श्रावण संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

श्रावण मास 2025 की संकष्टी चतुर्थी को भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है। इस दिन व्रत रखने से विघ्नहर्ता गणेश सभी कष्टों को हर लेते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान शिव और माता पार्वती चौपड़ खेल रहे थे। खेल में कौन जीता, यह तय करने…

जया पार्वती व्रत कथा

2025 जया पार्वती व्रत कथा PDF एक पवित्र ग्रंथ है जो सुहागन स्त्रियों द्वारा आस्था और श्रद्धा से पढ़ा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से पांच दिनों तक किया जाता है और इसमें माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य की कामना की जाती है। जया पार्वती व्रत कथा में माता पार्वती द्वारा शिवजी…

वराह अवतार की कथा

वर्ष 2025 में वराह जयंती 25 अगस्त, सोमवार को मनाई जाएगी। यह पावन पर्व भगवान विष्णु के तीसरे अवतार, वराह भगवान के पृथ्वी पर अवतरण का स्मरण कराता है। वराह अवतार की कथा पीडीएफ में विस्तार से वर्णित है कि कैसे भगवान वराह ने हिरण्याक्ष नामक राक्षस का वध कर पृथ्वी को रसातल से बाहर…

श्री राधा अष्टमी व्रत कथा

|| राधाष्टमी, श्री राधा रानी के प्राकट्य दिवस का महत्व एवं पूजन विधि || सनातन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को श्री राधाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। शास्त्रों में यह तिथि श्री राधारानी के प्राकट्य दिवस के रूप में वर्णित है। श्री राधाजी वृषभानु महाराज की यज्ञभूमि से…

वासुदेव द्वादशी व्रत की पौराणिक कथा

वासुदेव द्वादशी का व्रत भगवान कृष्ण को समर्पित है। यह व्रत आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाया जाता है, जो देवशयनी एकादशी के ठीक अगले दिन पड़ती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से संतान प्राप्ति होती है, खोई हुई संपत्ति वापस मिलती है, सभी मनोकामनाएं पूरी होती…

अंदल जयंती की कथा

अंदल जयंती, जिसे आदिपुरम भी कहते हैं, देवी अंदल को समर्पित है। अंदल को देवी लक्ष्मी का अवतार माना जाता है और यह त्योहार उनके जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। उनकी कथा दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु में बहुत प्रसिद्ध है। || अंदल जयंती की कथा (Andal Jayanti Katha PDF) || लगभग 10वीं शताब्दी…

कोकिला व्रत कथा एवं पूजा विधि

2025 में कोकिला व्रत 10 जुलाई को है। कोकिला व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो आषाढ़ माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। मान्यता है कि माता सती ने भगवान शिव को पति रूप में पाने के लिए कोयल…

देवशयनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| देवशयनी एकादशी पूजा विधि || देवशयनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहन लें। अपने घर के मंदिर में भगवान के सामने दीपक जलाएं। भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर पर गंगाजल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को पीले फूल और तुलसी के पत्ते अर्पित करें। तुलसी दल भगवान विष्णु…

त्रिपुरी पूर्णिमा व्रत कथा

|| त्रिपुरी पूर्णिमा व्रत कथा PDF (Tripuri Purnima Vrat Katha) || त्रिपुरी पूर्णिमा, जिसे कार्तिक पूर्णिमा या देव दिवाली के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। इस दिन व्रत रखने और पूजा करने का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का…

जगन्नाथ जी व्रत कथा

|| जगन्नाथ पूजा विधि || पीले वस्त्र धारण करके भगवान जगन्नाथ का पूजन करें। भगवान जगन्नाथ, सुभद्रा और बलभद्र के चित्र या मूर्ति की स्थापना करें। उनको चन्दन लगायें , विभिन्न भोग प्रसाद और तुलसीदल अर्पित करें। उनको फूलों से सजाएँ और उनके समक्ष घी का दीपक जलाएं। इसके बाद गजेंद्र मोक्ष का पाठ करें,…

चंद्रदेव और शिवजी से जुड़ी कथा जानें

|| चंद्रदेव और शिवजी से जुड़ी कथा जानें || चंद्रदेव के कारण भगवान सोमवार दिन रखा जाता है शिवजी का व्रत, जानिए इससे जुड़ी कथा भगवान शिव, देवों के देव महादेव, को प्रसन्न करना सबसे सरल माना जाता है। हिंदू धर्म में यह मान्यता है कि भोलेनाथ की कृपा से असंभव भी संभव हो जाता…

आषाढ़ महीने की कथा, महत्व और धार्मिक मान्यताएं

|| आषाढ़ महीने की कथा, महत्व और धार्मिक मान्यताएं || आषाढ़ महीने की कथा और महत्व, जानिए इस पावन मास से जुड़ी धार्मिक और आध्यात्मिक मान्यताएं हिंदू पंचांग के अनुसार, आषाढ़ मास वर्ष का चौथा महीना होता है, जो आम तौर पर जून से जुलाई के बीच आता है। यह महीना न केवल प्रकृति में…

જીવંતિકા વ્રત કથા

|| જીવંતિકા વ્રત કથા પૂજા વિધિ || मां जीवंतिका से प्रार्थना करें और उनकी कथा सुनें। व्रत करने वाली महिला को दिन में पीले कपड़े, पीले आभूषण और पीले रंग की चीजें पहनने से बचना चाहिए। लाल पहनना। पीली छतरी के नीचे न सोएं और न ही चावल के पानी को पार करें। कथा सुनने के…

శ్యమంతక మణి కథ

|| శ్యమంతక మణి కథ (Syamantaka Mani Katha Telugu PDF) || “ధర్మరాజా! ఈ ద్వాపరయుగములోని సంఘటనుగూడ వినుము” అని ఈ విధముగా చెప్పదొడంగెను. ద్వారకావాసియగు శ్రీకృష్ణుని ఒకనాడు దేవర్షి నారదుడు దర్శించి ప్రియసంభాషణలు జరుపుచు “స్వామీ సాయంసమయంబయ్యె ఈనాడు వినాయక చతుర్థి గాన పార్వతీదేవి శాపంబుచే చంద్రుని చూడరాదు. గాన నిజగృహంబునకేగెద, సెలవిండు” అని బూర్వవృత్తాంతంబంతయు శ్రీకృష్ణునికుదెల్పి నారదుండు స్వర్గలోకమునకేగె. అంత కృష్ణుడు ఆనాటి రాత్రి చంద్రుని చూడరాదని తమ పట్టణంబున చాటింపించెను. శ్రీకృష్ణుడు…

श्री ललितापंचमीची कहाणी

|| श्री ललितापंचमीची कहाणी (Lalitapanchami Katha Marathi PDF) || आटपाट नगर होतं. तिथे एक ब्राह्मण राहायचा, त्याला दोन जुळे मुलगे होते. दुर्दैवाने, त्यांच्या लहानपणीच त्यांचे आईवडील वारले. त्यांच्या नातेवाईकांनी त्यांची सर्व संपत्ती बळकावली आणि त्या मुलांना बेघर केलं. भटकत भटकत ती मुलं एका नगरीत येऊन पोहोचली. दुपारची वेळ होती, चालून चालून ते दोघे दमले होते…

श्री श्रावण सोमवार कहाणी

|| श्री श्रावण सोमवार कहाणी (Shravan Somvar Katha Marathi PDF) || एका आटपाट नगरात एक राजा राहत होता. त्याला चार सुना होत्या – तीन आवडत्या आणि एक नावडती. राजा आवडत्या सुनांना चांगल्या वस्तू आणून देत असे, पण नावडतीला मात्र उष्टं-खरकटं जेवायला, जाडं-भरडं नेसायला, राहायला गुरांचं घर आणि गुराख्याचं काम देत असे. श्रावण महिना सुरू झाला…

राम लक्ष्मण द्वादशी व्रत कथा और पूजा विधि

ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को राम लक्ष्मण द्वादशी के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान श्रीराम और उनके अनुज लक्ष्मण को समर्पित है। इस दिन भगवान गोविंद विट्ठलनाथजी की भी उपासना का विधान है। राम लक्ष्मण द्वादशी की कथा और महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रेता युग में महाराज…

सोमनाथ ब्रता कथा

|| सोमनाथ ब्रता कथा || एक दिनकरे कैळास शिखररे ईश्वर पार्बतीङ्कु सङ्गते घेनि आनन्दरे बिहार करुछन्ति । सेठारे तेतिशि कोटि देबता बसिछन्ति । एमन्त समय़रे पार्बती पचारिले, हे स्वामी ! केउँ ब्रत कले तुम्भ मनरे सन्तोष हुअइ मोते कहिबा हुअन्तु । मुँ से ब्रत करिबि । एहा शुणि ईश्बर हसि हसि कहिले, भो देबी पार्बती,…

સોમનાથ બ્રતા કથા

|| સોમનાથ બ્રતા કથા (Somnath Brata Katha Gujarati PDF) || એક દિનકરે કૈળાસ શિખરરે ઈશ્વર પાર્બતીઙ્કુ સઙ્ગતે ઘેનિ આનન્દરે બિહાર કરુછન્તિ . સેઠારે તેતિશિ કોટિ દેબતા બસિછન્તિ . એમન્ત સમય઼રે પાર્બતી પચારિલે, હે સ્વામી ! કેઉઁ બ્રત કલે તુમ્ભ મનરે સન્તોષ હુઅઇ મોતે કહિબા હુઅન્તુ . મુઁ સે બ્રત કરિબિ . એહા શુણિ ઈશ્બર હસિ…

ಶಮಂತಕಮಣಿ ಕಥೆ

|| ಶಮಂತಕಮಣಿ ಕಥೆ (Shamanthakamani Story Kannada PDF) || ಭಗವಾನ್ ಕೃಷ್ಣನು ತನ್ನ ವಿರುದ್ಧ ಸುಳ್ಳು ಆರೋಪಗಳನ್ನು ತೊಡೆದುಹಾಕಲು ಶಮಂತಕ ಮಣಿಯನ್ನು ಪಡೆದುಕೊಂಡನು ಮತ್ತು ಜಾಂಬವಂತ ಮತ್ತು ಸತ್ರಜಿತ್ ಎಂಬ ಇಬ್ಬರು ವ್ಯಕ್ತಿಗಳ ಹೆಣ್ಣುಮಕ್ಕಳನ್ನು ಮದುವೆಯಾದನು. ಶಮಂತಕ ಮಣಿಯನ್ನು ಒಳಗೊಂಡ ಕಾಲಕ್ಷೇಪವನ್ನು ಜಾರಿಗೆ ತರುವ ಮೂಲಕ, ಭಗವಂತನು ಭೌತಿಕ ಸಂಪತ್ತಿನ ನಿರರ್ಥಕತೆಯನ್ನು ಪ್ರದರ್ಶಿಸಿದನು. ಶಮಂತಕ ಮಣಿಯ ಕಾರಣದಿಂದಾಗಿ ರಾಜ ಸತ್ರಜಿತ್ ಭಗವಾನ್ ಕೃಷ್ಣನನ್ನು ಅವಹೇಳನ ಮಾಡಿದನೆಂದು ಸುಕದೇವ ಗೋಸ್ವಾಮಿ ರಾಜ ಪರೀಕ್ಷಿತ್ ಎದುರು ಪ್ರಸ್ತಾಪಿಸಿದ್ದರು. ಬಳಿಕ…

ସୋମନାଥ ବ୍ରତା କଥା

|| ସୋମନାଥ ବ୍ରତ କଥା (Somnath Brata Katha Odia PDF) || ଏକ ଦିନକରେ କୈଳାସ ଶିଖରରେ ଈଶ୍ଵର ପାର୍ବତୀଙ୍କୁ ସଙ୍ଗତେ ଘେନି ଆନନ୍ଦରେ ବିହାର କରୁଛନ୍ତି । ସେଠାରେ ତେତିଶି କୋଟି ଦେବତା ବସିଛନ୍ତି । ଏମନ୍ତ ସମୟରେ ପାର୍ବତୀ ପଚାରିଲେ, ହେ ସ୍ଵାମୀ ! କେଉଁ ବ୍ରତ କଲେ ତୁମ୍ଭ ମନରେ ସନ୍ତୋଷ ହୁଅଇ ମୋତେ କହିବା ହୁଅନ୍ତୁ । ମୁଁ ସେ ବ୍ରତ କରିବି । ଏହା ଶୁଣି ଈଶ୍ବର ହସି…

பங்குனி உத்திரம் கதை

|| பங்குனி உத்திரம் கதை (Panguni Uthiram Katha Tamil PDF) || பௌராணிக் கதைகள் அனுசாரம், ஜப் உத்திரம் நட்சத்திர பூர்ணிமா போன்றவற்றின் காரணமாக, நீங்கள் இன்னும் இந்த திருவிழா தடை செய்யப்பட்டுள்ளது. யஹ் த்யோஹார் இந்த க்ஷேத்திரங்களில் காஃபி மஹத்வ ரக்தா உள்ளது. ஆசா மான ஜாதா உள்ளது இசி தின பகவான் முருகன் (சுப்ரமணியம்) தேவதை கா விவாஹ ஹுவா தா. இஸீலியே இஸ் தின் கோ காஃபி மஹத்தா தி காய்…

పుత్ర గణపతి వ్రతం

|| పుత్ర గణపతి వ్రతం (Putra Ganapati Vratam Telugu PDF) || భారతీయ సనాతన సంప్రదాయంలో పుత్రసంతానానికి ఎంతో ప్రాధాన్యత ఉంది. వేదంలో చెప్పబడ్డ ప్రకారం….. మనిషి పుడుతూనే మూడు ఋణాలతో పుడతాడు. ఋషిఋణం, దేవఋణం, పితృఋణం అనేవే ఆ మూడుఋణాలు. అందులో చివరిదైన పితృఋణం తీరాలంటే సంతానవంతుడై ఉండాలి. ఇదే విషయాన్ని ధర్మశాస్త్రాలుకూడా “పున్నామ నరకాత్రాయత ఇతి పుత్ర:” పుత్రుడనేవాడు పున్నామ నరకాలనుండి రక్షిస్తాడని చెబుతున్నాయి. అయితే పుత్రసంతానానికి ప్రాధాన్యం లభించడంలో ఒకనాటి సాంఘికపరిస్థితుల…

ज्येष्ठ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

|| ज्येष्ठ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा PDF || सतयुग में एक पृथु नामक राजा हुए जिन्होंने सौ यज्ञ किए। उनके राज्य में दयादेव नामक एक विद्वान ब्राह्मण रहते थे, जिनके चार पुत्र थे। पिता ने वैदिक विधि से अपने पुत्रों का विवाह कर दिया। उन चार बहुओं में सबसे बड़ी बहू अपनी सास से…

आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

|| आषाढ़ संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा PDF || पार्वती जी ने पूछा, “हे पुत्र! आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को गणेश जी की पूजा कैसे करनी चाहिए? आषाढ़ मास के गणपति देवता का क्या नाम है? उनके पूजन का क्या विधान है? कृपया आप मुझे बताइए।” गणेश जी ने कहा, “आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी के दिन कृष्णपिङ्गल…

निर्जला एकादशी व्रत कथा

|| निर्जला एकादशी का महत्त्व || एकादशी व्रत हिन्दुओ में सबसे अधिक प्रचलित व्रत माना जाता है। वर्ष में चौबीस एकादशियाँ आती हैं, किन्तु इन सब एकादशियों में ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सबसे बढ़कर फल देने वाली समझी जाती है क्योंकि इस एक एकादशी का व्रत रखने से वर्ष भर की एकादशियों के व्रत का फल…

નિર્જલા એકદશી વ્રત કથા

|| નિર્જલા એકદશી વ્રત કથા (Nirjala Ekadashi Vrat Katha Gujarati PDF) || વેદવ્‍યાસજી નિર્જલા એકાદશીનું મહત્વ બતાવતા કહેવા લાગ્‍યાઃ “એકાદશીના દિવસે ભોજન ન કરવું પ્રાદશીના દિવસે સ્‍નાન વગેરે કરીને, પવિત્ર થઇને, પુષ્‍પોથીભગવાન કેશવની પૂજા કરવી. ત્‍યારબાદ નિત્‍યક્રમ સમાપ્‍ત થયા પછી પ્રથમ બ્રાહ્મણોને ભોજન કરાવવું પછી પોતે ભોજન કરવું. જનનાશૌચ અને મરણશૌચમાં પણ એકાદશીના દિવસે ભોજન…

నకిలీ స్వర్గం కథ

|| Poli Swargam Katha PDF || కార్తికమాసం చివరికి రాగానే గుర్తుకువచ్చే కథ ‘పోలిస్వర్గం’. ఇంతకీ ఎవరీ పోలి? ఆమె వెనుక ఉన్న కథ ఏమిటి? దానిని తల్చుకుంటూ సాగే ఆచారం ఏమిటి? అంటే ఆసక్తికరమైన జవాబులే వినిపిస్తాయి. పోలిస్వర్గం అచ్చంగా తెలుగువారి కథ. కార్తికమాసంలోని దీపం ప్రాధాన్యతనే కాదు, ఆ ఆచారాన్ని నిష్కల్మషంగా పాటించాల్సిన అవసరాన్నీ సూచించే గాధ. అనగనగా ఒక ఊరిలో ఒక ఉమ్మడి కుటుంబం ఉండేది. ఆ కుటుంబంలో ఐదుగురు కోడళ్లు…

योगिनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| योगिनी एकादशी व्रत कथा PDF || स्वर्गधाम की अलकापुरी नामक नगरी में कुबेर नाम का एक राजा रहता था। वह शिव भक्त था और प्रतिदिन शिव की पूजा किया करता था। हेम नाम का एक माली पूजन के लिए उसके यहाँ फूल लाया करता था। हेम की विशालाक्षी नाम की सुंदर स्त्री थी। एक…

महेश नवमी व्रत कथा

|| महेश नवमी व्रत कथा PDF || एक समय की बात है जब राजा खडगलसेन शासन कर रहे थे। उनके पास कोई संतान नहीं थी। वे पुत्रकामेष्टी यज्ञ करने के बाद पुत्र की प्राप्ति के लिए उत्सुक थे, जिससे उन्हें एक पुत्र सुजान बच्चा हुआ। ऋषियों ने उन्हें चेतावनी दी कि उनके पुत्र को 20…

गंगा दशहरा व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| गंगा दशहरा पूजा विधि || गंगा दशहरा का पर्व हिन्दू धर्म में विशेष महत्व रखता है। इस दिन गंगा नदी में स्नान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि ऐसा करने से मनुष्य के शरीर, मन और वाणी से जुड़े दस प्रकार के पापों का नाश होता है। यदि गंगा नदी में…

वट सावित्री व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| वट सावित्री पूजा मुहूर्त || अमावस्या तिथि प्रारम्भ – 26 मई 2025, सोमवार, दोपहर 12:12 बजे अमावस्या तिथि समाप्त – 27 मई 2025, मंगलवार, सुबह 8:31 बजे || पूजा विधि || इस पावन दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। इस पावन दिन वट…

अपरा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| अपरा एकादशी पूजा विधि || सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें। अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें। भगवान की आरती करें। भगवान को भोग लगाएं। इस…

प्रदोष व्रत कथा एवं पूजा विधि

प्रदोष का अर्थ है रात्रि का शुभ आरम्भ इस व्रत के पूजन का विधान इसी समय होता है। इसलिए इसे प्रदोष व्रत कहते हैं। यह व्रत शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को किया जाता हैं। इसका उदेशय संतान की कामना है। इस व्रत को स्त्री पुरुष दोनों ही कर सकते हैं। इस व्रत…

गंगा दशहरा कथा

|| गंगा दशहरा कथा (Ganga Dussehra Katha PDF) || भगवान् श्रीराम का जन्म अयोध्या के सूर्यवंश में हुआ था। चक्रवर्ती महाराज सगर उनके पूर्वज थे। उनकी केशिनी और सुमति नाम की दो रानियाँ थीं। केशिनी के पुत्रका नाम असमञ्जस था और सुमति के साठ हजार पुत्र थे। असमञ्जस के पुत्र का नाम अंशुमान् था। राजा…

మర్కసీర మహాలక్ష్మి విరాట్ కథ

|| మర్కసీర మహాలక్ష్మి విరాట్ కథ (Margasira Mahalakshmi Vrat Katha PDF Telugu) || పూర్వ కాలమున ఒక పల్లెటూర్లో కన్నతల్లి లేని ఒక అమ్మాయి తన సవతి తల్లితో అనేక ఇబ్బందులు పడుతూ ఉండేది. ఈ బాధలు చూసిన ఇరుగుపొరుగు వారు జాలి పడేవారు. ఒకనాడు ఆ గ్రామ దేవాలయ పూజారి ఈ అమ్మాయిని పిలిచి “ఓ అమ్మాయి! నీవు లక్ష్మి పూజ చేయుట ప్రారంభించుము. మీకు కష్టనష్టములు తొలగును” అని చెప్పగా ఆనాటి…

भगवान परशुराम की कथा एवं पूजा विधि

|| भगवान परशुराम पूजा विधि || इस दिन प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि नित्यकर्मों से निवृत्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। गंगाजल से मंदिर को शुद्ध करें और पूजा की तैयारी करें। इसके पश्चात पूजा स्थल पर स्वच्छ वस्त्र बिछाकर भगवान परशुराम एवं भगवान विष्णु की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें। इसके…

ज्येष्ठ अमावस्या की व्रत कथा

|| ज्येष्ठ अमावस्या की व्रत कथा || नमस्ते! ज्येष्ठ अमावस्या की कोई एक विशिष्ट व्रत कथा प्रचलित नहीं है, बल्कि इस दिन से जुड़े कई धार्मिक महत्व और कथाएं हैं। मुख्य रूप से, ज्येष्ठ अमावस्या पितरों को समर्पित है और इस दिन किए गए कर्मों का विशेष महत्व होता है। हालांकि, कुछ क्षेत्रों में एक…

अक्षय तृतीया व्रत कथा

|| अक्षय तृतीया व्रत कथा || प्राचीन काल में धर्मदास नामक एक गरीब और धर्मात्मा वैश्य रहता था। वह हमेशा दान-पुण्य और धार्मिक कार्यों में लगा रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और उसे यह सब पसंद नहीं था। एक बार अक्षय तृतीया के दिन धर्मदास ने गंगा स्नान किया और विधिपूर्वक भगवान विष्णु…

नरसिंह द्वादशी व्रत कथा

|| नरसिंह द्वादशी व्रत कथा PDF || प्राचीन काल में कश्यप नामक एक ऋषि थे। उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए – हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु। दोनों ही असुर स्वभाव के थे और उन्होंने चारों ओर हाहाकार मचा रखा था। पृथ्वी की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर…

साईं बाबा की व्रत कथा

|| साईं बाबा व्रत कथा (Sai Baba Vrat Katha PDF) || किरन बहन और उनके पति किशन भाई एक शहर में रहते थे। वैसे तो दोनों का एक दूसरे के प्रति गहरा प्रेम भाव था। परन्तु किशन भाई का स्वरूप झगड़ालू था। अड़ोसी-पड़ोसी भी उनके स्वभाव से परेशान थे, लेकिन किरन बहन धार्मिक स्वभाव की…

मेष संक्रांति व्रत कथा

|| मेष संक्रांति व्रत कथा || एक समय की बात है, एक बहुत ही गरीब ब्राह्मण था। वह बहुत ही धार्मिक और ईश्वर भक्त था। वह हर साल मेष संक्रान्ति के दिन व्रत रखता था और भगवान सूर्य की पूजा करता था। एक बार, मेष संक्रान्ति के दिन, ब्राह्मण ने व्रत रखा और भगवान सूर्य…

સત્યનારાયણ ભગવાનની કથા

|| સત્યનારાયણ ભગવાનની કથા || એક સમયની વાત છે. નૈમીષારણ્ય તિર્થક્ષેત્રમા શૌનક વગેરે ઋષીઓ ભેગા થયા હતા. તે સમયે પુરાણો તથા મહાભારતના રચયીતા શ્રી વ્યાસ મુનીના પ્રધાન શિષ્ય સુતજી પણત્યા બિરાજમાન હતા.શૌનક વગેરે રૂષિઓએ શ્રી સુતજીને પછ્યુ કે હે મહામુની! વ્રત અથવા તપથી ક્યુ મનોવાંછીત ફળ પ્રાપ્ત છે થાય, આપ તે અમને સમજાવીને કહેવાની કૃપા…

सत्यनारायणाची व्रत कथा मराठी

|| सत्यनारायणाची व्रत कथा मराठी || प्रारंभ अध्याय पहिला अथ कथा: । श्रीगणेशाय नम: ॥ एकदा नैमिषारण्ये ऋषय: शौनकादय: ॥ पप्रच्छुर्मुनय: सर्वे सूतं पौराणिकं खलु ॥१॥ ऋषय ऊचु: ॥ व्रतेन तपसा किं वा प्राप्यते वांछितं फलम्। तत्सर्वं श्रोतुमिच्छाम: कथयस्व महामुने ॥२॥ सूत उवाच ॥ नरादेनैव संपृष्टो भगवान्कमलापति: ॥ सुरर्षये यथैवाह तच्छृणुध्वं समाहिता: ॥३॥ एकदा नारदो योगी…

श्री सत्यनारायण व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| श्री सत्य नारायण पूजन विधि || जो व्यक्ति भगवान् श्री सत्य नारायण की पूजा का संकल्प लेते हैं, उन्हें दिन भर व्रत रखना चाहिए। पूजन स्थल को गाय के गोबर से पवित्र करके वहाँ एक अल्पना बनाएँ और उस पर पूजा की चौकी रखना चाहिये। इस चौकी के चारों पायों के पास केले के…

वटसावित्रीची कथा पूजा पद्धत

|| वटसावित्रीची कथा (Vat Savitri Vrat Katha Marathi PDF) || विवाहित स्त्रियांमध्ये अत्यंत लोकप्रिय असलेल्या ज्येष्ठ कृष्ण अमावस्येच्या दिवशी येणाऱ्या सावित्री व्रताची कथा पुढीलप्रमाणे आहे: भद्रा देशात अश्वपती नावाचा एक राजा होता. भद्रा देशाचा राजा अश्वपती याला मूलबाळ नव्हते. बाळाच्या जन्मासाठी त्यांनी मंत्रोच्चारांसह दररोज एक लाखाचा नैवेद्य दिला. हा क्रम अठरा वर्षे चालू राहिला. यानंतर…

ବଟ ସାବିତ୍ରୀ ବ୍ରତ କଥା ଏବଂ ପୂଜା ବିଧି

|| ବଟ ସାବିତ୍ରୀ ପୂଜା ମୁହୂର୍ତ || ଅମାବାସ୍ୟା ତିଥି ଆରମ୍ଭ: 26 ମଇ 2025, ସୋମବାର, 12:12 PM | ଆମାଭାସୀ ତିଥି ଶେଷ: ମେ 27, 2025, ମଙ୍ଗଳବାର, 8:31 ପୂର୍ବାହ୍ନ | || ପୂଜା ବିଧି || ଇସ ପାବନ ଦିନ ସୁବହ ଜଲ୍ଦୀ ଉଠକର ସ୍ନାନ ଆଦି ସେ ନିବୃତ୍ତ ହୋ ଜାଏଂ। ଘର କେ ମନ୍ଦିର ମେଂ ଦୀପ ପ୍ରଜ୍ୱଲିତ କରେଂ। ଇସ ପାବନ ଦିନ ବଟ ବୃକ୍ଷ କୀ…

अक्षय तृतीया श्रीकृष्ण का मुंडन कथा

|| अक्षय तृतीया श्रीकृष्ण का मुंडन कथा || प्राचीन काल में व्रज के लोगों का मुख्य व्यवसाय गौ-चारण ही था इसलिए मुख्य व्यवसाय से सम्बंधित कुछ वर्जनाएं भी थी। अब इसे वर्जनाएं कहें या सामाजिक नियम बालक का जब तक मुंडन नहीं हो जाता तब तक उसे जंगल में गाय चराने नहीं जाने दिया जाता…

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