟୁଗଲଂ ସୋମଂ ସୋମେଶମ୍ । ଜଗଦାଲୟପରିଶୋଭିତଦେଵଂ ପରମାତ୍ମଂ ଵଂଦେଽହଂ ଶିଵଶଂକରମୀଶଂ ଦେଵେଶମ୍ ॥ କୈଲାସପ୍ରିୟଵାସଂ କରୁଣାକରମୀଶଂ କାତ୍ୟାୟନୀଵିଲସିତପ୍ରିୟଵାମଭାଗମ୍ । ପ୍ରଣଵାର୍ଚିତମାତ୍ମାର୍ଚିତଂ ସଂସେଵିତରୂପଂ ଵଂଦେଽହଂ ଶିଵଶଂକରମୀଶଂ ଦେଵେଶମ୍ ॥ ମନ୍ମଥନିଜମଦଦହନଂ ଦାକ୍ଷାୟନୀଶଂ ନିର୍ଗୁଣଗୁଣସଂଭରିତଂ କୈଵଲ୍ୟପୁରୁଷମ୍ । ଭକ୍ତାନୁଗ୍ରହଵିଗ୍ରହମାନଂଦଜୈକଂ ଵଂଦେଽହଂ ଶିଵଶଂକରମୀଶଂ ଦେଵେଶମ୍ ॥ ସୁରଗଂଗାସଂପ୍ଲାଵିତପାଵନନିଜଶିଖରଂ ସମଭୂଷିତଶଶିବିଂବଂ ଜଟାଧରଂ ଦେଵମ୍…

ਸ਼੍ਰੀ ਸ਼ਿਵ ਆਰਤੀ

|| ਸ਼ਿਵ ਆਰਤੀ || ਸਰ੍ਵੇਸ਼ਂ ਪਰਮੇਸ਼ਂ ਸ਼੍ਰੀਪਾਰ੍ਵਤੀਸ਼ਂ ਵਂਦੇਹਂ ਵਿਸ਼੍ਵੇਸ਼ਂ ਸ਼੍ਰੀਪਨ੍ਨਗੇਸ਼ਮ੍ । ਸ਼੍ਰੀਸਾਂਬਂ ਸ਼ਂਭੁਂ ਸ਼ਿਵਂ ਤ੍ਰੈਲੋਕ੍ਯਪੂਜ੍ਯਂ ਵਂਦੇਹਂ ਤ੍ਰੈਨੇਤ੍ਰਂ ਸ਼੍ਰੀਕਂਠਮੀਸ਼ਮ੍ ॥ ਭਸ੍ਮਾਂਬਰਧਰਮੀਸ਼ਂ ਸੁਰਪਾਰਿਜਾਤਂ ਬਿਲ੍ਵਾਰ੍ਚਿਤਪਦਯੁਗਲਂ ਸੋਮਂ ਸੋਮੇਸ਼ਮ੍ । ਜਗਦਾਲਯਪਰਿਸ਼ੋਭਿਤਦੇਵਂ ਪਰਮਾਤ੍ਮਂ ਵਂਦੇਹਂ ਸ਼ਿਵਸ਼ਂਕਰਮੀਸ਼ਂ ਦੇਵੇਸ਼ਮ੍ ॥ ਕੈਲਾਸਪ੍ਰਿਯਵਾਸਂ ਕਰੁਣਾਕਰਮੀਸ਼ਂ ਕਾਤ੍ਯਾਯਨੀਵਿਲਸਿਤਪ੍ਰਿਯਵਾਮਭਾਗਮ੍ । ਪ੍ਰਣਵਾਰ੍ਚਿਤਮਾਤ੍ਮਾਰ੍ਚਿਤਂ ਸਂਸੇਵਿਤਰੂਪਂ ਵਂਦੇਹਂ ਸ਼ਿਵਸ਼ਂਕਰਮੀਸ਼ਂ ਦੇਵੇਸ਼ਮ੍ ॥ ਮਨ੍ਮਥਨਿਜਮਦਦਹਨਂ ਦਾਕ੍ਸ਼ਾਯਨੀਸ਼ਂ ਨਿਰ੍ਗੁਣਗੁਣਸਂਭਰਿਤਂ ਕੈਵਲ੍ਯਪੁਰੁਸ਼ਮ੍ । ਭਕ੍ਤਾਨੁਗ੍ਰਹਵਿਗ੍ਰਹਮਾਨਂਦਜੈਕਂ ਵਂਦੇਹਂ ਸ਼ਿਵਸ਼ਂਕਰਮੀਸ਼ਂ ਦੇਵੇਸ਼ਮ੍ ॥ ਸੁਰਗਂਗਾਸਂਪ੍ਲਾਵਿਤਪਾਵਨਨਿਜਸ਼ਿਖਰਂ ਸਮਭੂਸ਼ਿਤਸ਼ਸ਼ਿਬਿਂਬਂ ਜਟਾਧਰਂ ਦੇਵਮ੍…

ಶಿವ ಆರತೀ

॥ ಶಿವ ಆರತೀ ॥ ಸರ್ವೇಶಂ ಪರಮೇಶಂ ಶ್ರೀಪಾರ್ವತೀಶಂ ವಂದೇಽಹಂ ವಿಶ್ವೇಶಂ ಶ್ರೀಪನ್ನಗೇಶಮ್ । ಶ್ರೀಸಾಂಬಂ ಶಂಭುಂ ಶಿವಂ ತ್ರೈಲೋಕ್ಯಪೂಜ್ಯಂ ವಂದೇಽಹಂ ತ್ರೈನೇತ್ರಂ ಶ್ರೀಕಂಠಮೀಶಮ್ ॥ ಭಸ್ಮಾಂಬರಧರಮೀಶಂ ಸುರಪಾರಿಜಾತಂ ಬಿಲ್ವಾರ್ಚಿತಪದಯುಗಲಂ ಸೋಮಂ ಸೋಮೇಶಮ್ । ಜಗದಾಲಯಪರಿಶೋಭಿತದೇವಂ ಪರಮಾತ್ಮಂ ವಂದೇಽಹಂ ಶಿವಶಂಕರಮೀಶಂ ದೇವೇಶಮ್ ॥ ಕೈಲಾಸಪ್ರಿಯವಾಸಂ ಕರುಣಾಕರಮೀಶಂ ಕಾತ್ಯಾಯನೀವಿಲಸಿತಪ್ರಿಯವಾಮಭಾಗಮ್ । ಪ್ರಣವಾರ್ಚಿತಮಾತ್ಮಾರ್ಚಿತಂ ಸಂಸೇವಿತರೂಪಂ ವಂದೇಽಹಂ ಶಿವಶಂಕರಮೀಶಂ ದೇವೇಶಮ್ ॥ ಮನ್ಮಥನಿಜಮದದಹನಂ ದಾಕ್ಷಾಯನೀಶಂ ನಿರ್ಗುಣಗುಣಸಂಭರಿತಂ ಕೈವಲ್ಯಪುರುಷಮ್ । ಭಕ್ತಾನುಗ್ರಹವಿಗ್ರಹಮಾನಂದಜೈಕಂ ವಂದೇಽಹಂ ಶಿವಶಂಕರಮೀಶಂ ದೇವೇಶಮ್ ॥ ಸುರಗಂಗಾಸಂಪ್ಲಾವಿತಪಾವನನಿಜಶಿಖರಂ ಸಮಭೂಷಿತಶಶಿಬಿಂಬಂ ಜಟಾಧರಂ ದೇವಮ್…

શિવ આરતી

|| શિવ આરતી || જય દેવ, જય દેવ, જય હરિહરા ગંગાધર ગિરિજાવર, ઈશ્વર ૐકારા … ૐ હર હર હર મહાદેવ વાઘાંબર પિતાંબર, શિવશ્યામે પહેર્યા કમળનયન કેશવને, શિવને ત્રિનયન… ૐ હર હર હર મહાદેવ નંદિવાહન ખગવાહન, શિવ ચક્ર ત્રિશુળધારી ત્રિપુરારી મુરારી, જય કમળાધારી… ૐ હર હર હર મહાદેવ વૈકુંઠે વસે વિશ્વંભર, શિવજી કૈલાસે હરિકાળા હર ગોરા,…

श्री महादेव आरती

॥ श्री महादेव आरती ॥ हर हर हर महादेव! सत्य, सनातन, सुन्दर, शिव सबके स्वामी। अविकारी अविनाशी, अज अन्तर्यामी॥ हर हर हर महादेव! आदि, अनन्त, अनामय, अकल, कलाधारी। अमल, अरूप, अगोचर, अविचल, अघहारी॥ हर हर हर महादेव! ब्रह्मा, विष्णु, महेश्वर तुम त्रिमूर्तिधारी। कर्ता, भर्ता, धर्ता, तुम ही संहारी॥ हर हर हर महादेव! रक्षक, भक्षक, प्रेरक,…

श्री खंडेरायाची आरती

|| श्री खंडेरायाची आरती || पंचानन हयवाहन सुरभूषितनीळा । खंडामंडित दंडित दानव अवलीळा ॥ मणिमल्ल मर्दुनियां जों धूसुर पिवळा । हिरे कंकण बासिंगे सुमनांच्या माळा ॥ जय देव जय देव जय शिव मल्हारी । वारीं दुर्जनअसुरा भवदुस्तर तारी ॥ धृ. ॥ सुरवरसंवर वर दे मजलामी देवा । नाना नामे गाइन ही तुमची सेवा ॥ अघटित…

सांझी माता की आरती

|| सांझी माता की आरती || आरता री आरता, सांझी माई आरता, आरता के मूर्ख, चमेली का डोरा, डोरा री डोरा, सांझी का भैया गोरा, गोरी बावड़िया, चमके चुड़ला, अस्सी तेरे पान, पिचासी तेरे …… नो नोर्ते देवी के, सोलह कनागत पितरो के, उठ मेरी देवी खोल किवाड़, पूजन आये तेरे दरबार, पूजा-पाठ के क्या…

बाबा बालक नाथ आरती

।। बाबा बालक नाथ आरती ।। ओम जय कलाधारी हरे, स्वामी जय पौणाहारी हरे भगत जनों की नइया, भव से पार करे। ओ३म् जय… बालक उम्र सुहानी, नाम बाबा बालक नाथा। अमर हुए शंकर से, सुन कर अमर गाथा। ओम जय कलाधारी हरे… शीश पे बाल सुनहरी, गल रूद्राक्षी माला हाथ में झोली चिमटा, आसन…

श्री शालिग्राम आरती

।। आरती ।। शालिग्राम सुनो विनती मेरी । यह बरदान दयाकर पाऊं ।। प्रात: समय उठी मंजन करके । प्रेम सहित सनान कराऊँ ।। शालिग्राम सुनो विनती मेरी… चन्दन धुप दीप तुलसीदल । वरन -बरन के पुष्प चढ़ाऊँ ।। शालिग्राम सुनो विनती मेरी… तुम्हरे सामने नृत्य करूँ नित । प्रभु घंटा शंख मृदंग बजाऊं ।।…

धर्मराज आरती

|| धर्मराज आरती || धर्मराज कर सिद्ध काज, प्रभु मैं शरणागत हूँ तेरी । पड़ी नाव मझदार भंवर में, पार करो, न करो देरी ॥ ॥ धर्मराज कर सिद्ध काज..॥ धर्मलोक के तुम स्वामी, श्री यमराज कहलाते हो । जों जों प्राणी कर्म करत हैं, तुम सब लिखते जाते हो ॥ अंत समय में सब…

श्री गोदावरी आरती

।। गोदावरी आरती ।। श्री आरती गोदावरी । उगमस्थ ब्रह्मगिरी । कुशावर्त गंगाद्वारी । माता श्री त्र्यंबकेश्वरी ।। जय पतित पावनी । निवृत्ति नाथाचरणी । गौतम श्री जटाधारी । वरदात्री गोदावरी ।। जय अमृत वाहिनी । वरदा माता अंजनी । वंदन श्री रामभूमी । कुंभपात्री गोदावरी ।। जय जीवन दायिनी । गोवर्धन जनस्थानी । नाथसागरा…

माँ ताप्ती की आरती

|| आरती || ॐ जय ताप्ती माता, मैया जय ताप्ती माता। तीनो लोक निस दिन ध्यावत, नारद गुण गाता।। || ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।। सूर्य देव है पिता तिहारे, छाया संज्ञा माता। सावित्री यमुना भगिनी तिहारी, यम शनि भ्राता।। || ॐ जय ताप्ती माता , मैया जय ताप्ती माता।। सूर्य…

श्री गिरिजा माता आरती

|| श्री गिरिजा माता आरती || ॐ जय गिरिजा मैय्या, माँ जय गिरिजा मैय्या, जो जन तुमको ध्याता, जो जन तुमको ध्याता, अनुपम सुख पाता, ॐ जय गिरिजा मैय्या, ॐ जय गिरिजा मैय्या, माँ जय गिरिजा मैय्या, जो जन तुमको ध्याता, जो जन तुमको ध्याता, अनुपम सुख पाता, ॐ जय गिरिजा मैय्या, कोशी नदी सुहावनि,…

भगवान कैलासवासी आरती

॥ भगवान कैलासवासी आरती ॥ शीश गंग अर्धन्ग पार्वती सदा विराजत कैलासी। नन्दी भृन्गी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी॥ शीतल मन्द सुगन्ध पवन बह बैठे हैं शिव अविनाशी। करत गान गन्धर्व सप्त स्वर राग रागिनी मधुरासी॥ यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत, बोलत हैं वनके वासी। कोयल शब्द सुनावत सुन्दर, भ्रमर करत हैं गुन्जा-सी॥ कल्पद्रुम अरु…

श्री विठ्ठलाची आरती

|| आरती || युगे अठ्ठावीस विटेवरी उभा वामाङ्गी रखुमाईदिसे दिव्य शोभा । पुण्डलिकाचे भेटि परब्रह्म आले गा चरणी वाहे भीमा उद्धरी जगा ॥ जय देव जय देव जय पांडुरंगा। रखुमाई वल्लभा राईच्या वल्लभा पावे जिवलगा॥ तुळसीमाळा गळा कर ठेऊनी कटी कासे पीताम्बर कस्तुरी लल्लाटी । देव सुरवर नित्य येती भेटी गरुड हनुमन्त पुढे उभे राहती…

श्री विठोबाची आरती

॥ श्री विठोबाची आरती ॥ युगें अठ्ठावीस विटेवरी उभा। वामांगी रखुमाई दिसे दिव्य शोभा। पुण्डलिकाचे भेटी परब्रह्म आलें गा। चरणी वाहे भीमा उद्धरी जगा॥ जय देव जय देव जय पाण्डुरंगा। रखुमाईवल्लभा राईच्या वल्लभा पावें जिवलगा॥ तुळसीमाळा गळां कर ठेवुनि कटीं कांसे पीताम्बर कस्तुरि लल्लाटी। देव सुरवर नित्य येती भेटी। गरुड हनुमन्त पुढे उभे राहती॥ जय…

श्री सिद्धचक्र आरती

|| आरती || जय सिद्धचक्र देवा, जय सिद्धचक्र देवा| करत तुम्हारी निश-दिन, मन से सुर-नर-मुनि सेवा| जय सिद्धचक्र देवा| ज्ञानावरणी दर्शनावरणी मोह अंतराया, नाम गोत्र वेदनीय आयु को नाशि मोक्ष पाया| जय सिद्धचक्र देवा || ज्ञान-अनंत अनंत-दर्श-सुख बल-अनंतधारी, अव्याबाध अमूर्ति अगुरुलघु अवगाहनधारी| जय सिद्धचक्र देवा || तुम अशरीर शुद्ध चिन्मूरति स्वात्मरस-भोगी, तुम्हें जपें आचार्योपाध्याय सर्व-साधु…

जय माये तुळशी – तुळशीची आरती

॥ तुळशीची आरती ॥ जय देवी जय देवी जय माये तुळशी । निजपत्राहुनि लघुतर त्रिभुवन हे तुळसी ॥ ब्रह्मा केवळ मूळी मध्ये तो शौरी । अग्री शंकर तीर्थ शाखापरिवारी ॥ सेवा करिती भावे सकळहि नरनारी । दर्शनमात्रे पापे हरती निर्धारी ॥ जय देवी जय माये तुळशी.. शीतल छाया भूतलव्यापक तू कैसी । मंजिरिची बहु आवड…

श्री जानकीनाथ आरती

॥ श्री जानकीनाथ आरती ॥ जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा। दोउ कर जोरें बिनवौं, प्रभु! सुनिये बाता॥ जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥ तुम रघुनाथ हमारे प्रान, पिता माता। तुम ही सज्जन-सङ्गी भक्ति मुक्ति दाता॥ जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥ लख चौरासी काटो मेटो यम त्रासा। निसिदिन प्रभु मोहि रखिये अपने ही पासा॥ जय जानकीनाथा, जय श्रीरघुनाथा॥ राम भरत…

जानकी माता आरती

॥ जानकी माता आरती ॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की। राममधुपमन कमल कली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ रामचन्द्र, मुखचन्द्र चकोरी। अन्तर साँवर बाहर गोरी। सकल सुमन्गल सुफल फली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥ पिय दृगमृग जुग-वन्धन डोरी, पीय प्रेम रस-राशि किशोरी। पिय मन गति विश्राम थली की॥ आरती कीजै श्रीजनक लली की…॥…

श्री यशोदालाल आरती

॥ श्री यशोदालाल आरती ॥ आरति करत यसोदा प्रमुदित, फूली अङ्ग न मात। बल-बल कहि दुलरावत आनन्द मगन भई पुलकात॥ आरति करत यसोदा प्रमुदित… सुबरन-थार रत्न-दीपावलि चित्रित घृत-भीनी बात। कल सिन्दूर दूब दधि अच्छत तिलक करत बहु भाँत॥ आरति करत यसोदा प्रमुदित… अन्न चतुर्विध बिबिध भोग दुन्दुभि बाजत बहु जात। नाचत गोप कुम्कुमा छिरकत देत…

సాయి బాబా మధ్యాహ్న హారతి

|| Sai Baba Harathi Telugu || ౧. ఘేవుని పంచారతీ కరూ బాబాంచీ ఆరతీ కరూ సాయిసీ ఆరతీ కరూ బాబాన్సీ ఆరతీ ||౧|| ఉఠా ఉఠా హో బాంధవ ఓవాళూ హరమాధవ సాయీరమాధవ ఓవాళూ హరమాధవ ||౨|| కరూనీయా స్థిరమన పాహు గంభీర హే ధ్యాన సాయిచే హేధ్యాన పాహు గంభీర హేధ్యాన ||౩|| కృష్ణనాధా దత్తసాయి జడో చిత్త తుఝే పాయీ చిత్త బాబా పాయీ జడో చిత్త తుఝే పాయీ ||౪||…

सुखकर्ता दुखहर्ता – श्री गणेश आरती

|| सुखकर्ता दुखहर्ता – श्री गणेश आरती || सुखकर्ता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची कंठी झलके माल मुकताफळांची जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति दर्शनमात्रे मनःकमाना पूर्ति जय देव जय देव रत्नखचित फरा तुझ गौरीकुमरा चंदनाची उटी कुमकुम केशरा हीरे जडित मुकुट शोभतो बरा रुन्झुनती नूपुरे…

श्री गणेश आरती

|| श्री गणेश आरती || जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ एक दंत दयावंत, चार भुजा धारी । माथे सिंदूर सोहे, मूसे की सवारी ॥ जय गणेश जय गणेश, जय गणेश देवा । माता जाकी पार्वती, पिता महादेवा ॥ पान चढ़े फल चढ़े, और चढ़े मेवा ।…

Shirdi Sai Bhupali Aarathi

|| Shirdi Sai Bhupali Aarathi || uṭhā uṭhā sakala jana vācē smarāvā gajānana gaurīharācā nandana gajavadana gaṇapatī || uṭhā uṭhā || dhyāni āṇunī sukhamūrtī, stavana karā ēkē cittī tō dēīla jñānamūrtī mōkṣa sukha sōjvala || uṭhā uṭhā || jō nijabhaktāñcā dātā, vandya suravarāṁ samastā tyāsī gātā bhavabhaya cintā, vighnavārtā nivārī || uṭhā uṭhā || tō…

பூ⁴பாலீ ஆரதீ

|| பூ⁴பாலீ ஆரதீ || உடா² உடா² ஸகல ஜந வாசே ஸ்மராவா க³ஜாநந கௌ³ரீஹராசா நந்த³ந க³ஜவத³ந க³ணபதீ ॥ உடா² உடா² ॥ த்⁴யாநி ஆணுநீ ஸுக²மூர்தீ, ஸ்தவந கரா ஏகே சித்தீ தோ தே³ஈல ஜ்ஞாநமூர்தீ மோக்ஷ ஸுக² ஸோஜ்வல ॥ உடா² உடா² ॥ ஜோ நிஜப⁴க்தாஞ்சா தா³தா, வந்த்³ய ஸுரவராம் ஸமஸ்தா த்யாஸீ கா³தா ப⁴வப⁴ய சிந்தா, விக்⁴நவார்தா நிவாரீ ॥ உடா² உடா² ॥ தோ ஹா ஸுகா²சா…

ಭೂಪಾಳೀ ಆರತೀ

|| ಭೂಪಾಳೀ ಆರತೀ || ಉಠಾ ಉಠಾ ಸಕಳ ಜನ ವಾಚೇ ಸ್ಮರಾವಾ ಗಜಾನನ ಗೌರೀಹರಾಚಾ ನಂದನ ಗಜವದನ ಗಣಪತೀ || ಉಠಾ ಉಠಾ || ಧ್ಯಾನಿ ಆಣುನೀ ಸುಖಮೂರ್ತೀ, ಸ್ತವನ ಕರಾ ಏಕೇ ಚಿತ್ತೀ ತೋ ದೇಈಲ ಜ್ಞಾನಮೂರ್ತೀ ಮೋಕ್ಷ ಸುಖ ಸೋಜ್ವಳ || ಉಠಾ ಉಠಾ || ಜೋ ನಿಜಭಕ್ತಾಂಚಾ ದಾತಾ, ವಂದ್ಯ ಸುರವರಾಂ ಸಮಸ್ತಾ ತ್ಯಾಸೀ ಗಾತಾ ಭವಭಯ ಚಿಂತಾ, ವಿಘ್ನವಾರ್ತಾ ನಿವಾರೀ || ಉಠಾ ಉಠಾ || ತೋ ಹಾ ಸುಖಾಚಾ…

భూపాళీ ఆరతీ

|| భూపాళీ ఆరతీ || – ౧. ఉఠా ఉఠా – ఉఠా ఉఠా సకళ జన వాచే స్మరావా గజానన గౌరీహరాచా నందన గజవదన గణపతీ || ఉఠా ఉఠా || ధ్యాని ఆణునీ సుఖమూర్తీ, స్తవన కరా ఏకే చిత్తీ తో దేఈల జ్ఞానమూర్తీ మోక్ష సుఖ సోజ్వళ || ఉఠా ఉఠా || జో నిజభక్తాంచా దాతా, వంద్య సురవరాం సమస్తా త్యాసీ గాతా భవభయ చింతా, విఘ్నవార్తా నివారీ || ఉఠా…

भूपाली आरती

|| भूपाली आरती || उठा उठा सकल जन वाचे स्मरावा गजानन गौरीहराचा नन्दन गजवदन गणपती ॥ उठा उठा ॥ ध्यानि आणुनी सुखमूर्ती, स्तवन करा एके चित्ती तो देईल ज्ञानमूर्ती मोक्ष सुख सोज्वल ॥ उठा उठा ॥ जो निजभक्ताञ्चा दाता, वन्द्य सुरवरां समस्ता त्यासी गाता भवभय चिन्ता, विघ्नवार्ता निवारी ॥ उठा उठा ॥ तो हा सुखाचा…

श्री राम जी की आरती

|| श्री राम जी की आरती || हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ, आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ, अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ || कनक सिहासन रजत जोड़ी, दशरथ नंदन जनक किशोरी, युगल छबि को सदा निहारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूं || बाम भाग शोभित जग जननी,…

श्री राम रघुपति आरती

॥ श्री राम रघुपति आरती ॥ बन्दौं रघुपति करुना निधान। जाते छूटै भव-भेद ग्यान॥ रघुबन्स-कुमुद-सुखप्रद निसेस। सेवत पद-पन्कज अज-महेस॥ निज भक्त-हृदय पाथोज-भृन्ग। लावन्यबपुष अगनित अनन्ग॥ अति प्रबल मोह-तम-मारतण्ड। अग्यान-गहन- पावक-प्रचण्ड॥ अभिमान-सिन्धु-कुम्भज उदार। सुररन्जन, भन्जन भूमिभार॥ रागादि- सर्पगन पन्नगारि। कन्दर्प-नाग-मृगपति, मुरारि॥ भव-जलधि-पोत चरनारबिन्द। जानकी-रवन आनन्द कन्द॥ हनुमन्त प्रेम बापी मराल। निष्काम कामधुक गो दयाल॥ त्रैलोक-तिलक, गुनगहन…

श्री राम रघुवीर आरती

॥ श्री राम रघुवीर आरती ॥ ऐसी आरती राम रघुबीर की करहि मन। हरण दुखदुन्द गोविन्द आनन्दघन॥ अचर चर रुप हरि, सर्वगत, सर्वदा बसत, इति बासना धूप दीजै। दीप निजबोधगत कोह-मद-मोह-तम प्रौढ़ अभिमान चित्तवृत्ति छीजै॥ ऐसी आरती राम रघुबीर की करहि मन॥ भाव अतिशय विशद प्रवर नैवेद्य शुभ श्रीरमण परम सन्तोषकारी। प्रेम-ताम्बूल गत शूल सन्शय…

वेंकटेशाची आरती मराठी

|| वेंकटेशाची आरती || शेषाचल अवतार तारक तूं देवा । सुरवरमुनिवर भावें करिती जन सेवा ॥ कमळारमणा अससी अगणित गुण ठेवा । कमळाक्षा मज रक्षुनि सत्वर वर द्यावा ॥ १ ॥ जय देव जय देव जय व्यंकटेशा । केवळ करुणासिंधू पुरवीसी आशा ॥ धृ. ॥ हे निजवैकुंठ म्हणुनि घ्यातों मीं तूंतें । दाखविसी गुण कैसे…

श्री नवकार महामंत्र की आरती

|| श्री नवकार महामंत्र की आरती || जय ‘अरिहंताण’, स्वामी जय अरिहंताण। भाव-भक्ति से नित्य-प्रति, प्रणमूं ‘सिद्धाण’ ॥ ॐ जय अरिहंताण ॥ दर्शन-ज्ञान-अनन्ता, शक्ति के धारी | स्वामी। यथाख्यात समकित है, कर्म-शत्रु हारी || ॐ || हे सर्वज्ञ !सर्वदर्शी ! बल, सुख अनन्त पाये ।स्वामी। अगुरुलघु अमूरत, अव्यय कहलाये ।।ॐ।। ‘नमो आयरियाण’, छत्तीस गुण पालक…

Khatu Shyam Aarti

|| Khatu Shyam Aarti || Om Jai Shri Shyam Hare, Prabhu Jai Shri Shyam Hare Nij Bhagatan Ke Tumne, Puran Kam Kare !! Om Jai Shri Shyam Hare, Prabhu Jai Shri Shyam Hare !! Gal Pushpo Ki Mala, Sir Par Mukut Dhare Pit Bsan Pitambar, Kundal Karn Pade !! Om Jai Shri Shyam Hare, Prabhu…

खाटू श्याम जी आरती

|| खाटू श्याम जी आरती || ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे । खाटू धाम विराजत, अनुपम रूप धरे॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा जय श्री श्याम हरे । रतन जड़ित सिंहासन, सिर पर चंवर ढुरे । तन केसरिया बागो, कुण्डल श्रवण पड़े ॥ ॐ जय श्री श्याम हरे, बाबा…

शिव – शंकराची आरती

॥ शिव – शंकराची आरती ॥ जय जय शिव हर शंकर जय गिरिजारमणा ॥ पंचवदन जय त्र्यंबक त्रिपुरासुरदहना ॥ भवभयभंजन सुंदर स्मरहर सुखसदना ॥ अविकल ब्रह्म निरामय जय जगदुद्धरणा ॥ १ ॥ जय जय शिव हर शंकर … जय देव जय देव जय शंकर सांबा ॥ ओंवाळित निजभावें, नमितों मी सद्भावें वर सहजगदंबा ॥ ध्रु०…

श्री शंकराची आरती

॥ श्री शंकराची आरती ॥ लवथवती विक्राळा ब्रह्माण्डी माळा। वीषे कण्ठ काळा त्रिनेत्री ज्वाळा। लावण्य सुन्दर मस्तकी बाळा। तेथुनिया जळ निर्मळ वाहे झुळझुळा॥ जय देव जय देव जय श्रीशंकरा। आरती ओवाळू तुज कर्पुरगौरा॥ कर्पुर्गौरा भोळा नयनी विशाळा। अर्धांगी पार्वती सुमनांच्या माळा। विभुतीचे उधळण शितिकण्ठ नीळा। ऐसा शंकर शोभे उमावेल्हाळा॥ जय देव जय देव जय श्रीशंकरा।…

Shiv ji Aarti

॥ Shiv ji Aarti ॥ Om Jai Shiv Omkara Har Jai Shiv OmKara। Brahma Vishnu Sadashiv Ardhaangi Dhaara॥ Om Jai Shiv Omkara… Ekanan Chaturanan Panchanan Raajey। Hansanan Garurasan Vrishvaahan Saajey॥ Om Jai Shiv Omkara… Do Bhuj Chaar Chaturbhuj Das Bhuj Te Sohey। Teeno Roop Nirakhta Tribhuvan Jan Mohey॥ Om Jai Shiv Omkara…. Akshmala Banmala Mundmala…

जय जगत्महरणा – सूर्याची आरती

|| जय जगत्महरणा – सूर्याची आरती || जय जय जगत्महरणा दिनकर सुखकिराणा । उदयाचल जगभासक दिनमणि शुभस्मरणा ॥ पद्मासन सुखमुर्ती सुहास्यवरवदना । पद्मकरा वरदप्रभ भास्वत सुखसदना ॥ १ ॥ जय देव जय देव जय भास्कर सूर्या । विधिहरिशंकररूपा जय सुरवरवर्या ॥ ध्रु० ॥ कनकाकृतिरथ एकचक्रांकित तरणी । सप्ताननाश्वभूषित रथि ता बैसोनी ॥ योजनसह्स्त्र द्वे द्वे…

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