श्री विन्ध्यवासिनी स्तोत्रम्

॥ श्री विन्ध्यवासिनी स्तोत्र ॥ ॥ ॐ गण गणपतये नमः ॥ श्रीनन्दगोपगृहिणीप्रभवा तनोतु भद्रं सदा मम सुरार्थपरा प्रसन्ना । विन्ध्याद्रि-गह्वरगताष्टभुजा प्रसिद्धा सिद्धैः सुसेवित-पदाब्जयुगा त्रिरूपा ॥ वेदैरगम्यमहिमा निजबोधतुष्टा नित्या गुणत्रयपराऽखिलभेदशून्या । एका प्रपञ्चकरणे त्रिगुणोरुशक्तिरुच्चावचाकृतिरथोऽचलजङ्गमात्मा ॥ पीयूष-सिन्धु-सुरपादपवाटिरत्नद्वीपे सुनीपवनशालिनि दुष्प्रवेशे । चिन्तामणि-प्रखचिते भवने निषण्णा विन्ध्येश्वरी श्रियमनल्पतरां करोतु ॥ श्रुत्वा स्तुतिं विधिकृतां करुणार्द्रचित्ता नारायणेन सबलौ मधुकैटभाख्यौ । या सञ्जहार…

Chaitra Ekadashi 2025 – पापमोचनी एकादशी कब है? जानिए व्रत कथा और पूजा विधि

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हिंदू कैलेंडर में, कल पापमोचनी एकादशी एक विशेष महत्व रखने वाला पर्व है, जो भक्तों को उनके कर्मों के बंधनों से मुक्त होने का अवसर प्रदान करता है। वर्ष 2025 में, यह पावन तिथि 25 मार्च, मंगलवार के दिन मनाई जाएगी। पापमोचनी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र और पुण्यदायिनी मानी जाती है। यह एकादशी…

Manglacharana (मंगलाचरण)

Manglacharana (मंगलाचरण)

मंगलाचरण का शाब्दिक अर्थ है “मंगल के लिए की गई प्रार्थना”। यह हिंदू धार्मिक और साहित्यिक ग्रंथों की एक प्रारंभिक प्रार्थना होती है, जो किसी शुभ कार्य या ग्रंथ के आरंभ में की जाती है। मंगलाचरण का उद्देश्य भगवान की कृपा प्राप्त करना और आरंभ किए गए कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करना होता है। मंगलाचरण…

किरातार्जुनीयम् (Kiratarjuniyam)

किरातार्जुनीयम् (Kiratarjuniyam)

किरातार्जुनीयम् डॉ. महिमा वसाल द्वारा लिखित एक विशिष्ट पुस्तक है, जो भारतीय महाकाव्य परंपरा के प्रसिद्ध ग्रंथ किरातार्जुनीयम् पर आधारित है। यह संस्कृत साहित्य के प्रसिद्ध कवि महाकवि भारवि का उत्कृष्ट महाकाव्य है, जिसमें अर्जुन और शिव के किरात रूप में संवाद और संघर्ष का वर्णन किया गया है। डॉ. महिमा वसाल ने इस महाकाव्य…

मंत्रअनुष्ठानपद्धति (Mantra Anushthan Paddhati)

मंत्रअनुष्ठानपद्धति (Mantra Anushthan Paddhati)

‘मंत्र प्रयोग’ पुस्तक मंत्र विद्या के रहस्यों और उसके प्रभावी उपयोग पर केंद्रित एक गहन और उपयोगी ग्रंथ है। सिद्ध बाबा औघड़नाथ द्वारा लिखित यह पुस्तक प्राचीन भारतीय तंत्र-मंत्र शास्त्र की अमूल्य धरोहरों को सरल और व्यावहारिक रूप में प्रस्तुत करती है। यह पुस्तक उन लोगों के लिए एक मार्गदर्शिका है जो मंत्र शक्ति का…

संकटा माता व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| संकटा माता की पूजा विधि || पूजा सामग्री मिट्टी की 11 ढेरियाँ और गाय के गोबर की एक गौरी तैयार करें। पान के पत्ते। दो कलश (एक स्थापना के लिए और दूसरा पूजा के लिए)। दो घी के दीपक। फूल माला। सिंदूर और बिंदी। गुड़ और घी (अगियार के लिए)। इलाइची, लौंग और पान…

श्री कालिका माता की आरती

|| श्री कालिका माता की आरती || मंगल की सेवा सुन मेरी देवा , हाथ जोड तेरे द्वार खडे। पान सुपारी ध्वजा नारियल ले, ज्वाला तेरी भेट धरेसुन।। जगदम्बे न कर विलम्बे, संतन के भडांर भरे। सन्तन प्रतिपाली सदा खुशहाली, जै काली कल्याण करे ।। बुद्धि विधाता तू जग माता , मेरा कारज सिद्व रे।…

श्री कार्तिकेय आरती

|| श्री कार्तिकेय आरती || जय जय आरती जय जय आरती वेणु गोपाला वेणु गोपाला वेणु लोला पाप विदुरा नवनीत चोरा जय जय आरती वेंकटरमणा वेंकटरमणा संकटहरणा सीता राम राधे श्याम जय जय आरती गौरी मनोहर गौरी मनोहर भवानी शंकर साम्ब सदाशिव उमा महेश्वर जय जय आरती राज राजेश्वरि राज राजेश्वरि त्रिपुरसुन्दरि महा सरस्वती महा…

हनुमद् रहस्यम् (Hanumad Rahasyam)

हनुमद् रहस्यम् (Hanumad Rahasyam)

हनुमद रहस्यम् (Hanumad Rahasyam) एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक और गूढ़ ग्रंथ है, जो भगवान हनुमान के रहस्यमयी स्वरूप, उनकी शक्तियों और उनकी आराधना से जुड़े गूढ़ रहस्यों को उजागर करता है। यह ग्रंथ हिंदू धर्म में हनुमान भक्तों के लिए विशेष रूप से पूजनीय माना जाता है और इसमें हनुमानजी की भक्ति, सिद्धियां, रहस्य और उनकी…

श्री शीतला जी की आरती

|| श्री शीतला जी की आरती || जै शीतला माता मैया जै शीतला माता । दुख निवारण वाली सुख की वरदाता ।। ॐ जय शीतला माता…। गर्दभ तुमरा वाहन शांत सदा रहता ।। दुख दरिद्रता हरता कष्ट सभी सहता ।। ॐ जय शीतला माता…। चामुंडा कहलाईं अद्भुत रूप धरा ।। नग्न रूप में रहतीं जल…

श्री पार्वती जी की आरती

|| श्री पार्वती जी की आरती || जय पार्वती माता, जय पार्वती माता, ब्रह्म सनातन देवी शुभ फल की दाता । अरिकुलपद्म विनासनी जय सेवकत्राता, जगजीवन जगदंबा हरिहर गुण गाता । सिंह का वाहन साजे कुंडल हैं साथा, देवबंधु जस गावत नृत्य करत ता था । सतयुग रूप शील अति सुंदर नाम सती कहलाता, हेमांचल…

श्री लक्ष्मण जी की आरती

|| श्री लक्ष्मण जी की आरती || आरती लक्ष्मण बालजती की असुर संहारन प्राणपति की जगमग ज्योति अवधपुर राजे शेषाचल पै आप विराजे घंटा ताल पखावज बाजे कोटि देव मुनि आरती साजे किरीट मुकुट कर धनुष विराजे तीन लोक जाकी शोभा राजे कंचन थार कपूर सुहाई आरती करत सुमित्रा माई आरती कीजे हरी की तैसी…

श्री सीता जी की आरती

|| श्री सीता जी की आरती || आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ जगत जननी जग की विस्तारिणी, नित्य सत्य साकेत विहारिणी, परम दयामयी दिनोधारिणी, सीता मैया भक्तन हितकारी की ॥ आरती श्री जनक दुलारी की । सीता जी रघुवर प्यारी की ॥ सती श्रोमणि पति हित कारिणी, पति…

श्री गंगा मैया जी की आरती

॥ श्री गंगा मैया जी की आरती ॥ नमामि गंगे ! तव पाद पंकजम्, सुरासुरैः वंदित दिव्य रूपम् । भक्तिम् मुक्तिं च ददासि नित्यं, भावानुसारेण सदा नराणाम् ॥ हर हर गंगे, जय माँ गंगे, हर हर गंगे, जय माँ गंगे ॥ ॐ जय गंगे माता, श्री जय गंगे माता । जो नर तुमको ध्याता, मनवांछित…

कैला जी की आरती

|| कैला जी की आरती || ॐ जय कैला रानी, मैया जय कैला रानी । ज्योति अखंड दिये माँ तुम सब जगजानी ॥ तुम हो शक्ति भवानी मन वांछित फल दाता ॥ मैया मन वांछित फल दाता ॥ अद्भुत रूप अलौकिक सदानन्द माता ॥ ॐ जय कैला रानी। गिरि त्रिकूट पर आप बिराजी चामुंडा संगा…

श्री विन्ध्येश्वरी आरती

|| श्री विन्ध्येश्वरी आरती || सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी, कोई तेरा पार ना पाया । पान सुपारी ध्वजा नारियल, ले तेरी भेट चढ़ाया ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी ॥ सुवा चोली तेरी अंग विराजे, केसर तिलक लगाया ॥ सुन मेरी देवी पर्वतवासिनी ॥ नंगे पग माँ अकबर आया, सोने का छत्र चढ़ाया ॥ सुन मेरी…

श्री मनसा देवी आरती

|| श्री मनसा देवी आरती || जय मनसा माता मैया जय मनसा माता, जो नर तुमको ध्याता मनवांछित फल पाता। जय मनसा माता।। जरत्कारु मुनि पत्नी, तुम बासुक भगनी। मैया तुम बासुक भगिनी, कश्यप कि तुम कन्या। मैया आस्तिक की माता, मैया आस्तिक की माता। गर्व धन्वन्तरी नाशिनी, हंशवाहिनी देवी मैया हंसिनी देवी, सुर-नर-मुनि-गण ध्यावत…

श्री शारदे माँ की आरती

|| श्री शारदे माँ की आरती || जय शारदे माता मईया जय शारदे माता, तेरा करूँ मैं वंदन पार हो भव बाधा जय शारदे माता तूं विद्या की दात्री, बुद्धि प्रखर कर दे…..मईया स्वर कोकिल सा कर दे राग रंग भर दे। ……ऊँ जय शारदे माता।। पद्मासन पे विराजे श्वेत वस्त्र धारे…..मईया मुख पर तेज…

श्री चंद्र देव आरती

|| श्री चंद्र देव आरती || ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा । दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी । रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी । दीन दयाल दयानिधि, भव बन्धन हारी । जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे । सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि । योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान…

श्री पशुपतिनाथ जी की आरती

|| श्री पशुपतिनाथ जी की आरती || ॐ जय गंगाधर जय हर जय गिरिजाधीशा । त्वं मां पालय नित्यं कृपया जगदीशा ॥ || ॐ जय गंगाधर … || कैलासे गिरिशिखरे कल्पद्रमविपिने । गुंजति मधुकरपुंजे कुंजवने गहने ॥ || ॐ जय गंगाधर … || कोकिलकूजित खेलत हंसावन ललिता । रचयति कलाकलापं नृत्यति मुदसहिता ॥ || ॐ…

Rang Panchmi 2025 – रंग पंचमी क्यों मनाते हैं ये पर्व, जानें महत्व, विधि और शुभ मुहूर्त

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होली के बाद हिंदू धर्म में रंग पंचमी का पर्व मनाया जाता है। इस साल 2025 रंग पंचमी 19 मार्च, बुधवार को है। रंग पंचमी एक प्रसिद्ध हिंदू त्योहार है जो होली के बाद मनाया जाता है। यह पर्व भारतीय संस्कृति में गहरी महत्वपूर्णता रखता है। इस लेख में, हम रंग पंचमी के महत्व को…

विष्णु जी आरती

|| विष्णु जी आरती || ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥  || ॐ जय जगदीश हरे || जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का । स्वामी दुःख विनसे मन का । सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥  ||…

श्री साईं आरती

|| श्री साईं आरती || आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की। जा की कृपा विपुल सुखकारी, दु:ख शोक, संकट, भयहारी॥ || आरती श्री साईं गुरुवर की, परमानन्द सदा सुरवर की ।| शिरडी में अवतार रचाया, चमत्कार से तत्व दिखाया। कितने भक्त चरण पर आये, वे सुख शान्ति चिरंतन पाये॥ || आरती श्री…

ब्रह्मा जी आरती

|| ब्रह्मा जी आरती || पितु मातु सहायक स्वामी सखा, तुम ही एक नाथ हमारे हो। जिनके कुछ और आधार नहीं, तिनके तुम ही रखवारे हो। सब भॉति सदा सुखदायक हो, दुख निर्गुण नाशन हरे हो। प्रति पाल करे सारे जग को, अतिशय करुणा उर धारे हो। भूल गये हैं हम तो तुमको, तुम तो…

श्री राम आरती

|| श्री राम आरती || श्री रामचन्द्र कृपालु भजु मन, हरण भवभय दारुणम्। नव कंज लोचन, कंज मुख कर कंज पद कंजारुणम्॥ ॥श्री रामचन्द्र कृपालु..॥ कन्दर्प अगणित अमित छवि, नव नील नीरद सुन्दरम्। पट पीत मानहुं तड़ित रूचि-शुचि नौमि जनक सुतावरम्॥ ॥श्री रामचन्द्र कृपालु..॥ भजु दीनबंधु दिनेश दानव दैत्य वंश निकन्दनम्। रघुनन्द आनन्द कन्द कौशल…

श्री जाहरवीर जी आरती

|| श्री जाहरवीर जी आरती || जय जय जाहरवीर हरे, जय जय गोगावीर हरे । धरती पर आकर के भक्तों के कष्ट हरे ॥ जय जय जाहरवीर हरे… जो कोई भक्ति करे प्रेम से,भागे दुःख परे। विघ्न हरन मंगल के दाता, जन -जन का कष्ट हरे ॥ जय जय जाहरवीर हरे… जेवर राव के पुत्र…

श्री भैरव आरती

|| श्री भैरव आरती || जय भैरव देवा, प्रभु जय भैरव देवा जय काली और गौर देवी कृत सेवा || || जय भैरव… || तुम्ही पाप उद्धारक दुःख सिन्धु तारक भक्तो के सुख कारक भीषण वपु धारक || || जय भैरव… || वाहन श्वान विराजत कर त्रिशूल धारी महिमा अमित तुम्हारी जय जय भयहारी ||…

Holi 2025 – कब है होली? जानिए होलिका दहन का मुहूर्त और पूजा विधि

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होलिका दहन 2025, होली त्योहार का पहला दिन, फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है। इसके अगले दिन रंगों से खेलने का परंपरागत आदान-प्रदान है, जिसे धुलेंडी, धुलंडी और धूलि भी कहा जाता है। होली बुराई पर अच्छाई की जीत के सन्दर्भ में मनाई जाती है। होलिका दहन (जिसे छोटी होली भी कहा जाता…

Shri Harinaam Mahamantra (श्री हरिनाम महामंत्र)

Shri Harinaam Mahamantra (श्री हरिनाम महामंत्र)

श्रीमद् हरिनाम महामंत्र पुस्तक का दसवां संस्करण, जो कि विष्णुपाद श्रीमद्बदकपज्ञ महाराज की प्रेरणा से प्रकाशित हुआ है, सर्वोच्च करुणामय और अहैतुकी कृपालु गुरुपादपद नित्य को समर्पित है, भक्तों और पाठकों द्वारा अत्यंत आनंदपूर्वक अनुभव किया जा रहा है। श्री हरिनाम महामंत्र पुस्तक भक्ति योग और भगवान के नाम की महिमा का गान करती है।…

दुर्गा क्षमा प्रार्थना मंत्र (Durga Kshama Prarthana Mantra)

दुर्गा क्षमा प्रार्थना मंत्र (Durga Kshama Prarthana Mantra)

दुर्गा क्षमा प्रार्थना एक महत्वपूर्ण स्तोत्र है, जो दुर्गा सप्तशती के पाठ के उपरांत देवी भगवती से जाने-अनजाने में हुए अपराधों के लिए क्षमा याचना हेतु किया जाता है। इस प्रार्थना के माध्यम से साधक अपनी त्रुटियों के प्रति विनम्रता प्रदर्शित करते हुए देवी से कृपा और आशीर्वाद की प्रार्थना करता है। इस प्रार्थना में…

आत्मतत्वविवेक (Atmatattvaviveka)

आत्मतत्वविवेक (Atmatattvaviveka)

आत्मतत्वविवेक एक महत्वपूर्ण संस्कृत ग्रन्थ है जिसके लेखक आचार्य श्री उदयनाचार्य हैं। इस ग्रन्थ में आत्मा के स्वरूप, उसके गुणों, और जगत के साथ उसके सम्बन्ध का विस्तृत विवेचन किया गया है। यह ग्रन्थ न्याय और वैशेषिक दर्शनों का महत्वपूर्ण ग्रन्थ है। इसमें आत्मा के अस्तित्व को विभिन्न प्रमाणों के माध्यम से सिद्ध किया गया…

जीवन्मुक्तानन्दलहरी

|| जीवन्मुक्तानन्दलहरी || पुरे पौरान्पश्यन्नरयुवतिनामाकृतिमयान् सुवेषान्स्वर्णालङ्करणकलितांश्चित्रसदृशान् । स्वयं साक्षाद्द्रष्टेत्यपि च कलयंस्तैः सह रमन् मुनिर्न व्यामोहं भजति गुरुदीक्षाक्षततमाः ॥ १॥ वने वृक्षान्पश्यन्दलफलभरान्नम्रसुशिखान् घनच्छायाच्छन्नान्बहुलकलकूजद्द्विजगणान् । भजन्घस्रेरात्राववनितलकल्पैकशयनो मुनिर्न व्यामोहं भजति गुरुदीक्षाक्षततमाः ॥ २॥ कदाचित्प्रासादे क्वचिदपि च सौधेषु धनिनां कदा काले शैले क्वचिदपि च कूलेषु सरिताम् । कुटीरे दान्तानां मुनिजनवराणामपि वसन् मुनिर्न व्यामोहं भजति गुरुदीक्षाक्षततमाः ॥ ३॥ क्वचिद्बालैः सार्धं…

मन्त्रपुष्पांजलि

|| मन्त्रपुष्पांजलि || ॐ योऽपां पुष्पं वेद । पुष्पवान् प्रजावान् पशुमान् भवति । चंद्र मा वा अपां पुष्पम् । पुष्पवान् प्रजावान् पशुमान् भवति । य एवं वेद । योऽपामायतनं वेद । आयतनवान् भवति ॥ १॥ अग्निर्वा अपामायतनम् । आयतनवान् भवति । योऽग्नेरायतनं वेद । आयतनवान् भवति । आपो वा अग्नेरायतनम् । आयतनवान् भवति । य…

श्री ब्राह्मणी आरती

|| श्री ब्राह्मणी आरती || ॐ ब्रह्माणी मइया, जय ब्रह्माणी मइया। पल्लू धाम विराजत-2, सब जन कल्याणी ।। || ॐ जय माँ ब्रह्माणी || मंगल मोदमयी माँ, पीताम्बर धारी-2 मइया। स्वर्ण छत्र से शोभित-2, हंसन असवारी ।। || ॐ जय माँ ब्रह्माणी || कर में तेरे कमंड़ल, अक्ष माला सोहे-2 मइया। लाल ध्वजा फहराये-2, सबका…

मेहन्दीपुर बालाजी आरती

|| मेहन्दीपुर बालाजी आरती || ॐ जय हनुमत वीरा, स्वामी जय हनुमत वीरा | संकट मोचन स्वामी, तुम हो रनधीरा || ॐ जय हनुमत् वीरा……. पवन पुत्र अंजनी सूत, महिमा अति भारी | दुःख दरिद्र मिटाओ, संकट सब हारी || ॐ जय हनुमत् वीरा……. बाल समय में तुमने, रवि को भक्ष लियो | देवन स्तुति…

तिरुपति बालाजी मंदिर की बड़ी घोषणा – जानें नए नियम और रूम बुकिंग की नई नीति

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तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD), जो प्रसिद्ध तिरुमला वेंकटेश्वर मंदिर का प्रबंधन करता है, ने तीर्थयात्रियों के लिए दो महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं, जिनका ध्यान यात्रा की योजना बना रहे भक्तों को अवश्य रखना चाहिए। भगवान वेंकटेश्वर, जिन्हें भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है, को समर्पित यह मंदिर दुनिया के सबसे अधिक देखे जाने वाले…

श्री वैष्णो देवी आरती

|| वैष्णो देवी आरती || जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता || || जय वैष्णवी माता || शीश पर छत्र बिराजे, मुर्तिया प्यारी गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी || || जय वैष्णवी माता || ब्रम्हावेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे सेवत चंवर डुलावत, नारद नृत्य…

स्कंद माता आरती

॥ आरती ॥ जय तेरी हो स्कंद माता। पांचवां नाम तुम्हारा आता॥ सबके मन की जानन हारी। जग जननी सबकी महतारी॥ तेरी जोत जलाता रहूं मैं। हरदम तुझे ध्याता रहूं मैं॥ कई नामों से तुझे पुकारा। मुझे एक है तेरा सहारा॥ कहीं पहाड़ों पर है डेरा। कई शहरों में तेरा बसेरा॥ हर मंदिर में तेरे…

वैष्णो माता आरती

॥ आरती ॥ जय वैष्णवी माता, मैया जय वैष्णवी माता । हाथ जोड़ तेरे आगे, आरती मैं गाता ॥ ॥ जय वैष्णवी माता..॥ शीश पे छत्र विराजे, मूरतिया प्यारी । गंगा बहती चरनन, ज्योति जगे न्यारी ॥ ॥ जय वैष्णवी माता..॥ ब्रह्मा वेद पढ़े नित द्वारे, शंकर ध्यान धरे । सेवक चंवर डुलावत, नारद नृत्य…

सुगंध दशमी व्रत कथा (Sugandh Dashmi Vrat Katha & Pooja Vidhi)

सुगंध दशमी व्रत कथा (Sugandh Dashmi Vrat Katha & Pooja Vidhi)

सुगंध दशमी व्रत जैन धर्म में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से स्त्रियों द्वारा अपने परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण के लिए मनाया जाता है। इस व्रत का पालन करने से जीवन में शांति, समृद्धि और आध्यात्मिक उन्नति की प्राप्ति होती है। सुगंध दशमी व्रत कथा (Sugandh Dashmi Vrat Katha & Pooja Vidhi)…

नारायण कवच गीता प्रेस (Narayan Kavach Gita Press)

नारायण कवच गीता प्रेस (Narayan Kavach Gita Press)

नारायण कवच का पाठ रोज करने से आपके मन की मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह मन को शांत करता है और जीवन में सुख लाता है। यह कवच स्वयं नारायण का है। इसलिए इस कवच का पाठ करने से व्यक्ति को जीवन में हमेशा सुरक्षित महसूस होता है और सौभाग्य में भी वृद्धि होती है।…

मन्यु सूक्तं

|| मन्यु सूक्तं || यस्ते म॒न्योऽवि॑धद् वज्र सायक॒ सह॒ ओजः॑ पुष्यति॒ विश्व॑मानु॒षक् । सा॒ह्याम॒ दास॒मार्यं॒ त्वया यु॒जा सह॑स्कृतेन॒ सह॑सा॒ सह॑स्वता ॥ १ ॥ म॒न्युरिंद्रो म॒न्युरे॒वास॑ दे॒वो म॒न्युर् होता॒ वरु॑णो जा॒तवे दाः । म॒न्युं-विँश॑ ईळते॒ मानु॑षी॒र्याः पा॒हि नो मन्यो॒ तप॑सा स॒जोषाः ॥ २ ॥ अ॒भी हि मन्यो त॒वस॒स्तवी या॒न् तप॑सा यु॒जा वि ज॑हि शत्रू न् ।…

माँ बगलामुखी पौराणिक कथा

|| माँ बगलामुखी पौराणिक कथा || एक बार सतयुग में महाविनाश उत्पन्न करने वाला ब्रह्मांडीय तूफान उत्पन्न हुआ, जिससे संपूर्ण विश्व नष्ट होने लगा इससे चारों ओर हाहाकार मच गया। संसार की रक्षा करना असंभव हो गया। यह तूफान सब कुछ नष्ट-भ्रष्ट करता हुआ आगे बढ़ता जा रहा था, जिसे देख कर भगवान विष्णु जी…

गंगा सप्तमी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| गंगा सप्तमी पूजा विधि || गंगा सप्तमी के दिन सुबह जल्दी उठकर सभी दैनिक कार्यों से निवृत्त हो जाएं। फिर गंगा नदी में स्नान करें और अगर नदी में संभव न हो तो गंगाजल (कहां करना चाहिए गंगाजल का इस्तेमाल) घर के पानी में मिलाएं। गंगा नदी में स्नान के समय सूर्य देव को…

बगलामुखी व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| बगलामुखी व्रत पूजा विधि | | जातक सुबह नित्य कर्म और स्नान करने के बाद पूर्वमुखी होकर पीले रंग के वस्त्र धारण करें। माता को पीले आसान पर विराजमान करके, पूजा सामग्री एकत्रित करें। सामान्यजन इस दिन उपवास रखकर उन्हें पीले रंग के फूल, पीले रंग का चन्दन और पीले रंग के वस्त्र अर्पित…

मंगल भवन अमंगल हारी – भजन

|| मंगल भवन अमंगल हारी || हो.. मगंल भवन अमंगल हारी द्रबहु सु दशरथ अचार बिहारी राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया राम सिया राम जय जय राम हो.. होई हैं वोही जो राम रची राखा को करी तरक बढ़ावे साखा राम सिया राम सिया राम जय जय राम राम सिया…

आज मंगलवार है – भजन

|| आज मंगलवार है – भजन || आज मंगलवार है महावीर का वार है ये सच्चा दरबार है सच्चे मन से जो कोई ध्यावे उसका बेड़ा पार है चैत्र सुदी पूनम मंगल का जनम वीर ने पाया है-2 लाल लंगोट गदा हाथ में सिर पर मुकुट सजाया है-2 शंकर का अवतार है महावीर का वार…

श्री ऋणमोचक मंगल स्तोत्र

|| श्री ऋणमोचक मंगल स्तोत्र || मङ्गलो भूमिपुत्रश्च ऋणहर्ता धनप्रदः। स्थिरासनो महाकायः सर्वकर्मावरोधकः॥ लोहितो लोहिताङ्गश्च सामगानां कृपाकरः। धरात्मजः कुजो भौमो भूतिदो भूमिनन्दनः॥ अङ्गारको यमश्चैव सर्वरोगापहारकः। वृष्टे कर्ताऽपहर्ता च सर्वकामफलप्रदः॥ एतानि कुजनामानि नित्यं यः श्रद्धया पठेत्। ऋणं न जायते तस्य धनं शीघ्रमवाप्नुयात्॥ धरणीगर्भसम्भूतं विद्युत्कान्ति-समप्रभम्। कुमारं शक्तिहरतं च मङ्गलं प्रणमाम्यहम्॥ स्तोत्रमङ्गारकस्यैतत् पठनीयं सदा नृभिः। न तेषां भौमजा…

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