सोमवार की आरती

भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के लिए सोमवार का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है। भक्त इस दिन व्रत रखते हैं और विधि-विधान से शिव पूजन करते हैं। सोमवार की पूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाग Somwar Aarti है, जो मन को शांति और सकारात्मकता प्रदान करती है। शिव जी की आरती करने से जीवन…

Somwar Aarti

Finding a Somwar Aarti PDF is a priority for many devotees who wish to perform their Monday rituals with precision and devotion. Dedicated to Lord Shiva, the Monday prayers (Somwar Vrat) are believed to bring peace, prosperity, and the removal of obstacles. Having a digital copy on your phone or tablet ensures you have the…

सूर्य देव जी की आरती

भगवान सूर्य देव की आरती हिंदू धर्म में अत्यंत फलदायी मानी जाती है। सूर्य देव प्रत्यक्ष देवता हैं जो हमें प्रकाश, ऊर्जा और आरोग्य प्रदान करते हैं। नियमित रूप से सूर्य देव की आरती करने से जीवन के अंधकार और बीमारियां दूर होती हैं और व्यक्ति को तेज व सफलता प्राप्त होती है। भक्तों की…

Ravivar Aarti

Sunday, known as Ravivar, is dedicated to Lord Surya (the Sun God), the source of energy and light for the entire universe. Devotees observe fasts and perform the sacred Aarti to seek health, prosperity, and clarity of mind. Reciting the Ravivar Aarti with devotion is believed to remove obstacles and bring positivity into one’s life….

वैभव लक्ष्मी आरती

माता वैभव लक्ष्मी की उपासना जीवन में सुख, समृद्धि और धन-धान्य की प्राप्ति के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। शुक्रवार के दिन वैभव लक्ष्मी का व्रत और उनकी आरती करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर से दरिद्रता का नाश होता है। यह आरती देवी लक्ष्मी के दिव्य स्वरूपों का…

सन्तोषी माता आरती

सन्तोषी माता की आरती भक्त के जीवन में सुख, शांति और संतोष का संचार करती है। माँ सन्तोषी को प्रेम और धैर्य की देवी माना जाता है, जिनकी आराधना विशेष रूप से शुक्रवार के व्रत के दौरान की जाती है। ‘जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता’ की गूंज से घर का वातावरण शुद्ध होता…

संतोषी मातेची आरती

संतोषी माता ही समाधानाची आणि धैर्याची देवता मानली जाते. ‘शुक्रवार’ हा संतोषी मातेचा खास दिवस असून, अनेक भाविक या दिवशी व्रत आणि पूजन करतात. मातेची आरती गायल्याने मनाला शांती मिळते आणि घरातील नकारात्मकता दूर होते, अशी श्रद्धा आहे. संतोषी मातेच्या आरतीमध्ये तिचे वैभव आणि भक्तांवरील कृपेचे वर्णन केले आहे. ही आरती श्रद्धेने म्हटल्यास जीवनातील दु:ख…

Santoshi Mata Aarti

The Santoshi Mata Aarti is a soulful devotional hymn dedicated to the Goddess of Satisfaction. Chanting this aarti, especially on Fridays, is believed to bring peace, prosperity, and harmony into one’s life. Devotees often observe the Shukravar Vrat (Friday Fast) to seek the Mother’s blessings and remove obstacles from their path. Having a digital copy…

Shri Brihaspati Dev Aarti

The Brihaspati Dev Aarti is a sacred devotional hymn dedicated to Lord Brihaspati, the deity representing the planet Jupiter and the guru of the gods. Devotees traditionally chant this Aarti on Thursdays (Guruvar) to seek wisdom, prosperity, and spiritual growth. Reciting these verses is believed to mitigate the ill effects of a weak Jupiter in…

एकादशी माता आरती

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान विष्णु को समर्पित यह तिथि अत्यंत पवित्र होती है। एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने के बाद एकादशी माता की आरती गाना अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती के स्वर न केवल मन को…

Ekadashi Mata Aarti

The Ekadashi Mata Aarti is a soulful devotional hymn dedicated to Ekadashi Devi, the personification of the sacred eleventh day of the lunar fortnight. Chanting this aarti is believed to bring peace, spiritual purification, and the divine blessings of Lord Vishnu. For devotees who observe the rigorous Ekadashi fast, performing the aarti is a vital…

मंगलवार व्रत की आरती

मंगलवार व्रत की आरती (Mangalwar Aarti) मुख्य रूप से भगवान हनुमान को समर्पित है। मंगलवार का दिन हनुमान जी का माना जाता है, और भक्त व्रत रखकर उनकी पूजा करते हैं। व्रत की समाप्ति पर यह आरती गाई जाती है। सबसे प्रसिद्ध आरती है “आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की”। यह…

माँ सरस्वती जी की आरती

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। बसंत पंचमी हो या कोई भी शुभ शैक्षणिक कार्य, माँ सरस्वती की आरती का गान करने से मन को शांति और एकाग्रता प्राप्त होती है। भक्तगण पूर्ण श्रद्धा के साथ “जय सरस्वती माता” आरती गाकर देवी का आशीर्वाद मांगते हैं ताकि उनके जीवन से अज्ञानता…

श्री नर्मदा आरती

माँ नर्मदा की आरती (Narmada Aarti PDF) का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। माँ नर्मदा, जिन्हें “रेवा” के नाम से भी जाना जाता है, भारत की पवित्रतम नदियों में से एक हैं। उनकी आरती का गान करने से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।…

श्री इन्द्र बाईसा की आरती

श्री इन्द्र बाईसा (Indra Baisa Aarti PDF) की आरती उनके भक्तों के लिए अपार श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। खुडियाला धाम की ममतामयी माँ, श्री इन्द्र बाईसा का जीवन त्याग, तपस्या और जन-कल्याण के लिए समर्पित रहा है। उनकी आरती का नियमित गान करने से मन को असीम शांति मिलती है और घर…

शिव जी आरती

भगवान शिव की आरती हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। महादेव की आराधना के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती। शिव जी की आरती “जय शिव ओंकारा” के गान से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। भक्त श्रद्धापूर्वक शिवरात्रि, सावन और सोमवार के व्रत में शिव जी की स्तुति…

दुर्गा जी आरती

माँ दुर्गा की आरती (Durga ji Aarti PDF) हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह आरती न केवल देवी दुर्गा के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का एक माध्यम है, बल्कि यह भक्तों के मन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार भी करती है। ‘जय अम्बे गौरी’ आरती के गायन से घर का…

श्री भागवत भगवान आरती

श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती, जिसे “श्री भागवत भगवान की आरती” कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। यह आरती केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के वांग्मय स्वरूप की वंदना है। इस आरती के गायन से भक्तों को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आरती की…

जय दीनदयाळा – सत्यनारायणाची आरती

जय दीनदयाळा ही भगवान सत्यनारायणाची अत्यंत लोकप्रिय आणि भावपूर्ण आरती आहे. सत्यनारायणाची पूजा संपन्न झाल्यावर ही आरती श्रद्धापूर्वक गायली जाते. यामध्ये प्रभू विष्णूंच्या महिमेचे वर्णन असून, भक्तांच्या संकटांचे निवारण करणारा आणि त्यांना सुख-समृद्धी देणारा हा दिव्य मंत्र मानला जातो. या आरतीच्या शब्दांतून ईश्वराप्रती असलेली भक्ती आणि शरणागती व्यक्त होते, ज्यामुळे मनाला शांती मिळते. जर तुम्हाला…

લક્ષ્મી માતાની આરતી

હિંદુ ધર્મમાં દેવી લક્ષ્મીજીને ધન, વૈભવ અને સમૃદ્ધિના પ્રતીક માનવામાં આવે છે. ખાસ કરીને દિવાળી અને શુક્રવારના દિવસે માતા લક્ષ્મીની પૂજાનું વિશેષ મહત્વ હોય છે. લક્ષ્મી માતાની આરતી ‘ઓમ જય લક્ષ્મી માતા’ ગાવાથી ઘરમાં સુખ-શાંતિ અને સમૃદ્ધિનો વાસ થાય છે. ભક્તો શ્રદ્ધાપૂર્વક આરતી કરીને માતાના આશીર્વાદ મેળવે છે. જો તમે પણ પૂજા-અર્ચના માટે શુદ્ધ ગુજરાતી…

जेजुरी गड पर्वत – जेजुरीच्या खंडोबाची आरती

पुणे जिल्ह्यातील जेजुरी गड पर्वत हे महाराष्ट्रातील लाखो भाविकांचे श्रद्धास्थान आणि कुलदैवत भगवान खंडोबाचे मुख्य तीर्थक्षेत्र आहे. ‘येळकोट येळकोट घेरी मरतंड’ आणि ‘सदानंदाचा येळकोट’ च्या जयघोषाने हा गड नेहमी दुमदुमून जातो. गडावर जाताना भंडार्‍याची उधळण केली जाते, ज्यामुळे संपूर्ण गड सोन्यासारखा पिवळाधमक दिसतो. खंडोबाची भक्ती आणि उपासना करण्यासाठी “जेजुरीच्या खंडोबाची आरती” अत्यंत महत्त्वाची आहे. ही…

श्री महालक्ष्मीची आरती

ही आरती श्री महालक्ष्मी देवीच्या अफाट महिमा आणि आशीर्वादांचे वर्णन करते. देवी महालक्ष्मी ही ऐश्वर्य, समृद्धी आणि मांगल्याची देवता मानली जाते. भक्तीभावाने ही आरती म्हटल्यास घरात सुख-शांती नांदते आणि दारिद्र्य दूर होते, अशी भाविकांची गाढ श्रद्धा आहे. विशेषतः मार्गशीर्ष गुरुवारच्या व्रतात आणि दिवाळीच्या पूजेमध्ये या आरतीला अनन्यसाधारण महत्त्व आहे. या आरतीचे शब्द अत्यंत मंगलमय असून…

श्री तिरुपति बालाजी आरती

भगवान श्री वेंकटेश्वर, जिन्हें हम प्यार से तिरुपति बालाजी कहते हैं, करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हैं। श्री तिरुपति बालाजी आरती (Tirupati Balaji Aarti PDF) आरती का गान करना न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार भी करता है। बालाजी की महिमा अपरंपार है और उनकी…

श्री धन्वंतरि जी की आरती

भगवान धनवंतरि को हिंदू धर्म में आयुर्वेद के देवता और भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। उनकी आरती का गान विशेष रूप से ‘धनतेरस’ और ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के अवसर पर किया जाता है। “ॐ जय धन्वंतरि देवा” से शुरू होने वाली यह आरती भक्तों को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगों से मुक्ति का…

श्री बृहस्पति देव आरती

श्री बृहस्पति देव, जिन्हें देवगुरु भी कहा जाता है, नवग्रहों में सबसे शुभ और ज्ञानदायक ग्रह माने जाते हैं। इनकी पूजा से बुद्धि, विवाह, संतान सुख, सम्मान और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। गुरुवार के दिन श्री बृहस्पति देव की आरती करना विशेष फलदायी माना जाता है। श्री बृहस्पति देव आरती के माध्यम से भक्तजन…

श्री बुधवार आरती

बुधवार का दिन भगवान गणेश को समर्पित है, इसलिए इस दिन श्री गणेश की आरती का विशेष महत्व है। आरती “जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश देवा” से शुरू होती है, जो विघ्नहर्ता को समर्पित है। इस आरती के माध्यम से भक्तजन बुद्धि, विद्या और सौभाग्य के दाता गणेश जी की स्तुति करते हैं। आरती…

श्री नाग पंचमी आरती

नाग पंचमी पर, सर्प देवताओं के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए विशेष आरती की जाती है। यह आरती नागों के पूजन को पूर्णता देती है, जिसमें भक्तगण उनके शांत स्वरूप और कृपा के लिए आभार व्यक्त करते हैं। आरती में नाग देवता की शक्ति और शुभता का गुणगान होता है। ‘ओम जय जगदीश हरे’…

रविवार आरती

रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित होता है। इस दिन उनकी आरती गाना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह आरती भक्तों के मन में सूर्य देव के प्रति श्रद्धा और भक्ति का भाव जगाती है। सूर्य देव को आरोग्य (स्वास्थ्य), शक्ति, और तेज का दाता माना जाता है। उनकी आरती करने से जीवन से…

श्री शनिदेव आरती

अब आप श्री शनिदेव आरती PDF को सरलता से डाउनलोड कर सकते हैं और घर पर कभी भी पाठ कर सकते हैं। इस PDF में पूरी आरती, पूजन विधि और लाभ विस्तार से दिए गए हैं। शनिदेव की आरती का विशेष महत्व है। यह न केवल शनिदेव को प्रसन्न करती है, बल्कि भक्तों को मानसिक…

शनिदेवाची आरती

शनिदेवाची आरती ही भक्तीभावाने परिपूर्ण असते. शनिवारी सकाळी किंवा संध्याकाळी शुद्ध मनाने शनिदेवाची आरती केली जाते. या आरतीमुळे शनीची कृपा प्राप्त होते आणि साडेसाती, अडथळे व दोष दूर होतात. भक्त शनिदेवाची आरती गात असताना त्यांच्या जीवनात सकारात्मक ऊर्जा येते. “ॐ जय जय शनिदेव…” या आरतीच्या ओळी शनीच्या भक्तांमध्ये भक्तिभाव जागवतात. जर तुम्हाला ही आरती हवी…

तुलसी आरती – महारानी नमो-नमो

तुलसी आरती ‘महारानी नमो-नमो’ भारतीय घरों में रोज़ाना गाई जाने वाली एक अत्यंत प्यारी और पारंपरिक आरती है। यह आरती तुलसी माता को समर्पित है, जिन्हें भगवान विष्णु की ‘पटरानी’ (मुख्य पत्नी) कहा जाता है। इस आरती में तुलसी के पवित्र और पूजनीय स्वरूप का गुणगान किया जाता है। भक्त कहते हैं कि ‘धन्य तुलसी…

श्री छठ माता की आरती

छठ महापर्व, सूर्यदेव और छठी मैया को समर्पित एक अनुपम त्योहार है, जो बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश और नेपाल के कुछ हिस्सों में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। यह पर्व प्रकृति और सृष्टि के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है। छठ मैया की आरती इस पवित्र अनुष्ठान का एक अभिन्न अंग…

भाई दूज आरती

|| भाई दूज आरती (Bhai Dooj Aarti PDF) || ॐ जय यमुना माता, हरि ॐ जय यमुना माता, जो नहावे फल पावे सुख सुख की दाता ॐ जय यमुना माता… ॐ पावन श्रीयमुना जल शीतल अगम बहै धारा, जो जन शरण से कर दिया निस्तारा ॐ जय यमुना माता… ॐ जो जन प्रातः ही उठकर…

गोवर्धन महाराज आरती

Govardhan Pooja

गोवर्धन महाराज को गिरिराज के नाम से भी जाना जाता है। वे भगवान कृष्ण के सबसे प्रिय भक्तों में से एक हैं। गोवर्धन पर्वत को भगवान कृष्ण का ही स्वरूप माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को सात दिनों तक उठाकर ब्रजवासियों को इंद्र के…

श्री शारदा माँ की आरती

श्री शारदा माँ की आरती PDF ज्ञान और विद्या की देवी माँ शारदा (सरस्वती) की आराधना का एक लोकप्रिय माध्यम है। “श्री शारदा माँ की आरती PDF” एक डिजिटल दस्तावेज़ है जिसमें यह पवित्र स्तुति हिंदी भाषा की देवनागरी लिपि में उपलब्ध होती है। भक्तगण इसे आसानी से डाउनलोड करके पूजा-अर्चना के दौरान माँ के…

Shri Karwa Mata Aarti

The Shri Karwa Mata Aarti is a pivotal devotional hymn recited during the Hindu festival of Karwa Chauth. Married women observe this day-long, often nirjala (without water), fast for the longevity, prosperity, and well-being of their husbands. The Aarti, which typically begins with “Om Jai Karwa Maiya,” is sung in the evening as a final…

अहोई माता आरती

अहोई अष्टमी का पावन पर्व, संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए मनाया जाता है। इस दिन माताएँ अहोई माता आरती गाकर देवी का आशीर्वाद प्राप्त करती हैं। अहोई माता की महिमा अपरंपार है और उनकी कृपा से सूनी गोद भी भर जाती है। यदि आप अहोई माता की संपूर्ण आरती और पूजन विधि…

Shri Ahoi Mata Ji Ki Aarti

The “Shri Ahoi Mata Ji Ki Aarti PDF” contains the devotional hymn dedicated to Goddess Ahoi Mata, a form of Goddess Parvati. This Aarti is an essential part of the Ahoi Ashtami festival, primarily observed by mothers in North India. Mothers perform the Aarti while observing a rigorous fast for the longevity, well-being, and prosperity…

करवा चौथ आरती

करवा चौथ का पावन पर्व, अखंड सौभाग्य का प्रतीक है। इस दिन सुहागिन स्त्रियां अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ आरती इस पवित्र अनुष्ठान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो पूजा को पूर्णता प्रदान करती है। आरती के बिना कोई भी पूजा अधूरी मानी जाती है।…

आश्विनशुद्धपक्षी अंबा – नवरातीची आरती

|| आश्विनशुद्धपक्षी अंबा – नवरातीची आरती (Ashwinshuddhapakshi Amba Navratichi Aarti Marathi PDF) || आश्विनशुद्धपक्षी अंबा बैसलि सिंहासनी हो । प्रतिपदेपासून घटस्थापना ती करुनी हो । मूलमंत्रजप करुनी भोवते रक्षक ठेउनी हो । ब्रह्माविष्णुरुद्र आईचे पूजन करिती हो ॥ १ ॥ उदो बोला उदो अंबाबाई माउलीचा हो । उदोकारे गर्जती काय महिमा वर्णं तिचा हो ॥…

Shri Skandamata Aarti

Shri Skandamata is the fifth form of Goddess Durga, worshipped on the fifth day of Navaratri. Her name signifies “Mother of Skanda” (Lord Kartikeya, the god of war). She is depicted riding a lion, possessing four arms, and carrying the infant Skanda on her lap. Her other hands typically hold lotus flowers, and one is…

माँ कूष्मांडा आरती

नवरात्रि के चौथे दिन माँ दुर्गा के चौथे स्वरूप माँ कूष्मांडा की पूजा की जाती है। माँ कूष्मांडा को सृष्टि की आदिशक्ति माना जाता है, जिनकी मंद मुस्कान से इस ब्रह्मांड की रचना हुई थी। इनका निवास सूर्यमंडल के मध्य में है, इसलिए इनका तेज सूर्य के समान दैदीप्यमान है। माँ कूष्मांडा अष्टभुजा (आठ भुजाओं)…

मां चंद्रघंटा आरती

माँ दुर्गा का तीसरा स्वरूप माँ चंद्रघंटा हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि के तीसरे दिन की जाती है। इनके मस्तक पर घंटे के आकार का अर्धचंद्र सुशोभित है, इसीलिए इन्हें यह नाम मिला। इनका वर्ण स्वर्ण के समान चमकीला है और ये सिंह पर आरूढ़ हैं। माँ चंद्रघंटा के दस हाथ हैं, जिनमें विभिन्न अस्त्र-शस्त्र सुसज्जित…

कालरात्रि माता आरती

माँ कालरात्रि आदिशक्ति दुर्गा का सातवाँ स्वरूप हैं। इनका वर्ण गहन अंधकार जैसा काला है और ये विकराल रूप धारण करती हैं। इनके केश खुले और बिखरे हुए हैं, तथा गले में बिजली की तरह चमकती हुई माला सुशोभित है। इनके तीन नेत्र हैं और इनकी श्वास से अग्नि निकलती है। इनका स्वरूप भयंकर होते…

मां सिद्धिदात्री आरती

माँ सिद्धिदात्री दुर्गा जी का नवाँ और अंतिम स्वरूप हैं। इन्हें सभी प्रकार की सिद्धियाँ प्रदान करने वाली देवी माना जाता है। माँ कमल पुष्प पर विराजमान होती हैं और सिंह इनकी सवारी है। इनके चार हाथों में चक्र, गदा, शंख और कमल सुशोभित हैं। माना जाता है कि भगवान शिव ने भी इनकी कृपा…

Kushmanda Mata Aarti

Kushmanda Mata is revered as the fourth manifestation of Goddess Durga, worshipped on the fourth day of Navratri. Her name, a combination of Sanskrit words, translates to the “creator of the little cosmic egg” (the universe). According to mythology, before creation, when darkness prevailed, it was her divine, radiant smile that produced the cosmic egg,…

Katyayani Mata Aarti

Katyayani Mata is the sixth form of Goddess Durga, revered especially during the Navaratri festival. She is known as a fierce warrior goddess, created from the combined energies of the gods to destroy the tyrannical buffalo demon Mahishasura. This formidable feat earned her the title “Mahishasuramardini.” She is often depicted riding a lion, with four…

श्री स्कंदमाता आरती

श्री स्कंदमाता माँ दुर्गा का पाँचवाँ स्वरूप हैं, जिनकी पूजा नवरात्रि के पाँचवें दिन की जाती है। भगवान कार्तिकेय (स्कंद कुमार) की माता होने के कारण इन्हें यह नाम मिला है। इनका स्वरूप अत्यंत ममतामय और शुभ्र है। वे सिंह पर सवार होती हैं और इन्हें पद्मासना भी कहा जाता है क्योंकि ये कमल के…

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