बजरंग बाण गीता प्रेस गोरखपुर (Bajrang Baan Gita Press Hindi PDF)
बजरंग बाण को स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक विशेष संकट के निवारण के लिए रचा था। किंवदंतियों के अनुसार, जब तुलसीदास जी पर किसी ने अभिचारिक प्रयोग (जादू-टोना) किया, जिससे उनके शरीर में असहनीय पीड़ा और फोड़े हो गए, तब उन्होंने हनुमान जी को पुकारने के लिए इस स्तोत्र की रचना की। यह स्तोत्र,…