जुग जुग जियसु ललनवा
|| जुग जुग जियसु ललनवा || जुग जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग जागल हो, ललना लाल होइहे, कुलवा के दीपक मनवा में, आस लागल हो ॥ आज के दिनवा सुहावन, रतिया लुभावन हो, ललना दिदिया के होरिला जनमले, होरिलवा बडा सुन्दर हो ॥ नकिया तहवे जैसे बाबुजी के, अंखिया ह माई के हो ललन…