बजरंग बाण गीता प्रेस गोरखपुर (Bajrang Baan Gita Press Hindi PDF)

बजरंग बाण गीता प्रेस गोरखपुर (Bajrang Baan Gita Press Hindi PDF)

बजरंग बाण को स्वयं गोस्वामी तुलसीदास जी ने एक विशेष संकट के निवारण के लिए रचा था। किंवदंतियों के अनुसार, जब तुलसीदास जी पर किसी ने अभिचारिक प्रयोग (जादू-टोना) किया, जिससे उनके शरीर में असहनीय पीड़ा और फोड़े हो गए, तब उन्होंने हनुमान जी को पुकारने के लिए इस स्तोत्र की रचना की। यह स्तोत्र,…

(16) सोलह सोमवार व्रत कथा एवं पूजा विधि

सोलह सोमवार व्रत कथा (16 Solah Somvar Vrat Katha PDF) भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत प्रभावशाली उपाय है। इस व्रत को विशेष रूप से अविवाहित कन्याएं उत्तम वर की प्राप्ति के लिए करती हैं, वहीं विवाहित स्त्रियाँ सुखमय वैवाहिक जीवन हेतु इसका पालन करती हैं। सोलह सोमवार व्रत कथा (16 Solah…

Mystery of Vitthal Avatar – वैकुंठ छोड़कर पंढरपुर क्यों आए श्री हरि? विट्ठल अवतार का रहस्य

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नमस्ते दोस्तों! आज हम एक ऐसे दिव्य और अद्भुत रहस्य (divine and amazing mystery) की गहराई में उतरने वाले हैं, जिसने सदियों से भक्तों को भावविभोर कर रखा है। यह कथा है श्री हरि (Lord Vishnu) के उस रूप की, जिसे हम सब प्रेम से भगवान विट्ठल या पंढरीनाथ कहते हैं। क्या आपने कभी सोचा है…

Monday Fast – सोमवार व्रत एवं पूजा के लिए शक्तिशाली शिव मंत्र – अर्थ और लाभ सहित

Lord Shiva Mantra

सोमवार का व्रत भगवान शिव को समर्पित है और इस दिन मंत्र जाप का विशेष महत्व है। भक्तों को “महामृत्युंजय मंत्र” ( ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥ ) जपने की सलाह दी जाती है। यह मंत्र आरोग्य, दीर्घायु और भय से मुक्ति प्रदान करता है। इसके अलावा, पंचक्षरी मंत्र “ॐ नमः…

सोमवार व्रत कथा, पूजा विधि, उद्यापन विधि

|| सोमवार व्रत कथा (Somvar Vrat Katha PDF) || किसी नगर में एक साहूकार रहता था। उसके घर में धन की कोई कमी नहीं थी लेकिन उसकी कोई संतान नहीं थी जिस वजह से वह बेहद दुखी था। पुत्र प्राप्ति के लिए वह भगवान शिव प्रत्येक सोमवार व्रत रखता था और पूरी श्रद्धा के साथ…

विश्वकर्मा स्तोत्रम् (Vishwakarma Stotram PDF)

विश्वकर्मा स्तोत्रम् (Vishwakarma Stotram PDF)

सनातन धर्म में भगवान विश्वकर्मा को न केवल देवताओं का दिव्य वास्तुकार (Divine Architect) और इंजीनियर माना जाता है, बल्कि उन्हें सृष्टि के प्रथम निर्माता के रूप में भी पूजा जाता है। वह केवल निर्माण के देवता नहीं हैं, बल्कि कला, कौशल (Skill), अभियांत्रिकी (Engineering) और तकनीक के भी अधिष्ठाता हैं। उन्हें ‘देव शिल्पी’ भी…

अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

अखुरठा संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा 2025 एक अत्यंत पावन अवसर है, जो भगवान श्री गणेश के अखुरठा स्वरूप की पूजा के लिए समर्पित है। यह व्रत हर संकट को हरने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए किया जाता है। अखुरठा अर्थात जो कभी न टूटे – यह नाम गणेश जी की अपार शक्ति और अडिग…

अखुरथ संकष्टी चतुर्थी – साल की आखिरी चतुर्थी पर मनोकामना पूरी करने की अचूक पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

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हिंदू धर्म में भगवान गणेश (Lord Ganesha) को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता माना जाता है। हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को ‘संकष्टी चतुर्थी’ का व्रत रखा जाता है, लेकिन मार्गशीर्ष (अगहन) मास में आने वाली इस चतुर्थी का विशेष नाम है: अखुरथ संकष्टी चतुर्थी (Akhurath Sankashti Chaturthi)। ‘अखुरथ’ नाम स्वयं भगवान गणेश का…

Rin Mochak Mangal Stotram – ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का असर कब और कैसे दिखता है?

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ऋणमोचक मंगल स्तोत्र एक अत्यंत प्रभावशाली और दिव्य स्तोत्र है, जिसे विशेष रूप से ऋण मुक्ति और आर्थिक संकटों से छुटकारा पाने के लिए पढ़ा जाता है। यह स्तोत्र भगवान मंगल देव की स्तुति में लिखा गया है और इसे विधिपूर्वक पढ़ने से व्यक्ति को अपने आर्थिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।…

जानें कि हनुमान जी को कौन-कौन से भोग चढ़ाने चाहिए और इनका धार्मिक महत्व

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हनुमान जी हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक हैं, जो भक्ति, शक्ति और समर्पण के प्रतीक माने जाते हैं। वे राम भक्त के रूप में पूजनीय हैं और संकटमोचक के रूप में प्रसिद्ध हैं। हनुमान जी की पूजा-अर्चना में भोग का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि हनुमान जी को प्रिय…

हनुमान जी के 28 सिद्ध मंत्र – जीवन में हर संकट से मुक्ति पाने के अचूक उपाय, हनुमान मंत्र जाप की विधि

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हनुमान जी के 28 सिद्ध मंत्र अत्यंत प्रभावशाली माने जाते हैं, जो भक्तों को हर प्रकार की बाधा, भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्त करने में सहायक होते हैं। इन मंत्रों का नियमित जाप करने से शक्ति, आत्मविश्वास और सफलता प्राप्त होती है। हनुमान मंत्र जाप की विधि में प्रातः स्नान करके शुद्ध मन से…

हनुमान बाहुक के चमत्कारी प्रभाव – आज ही करें हनुमान बाहुक का पाठ और पाएं शांति, शारीरिक पीड़ा से तुरंत राहत

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हनुमान बाहुक गोस्वामी तुलसीदास जी द्वारा रचित एक अद्भुत स्तोत्र है, जो भगवान हनुमान की कृपा प्राप्त करने का अत्यंत प्रभावशाली साधन माना जाता है। यह पाठ विशेष रूप से शारीरिक पीड़ा, असाध्य रोगों और मानसिक अशांति से मुक्ति पाने के लिए किया जाता है। हनुमान बाहुक भगवान हनुमान को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली स्तोत्र…

व्यापार में वृद्धि के लिए हनुमान मंत्र – जानें मंत्र जाप विधि, लाभ और उपाय

Hanuman Ji with River in Background

हनुमान जी को वीरता, शक्ति और बुद्धि का देवता माना जाता है। वे संकटमोचन हैं और व्यापार में सफलता प्राप्त करने के लिए उनकी कृपा अत्यंत आवश्यक है। हनुमान जी का ये मंत्र एक शक्तिशाली मंत्र है जो व्यापार में समस्याओं को दूर करने, बिक्री बढ़ाने, लाभ में वृद्धि करने और व्यापार को सफलता दिलाने…

12 राशियों के लिए विशेष हनुमान मंत्र – कौन सा मंत्र आपके लिए शुभ है? पढ़ें और पाएं चमत्कारी लाभ

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हनुमान जी के मंत्रों का जाप करने से न सिर्फ मानसिक शांति मिलती है, बल्कि जीवन में आने वाली सभी बाधाएँ भी दूर होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर व्यक्ति की राशि अलग होती है और हर राशि के लिए एक विशेष हनुमान मंत्र होता है, जिसका जाप करने से अधिकतम लाभ प्राप्त किया…

क्या आपने सुनी है संपदा शुक्रवार व्रत की यह चमत्कारी कथा? घर में आती है लक्ष्मी, जाती है दरिद्रता

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संपदा शुक्रवार व्रत, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, धन और समृद्धि की देवी लक्ष्मी को समर्पित एक विशेष व्रत है। यह व्रत शुक्रवार के दिन रखा जाता है और मान्यता है कि जो व्यक्ति इसे श्रद्धापूर्वक करता है, उसके घर में देवी लक्ष्मी का वास होता है और दरिद्रता दूर होती है। इस…

शुक्रवार के ये उपाय बदल सकते हैं आपकी किस्मत – देवी लक्ष्मी को प्रसन्न करने की विधि

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हर किसी की चाहत होती है कि उनके घर में सुख-समृद्धि और धन का आगमन हो। भारतीय परंपरा में, शुक्रवार का दिन विशेष रूप से देवी लक्ष्मी को समर्पित है, जिन्हें धन, वैभव, और ऐश्वर्य की देवी माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए कुछ विशेष उपाय और पूजा-अर्चना से…

शुक्र प्रदोष व्रत कथा

|| शुक्र प्रदोष व्रत कथा (Shukra Pradosh Vrat Katha PDF) || शुक्र प्रदोष व्रत की कथा इस प्रकार है, प्राचीन काल में एक नगर में तीन मित्र रहते थे – राजकुमार, ब्राह्मण कुमार और धनिक पुत्र। राजकुमार और ब्राह्मण कुमार विवाहित थे, जबकि धनिक पुत्र का विवाह हो चुका था, लेकिन गौना बाकी था। एक दिन…

रोहिणी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| रोहिणी व्रत कथा (Rohini Vrat Katha PDF) || प्राचीन कथा के अनुसार चंपापुरी राज्य में राजा माधवा, और रानी लक्ष्मीपति का राज्य था। उनके सात बेटे और एक बेटी थी। एक बार राजा ने बेटी रोहिणी के बारे में ज्योतिषी से जानकारी ली तो उसने बताया कि रोहिणी का विवाह हस्तिनापुर के राजकुमार अशोक…

दत्तात्रेय जयंती पर करें ये सरल पूजा विधि और मंत्र जाप – धन-समृद्धि और गुरु कृपा पाने का अचूक तरीका।

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मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को भगवान दत्तात्रेय (Lord Dattatreya) का जन्मोत्सव मनाया जाता है, जिसे दत्तात्रेय जयंती के नाम से जाना जाता है। भगवान दत्तात्रेय को ब्रह्मा, विष्णु और महेश (Brahma, Vishnu, Mahesh) तीनों देवताओं का संयुक्त स्वरूप (Combined form) माना जाता है। इनमें गुरु और ईश्वर दोनों रूप समाहित हैं, इसलिए इन्हें ‘श्री…

Dattatreya Jayanti – कब है दत्तात्रेय जयंती? जानें शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और ‘श्री गुरुदेव दत्त’ नाम जप के लाभ

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हिन्दू धर्म के महत्वपूर्ण पर्वों में से एक दत्तात्रेय जयंती (Datta Jayanti) हर साल मार्गशीर्ष माह की पूर्णिमा तिथि को मनाई जाती है। भगवान दत्तात्रेय को त्रिदेव (ब्रह्मा, विष्णु और महेश) का संयुक्त अवतार माना जाता है। इस दिन उनकी विशेष पूजा-अर्चना करने से तीनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। यह दिन गुरु-शिष्य परंपरा…

क्या है जब भगवान शिव को भी मांगनी पड़ी थी भिक्षा? अन्नपूर्णा जयंती की अनसुनी कथा!

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भारतीय संस्कृति में अन्न को ‘ब्रह्म’ (Brahma) के समान पूजनीय माना गया है। यह सिर्फ भोजन नहीं, बल्कि जीवन का आधार, ऊर्जा और साक्षात देवी का रूप है। और जब हम अन्न की बात करते हैं, तो अनायास ही ‘मां अन्नपूर्णा’ (Maa Annapurna) का नाम मुख पर आ जाता है। मार्गशीर्ष माह (Margashirsha Month) की…

Margashirsha Purnima Vrat – मार्गशीर्ष पूर्णिमा की रात करें ये 4 सरल उपाय, दूर होगी हर बाधा और मिलेगी सफलता

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हिंदू पंचांग (Hindu Calendar) के अनुसार, मार्गशीर्ष (अगहन) माह की पूर्णिमा तिथि का धार्मिक और आध्यात्मिक (Spiritual) दृष्टि से बहुत अधिक महत्व होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं इस माह को अपना स्वरूप बताया है, इसलिए यह माह पवित्रता और भक्ति का प्रतीक है। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन स्नान, दान और भगवान सत्यनारायण (Lord Satyanarayan)…

मार्गशीर्ष पूर्णिमा व्रत कथा

मार्गशीर्ष पूर्णिमा की कथा मुख्य रूप से महर्षि अत्रि और उनकी पत्नी माता अनुसूया के पावन चरित्र से जुड़ी है। माता अनुसूया के महान सतीत्व और तपस्या से प्रभावित होकर, एक बार ब्रह्मा, विष्णु और महेश (त्रिदेव) भिक्षुकों के रूप में उनके आश्रम पहुँचे। त्रिदेव ने अनुसूया से एक कठिन शर्त रखी कि वे उन्हें…

भौम प्रदोष व्रत – 100 जन्मों तक नहीं होगी दरिद्रता, इस विधि से शिव पूजा कर पाएं मंगल देव का आशीर्वाद

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प्रत्येक माह की त्रयोदशी तिथि (Trayodashi Tithi) को आने वाला प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) भगवान शिव को समर्पित होता है। इस दिन प्रदोष काल यानी सूर्यास्त के समय की गई शिव पूजा (Lord Shiva Worship) अक्षय फल देती है। जब यह शुभ तिथि मंगलवार (Tuesday) को पड़ती है, तब इसे “भौम प्रदोष व्रत” कहा जाता…

भोलेनाथ और मंगल देव को प्रसन्न करने का चमत्कारी ‘भौम प्रदोष व्रत’ – इन 5 चीज़ों से करें अभिषेक, हर इच्छा होगी पूरी

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हिंदू धर्म में, भगवान शिव की आराधना के लिए प्रदोष व्रत (Pradosh Vrat) का विशेष महत्व है। यह हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है और मान्यता है कि इस दिन प्रदोष काल (सूर्यास्त के लगभग 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद का समय) में कैलाशपति भगवान शिव प्रसन्न मुद्रा में होते…

कर्ज़ से मुक्ति दिलाएगा भौम प्रदोष व्रत – जानें अचूक पूजा विधि, व्रत कथा और शुभ मुहूर्त, मंगल दोष होगा शांत

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क्या आप कर्ज़ के बोझ से परेशान हैं? क्या मंगल दोष आपके जीवन में बाधाएं उत्पन्न कर रहा है? (Are you worried about debts?) तो यह लेख आपके लिए एक वरदान साबित हो सकता है! त्रयोदशी तिथि पर आने वाला भौम प्रदोष व्रत (Bhaum Pradosh Vrat) भगवान शिव और हनुमान जी की कृपा से आपको…

भौम प्रदोष व्रत कथा और पूजा विधि

भौम प्रदोष व्रत भगवान शिव की कृपा पाने के लिए रखा जाता है, जब प्रदोष तिथि मंगलवार को पड़ती है। ‘भौम’ का अर्थ है मंगल और ‘प्रदोष’ सूर्यास्त के बाद की तीन मुहूर्त और रात्रि के प्रारंभ की तीन मुहूर्त का समय होता है। यह व्रत विशेष रूप से ऋण मुक्ति, रोग निवारण और भूमि…

रोली-घी का दीपक और तुलसी की माला – मत्स्य द्वादशी पर धन लाभ के लिए करें ये 3 गुप्त उपाय (Secret Remedies)

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हिंदू धर्म में, मार्गशीर्ष (अगहन) मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि का विशेष महत्व है, जिसे मत्स्य द्वादशी (Matsya Dwadashi) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के प्रथम अवतार, मत्स्य रूप को समर्पित है, जिन्होंने वेदों की रक्षा की थी। यह केवल धर्म की रक्षा का पर्व नहीं, बल्कि आर्थिक…

सौभाग्य और समृद्धि के लिए कब है भौम प्रदोष व्रत? कथा और पूजा विधि के साथ जानें इस व्रत का महत्व

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सनातन धर्म में व्रतों और त्योहारों का विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक अत्यंत फलदायी व्रत है भौम प्रदोष व्रत। यह व्रत भगवान शिव, माता पार्वती और मंगल ग्रह (Lord Shiva, Goddess Parvati, and Mars) के संयुक्त आशीर्वाद को प्राप्त करने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करता है। माना जाता है कि जो…

मंगल ग्रह की शांति के लिए कब है भौम प्रदोष व्रत? नोट करें सही तिथि, व्रत नियम और हनुमान जी का विशेष मंत्र

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क्या आपके जीवन में बार-बार बाधाएं आ रही हैं? क्या आप कर्ज (debt) और रोग से परेशान हैं? ज्योतिष शास्त्र (Astrology) में माना जाता है कि इन समस्याओं के पीछे मंगल ग्रह का अशुभ प्रभाव हो सकता है। ऐसे में भौम प्रदोष व्रत (Bhaum Pradosh Vrat) आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। यह…

आज है भौम प्रदोष व्रत – प्रदोष काल में ऐसे करें रुद्राभिषेक, मनोकामना पूर्ति के लिए जपें ये प्रभावशाली मंत्र

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हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है, और जब यह मंगलवार (Tuesday) के दिन पड़ता है, तो इसे ‘भौम प्रदोष व्रत’ कहा जाता है। यह दिन न केवल देवों के देव महादेव (Lord Shiva) को समर्पित है, बल्कि मंगल देव और पवनपुत्र हनुमान जी की कृपा पाने का भी अत्यंत शुभ अवसर होता…

श्री विष्णु मत्स्य अवतार पौराणिक कथा

भगवान विष्णु के दस अवतारों में मत्स्य अवतार उनका प्रथम अवतार है। इसकी कथा महाप्रलय और वेदों की रक्षा से जुड़ी है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब हयग्रीव नामक दैत्य ने वेदों को चुराकर सागर में छिपा दिया, तब ज्ञान के अभाव में संसार में अधर्म फैलने लगा। उसी समय, पृथ्वी पर जल प्रलय का समय…

Bhagavad Gita by Gita Press Gorakhpur (श्रीमद भगवत गीता बुक)

Bhagavad Gita by Gita Press Gorakhpur (श्रीमद भगवत गीता बुक)

भगवद-गीता प्राचीन भारत से आध्यात्मिक ज्ञान का शाश्वत संदेश है। गीता शब्द का अर्थ है गीत और शब्द। भगवद का अर्थ है भगवान, अक्सर भगवद-गीता को भगवान का गीत कहा जाता है। भगवद गीता धर्म, आस्तिक भक्ति और मोक्ष के योगिक आदर्शों के बारे में हिंदू विचारों का संश्लेषण पेश करती है। इस पाठ में…

श्रीमद्भगवदगीता (Shrimadbhagavad geeta)

श्रीमद्भगवदगीता (Shrimadbhagavad geeta)

श्रीमद्भगवद्गीता भारतीय आध्यात्मिक ग्रंथों में एक अद्वितीय स्थान रखती है। यह महाभारत के भीष्म पर्व का हिस्सा है और भगवान श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेशों का संग्रह है। स्वामी ब्रह्मविद्यानंद ने इस पवित्र ग्रंथ की गूढ़ शिक्षा को सरल और बोधगम्य भाषा में व्याख्यायित किया है, जिससे यह हर पाठक के लिए प्रेरणा…

Gita Upadesha – गीता उपदेश, जीवन से दुख को करें दूर, कठिन समय में अपनाएं ये सीख

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भगवद गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक अद्भुत कला भी है। यह हमें कठिन परिस्थितियों में सही निर्णय लेने की प्रेरणा देती है और जीवन के हर पहलू को संतुलित रूप से समझने की क्षमता प्रदान करती है। जब जीवन में दुख, कठिनाइयाँ और चुनौतियाँ आती हैं, तो गीता के…

Bhagwat Geeta Lifechangable Slok – श्रीमद्भगवद गीता के 10 अनमोल उपदेश जो जीवन बदल सकते हैं

geeta

श्रीमद्भगवद गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि एक जीवनदर्शन है। इसमें जीवन के हर पहलू के लिए महत्वपूर्ण उपदेश दिए गए हैं, जो हमें धर्म, कर्म, ज्ञान और भक्ति का सही मार्ग दिखाते हैं। इस लेख में हम गीता के 10 अनमोल उपदेशों को समझेंगे, जो हमारे जीवन को सकारात्मक दिशा में मोड़ सकते…

ज्ञान का महासागर ‘भगवद् गीता’ – क्यों मनाई जाती है गीता जयन्ती और क्या है इसका महत्व? (Gita Jayanti)

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भारतीय संस्कृति और अध्यात्म के आकाश में ‘श्रीमद्भगवद् गीता’ (Shrimad Bhagavad Gita) एक ऐसे ध्रुव तारे के समान है, जो अनादि काल से मानव जाति को सही दिशा दिखाता रहा है। यह केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला (Art of living), प्रबंधन (Management) और मनोविज्ञान (Psychology) का एक अद्भुत संगम है।…

गुरुवायुर एकादशी व्रत कैसे करें? सही पूजा सामग्री, मंत्र और पारण का समय, पाएं पूर्ण लाभ (Guruvayur Ekadashi Vrat Complete Guide)

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सनातन धर्म में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु (Lord Vishnu) को समर्पित है और इसका विशेष महत्व है। हर एकादशी अपने आप में पवित्र और फलदायी होती है, लेकिन केरल के प्रसिद्ध गुरुवायुर मंदिर (Guruvayur Temple) में मनाई जाने वाली गुरुवायुर एकादशी का महत्व असाधारण है। इसे दक्षिण भारत का “द्वारका” भी कहा जाता है।…

केवल 41 दिनों के मंडला पूजा उत्सव में आने वाली गुरुवायुर एकादशी! इस दिन क्या करें और क्या नहीं?

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केरल की धरती पर स्थित “भूलोक वैकुंठ” (पृथ्वी पर स्वर्ग) कहे जाने वाले गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर (Guruvayur Sree Krishna Temple) में एक अत्यंत विशेष पर्व मनाया जाता है – गुरुवायुर एकादशी! यह एकादशी केवल एक धार्मिक तिथि मात्र नहीं, बल्कि यह 41 दिनों तक चलने वाले प्रसिद्ध मंडला पूजा उत्सव (Mandala Pooja Festival) के…

मोक्षदा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष (अगहन) मास के शुक्ल पक्ष में आती है और इसे वर्ष की सबसे पवित्र एकादशियों में से एक माना जाता है। ‘मोक्षदा’ का अर्थ है मोक्ष प्रदान करने वाली। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और उपवास करने से न केवल स्वयं के पापों का नाश होता है, बल्कि पितरों को भी…

सिंदूर लगाने के बाद महिलाएं क्यों नहीं देखती अपना चेहरा? जानें इसका धार्मिक (Religious) कनेक्शन और वैज्ञानिक (Scientific) कारण

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क्या आपने कभी सोचा है कि भारतीय संस्कृति में सिंदूर लगाने के बाद महिलाएं अक्सर आईने (mirror) में अपना चेहरा देखने से क्यों बचती हैं? यह एक ऐसा रीति-रिवाज है जिसे सदियों से निभाया जा रहा है, लेकिन इसके पीछे का गहरा (deep) धार्मिक और आध्यात्मिक (spiritual) रहस्य क्या है? सिंदूर, भारतीय सुहागिन महिलाओं (married…

मंदिर से घर लौटकर हाथ-पैर क्यों धोए जाते हैं? क्या आप जानते हैं इसके पीछे का अहम कारण?

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भारतीय परिवारों में बचपन से ही हमें कुछ आदतें (Habits) सिखाई जाती हैं। जैसे “जूते बाहर उतारो,” “बड़ों के पैर छुओ,” और एक बहुत ही सामान्य नियम – “बाहर से आए हो, तो पहले हाथ-पैर धो लो।” लेकिन जब बात मंदिर (Temple) की आती है, तो थोड़ी दुविधा (Confusion) होती है। हम मंदिर जाते समय…

पीपल के पेड़ को ही क्यों मानते हैं ‘देवता’? पूजा के पीछे का असली सच और साइंस जानकर हैरान रह जाएंगे आप

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भारत के किसी भी गांव या शहर के मंदिर के पास जाइए, आपको एक पेड़ जरूर मिलेगा जिसके तने पर लाल धागे (Kalawa) बंधे होंगे, नीचे दीये जल रहे होंगे और लोग सिर झुकाकर प्रार्थना कर रहे होंगे। जी हाँ, हम बात कर रहे हैं पीपल के पेड़ (Peepal Tree) की। बचपन से हम सुनते…

दरवाजे और गाड़ियों पर ‘नींबू-मिर्च’ क्यों लटकाते हैं? बुरी नजर का डर या कीड़ों का इलाज?

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भारत में आप चाहे किसी भी शहर में चले जाएं, एक चीज़ आपको हर जगह देखने को मिलेगी – दुकानों के शटर पर, नई चमचमाती कारों के बंपर पर, और घरों के मुख्य दरवाज़े पर लटका हुआ नींबू और 7 हरी मिर्च। हम अक्सर इसे “बुरी नज़र” (Evil Eye) से बचने का ‘टोटका’ मानते हैं।…

रात में नाखून काटना – अंधविश्वास या कोई बड़ी वजह? जानिए क्या कहते हैं शास्त्र और साइंस

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“अरे बेटा! सूरज ढल गया है, अब नेल कटर (Nail Cutter) रख दो, रात को नाखून नहीं काटते!” क्या आपने भी बचपन में अपनी दादी या नानी से यह डांट सुनी है? मुझे यकीन है कि भारत के लगभग हर घर में यह वाक्य कभी न कभी गूंजा होगा। हम में से कई लोग इसे…

सूरज ढलते ही क्यों छिन ली जाती है हाथ से झाड़ू? क्या सच में रूठ जाती हैं माँ लक्ष्मी?

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भारत के हर घर की कहानी – घड़ी में शाम के 6 या 7 बजे और अगर गलती से आपने झाड़ू (Broom) उठा ली, तो घर की बड़ों की आवाज़ गूंज उठती है: “रहने दे! सूरज डूब गया है, अब झाड़ू नहीं लगाते, लक्ष्मी चली जाएगी!” हम में से कई लोग इसे मानते हैं, तो…

मंदिर में प्रवेश से पहले घंटी क्यों बजाई जाती है? जानें इसके पीछे छिपा गहरा रहस्य

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भारत में, मंदिर (temple) केवल ईंट और पत्थरों से बनी संरचनाएं नहीं हैं; वे ऊर्जा के केंद्र (energy centers) और हमारी आस्था (faith) और संस्कृति के प्रतीक हैं। किसी भी मंदिर में प्रवेश करते समय, सबसे पहला कार्य जो हम करते हैं, वह है गर्भगृह के सामने लटकी हुई घंटी (bell) को बजाना। क्या आपने…

घर में तुलसी का पौधा सूखना क्यों माना जाता है अशुभ? (Why is a Dry Tulsi Plant Considered Inauspicious?) जानें वैज्ञानिक और धार्मिक संकेत

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भारतीय संस्कृति में, तुलसी (Holy Basil) के पौधे को केवल एक जड़ी बूटी (herb) ही नहीं, बल्कि साक्षात् देवी का स्वरूप माना जाता है। लगभग हर हिंदू घर के आँगन या बालकनी में इसकी उपस्थिति अनिवार्य होती है। मान्यता है कि जहाँ तुलसी होती है, वहाँ सकारात्मकता (positivity), सुख और समृद्धि (prosperity) का वास होता…

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