भगवान सूर्य देव की महिमा और उनकी उपासना भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है। सूर्य न केवल प्रकाश के स्रोत हैं, बल्कि वे समस्त चराचर जगत की आत्मा और ऊर्जा के केंद्र भी हैं। सूर्य स्तुति का पाठ करने से व्यक्ति को आरोग्य, तेज और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है। नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक सूर्य देव की आराधना करने से मानसिक शांति मिलती है और जीवन के समस्त अंधकार दूर हो जाते हैं।
यदि आप भी अपनी दैनिक पूजा में भगवान भास्कर का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप हमारी वेबसाइट से शुद्ध और त्रुटिहीन Surya Stuti PDF प्राप्त कर सकते हैं। यह स्तुति आपको ऊर्जावान बनाए रखने और नकारात्मकता को दूर करने में सहायक सिद्ध होगी।
|| सूर्य स्तुति (Surya Stuti PDF) ||
दीन-दयालु दिवाकर देवा ।
कर मुनि, मनुज, सुरासुर सेवा ॥
हिम-तम-करि केहरि करमाली ।
दहन दोष-दुख-दुरित-रुजाली ॥
कोक-कोकनद-लोक-प्रकासी ।
तेज -प्रताप-रूप-रस-रासी ॥
सारथि-पंगु, पंगुदिब्य रथ-गामी ।
हरि-संकर -बिधि-मूरति स्वामी ॥
बेद पुरान प्रगट जस जागै ।
तुलसी राम-भगति बर माँगै ॥
- englishShri Surya Stuti
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