मैं बालक तू माता – नवरात्रि माता के भजन

|| मैं बालक तू माता – भजन || मैं बालक तू माता शेरां वालिए, है अटूट यह नाता शेरां वालिए । शेरां वालिए माँ, पहाड़ा वालिए माँ, मेहरा वालिये माँ, ज्योतां वालिये माँ ॥ ॥ मैं बालक तू माता शेरां वालिए…॥ तेरी ममता मिली है मुझको, तेरा प्यार मिला है, तेरे आँचल की छाया में मन…

आते हैं हर साल नवरात्रे माता के – नवरात्रि माता के भजन

|| आते हैं हर साल नवरात्रे माता के – भजन || चैत महीना और अश्विन मे, आते माँ के नवरात्रे, मुँह माँगा वर उनको मिलता, जो दर पर चल कर आते ॥ आए नवरात्रे माता के, आए नवरात्रे माता के, आते है हर साल नवराते माता के, आए नवरात्रे माता के, जय हो नवरात्रे माता के,…

मेरी माँ के बराबर कोई नहीं – नवरात्रि माता के भजन

|| मेरी माँ के बराबर कोई नहीं – भजन || ऊँचा है भवन ऊँचा मंदिर ऊँची है शान मैया तेरी चरणों में झुके बादल भी तेरे पर्वत पे लागे शैया तेरी हे कालरात्रि हे कल्याणी तेरा जोड़ धरा पर कोई नहीं मेरी माँ के बराबर कोई नहीं मेरी माँ के बराबर कोई नहीं तेरी ममता…

बारिशों की छम छम में – नवरात्रि माता के भजन

|| बारिशों की छम छम में – भजन || बारिशों की छम छम में, तेरे दर पे आए है । मेहरावाली मेहरा कर दे, झोलियाँ सबकी भर दे । बिजली कड़क रही है, हम थम के आए है । मेहरावाली मेहरा कर दे, झोलियाँ सबकी भर दे ॥ कोई बूढी माँ के संग आया, कोई…

तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये – नवरात्रि माता के भजन

|| तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये – भजन || साँची ज्योतो वाली माता, तेरी जय जय कार । तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये । तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं आया मैं आया शेरा वालिये । ज्योता वालिये, पहाड़ा वालिये, मेहरा वालिये ॥ तुने मुझे बुलाया शेरा वालिये, मैं…

मन की मुरादें, पूरी कर माँ – नवरात्रि माता के भजन

|| मन की मुरादें, पूरी कर माँ – भजन || मन की मुरादें, पूरी कर माँ, दर्शन करने को मैं तो आउंगी । तेरा दीदार होगा, मेरा उद्धार होगा, हलवे का भोग मैं लगाउंगी । तू है दाती दान देदे, मुझ को अपना जान कर । भर दे मेरी झोली खाली, दाग लगे ना तेरी…

मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती – नवरात्रि माता आरती

|| मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती – आरती || मन तेरा मंदिर आँखे दिया बाती, होंठो की हैं थालियां बोल फूल पाती, रोम रोम जिव्हा तेरा नाम पुकारती, आरती ओ मैया आरती, ज्योतावालिये माँ तेरी आरती ॥ हे महालक्ष माँ गौरी, तुम अपनी आप है जौहरी, तेरी कीमत तू ही जाने, तू बुरा भला…

जयपुर की चुनरिया मैं लाई शेरावालिये – नवरात्रि माता के भजन

|| जयपुर की चुनरिया मैं लाई शेरावालिये – भजन || जयपुर की चुनरिया, मैं लाई शेरावालिये, जयपुर की चुनरिया, मैं लाई शेरावालिये । आगरा से लहंगा, जयपुर से चुनरिया, दिल्ली के दरीबे से लाई, सितारे शेरावालिये, जयपुर की चुनरिया, मैं लाई शेरावालिये । कलकत्ते से नथली लाइ, झुमका लाई बरेली से, और फिरोजाबाद से चूड़ी…

हे माँ मुझको ऐसा घर दे – नवरात्रि माता के भजन

|| हे माँ मुझको ऐसा घर दे – भजन || हे माँ मुझको ऐसा घर दे, जिसमे तुम्हारा मंदिर हो, ज्योत जगे दिन रैन तुम्हारी, तुम मंदिर के अन्दर हो। हे माँ, हे माँ, हे माँ, हे माँ, जय जय माँ, जय जय माँ। इक कमरा जिसमे तुम्हारा आसन माता सजा रहे, हर पल हर…

सर को झुकालो, शेरावाली को मना लो – नवरात्रि माता के भजन

|| सर को झुकालो, शेरावाली को मना लो – भजन || सर को झुकालो, शेरावाली को मना लो, चलो दर्शन पालो चल के । करती मेहरबानीयाँ, करती मेहरबानियां ॥ गुफा के अन्दर, मन्दिर के अन्दर, माँ की ज्योतां है नुरानियाँ ॥ सर को झुकालो, शेरावाली को मना लो, चलो दर्शन पालो चल के । करती…

माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी – नवरात्रि माता के भजन

|| माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी – भजन || माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी। ज्योत जगा के, सर को झुका के, मैं मनाऊंगी, दर पे आउंगी, मनाऊंगी, मैं आउंगी॥ संतो महंतो को बुला के घर में कराऊं जगराता। सुनती है सब की फरियादें, मेरी भी सुन लेगी माता। झोली भरेगी, संकट हरेगी, भेटा…

जिनका मैया जी के चरणों से संबंध हो गया – नवरात्रि माता के भजन

|| जिनका मैया जी के चरणों से संबंध हो गया – भजन || जिनका मैया जी के चरणों से संबंध हो गया । उनके घर में आनंद ही आनंद हो गया ॥ माँ की शक्ति को जो भी, प्रणाम करते, माँ की भक्ति में मन को, जो भी रंगते । माँ की किरपा से तन…

दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ – नवरात्रि माता के भजन

|| दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ – भजन || दे दो अपनी पुजारन को वरदान माँ, मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु, मुझसे हो न जुदा मेरा भगवान माँ, मैया जब तक जियु मैं सुहागन जियु ॥ मैं दिन रात तुमसे यही मांगती, साया सिर पे रहे मेरे सरताज का, और इस…

माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल – नवरात्रि माता के भजन

|| माँ मैं खड़ा द्वारे पे पल पल – भजन || तेरे दरबार का पाने नज़ारा, मैं भी आया हू, ज़रा देदो माँ चरणों मे सहारा, मैं भी आया हूँ, सुना है दर पे तेरे इस जहाँ की, हर खुशी मिलती, जगा दो सोई किस्मत का सितारा, मैं भी आया हूँ ॥ भजन ॥ तू…

मेरे मन के अंध तमस में – नवरात्रि माता के भजन

|| मेरे मन के अंध तमस में – भजन || जय जय माँ, जय जय माँ । जय जय माँ, जय जय माँ । जय जय माँ, जय जय माँ । जय जय माँ, जय जय माँ । मेरे मन के अंध तमस में, ज्योतिर्मय उतारो । जय जय माँ, जय जय माँ । जय…

ओ जंगल के राजा – नवरात्रि माता के भजन

|| ओ जंगल के राजा – भजन || ओ जंगल के राजा, मेरी मैया को ले के आजा, मैंने आस की ज्योत जगाई, मेरे नैनो में माँ है समाई, मेरे सपने सच तू बना जा, मेरी माँ को ले के आजा आजा, ओं जंगल के राजा, मेरी मैया को ले के आजा ॥ हरपल माँ…

उंचिया पहाड़ा वाली माँ, हो अम्बे रानी – नवरात्रि माता के भजन

|| उंचिया पहाड़ा वाली माँ, हो अम्बे रानी – भजन || उंचिया पहाड़ा वाली माँ, हो अम्बे रानी, थोड़ी सी मैहर कर दे, कितनी उम्मीदे लाया, कितने ही सपने, थोड़ी सी मैहर कर दे ॥ उंचिया पहाड़ा वाली है मैया, गूंजते जयकारे तेरे है मैया। उंचिया पहाड़ा वाली है मैया, गूंजते जयकारे तेरे है मैया…

वो है जग से बेमिसाल सखी – नवरात्रि माता के भजन

|| वो है जग से बेमिसाल सखी – भजन || कोई कमी नहीं है, दर मइया के जाके देख देगी तुझे दर्शन मइया, तू सर को झुका के देख अगर आजमाना है, तो आजमा के देख पल भर में भरेगी झोली, तू झोली फैला के देख वो है जग से बेमिसाल सखी माँ शेरोवाली कमाल…

सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी – नवरात्रि माता के भजन

|| सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी – भजन || सज धज के बैठी है माँ, लागे सेठानी, लागे सेठानी ओ मेरी माँ, लागे सेठानी, सज धज के बैठी है मां, लागे सेठानी ॥ किसने मैया जी तेरी चुनरी बनाई, किसने मैया जी तेरी चुनरी बनाई, चुनरी बनाई तेरे सिर पे सजाई, चुनरी…

टूटी टपरिया मेरी माँ गरीब घर आ जाना – नवरात्रि माता के भजन

|| टूटी टपरिया मेरी माँ गरीब घर आ जाना – भजन || टूटी झोपड़िया मेरी माँ, गरीब घर आ जाना । बड़े बड़े लोग मैया जागरण कराये मैं कीर्तन करवाऊ मेरी माँ, गरीब घर आ जाना । टूटी झोपड़िया मेरी माँ, गरीब घर आ जाना । बड़े बड़े लोग मैया चोला चढ़ाये मैं चुनरी चड़ाऊ…

तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे – नवरात्रि माता के भजन

|| तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे – भजन || तुमको तुम्हारे बेटे पुकारे, आ जाओ मैया घर में हमारे ॥ बेटे तुम्हारे लाखों है मैया, किसी का महल है, किसी की है कुटिया, तुम्हे एक जैसे, लगते है सारे, आ जाओ मैया घर में हमारे ॥ ना हिरे ना मोती ना, जवाहरात है माँ, ना ही…

भक्तों को दर्शन दे गई – नवरात्रि माता के भजन

|| भक्तों को दर्शन दे गई – भजन || भगतो को दर्शन दे गयी रे, एक छोटी सी कन्या, छोटी सी कन्या, एक छोटी सी कन्या ॥ भगतो को दर्शन दे गयी रे, एक छोटी सी कन्या ॥ भक्तो ने पुछा मैया नाम तेरा क्या है, वैष्णो नाम बता गयी रे, एक छोटी सी कन्या…

मैया तेरे चरणों की – नवरात्रि माता के भजन

|| मैया तेरे चरणों की – भजन || मैया तेरे चरणों की, अम्बे तेरे चरणों की, गर धूल जो मिल जाए, सच कहती हूँ मैया, तक़दीर बदल जाए, मैया तेरे चरणो की ॥ सुनते है तेरी रहमत, दिन रात बरसती है, इक बूंद दया की जो, इक बूंद दया की जो, मुझ पे भी बरस…

सावन की बरसे बदरिया – नवरात्रि माता के भजन

|| सावन की बरसे बदरिया – भजन || सावन की बरसे बदरिया सावन की बरसे बदरिया, माँ की भीगी चुनरीया, भीगी चुनरिया माँ की ॥ लाल चुनड माँ की चम चम चमकै, माथे कि बिंदिया भी दम दम दमकै, हाथो मे झलके कंगणिया, माँ की भिगी चुनरिया ॥ ॥ सावन की बरसे बदरिया…॥ छाई हरियाली,…

चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है – नवरात्रि माता के भजन

|| चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है – भजन || ॥ दोहा ॥ माता जिनको याद करे, वो लोग निराले होते हैं । माता जिनका नाम पुकारे, किस्मत वाले होतें हैं। ॥ भजन ॥ चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है । चलो बुलावा आया है, माता ने बुलाया है । चलो…

बेटा बुलाए झट दौड़ी चली आए माँ – नवरात्रि माता के भजन

|| बेटा बुलाए झट दौड़ी चली आए माँ – भजन || ॥ स्तुति ॥ मैं नही जानू पूजा तेरी, पर तू ना करना मैया देरी, तेरा लख्खा तुझे पुकारे, लाज तू रखले अब माँ मेरी॥ ॥ भजन ॥ बेटा बुलाए झट दौड़ी चली आए माँ, अपने बच्चो के आँसू देख नहीं पाए माँ, बेटा बुलाए…

कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे – नवरात्रि माता के भजन

|| कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे – भजन || कभी फुर्सत हो तो जगदम्बे, निर्धन के घर भी आ जाना । जो रूखा सूखा दिया हमें, कभी उस का भोग लगा जाना ॥ ना छत्र बना सका सोने का, ना चुनरी घर मेरे तारों जड़ी । ना पेडे बर्फी मेवा है माँ, बस श्रद्धा है…

हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम – नवरात्रि माता के भजन

|| हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम – भजन || काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी, काल के पंजे से माता बचाओ, जय माँ अष्ट भवानी । हे नाम रे सबसे बड़ा तेरा नाम, ओ शेरोवाली, ऊँचे डेरों वाली, बिगड़े बना दे मेरे काम ॥ ऐसा कठिन पल, ऐसे घडी…

आश्विनशुद्धपक्षी अंबा – नवरातीची आरती

|| आश्विनशुद्धपक्षी अंबा – नवरातीची आरती (Ashwinshuddhapakshi Amba Navratichi Aarti Marathi PDF) || आश्विनशुद्धपक्षी अंबा बैसलि सिंहासनी हो । प्रतिपदेपासून घटस्थापना ती करुनी हो । मूलमंत्रजप करुनी भोवते रक्षक ठेउनी हो । ब्रह्माविष्णुरुद्र आईचे पूजन करिती हो ॥ १ ॥ उदो बोला उदो अंबाबाई माउलीचा हो । उदोकारे गर्जती काय महिमा वर्णं तिचा हो ॥…

बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए – नवरात्रि माता के भजन

|| बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए – भजन || मैया जी के चरणों मे ठिकाना चाहिए। बेटा जो बुलाए माँ को आना चाहिए॥ सुन लो ऐ माँ के प्यारो, तुम प्रेम से पुकारो। आएगी शेरा वाली, जगदम्बे मेहरावाली॥ वो देर ना करेगी, झोली सदा भरेगी। पूरी करेगी आशा, मिट जायेगी निराशा॥ बिगड़े कर्म…

नवरात्रों के नौ दिन का पाठ (Navratron Ke Nau Din Ka Path PDF Book)

नवरात्रों के नौ दिन का पाठ (Navratron Ke Nau Din Ka Path)

नवरात्रों के नौ दिन का पाठ एक ऐसी पुस्तक है जो नवरात्रि के दौरान देवी उपासना और पाठ की विधियों को सरल और व्यवस्थित रूप से प्रस्तुत करती है। नवरात्रि, देवी दुर्गा की आराधना का पावन पर्व है, जिसमें नौ दिनों तक शक्ति की नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। यह पुस्तक भक्तों…

आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा – नवरात्रि माता के भजन

|| आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा – भजन || आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा । दिल ने पुकारा तू है मेरा सहारा माँ ॥ शेरांवाली, जोतांवाली, मेहरांवाली माँ । आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा ॥ प्रेम से बोलो, जय माता दी । सारे बोलो, जय माता दी । मिल…

नौ दिन का त्यौहार है आया – नवरात्रि माता के भजन

|| नौ दिन का त्यौहार है आया – भजन || नौ दिन का त्यौहार है आया, ध्यान करो माँ नवदुर्गा का, जिसने जगत बनाया, नौं दिन का त्यौहार है आया, नौं दिन का त्यौहार ॥ प्रथम शैलपुत्री की पूजा, ब्रम्हचारणी का दिन दूजा, माँ चंद्रघंटा की सेवा, करके सब सुख पाया, नौं दिन का त्यौहार…

मन लेके आया, माता रानी के भवन में – नवरात्रि माता के भजन

|| मन लेके आया, माता रानी के भवन में – भजन || मन लेके आया, माता रानी के भवन में बड़ा सुख पाया, बड़ा सुख पाया, माती रानी के भवन में । जय जय माँ, अम्बे माँ, जय जय माँ, जगदम्बे माँ जय जय माँ, अम्बे माँ, जय जय माँ, जगदम्बे माँ मैं जानू वैष्णव…

Shri Skandamata Aarti

Shri Skandamata is the fifth form of Goddess Durga, worshipped on the fifth day of Navaratri. Her name signifies “Mother of Skanda” (Lord Kartikeya, the god of war). She is depicted riding a lion, possessing four arms, and carrying the infant Skanda on her lap. Her other hands typically hold lotus flowers, and one is…

नवरात्रि का चौथा स्वरूप – मां कूष्मांडा का आह्वान मंत्र, पूजा विधि और कृपा प्राप्ति का रहस्य

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नवरात्रि का पावन पर्व (Navratri Festival) एक ऐसा समय है जब प्रकृति और आध्यात्मिकता एक दिव्य ऊर्जा में समाहित हो जाते हैं। नौ दिनों तक चलने वाला यह उत्सव, आदि शक्ति माँ दुर्गा (Maa Durga) के नौ रूपों की उपासना का महापर्व है। इन नौ दिनों में से चौथा दिन विशेष रूप से मां कूष्मांडा…

माँ कूष्मांडा आरती

नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है। माँ कूष्मांडा को सृष्टि की आदिशक्ति माना जाता है, जिनकी मंद मुस्कान से इस ब्रह्मांड की रचना हुई थी। इनका निवास सूर्यमंडल के मध्य में है, इसलिए इनका तेज सूर्य के समान दैदीप्यमान है। माँ कूष्मांडा अष्टभुजा (आठ भुजाओं)…

मां चंद्रघंटा आरती

माँ दुर्गा का तीसरा स्वरूप माँ चंद्रघंटा हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन की जाती है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसीलिए इन्हें यह नाम मिला। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है और ये सिंह पर आरूढ़ हैं। माँ चंद्रघंटा के दस हाथ हैं, जिनमें विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुसज्जित…

चंद्रघंटा माता व्रत कथा पूजा विधि

चंद्रघंटा माता नवदुर्गा का तीसरा स्वरूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्र के तीसरे दिन की जाती है। माता के मस्तक पर अर्धचंद्र के आकार की स्वर्णिम घंटी विराजमान है, इसी कारण इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। इनका रूप अति दिव्य और तेजस्वी है, जो साधक को अद्भुत शक्ति और साहस प्रदान करता है। चंद्रघंटा माता की…

कूष्माण्डा माता व्रत कथा पूजा विधि

कूष्माण्डा माता नवदुर्गा का चौथा स्वरूप मानी जाती हैं। इन्हें ब्रह्माण्ड की सृष्टि करने वाली आदिशक्ति कहा जाता है। मान्यता है कि अपनी मंद मुस्कान से इन्होंने ब्रह्माण्ड की रचना की, इसलिए इन्हें कूष्माण्डा कहा गया। इनके आठ हाथ होने के कारण इन्हें अष्टभुजा देवी भी कहा जाता है। भक्त नौ दिन के नवरात्र व्रत…

मां सिद्धिदात्री आरती

माँ सिद्धिदात्री दुर्गा जी का नवाँ और अंतिम स्वरूप हैं। इन्हें सभी प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। माँ कमल पुष्प पर विराजमान होती हैं और सिंह इनकी सवारी है। इनके चार हाथों में चक्र, गदा, शंख और कमल सुशोभित हैं। माना जाता है कि भगवान शिव ने भी इनकी कृपा…

सिद्धिदात्री माता – नवरात्रि नवमी पर प्राप्त होती हैं अष्ट सिद्धियाँ, जानें पूजा विधि और मंत्र

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सिद्धिदात्री का अर्थ है – “सिद्धि” का अर्थ है पूर्णता जबकि “दात्री” का अर्थ है “देने वाली”। इसीलिए उन्हें माता सिद्धिदात्री के रूप में पहचाना जाता है। आश्विन नवरात्रि 22 सितम्बर 2025 से शुरू होगी और 02 अक्टूबर 2025 तक मनाई जाएगी। आश्विन नवरात्रि की अष्टमी (सिद्धिदात्री माता की पूजा) को सबसे महत्वपूर्ण दिन माना…

सिद्धिदात्री माता व्रत कथा पूजा विधि

सिद्धिदात्री माता नवदुर्गा का नवम और अंतिम स्वरूप हैं, जो भक्तों को सभी प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करती हैं। माता के दाएं हाथ में चक्र और गदा, बाएं हाथ में शंख और कमल सुशोभित होते हैं। वे कमल पुष्प पर विराजमान रहती हैं और चार भुजाओं से सभी साधकों को आशीर्वाद देती हैं। सिद्धिदात्री माता…

Kushmanda Mata Aarti

Kushmanda Mata is revered as the fourth manifestation of Goddess Durga, worshipped on the fourth day of Navratri. Her name, a combination of Sanskrit words, translates to the “creator of the little cosmic egg” (the universe). According to mythology, before creation, when darkness prevailed, it was her divine, radiant smile that produced the cosmic egg,…

Katyayani Mata Aarti

Katyayani Mata is the sixth form of Goddess Durga, revered especially during the Navaratri festival. She is known as a fierce warrior goddess, created from the combined energies of the gods to destroy the tyrannical buffalo demon Mahishasura. This formidable feat earned her the title “Mahishasuramardini.” She is often depicted riding a lion, with four…

श्री स्कंदमाता आरती

श्री स्कंदमाता माँ दुर्गा का पाँचवाँ स्वरूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि के पाँचवें दिन की जाती है। भगवान कार्तिकेय (स्कंद कुमार) की माता होने के कारण इन्हें यह नाम मिला है। इनका स्वरूप अत्यंत ममतामय और शुभ्र है। वे सिंह पर सवार होती हैं और इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है क्योंकि ये कमल के…

स्कंदमाता व्रत कथा और पूजा विधि

स्कंदमाता, नवदुर्गा का पाँचवां स्वरूप हैं जिन्हें भगवान कार्तिकेय (स्कंद) की माता कहा जाता है। कथा के अनुसार, देवासुर संग्राम में जब असुर अत्यधिक बलवान हो गए, तब सभी देवताओं ने माँ पार्वती से प्रार्थना की। माता ने स्कंद कुमार को जन्म दिया जो देवताओं के सेनापति बने और असुरों का वध कर धर्म की…

ब्रह्मचारिणी माता व्रत कथा पूजा विधि

ब्रह्मचारिणी माता नवदुर्गा का दूसरा स्वरूप हैं, जो तप, संयम और ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मानी जाती हैं। कथा के अनुसार जब महादेव को पति रूप में प्राप्त करने की इच्छा पार्वती जी ने की, तब उन्होंने ब्रह्माचारिणी का रूप धारण कर कठोर तप किया। उन्होंने वर्षों तक केवल फल-फूल और अंत में केवल हवा…

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