वैशाख संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा (विकट संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा)

वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को विकट संकष्टी चतुर्थी के रूप में मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान श्री गणेश के ‘विकट’ स्वरूप की पूजा की जाती है। इस व्रत की कथा द्वापर युग से जुड़ी है, जब धर्मराज युधिष्ठिर के पूछने पर भगवान श्री कृष्ण ने उन्हें इस…

श्री ढुण्ढिराज चतुर्थी व्रत कथा

यहाँ ढुण्ढिराज चतुर्थी व्रत कथा का विस्तृत वर्णन दिया गया है। यह व्रत मुख्य रूप से फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी (विनायक चतुर्थी) को किया जाता है, जिसे ‘ढुण्ढिराज चतुर्थी’ या ‘मनोरथ चतुर्थी’ भी कहा जाता है। इस दिन काशी स्थित श्री ढुण्ढिराज गणेश की कथा पढ़ने और सुनने का विशेष महत्व है।…

ढुण्ढिराज चतुर्थी 2026 – पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व, एक सम्पूर्ण गाइड

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भगवान गणेश, जो प्रथम पूज्य हैं और विघ्नहर्ता हैं, उनके भक्तों के लिए हर चतुर्थी एक उत्सव समान होती है। लेकिन ढुण्ढिराज चतुर्थी (जिसे पंचांग में द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है) का महत्व अत्यंत विशिष्ट है। विशेष रूप से काशी (वाराणसी) की परंपरा में ‘ढुण्ढिराज गणेश’ का स्थान सर्वोपरि है। मान्यता…

काशी के ‘ढुण्ढिराज’ का अद्भुत रहस्य – गणेश जी का वह रूप जो ‘ढूँढने’ वालों को ही मिलता है

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काशी की गलियों में कदम रखते ही एक अजीब सी ऊर्जा महसूस होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने से पहले एक ‘अदालती’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है? वह अदालत है ‘ढुण्ढिराज गणेश’ की। वाराणसी के हृदय में स्थित, ज्ञानवापी के समीप, भगवान गणेश का यह स्वरूप…

सिर्फ मोदक नहीं, यहाँ ‘खोज’ का भोग लगता है – ढुण्ढिराज चतुर्थी की अनसुनी महिमा

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यह कोई साधारण धार्मिक लेख नहीं है, बल्कि उस ‘गुमशुदा’ कड़़ी की तलाश है जिसे हम अक्सर त्योहारों की भीड़ में खो देते हैं। जब हम गणेश चतुर्थी की बात करते हैं, तो दिमाग में सबसे पहले चमक-धमक, बड़े पंडाल और भारी-भरकम मोदक आते हैं। लेकिन काशी की गलियों से निकली ‘ढुण्ढिराज चतुर्थी’ एक अलग…

काशी विश्वनाथ से पहले इनका दर्शन क्यों जरूरी है? जानिए ढुण्ढिराज गणेश की कहानी

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बनारस के बारे में एक मशहूर कहावत है – “काशी की गली, और शिव की टोली”। लेकिन इस टोली का सबसे महत्वपूर्ण चेहरा, जो अक्सर गलियों की भीड़ में कहीं ओझल रह जाता है, वह है ‘ढुण्ढिराज गणेश’। क्या आपने कभी गौर किया है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य द्वार की ओर बढ़ते समय,…

जीवन की हर उलझन सुलझाएंगे ढुण्ढिराज – इस चतुर्थी पर करें ये 3 अचूक उपाय

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जीवन की भागदौड़ और मानसिक तनाव के बीच कई बार हम ऐसे मोड़ पर खड़े होते हैं जहाँ हर रास्ता बंद नजर आता है। कभी करियर की चिंता, कभी रिश्तों की उलझन तो कभी आर्थिक तंगी – इंसान बस एक ही चीज ‘ढूँढता’ है, और वह है ‘समाधान’। काशी के अधिपति ढुण्ढिराज गणेश का नाम…

घर पर कैसे करें ढुण्ढिराज गणेश की स्थापना? जानिए पूजा सामग्री से लेकर विसर्जन तक सब कुछ

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घर में किसी भी देवी-देवता का आवाहन करना केवल कर्मकांड नहीं, बल्कि एक नए सदस्य के स्वागत जैसा अनुभव होता है। ‘ढुण्ढिराज गणेश’ का स्वरूप विशेष रूप से उन परिवारों के लिए शुभ माना जाता है जो अपने जीवन में नया रास्ता तलाश रहे हैं या घर की बाधाओं को दूर करना चाहते हैं। काशी…

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 – जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और संपूर्ण पूजा विधि

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साल 2026 में भगवान गणेश की आराधना का महापर्व द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Dwijapriya Sankashti Chaturthi) भक्तों के लिए विशेष खुशियां और सौभाग्य लेकर आ रहा है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाए जाने वाले इस व्रत का हिंदू धर्म में गहरा महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गणपति के ‘द्विजप्रिय’ स्वरूप…

भगवान गणेश के 32 स्वरूपों में से एक ‘द्विजप्रिय’ की महिमा और संकष्टी व्रत के लाभ

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भगवान गणेश की महिमा अनंत है। हम उन्हें विघ्नहर्ता कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों (विशेषकर मुद्गल पुराण) में उनके 32 विशिष्ट स्वरूपों का वर्णन मिलता है? इनमें से हर स्वरूप जीवन की एक अलग समस्या का समाधान करता है। आज हम चर्चा करेंगे भगवान गणेश के छठे स्वरूप – ‘द्विजप्रिय’ (Dwijapriya…

द्विजप्रिय संकष्टी – चार मुखों वाले गणपति की आराधना से कैसे मिलता है आरोग्य और सौभाग्य?

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हिन्दू संस्कृति में हर व्रत के पीछे एक गहरा मनोविज्ञान और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का रहस्य छिपा होता है। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी उन्हीं में से एक है। अक्सर लोग संकष्टी चतुर्थी को केवल ‘कष्ट हरने वाला दिन’ मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन पूजे जाने वाले भगवान गणेश के ‘चतुर्मुख’ (चार मुखों…

आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाएगा द्विजप्रिय संकष्टी व्रत, जानें अचूक उपाय

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क्या आप कड़ी मेहनत के बावजूद आर्थिक अस्थिरता (Financial Instability) से जूझ रहे हैं? या फिर जीवन की भागदौड़ ने मानसिक शांति छीन ली है? हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ कहा गया है, जिसका अर्थ है सभी बाधाओं को हरने वाला। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ‘द्विजप्रिय…

द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

साल 2026 में द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व 5 फरवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह व्रत भगवान गणेश के ‘द्विजप्रिया’ स्वरूप को समर्पित है, जिन्हें बाधाओं का नाश करने वाला और ज्ञान का दाता माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से जीवन के सभी संकट दूर होते…

సంకట హర చతుర్థి వ్రత కథ

Sankatahara Chaturthi is a highly auspicious day dedicated to Lord Ganesha, the remover of obstacles. Devotees observe a fast from morning until the sighting of the moon to seek divine blessings and relief from life’s hardships. The Sankatahara Chaturthi Katha PDF is a main part of this ritual, narrating how Lord Ganesha aids his devotees…

ଶ୍ରୀ ଗଣେଶ ଚାଲୀସା

The Ganesh Chalisa is a powerful forty-verse prayer dedicated to Lord Ganesha, the remover of obstacles and the god of new beginnings. For devotees in Odisha, reciting the Chalisa in their native tongue provides a deep spiritual connection and a clearer understanding of the divine verses. It praises his wisdom, his elephant-headed form, and his…

गणाधिप संकष्टी 2026 – क्यों है यह संकष्टी विशेष? जानें व्रत विधि, कथा और महत्व

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गणाधिप संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ व्रत है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास (कहीं-कहीं कार्तिक) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को यह पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 27 नवंबर, शुक्रवार को रखा जाएगा। सनातन धर्म में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को प्रथम पूज्य देवता माना गया…

साल 2026 की सभी संकष्टी चतुर्थी तिथियाँ – देखें संपूर्ण सूची और शुभ मुहूर्त, पूरी लिस्ट

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संकष्टी चतुर्थी 2026, भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए सबसे शुभ दिनों में से एक है संकष्टी चतुर्थी। यह दिन भक्तों को बाधाओं से मुक्ति दिलाता है और मनोकामनाएं पूर्ण करता है। 2026 में आने वाली सभी संकष्टी चतुर्थी की पूरी सूची यहां दी गई है। प्रत्येक माह में पड़ने वाली इस चतुर्थी पर…

लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

वर्ष 2026 में लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी (जिसे सकट चौथ भी कहा जाता है) 6 जनवरी, मंगलवार को मनाई जाएगी। यह व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। चूंकि यह मंगलवार को है, इसलिए इसे अंगारकी चतुर्थी का अत्यंत शुभ संयोग भी माना जा रहा है। लम्बोदर संकष्टी चतुर्थी का…

सकट चौथ व्रत कथा और पूजा विधि

माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला सकट चौथ, हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 6 जनवरी, मंगलवार को मनाया जाएगा। मंगलवार के दिन होने के कारण इसे ‘अंगारक चतुर्थी’ का विशेष संयोग भी प्राप्त हो रहा है, जो इसकी धार्मिक महत्ता…

Ganesh Visarjan 2026 – गणेश विसर्जन क्यों है विशेष? जानें इसकी विधि, नियम और पर्यावरण अनुकूल विकल्प

Ganesh Visarjan

वर्ष 2026 में गणेश विसर्जन का मुख्य पर्व 25 सितंबर, शुक्रवार को अनंत चतुर्दशी के दिन मनाया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस भव्य गणेशोत्सव की शुरुआत 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी से होगी। गणेश चतुर्थी का पावन पर्व, जो भगवान गणेश के जन्म का उत्सव है, पूरे भारत में बड़े उत्साह और भक्ति…

विघ्नराज संकष्टी 2026 – विघ्नों के विनाश का पावन पर्व, जानें व्रत विधि, पूजन और चमत्कारी लाभ

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विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी हिंदू धर्म में भगवान गणेश को समर्पित एक अत्यंत शुभ और महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में, विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी 29 सितंबर 2026, मंगलवार को मनाई जाएगी। मंगलवार के दिन पड़ने के कारण इसे अंगारकी चतुर्थी भी कहा जाता है, जिसका फल कई गुना अधिक माना जाता है। गणेश जी, जिन्हें विघ्नहर्ता…

Vinayak Chaturthi Dates 2026 list – 2026 में विनायक चतुर्थी कब-कब मनाई जाएगी? जानिए पूरी लिस्ट

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विनायक चतुर्थी का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है और इसे भगवान गणेश की पूजा के रूप में मनाया जाता है। यह पर्व प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। भगवान गणेश को विघ्नहर्ता, बुद्धि, समृद्धि और सौभाग्य के देवता माना जाता है। विनायक चतुर्थी के दिन भक्त सुबह स्नान करके…

गणेश चतुर्थी पूजन 2026 – गणपति बप्पा को प्रसन्न करने के लिए पूजन सामग्री की सूची

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वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को पड़ता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन बुद्धि और ज्ञान के देवता भगवान गणेश का जन्म हुआ था। यह उत्सव पूरे भारत, विशेषकर महाराष्ट्र में…

गणेश पूजा विधि मंत्र सहित – गणेश चतुर्थी 2026 का शुभ मुहूर्त (Ganpati Sthapana – Visarjan Vidhi)

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वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व 14 सितंबर, सोमवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त अपने घरों और सार्वजनिक पंडालों में ‘विघ्नहर्ता’ की मिट्टी की प्रतिमाएं स्थापित करते हैं।…

Krishnapingal Sankashti Chaturthi 2026 – गणपति भक्तों के लिए खास दिन, जानिए कृष्णापिंगला संकष्टी चतुर्थी का आध्यात्मिक महत्व, क्यों है यह चतुर्थी विशेष और चमत्कारी?

वर्ष 2026 में कृष्णपिंगल संकष्टी चतुर्थी का व्रत 3 जुलाई, शुक्रवार को मनाया जाएगा। यह विशेष दिन भगवान गणेश के ‘कृष्णपिंगल’ स्वरूप और ‘श्री शक्ति गणपति’ पीठ को समर्पित है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ मास (पूर्णिमान्त) के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को यह पर्व मनाया जाता है। इस दिन भक्त सूर्योदय से चंद्रोदय तक…

पौष संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

पौष मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को पौष संकष्टी गणेश चतुर्थी कहा जाता है, जिसे ‘अखुरथ संकष्टी चतुर्थी’ के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व है क्योंकि यह भगवान गणेश को समर्पित है, जिन्हें ‘विघ्नहर्ता’ यानी संकटों को हरने वाला माना जाता है। मान्यता है कि…

सकट चौथ 2026 – कब है सकट चौथ? जानें पूजा का सही समय और विधि

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सकट चौथ हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत और पर्व है, जिसे गणेश जी की उपासना और संकटों के निवारण के लिए किया जाता है। इसे तिलकुटा चौथ, माघी चौथ या वक्रतुण्ड चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने परिवार की खुशहाली और संतान की लंबी उम्र के लिए व्रत…

विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा

|| विघ्नेश्वर चतुर्थी व्रत कथा (Vighneshwar Chaturthi Vrat Katha PDF) || सुदन्त ब्राह्मण को परम शान्ति और पुत्र-प्राप्ति की दिव्य कथा प्राचीन काल में एक समय अयोध्या नरेश राजा दशरथ ने अपने कुलगुरु महर्षि वशिष्ठ से विनम्र भाव से कहा – “हे गुरुदेव! आपने मार्गशीर्ष मास की शुक्लपक्ष चतुर्थी के व्रत का माहात्म्य विस्तारपूर्वक बताया,…

घर पर कैसे करें विघ्नेश्वर चतुर्थी की विधिवत पूजा? यहाँ पढ़ें संपूर्ण व्रत कथा और आरती के नियम।

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विघ्नेश्वर चतुर्थी, जिसे हम संकष्टी चतुर्थी के रूप में भी जानते हैं, भगवान गणेश को प्रसन्न करने और जीवन के संकटों को दूर करने का महापर्व है। यदि आप भी अपने घर में सुख-शांति और समृद्धि के लिए इस व्रत को करने का संकल्प ले रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका…

ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम्

|| ऋणहर्ता श्री गणेश स्तोत्रम् (Rinaharta Ganesha Stotram PDF) || कैलाशपर्वते रम्ये शम्भुं चन्द्रार्धशेखरम्। षडाम्नायसमायुक्तं पप्रच्छ नगकन्यका॥ ॥ पार्वत्युवाच ॥ देवश परमेशान सर्वशास्त्रार्थपारग। उपायमृणनाशस्य कृपया वद साम्प्रतम्॥ ॥ शिव उवाच ॥ सम्यक् पृष्टं त्वया भद्रे लोकानां हिकाम्यया। तत्सर्वं सम्प्रवक्ष्यामि सावधानावधारय॥ ॥ विनियोग ॥ ॐ अस्य श्रीऋणहरणकर्तृगणपतिस्तोत्रमन्त्रस्य सदाशिव ऋषिः अनुष्टुप् छन्दः श्रीऋणहरणकर्तृगणपतिर्देवता ग्लौं बीजम् गः शक्तिः…

पहली बार रख रहे हैं व्रत? विघ्नेश्वर चतुर्थी पूजा के नियम और सावधानियां जो आपको जाननी चाहिए!

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हिंदू धर्म में भगवान गणेश को ‘प्रथम पूज्य’ माना गया है। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत हो या संकटों का निवारण, सबसे पहले गणपति बप्पा को ही याद किया जाता है। हर माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विघ्नेश्वर चतुर्थी (विनायक चतुर्थी) के रूप में मनाया जाता है। यदि आप इस बार पहली…

विघ्नेश्वर चतुर्थी क्यों है विशेष? जानें इस दिन किए गए उपायों का अद्भुत फल

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क्या आप जानते हैं कि हिंदू धर्म में हर माह आने वाली चतुर्थी तिथि को केवल एक तारीख नहीं, बल्कि ‘भाग्य बदलने का अवसर’ माना जाता है? भगवान गणेश, जिन्हें हम प्यार से ‘विघ्नेश्वर’ (विघ्नों के ईश्वर) कहते हैं, इस दिन अपने भक्तों के जीवन से बड़े से बड़े संकट को चुटकियों में हर लेते…

संकटों को हरने वाले ‘सिद्धिविनायक’ के 5 रहस्य – क्यों गणपति बप्पा का यह धाम इतना ख़ास है?

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मुंबई, यानी मायानगरी, जो अपनी तेज़ रफ़्तार और कभी न थमने वाले सपनों के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यह शहर कभी रुकता नहीं। लेकिन, अगर आपको इस महानगरी की असली धड़कन, इसका गहरा विश्वास और इसकी आस्था महसूस करनी हो, तो आपकी यात्रा प्रभादेवी स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर (Shree Siddhivinayak Temple) पर आकर…

सिद्धिविनायक मंदिर (प्रभादेवी) – जानें क्यों इसे ‘नवसाचा गणपति’ कहते हैं और क्या है दर्शन का सही तरीका।

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मुंबई, जिसे ‘सपनों का शहर’ कहा जाता है, अपनी तेज रफ्तार के लिए जानी जाती है। लेकिन इस भागती-दौड़ती जिंदगी में एक जगह ऐसी है जहाँ आकर पूरा शहर सिर झुकाता है और शांति पाता है – वह है प्रभादेवी स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर। चाहे बॉलीवुड के सुपरस्टार हों, बड़े उद्योगपति हों, या आम आदमी,…

बुधवार व्रत करने की विधि और नियम – जानें क्या खाएं, क्या न खाएं (Budhwar Vrat Vidhi)

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हिंदू धर्म में, बुधवार का व्रत, जिसे बुधवार व्रत के नाम से जाना जाता है, बुद्धि, धन और सफलता प्राप्त करने के लिए किया जाता है। यह व्रत बुध ग्रह को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है, जिसे ज्योतिष में बुद्धि, संचार, व्यापार और वाणी का कारक माना जाता है बुधवार व्रत करने से…

Budhvar Special – बुधवार विशेष, राशि अनुसार श्री गणेश मंत्र जाप से पाएं सुख-समृद्धि, दूर होंगी परेशानियां

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श्री गणेश, जिन्हें विघ्नहर्ता और प्रथम पूजनीय देवता माना जाता है, हर शुभ कार्य की शुरुआत में उनकी पूजा की जाती है। बुधवार का दिन विशेष रूप से भगवान गणेश को समर्पित है। इस दिन श्री गणेश की आराधना से न केवल जीवन की परेशानियां दूर होती हैं, बल्कि सुख-समृद्धि का आगमन भी होता है।…

अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा 2025 एक अत्यंत पावन अवसर है, जो भगवान श्री गणेश के अखुरठा स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित है। यह व्रत हर संकट को हरने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। अखुरठा अर्थात जो कभी न टूटे – यह नाम गणेश जी की अपार शक्ति और अडिग…

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी – साल की आखिरी चतुर्थी पर मनोकामना पूरी करने की अचूक पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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हिंदू धर्म में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को ‘संकष्टी चतुर्थी’ का व्रत रखा जाता है, लेकिन मार्गशीर्ष (अगहन) मास में आने वाली इस चतुर्थी का विशेष नाम है: अखुरथ संकष्टी चतुर्थी (Akhurath Sankashti Chaturthi)। ‘अखुरथ’ नाम स्वयं भगवान गणेश का…

चंद्र दर्शन व्रत कथा – चंद्र दर्शन व्रत विधि – चंद्र दर्शन का महत्व

हिंदू धर्म में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व है। अमावस्या के बाद जब पहली बार चंद्रमा के दर्शन होते हैं, उसे ‘चंद्र दर्शन’ कहा जाता है। इस दिन चंद्र देव की पूजा और व्रत करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। खासकर जो लोग अपनी कुंडली में चंद्रमा की कमजोर स्थिति से परेशान हैं, उनके…

कृच्छ्र चतुर्थी व्रत की सम्पूर्ण कथा

कृच्छ्र चतुर्थी व्रत, जिसे संकष्टी चतुर्थी या माघी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है, हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है। यह व्रत माघ (जनवरी-फरवरी) महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस व्रत को करने से व्यक्ति के जीवन के संकट (कष्ट) दूर होते…

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी (मार्गशीर्ष संकष्टी गणेश चतुर्थी) व्रत कथा

गणाधिप संकष्टी चतुर्थी, मार्गशीर्ष मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को मनाई जाती है। साल 2025 में यह पावन व्रत शनिवार, 8 नवंबर को पड़ेगा। इस दिन भगवान गणेश के गणाधिप स्वरूप की पूजा की जाती है। मान्यता है कि इस व्रत के प्रभाव से सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। यह…

वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

वक्रतुंड संकष्टी चतुर्थी भगवान गणेश को समर्पित एक पवित्र व्रत है, जो हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। ‘वक्रतुंड’ भगवान गणेश का एक रूप है, जिसका अर्थ है ‘घुमावदार सूंड वाले’। इस दिन भक्त उपवास रखते हैं और शाम को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही व्रत खोलते हैं।…

वक्रतुंड स्तुति

वक्रतुंड स्तुति भगवान श्री गणेश को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और लोकप्रिय प्रार्थना है। यह स्तुति संस्कृत भाषा में है, लेकिन इसका पाठ पूरे भारत में, विशेषकर गणेश चतुर्थी के दौरान, बड़े उत्साह के साथ किया जाता है। इस स्तुति का आरंभ “वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ” इन शब्दों से होता है, जिसका अर्थ है: हे…

(विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी) आश्विन संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत कथा

आश्विन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्थी को ‘विघ्नराज संकष्टी चतुर्थी’ के नाम से जाना जाता है। यह पावन दिन भगवान गणेश को समर्पित है, जो विघ्नहर्ता और बुद्धि के दाता माने जाते हैं। 2025 में यह व्रत भक्तों के लिए विशेष फलदायी होगा। इस दिन भक्त सूर्योदय से चंद्रोदय तक व्रत रखते हैं और भगवान…

दूर्वा अष्टमी व्रत कथा

दूर्वा अष्टमी का व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान सुख, सौभाग्य और परिवार की वृद्धि के लिए किया जाता है। इस दिन भगवान गणेश और दूर्वा घास का विशेष पूजन होता है। || दूर्वा अष्टमी व्रत कथा (Durva Ashtami Vrat Katha PDF)…

गणेश चालीसा का पाठ क्यों माना गया है विघ्नों का नाशक? श्री गणेश जी की 40 महाकृपा मंत्रों का गूढ़ अर्थ

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सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य को आरंभ करने से पहले भगवान श्री गणेश की पूजा-अर्चना का विधान है। उन्हें ‘विघ्नहर्ता’ और ‘मंगलमूर्ति’ कहा जाता है। गणेश चालीसा, भगवान गणेश को समर्पित एक शक्तिशाली स्तोत्र है, जिसका पाठ करने से भक्तों के जीवन से बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का आगमन होता है।…

Ganesh Chaturthi Special – गणेश की कृपा से करियर की बाधाएं दूर करें

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जीवन एक यात्रा है, और इस यात्रा में करियर एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। हर कोई चाहता है कि उसका करियर प्रगति करे, सफलता की ऊंचाइयों को छुए। लेकिन अक्सर, राह में कई बाधाएं आती हैं – असफलताएं, निराशाएं, अवसरों की कमी, और कड़ी मेहनत के बावजूद अपेक्षित परिणाम न मिलना। ऐसे समय में, जब सारे…

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