जुग जुग जियसु ललनवा

|| जुग जुग जियसु ललनवा || जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो, ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में, आस लागल हो ॥ आज के दिनवा सुहावन, रतिया लुभावन हो, ललना दिदिया के होरिला जनमले, होरिलवा बडा सुन्दर हो ॥ नकिया तहवे जैसे बाबुजी के, अंखिया ह माई के हो ललन…

नगर मे जोगी आया

|| नगर मे जोगी आया || नगर मे जोगी आया, भेद कोई समझ ना पाया। ऊँचे ऊँचे मंदिर तेरे, ऊँचा है तेरा धाम, हे कैलाश के वासी भोले, हम करते है तुझे प्रणाम ॥ नगर मे जोगी आया, भेद कोई समझ ना पाया, अजब है तेरी माया, इसे कोई समझ ना पाया, यशोदा के घर…

रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने

|| रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने || रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है, जो पेड़ हमने लगाया पहले, उसी का फल हम अब पा रहे है, रचा है सृष्टि को जिस प्रभु ने, वही ये सृष्टि चला रहे है…

नटवर नागर नंदा

|| नटवर नागर नंदा || नटवर नागर नंदा, भजो रे मन गोविंदा, श्याम सुंदर मुख चंदा, भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नन्दा, भजो रे मन गोविंदा, श्याम सुंदर मुख चंदा ॥ तू ही नटवर तू ही नागर, तू ही नटवर तू ही नागर, तू ही बालमुकुन्दा, भजो रे मन गोविंदा, नटवर नागर नन्दा, भजो…

जय जय सुरनायक

|| जय जय सुरनायक || जय जय सुरनायक जन सुखदायक प्रनतपाल भगवंता । गो द्विज हितकारी जय असुरारी सिधुंसुता प्रिय कंता ॥ पालन सुर धरनी अद्भुत करनी मरम न जानइ कोई । जो सहज कृपाला दीनदयाला करउ अनुग्रह सोई ॥ जय जय अबिनासी सब घट बासी ब्यापक परमानंदा । अबिगत गोतीतं चरित पुनीतं मायारहित मुकुंदा…

तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो

|| तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो || तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ तुम्ही हो माता, पिता तुम्ही हो । तुम्ही हो बंधू, सखा तुम्ही हो ॥ तुम ही हो साथी, तुम ही सहारे । कोई ना अपना सिवा तुम्हारे ॥ तुम ही हो साथी, तुम…

हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ

|| हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ || हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ, आरती उतारूँ प्यारे तुमको मनाऊँ, अवध बिहारी तेरी आरती उतारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूँ ॥ कनक सिहासन रजत जोड़ी, दशरथ नंदन जनक किशोरी, युगल छबि को सदा निहारूँ, हे राजा राम तेरी आरती उतारूं ॥ बाम भाग शोभित जग…

जय जय श्री महाकाल

|| जय जय श्री महाकाल || नागेन्द्रहाराय त्रिलोचनाय, भस्माङ्गरागाय महेश्वराय । नित्याय शुद्धाय दिगम्बराय, तस्मै नकाराय नमः शिवाय ॥ भारत मध्ये स्वयंभू ज्योतिर्लिंग यजामहे हे परब्रह्म परमेश्वर शिव शंभू दयामहे शिप्रा के तट पे अवंतिका उज्जैनी नगरी महादेव के मनन में है मगन सगरी माँ हर सिद्धि पीठ का लिखा विराजे शिव शिव जापे आठ…

वैष्णव जन तो तेने कहिये भजन

|| वैष्णव जन तो तेने कहिये भजन || वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे । पर दुःखे उपकार करे तो ये, मन अभिमान न आणे रे ॥ वैष्णव जन तो तेने कहिये, जे पीड परायी जाणे रे । सकल लोकमां सहुने वंदे, निंदा न करे केनी रे । वाच काछ मन…

श्यामा आन बसों वृन्दावन में

|| श्यामा आन बसों वृन्दावन में || श्यामा आन बसों वृन्दावन में, मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में । श्यामा रसते में बाग लगा जाना, फुल बीनुगी तेरी माला के लिए । तेरी बाट निहारूं कुंजन में, मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥ श्यामा आन बसों वृन्दावन में, मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में…

रवि प्रदोष व्रत कथा और पूजा विधि

॥ रवि प्रदोष व्रत पूजा विधि ॥ रवि प्रदोष व्रत का पालन करने वाले व्यक्ति को प्रातः उठकर स्नान आदि से निवृत होकर स्वच्छ हो जाना चाहिए। तत्पश्चात पूजा स्थल को स्वच्छ कर सूर्यदेव, भगवान शिव व देवी पार्वती का आवाहन करें। अब भगवान शिव को बेल पत्र तथा सूर्यदेव को अक्षत, फूल, धूप, दीप,…

मन में बसाकर तेरी मूर्ति

|| मन में बसाकर तेरी मूर्ति || मन में बसाकर तेरी मूर्ति, उतारू में गिरधर तेरी आरती ॥ मन में बसाकर तेरी मूर्ति, उतारू में गिरधर तेरी आरती ॥ करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवन, भव में फसी नाव मेरी तार दो भगवन, करुणा करो कष्ट हरो ज्ञान दो भगवन, भव में फसी नाव…

श्याम पुष्पांजलि श्री खाटू श्याम

|| श्याम पुष्पांजलि श्री खाटू श्याम || हाथ जोड़ विनती करूं सुणियों चित्त लगाय, दास आ गयो शरण में रखियो इसकी लाज, धन्य ढूंढारो देश हैं खाटू नगर सुजान, अनुपम छवि श्री श्याम की, दर्शन से कल्याण । श्याम श्याम तो मैं रटूं श्याम है जीवन प्राण, श्याम भक्त जग में बड़े उनको करूँ प्रणाम,…

साँसों की माला पे सिमरूं मैं

|| साँसों की माला पे सिमरूं मैं || साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम अपने मन की मैं जानूँ, और पी के मन की राम, साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी का नाम अपने मन की मैं जानूँ और पी के मन की राम, साँसों की माला पे सिमरूं मैं, पी…

सांवली सूरत पे मोहन

|| सांवली सूरत पे मोहन || सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया । दिल दीवाना हो गया, दिल दीवाना हो गया ॥ एक तो तेरे नैन तिरछे, दूसरा काजल लगा । तीसरा नज़रें मिलाना, दिल दीवाना हो गया ॥ सांवली सूरत पे मोहन, दिल दीवाना हो गया । दिल दीवाना हो गया, दिल…

छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना भजन

|| छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना भजन || छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना कहते लोग इसे राम का दिवाना छम छम नाचे देखो वीर हनुमाना पाँव में घूंघरु बांध के नाचे राम जी का नाम इसे प्यारा लागे राम ने भी देखो इसे खुब पहचाना ॥ छम…

आजु मिथिला नगरिया निहाल

|| आजु मिथिला नगरिया निहाल || आजु मिथिला नगरिया निहाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया! शिश मणी मौरिया, कुण्डल सोहे कनमा, कारी कारी कजरारी जुलमी नयनमा, लाल चंदन सोहे इनके भाल सखिया, चारों दुलहा में बड़का कमाल सखिया! श्यामल-श्यामल, गोरे- गोरे, जोड़ीया जहान रे, अँखिया ना देखनी सुनलीं ने कान हे जुगे जुगे,…

अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो

|| अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो || देखो देखो यह गरीबी, यह गरीबी का हाल, कृष्ण के दर पे यह विश्वास ले के आया हूँ। मेरे बचपन का दोस्त हैं मेरा श्याम, यही सोच कर मैं आस ले कर के आया हूँ ॥ अरे द्वारपालों कहना से कह दो, दर पे सुदामा गरीब आ…

राम नाम के हीरे मोती

|| राम नाम के हीरे मोती || राम नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली । कृष्ण नाम के हीरे मोती, मैं बिखराऊँ गली गली । ले लो रे कोई राम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली । ले लो रे कोई श्याम का प्यारा, शोर मचाऊँ गली गली । माया के दीवानों सुन…

हेरी सखी मंगल गावो री

|| हेरी सखी मंगल गावो री || चोख पुरावो, माटी रंगावो, आज मेरे पिया घर आवेंगे खबर सुनाऊ जो, खुशी ये बताऊँ जो, आज मेरे पिया घर आवेंगे ॥ हेरी/ओरी सखी मंगल गावो री, धरती अम्बर सजाओ री, उतरेगी आज मेरे पिया की सवारी, हेरी कोई काजल लाओ री, मोहे काला टीका लगाओ री, उनकी…

शीश गंग अर्धंग पार्वती

|| शीश गंग अर्धंग पार्वती || शीश गंग अर्धंग पार्वती, सदा विराजत कैलासी । नंदी भृंगी नृत्य करत हैं, धरत ध्यान सुर सुखरासी ॥ शीतल मन्द सुगन्ध पवन, बह बैठे हैं शिव अविनाशी । करत गान-गन्धर्व सप्त स्वर, राग रागिनी मधुरासी ॥ यक्ष-रक्ष-भैरव जहँ डोलत, बोलत हैं वनके वासी । कोयल शब्द सुनावत सुन्दर, भ्रमर…

इतना तो करना स्वामी

|| इतना तो करना स्वामी || इतना तो करना स्वामी, जब प्राण तन से निकले गोविन्द नाम लेकर, फिर प्राण तन से निकले ॥ श्री गंगा जी का तट हो, यमुना का वंशीवट हो, मेरा सांवरा निकट हो, जब प्राण तन से निकले, इतना तों करना स्वामी जब प्राण ॥ पीताम्बरी कसी हो, छवि मन…

Surya Gochar 2025 : किन 5 राशियों के जीवन में आएंगे बड़ा बदलाव और किसकी किस्मत चमकेगी

surya-gochar

सूर्य गोचर क्या है :-  वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब सूर्य एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करता है तो इसे सूर्य गोचर (Surya Gochar) कहा जाता है। सूर्य हर महीने एक राशि में लगभग 30 दिनों तक रहता है और फिर अगली राशि में प्रवेश करता है। इस प्रकार एक वर्ष में…

कभी राम बनके, कभी श्याम बनके

|| कभी राम बनके, कभी श्याम बनके || कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना ॥ तुम राम रूप में आना, तुम राम रूप में आना सीता साथ लेके, धनुष हाथ लेके, चले आना प्रभुजी चले आना ॥ कभी राम बनके कभी श्याम बनके, चले आना प्रभुजी चले आना ॥ तुम…

ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका

ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका

महर्षि दयानन्द सरस्वती द्वारा प्रणीत ऋग्वेदादिभाष्यभूमिका एक ग्रंथ हैं। जिसमे वेद और वेदार्थ के प्रति अपने मन्तव्य को स्पष्टरूप से प्रतिपादित करने के लिये इस ग्रन्थ का का प्रणयन किया है। महर्षि ने सत्यार्थ-प्रकाश को जहाँ मूलतः हिन्दी में लिखा है। इस किताब में वेदों के अर्थों को समझने के लिए एक कुंजी के रूप…

सीता राम सीता राम कहिये

|| सीता राम सीता राम कहिये || सीता राम सीता राम, सीताराम कहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये। मुख में हो राम नाम, राम सेवा हाथ में, तू अकेला नाहिं प्यारे, राम तेरे साथ में । विधि का विधान जान, हानि लाभ सहिये, जाहि विधि राखे राम, ताहि विधि रहिये ॥ सीता राम…

मेरे लाडले गणेश प्यारे भजन

|| मेरे लाडले गणेश प्यारे भजन || मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे भोले बाबा जी की आँखों के तारे प्रभु सभा बीच में आ जाना आ जाना ॥ मेरे लाडले गणेश प्यारे प्यारे ॥ तेरी काया कंचन कंचन, किरणों का है जिसमे बसेरा। तेरी सूंड सुंडाली मूरत, तेरी आँखों मे खुशियों का डेरा । तेरी…

मेरे बांके बिहारी लाल भजन

|| मेरे बांके बिहारी लाल भजन || मेरे बांके बिहारी लाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी । तेरी सुरतिया पे मन मोरा अटका । प्यारा लागे तेरा पीला पटका । तेरी टेढ़ी मेढ़ी चाल, तू इतना ना करिओ श्रृंगार, नजर तोहे लग जाएगी ॥ मेरे बांके बिहारी लाल…॥ तेरी मुरलिया पे…

श्री ब्रह्म कवचम् पाठ

॥ श्रीब्रह्मकवचम् पाठ ॥ ॐ श्रीब्रह्मणे नमः । कवचं शृणु चार्वङ्गि जगन्मङ्गलनामकम् । पठनाद्धारणाद्यस्य ब्रह्मज्ञो जायते ध्रुवम् ॥ परमात्मा शिरः पातु हृदयं परमेश्वरः । कण्ठं पातु जगत्त्राता वदनं सर्वदृग्विभुः ॥ करौ मे पातु विश्वात्मा पादौ रक्षतु चिन्मयः । सर्वाङ्गं सर्वदा पातु परब्रह्म सनातनम् ॥ श्रीजगन्मङ्गलस्यास्य कवचस्य सदाशिवः । ऋषिश्छन्दोऽनुष्टुबिति परब्रह्म च देवता ॥ चतुर्वर्गफलावाप्त्यै विनियोगः…

सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम

|| सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम || सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु, करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु । सुबह सवेरे लेकर तेरा नाम प्रभु, करते हैं हम शुरु आज का काम प्रभु । शुद्ध भाव से तेरा ध्यान लगाएं हम, विद्या का वरदान तुम्हीं से पाए हम । शुद्ध भाव से…

देना हो तो दीजिये

|| देना हो तो दीजिये || देना हो तो दीजिए, जनम जनम का साथ । अब तो कृपा कर दीजिए, जनम जनम का साथ । मेरे सर पर रख बनवारी, अपने दोनों यह हाथ ॥ देने वाले श्याम प्रभु से, धन और दौलत क्या मांगे । श्याम प्रभु से मांगे तो फिर, नाम और इज्ज़त…

राम सिया राम, कौशल्या, दशरथ के नंदन

|| राम सिया राम, कौशल्या, दशरथ के नंदन || कौशल्या, दशरथ के नंदन राम ललाट पे शोभित चन्दन रघुपति की जय बोले लक्ष्मण राम सिया का हो अभिनन्दन अंजनी पुत्र पड़े हैं चरण में राम सिया जपते तन मन में मंगल भवन अमंगल हारी द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी राम सिया राम, सिया राम जय जय…

मेरी झोपड़ी के भाग आज

|| मेरी झोपड़ी के भाग आज || मेरी झोपड़ी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे, राम आएँगे मेरी झोपडी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे ॥ राम आएँगे तो, आंगना सजाऊँगी, दिप जलाके, दिवाली मनाऊँगी मेरे जन्मो के सारे, पाप मिट जाएंगे, राम आएँगे, मेरी झोपडी के भाग, आज खुल जाएंगे, राम आएँगे…

बीजात्मक दुर्गा सप्तशती

बीजात्मक दुर्गा सप्तशती

बीजात्मक दुर्गा सप्तशती में दैत्याना देहनाशाय भक्तनामभयाय च। धारयन्त्यायुधानीत्य॑ देवानां च हिताय वै। नमस्तेस्तु महारीद्रे महाघोरपराक्रमे। महाबले महोत्साहे महाभयविनाशिनी। त्राहि मां देवि दुष्प्रेक्ष् शत्रूणां भयवर्धिनि।प्राच्या रक्षतु मामैंद्री आग्रेय्यामग्रिदेवता। दक्षिणवतु वाराही नैरऋत्यां खड्गधारिणी। प्रतीच्यां वारुणी रक्षेद वायव्यां मृगवाहिनी। उदीच्यां पातु कौमारी ऐशान्यां शूलधारिणी। बीजात्मक तंत्र दुर्गा सप्तशती के पाठ में षडंग (कवच, अर्गला, कीलक, प्रधानिक रहस्य,…

तांत्रिक दुर्गा सप्तशती (Tantrik Durga Saptashati)

तांत्रिक दुर्गा सप्तशती (Tantrik Durga Saptashati)

श्री तंत्रदुर्गासप्तशती का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जाओं का विनाश होता है और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। वहीं, नवरात्रि के दिनों में दुर्गा सप्तशती का पाठ करना और भी लाभकारी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, दुर्गा सप्तशती का पाठ करना बहुत शुभ माना जाता है। पौराणिक मान्यता के मुताबिक, ब्रह्मा जी और…

भैरव तंत्र सिद्धि

भैरव तंत्र सिद्धि

भैरव तंत्र सिद्धि तंत्र से जुड़ी एक किताब है। इस किताब में आप तंत्र, मंत्र, यंत्र, और परिविज्ञान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। भैरव तंत्र, भारतीय तंत्र शास्त्र की एक प्राचीन पद्धति है। भैरव तंत्र के ज़रिए आध्यात्मिक और शक्तिपूर्ण बदलाव लाए जाते हैं। भगवान भैरव की पूजा करने से साधक को स्नान-ध्यान…

नवनाथ स्तुति लाभ सहित

।। नवनाथ स्तुति ।। आदि-नाथ कैलाश-निवासी, उदय-नाथ काटै जम-फाँसी। सत्य-नाथ सारनी सन्त भाखै, सन्तोष-नाथ सदा सन्तन की राखै। कन्थडी-नाथ सदा सुख-दाई, अञ्चति अचम्भे-नाथ सहाई। ज्ञान-पारखी सिद्ध चौरङ्गी, मत्स्येन्द्र-नाथ दादा बहुरङ्गी। गोरख-नाथ सकल घट-व्यापी, काटै कलि-मल, तारै भव-पीरा। नव-नाथों के नाम सुमिरिए, तनिक भस्मी ले मस्तक धरिए। रोग-शोक-दारिद नशावै, निर्मल देह परम सुख पावै। भूत-प्रेत-भय-भञ्जना, नव-नाथों…

श्री कामाक्षी स्तुति

|| श्री कामाक्षी स्तुति || वन्दे कामाक्ष्यहं त्वां वरतनुलतिकां विश्वरक्षैकदीक्षां विष्वग्विश्वम्भरायामुपगतवसतिं विश्रुतामिष्टदात्रीम् । वामोरूमाश्रितार्तिप्रशमननिपुणां वीर्यशौर्याद्युपेतां वन्दारुस्वस्वर्द्रुमिन्द्राद्युपगतविटपां विश्वलोकालवालाम् ॥ चापल्यादियमभ्रगा तटिदहो किञ्चेत्सदा सर्वगा- ह्यज्ञानाख्यमुदग्रमन्धतमसं निर्णुद्य निस्तन्द्रिता । सर्वार्थावलिदर्शिका च जलदज्योतिर्न चैषा तथा यामेवं विवदन्ति वीक्ष्य विबुधाः कामाक्षि नः पाहि सा ॥ दोषोत्सृष्टवपुः कलां च सकलां बिभ्रत्यलं सन्ततं दूरत्यक्तकलङ्किका जलजनुर्गन्धस्य दूरस्थिता । ज्योत्स्नातो ह्युपरागबन्धरहिता नित्यं तमोघ्ना स्थिरा…

श्री षडानन स्तुति

|| श्री षडानन स्तुति || श्रीगौरीसहितेशभालनयनादुद्भूतमग्न्याशुग- व्यूढं विष्णुपदीपयश्शरवणे सम्भूतमन्यादृशम् । षोढाविग्रहसुन्दरास्यममलं श्रीकृत्तिकाप्रीतये शर्वाण्यङ्कविभूषणं स्फुरतु मच्चित्ते गुहाख्यं महः ॥ त्रिषडकृशदृगब्जष्षण्मुखाम्भोरुहश्रीः द्विषडतुलभुजाढ्यः कोटिकन्दर्पशोभः । शिखिवरमधिरूढः शिक्षयन् सर्वलोकान् कलयतु मम भव्यं कार्तिकेयो महात्मा ॥ यद्रूपं निर्गुणं ते तदिह गुणमहायोगिभिर्ध्यानगम्यं यच्चान्यद्विश्वरूपं तदनवधितया योगिभिश्चाप्यचिन्त्यम् । षड्वक्त्राष्टादशाक्षाद्युपहितकरुणामूर्तिरेषैव भाति स्वाराध्याशेषदुःखप्रशमनबहुलीलास्पदा चाप्यतुल्या ॥ यच्छ्रीमत्पादपङ्केरुहयुगलमहापादुके स्वस्वमूर्ध्ना धर्तुं विष्णुप्रमुख्या अपि च सुमनसः प्रागकुर्वंस्तपांसि । तत्तादृक्स्थूलभूतं…

श्री राधातापिनी स्तुति

|| श्री राधातापिनी स्तुति || सहोवाच । का सा राधा कीदृशं रूपं का मूर्तिः किं ध्यानं किं कीलकं किं बीज्ं को मन्त्रः ॥ का निवाहनानि कत्यङ्गानि किं पुरश्चरणं कः समाधिः ॥ किमनेन साध्यते ॥ किं फलं किं बलं गुणो यथा मन्त्रस्तत्सर्वं ब्रूह्हीति ॥ सहोवाच । श्रीराधेति परमप्रकृतिः सैव लक्ष्मीः सरस्वती सैव लोककर्त्री लोकमाता देवजननी ॥…

श्रीराधाकृष्ण स्तुति

|| श्रीराधाकृष्ण स्तुति || नवललितवयस्कौ नव्यलावण्यपुञ्जौ नवरसचलचित्तौ नूतनप्रेमवृत्तौ । नवनिधुवनलीलाकौतुकेनातिलोलौ स्मरनिभृतनिकुञ्जे राधिकाकृष्णचन्द्रौ ॥ द्रुतसुकनकसुगौरस्निग्धमेघौघनील- च्छविभिरखिलवृन्दारण्यमुद्भासयन्तौ । मृदुलनवदुकूले नीलपीते दधानौ स्मर निभृतनिकुञ्जे राधिकाकृष्णचन्द्रौ ॥ इति श्रीराधाकृष्णस्तुतिः समाप्ता ।

श्री दुर्गा नक्षत्र मालिका स्तुति

॥ श्री दुर्गा नक्षत्र मालिका स्तुति ॥ विराटनगरं रम्यं गच्छमानो युधिष्ठिरः । अस्तुवन्मनसा देवीं दुर्गां त्रिभुवनेश्वरीम् ॥ यशोदागर्भसंभूतां नारायणवरप्रियाम् । नंदगोपकुलेजातां मंगल्यां कुलवर्धनीम् ॥ कंसविद्रावणकरीं असुराणां क्षयंकरीम् । शिलातटविनिक्षिप्तां आकाशं प्रतिगामिनीम् ॥ वासुदेवस्य भगिनीं दिव्यमाल्य विभूषिताम् । दिव्यांबरधरां देवीं खड्गखेटकधारिणीम् ॥ भारावतरणे पुण्ये ये स्मरंति सदाशिवाम् । तान्वै तारयते पापात् पंकेगामिव दुर्बलाम् ॥ स्तोतुं प्रचक्रमे…

श्री विष्णु स्तुति

॥ श्री विष्णु स्तुति ॥ शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् । शान्ताकारं भुजंगशयनं….. लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥ शान्ताकारं भुजंगशयनं….. यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: । सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: । शान्ताकारं भुजंगशयनं…. ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा…

छोटी छोटी गैया

|| छोटी छोटी गैया || छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । छोटो सो मेरो मदन गोपाल ॥ छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । आगे आगे गैया पीछे पीछे ग्वाल । छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे ग्वाल । कारी कारी गैया, गोरे गोरे ग्वाल। श्याम वरण मेरो मदन गोपाल॥ छोटी छोटी गैया, छोटे छोटे…

श्री जानकी स्तुति

॥ जानकी स्तुति ॥ भई प्रगट कुमारी भूमि-विदारी जन हितकारी भयहारी । अतुलित छबि भारी मुनि-मनहारी जनकदुलारी सुकुमारी ॥ सुन्दर सिंहासन तेहिं पर आसन कोटि हुताशन द्युतिकारी । सिर छत्र बिराजै सखि संग भ्राजै निज -निज कारज करधारी ॥ सुर सिद्ध सुजाना हनै निशाना चढ़े बिमाना समुदाई । बरषहिं बहुफूला मंगल मूला अनुकूला सिय गुन…

गंगा स्तुति

॥ गंगा स्तुति ॥ जय जय भगीरथनन्दिनि, मुनि-चय चकोर-चन्दिनि, नर-नाग-बिबुध-बन्दिनि जय जह्नु बालिका । बिस्नु-बिस्नुपद-सरोजजासि, ईस-सीसपर बिभासि, त्रिपथगासि, पुन्यरासि, पाप-छालिका ॥ जय जय भगीरथनन्दिनि…… बिमल बिपुल बहसि बारि, सीतल त्रयताप-हारि, भँवर बर बिभंगतर तरंग-मालिका । पुरजन पूजोपहार, सोभित ससि धवलधार, भंजन भव-भार, भक्ति-कल्पथालिका ॥ जय जय भगीरथनन्दिनि….. निज तटबासी बिहंग, जल-थल-चर पसु-पसुपतंग, कीट,जटिल तापस सब…

घर में पधारो गजानन

|| घर में पधारो गजानन || घर में पधारो गजाननजी, मेरे घर में पधारो रिद्धि सिद्धि लेके आओ गणराजा, मेरे घर में पधारो ॥ राम जी आना, लक्ष्मण जी आना संग में लाना सीता मैया, मेरे घर में पधारो ॥ ब्रम्हा जी आना, विष्णु जी आना भोले शशंकर जी को ले आना, मेरे घर में…

मीठे रस से भरीयो री

|| मीठे रस से भरीयो री || राधा तू बड़भागिनी, और कौन तपस्या किन, तीन लोक के स्वामी है, मीठे रस से भरीयो री, राधा रानी लागे, महारानी लागे, मने कारो कारो, यमुना मैया कारी कारी, राधा गोरी गोरी, वृन्दावन में धूम मचावे, बरसाने की छोरी, ब्रजधाम राधा जु की, रजधानी लागे, महारानी लागे, मने…

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