Falgun Month Festival 2025 – जानें हिन्दू कैलंडर फाल्गुन माह के विशेष पर्व और रीति-रिवाज

Falgun Month Festival

फाल्गुन माह 2025 एक ऐसा समय होगा जब भारत में वसंत ऋतु का आगमन हो रहा होगा। यह माह हिन्दू पंचांग का अंतिम माह होता है और इसे आनंद, उत्सव और रंगों का प्रतीक माना जाता है। फाल्गुन हिंदू पंचांग का बारहवां और अंतिम महीना है जो बसंत ऋतु का आगमन लेकर आता है। यह…

गुरुभक्तिप्रकाश (Gurubhaktiprakash)

गुरुभक्तिप्रकाश (Gurubhaktiprakash)

गुरुभक्तिप्रकाश पुस्तक गुरु और शिष्य के पवित्र संबंध पर आधारित एक प्रेरणादायक ग्रंथ है। इस पुस्तक के लेखक रामस्वरूप ने गुरु की महिमा और भक्ति के महत्व को अत्यंत सुंदरता और सरलता के साथ प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथ पाठकों को गुरु-शिष्य परंपरा के महत्व को समझाने और जीवन में गुरु के मार्गदर्शन की आवश्यकता…

श्री भक्तामर-कथा कोष (Shree Bhaktmar Katha Kosh)

श्री भक्तामर-कथा कोष (Shree Bhaktmar Katha Kosh)

श्री भक्तामर-कथा कोष जैन धर्म के महान ग्रंथों में से एक है, जिसे पं. विनोदीलाल जी ने अत्यंत सरल और सारगर्भित शैली में प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक प्रसिद्ध भक्तामर स्तोत्र के गहरे आध्यात्मिक रहस्यों और कथाओं का संग्रह है। जैन आचार्य मंतंगाचार्य द्वारा रचित भक्तामर स्तोत्र का गहन अर्थ, उसकी महिमा और इससे जुड़े…

वन चले राम रघुराई (Van Chale Ram Raghuraai)

वन चले राम रघुराई (Van Chale Ram Raghuraai)

वन चले राम रघुराई रामायण की कथा पर आधारित एक अद्वितीय ग्रंथ है, जिसे प्रसिद्ध लेखक राम सागर शुक्ल ने अपने विशिष्ट शैलीबद्ध ढंग से प्रस्तुत किया है। यह पुस्तक भगवान श्रीराम के वनगमन प्रसंग का विस्तार से वर्णन करती है और उनके जीवन के इस महत्वपूर्ण चरण के आध्यात्मिक, नैतिक, और सामाजिक पहलुओं को…

सभाष्यतत्वार्थाधिगमसूत्रम् (Sabhasyatatvarthadhigamsutram)

सभाष्यतत्वार्थाधिगमसूत्रम् (Sabhasyatatvarthadhigamsutram)

सभाष्यतत्वार्थाधिगमसूत्रम् जैन दर्शन के महत्वपूर्ण ग्रंथों में से एक है। इस ग्रंथ के लेखक रायचन्द्र जैन ने जैन धर्म के गहरे आध्यात्मिक और दार्शनिक सिद्धांतों को सरल भाषा में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है। यह ग्रंथ जैन आचार्य उमास्वामी द्वारा रचित मूल “तत्वार्थसूत्र” पर आधारित है, जो जैन धर्म के सिद्धांतों और मार्गदर्शन का…

भक्तियोग (Bhaktiyog)

भक्तियोग (Bhaktiyog)

भक्तियोग पुस्तक भारतीय दर्शन के प्रमुख अंग भगवद्गीता और उपनिषदों में वर्णित भक्ति मार्ग पर आधारित है। यह ग्रंथ गीता प्रेस गोरखपुर द्वारा प्रकाशित किया गया है, जो धार्मिक और आध्यात्मिक साहित्य के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीयता और प्रामाणिकता के लिए प्रसिद्ध है। इस पुस्तक में भगवान की भक्ति और समर्पण के माध्यम से आत्मा…

जनक दुलारी के जानकी प्यारी के – भजन

|| जनक दुलारी के जानकी प्यारी के || तर्ज – हम तुम चोरी से जनक दुलारी के, जानकी प्यारी के मन में बसे श्री राम || जब से देखा है राम को, की जनक दुलारी के, जानकी प्यारी के, मन में बसे श्री राम || मंदिर में जनक दुलारी, जब गौरी पूजन आई | सिया…

श्री राम की गली में तुम जाना – भजन

|| श्री राम की गली में तुम जाना || तर्ज – मनिहारी का भेष बनाया श्री राम की गली में तुम जाना, वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना, श्री राम की गली मे तुम जाना, वहां नाचते मिलेंगे हनुमाना || उनके तन में है राम, उनके मन में है राम, अपनी आंखो से देखे, वो कण कण…

राम जी करेंगे ना तो श्याम जी करेंगे – भजन

|| राम जी करेंगे ना तो श्याम जी करेंगे || राम जी करेंगे ना तो श्याम जी करेंगे, तेरे सारे काम हनुमानजी करेंगे || जय हो जय हो | राम और श्याम दोनों बात मानते हैं, भक्त से बड़ा ना कोई सब जानते हैं, होगा वही जो भी ये जुबान से कहेंगे, राम जी करेगे…

हे मारुती सारी राम कथा – भजन

|| हे मारुती सारी राम कथा का सार तुम्हारी आँखों में || हे मारुती सारी राम कथा का, सार तुम्हारी आँखों में, हे मारुती सारी राम कथा का, सार तुम्हारी आँखों में, दुनिया भर की भक्ति का, भंडार तुम्हारी आँखों में, हे मारुती, हे मारुती सारी राम कथा का, सार तुम्हारी आँखों में || जय…

काम होगा वही जिसे चाहोगे राम – भजन

|| काम होगा वही जिसे चाहोगे राम || काम होगा वही जिसे चाहोगे राम, अपने स्वामी को, अपने स्वामी को सेवक क्या समझाएगा || सागर में तेर रहे पत्थर यह सारे, इनमे बसे है श्री रामजी हमारे, वही डूब गये पत्थर नही जिनमे राम, अपने स्वामी को, अपने स्वामी को सेवक क्या समझाएगा || लंका…

आते जाते हुए गुनगुनाया करो – भजन

|| आते जाते हुए गुनगुनाया करो || आते जाते हुए गुनगुनाया करो, राम बोला करो राम गाया करो || रिश्ता रखते हो जैसे तुम संसार से, मोह बंधन बंधा है जैसे परिवार से, मोह बंधन बंधा है जैसे परिवार से, थोड़ा उससे भी रिश्ता निभाया करो, राम बोला करो राम गाया करो || कौन कहता…

एक बार जो रघुबर की नजरो – भजन

|| एक बार जो रघुबर की नजरो का इशारा हो जाये || एक बार जो रघुबर की, नजरो का इशारा हो जाये, तेरी लगन में खो जाऊँ मैं, दुनिया से किनारा हो जाये || श्री राम तुम्हारे चरणों में, आशीष सभी को मिलती है, यह धूल तुम्हारी मिल जाये, जीवन का सहारा हो जाये ||…

ये चमक ये दमक – भजन

|| ये चमक ये दमक || ये चमक ये दमक फूलवान वा महक सब कुछ सरकार तुम्हाई से है ये चमक ये दमक फूलवान वा महक ये चमक ये दमक फूलवान वा महक सब कुछ सरकार तुम्हाई से है सब कुछ सरकार तुम्हाई से है चूमे सैया के चरण इठलाके पवन बगियन में बाहर तुमई…

सजा दो घर को गुलशन सा – भजन

|| सजा दो घर को गुलशन सा मेरे सरकार आये है || सजा दो घर को गुलशन सा, मेरे सरकार आये है, मेरे सरकार आये है, लगे कुटिया भी दुल्हन सी, लगे कुटिया भी दुल्हन सी, मेरे सरकार आये है, सजा दो घर को गूलशन सा, मेरे सरकार आये है।। पखारो इनके चरणो को, बहा…

मेरी नैया में लक्ष्मण राम – भजन

|| मेरी नैया में लक्ष्मण राम ओ गंगा मैया धीरे बहो || मेरी नैया में लक्ष्मण राम, ओ गंगा मैया धीरे बहो, गंगा मैया हो गंगा मैया, मेरी नैया मे चारों धाम, ओ गंगा मैया धीरे बहो, गंगा मैया हो गंगा मैया || उछल उछल मत मारो हिचकोले, देख हिचकोले, मेरा मनवा डोले, मेरी नैया…

मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा – भजन

|| मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा || || दोहा || चलती चक्की को देखकर, दिया कबीरा रोय, दो पाटन के बिच में, साबुत बचा ना कोई | मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा, गोरखधंधा, गोरखधंधा, गोरखधंधा राम, मै क्या जानू राम तेरा गोरखधंधा || धरती और आकाश बिच में, सूरज तारे चन्दा, हवा बादलो…

आरती संग्रह (Aarti Sangrah)

आरती संग्रह

आरती संग्रह की विषय सूची क्र. सं. आरती 1 श्री गणेश जी की आरती 2 श्री हरि विष्णु जी की आरती 3 श्री मायातीत विष्णु जी की आरती 4 श्री सत्यानारायण जी की आरती 5 श्री रामचन्द्र जी की आरती 6 श्री हनुमान जी की आरती 7 श्री शिव जी की आरती 8 श्री कृष्ण…

हवन मंत्र (Havan Mantra)

हवन मंत्र (Havan Mantra)

Havan Mantra (हवन आहुति 108 मंत्र) ॐ गणपते स्वाहा. ॐ ब्रह्मणे स्वाहा . ॐ ईशानाय स्वाहा . ॐ अग्नये स्वाहा . ॐ निऋतये स्वाहा . ॐ वायवे स्वाहा . ॐ अध्वराय स्वाहा. ॐ अदभ्य: स्वाहा . ॐ नलाय स्वाहा . ॐ प्रभासाय स्वाहा . ॐ एकपदे स्वाहा . ॐ विरूपाक्षाय स्वाहा . ॐ रवताय स्वाहा…

महाकुंभ 2025 – क्या है कल्पवास? जानिए कल्पवास के कठोर नियम, विधि और उनकी आध्यात्मिकता

भारत की संस्कृति और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम महाकुंभ है, जो हर 12 वर्षों में होता है। महाकुंभ 2025 का आयोजन प्रयागराज (प्राचीन इलाहाबाद) में होने वाला है। इसमें लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में डुबकी लगाकर अपने पापों का प्रायश्चित करते हैं। इनमें से एक महत्वपूर्ण प्रथा है कल्पवास। महाकुंभ…

श्री खाटू श्याम अष्टक

|| श्री खाटू श्याम अष्टक || || दोहा || गुरु गणपति शारद शरण नौमि श्याम दिन रैन । अष्टक सत चित्त सुमिरण प्रदत सकल सुख चैन ॥ खाटू दर कलिमल हरण विपत विमुच मृदु वैन । विप्लव वन्दक प्रभु चरण सदय हरत हरि दैन ॥ || चौपाई || जय यक्षप कुल कोटि चौरासी, सूर्यवर्च अधिपति…

श्री नवकार महामंत्र की आरती

|| श्री नवकार महामंत्र की आरती || जय ‘अरिहंताण’, स्वामी जय अरिहंताण। भाव-भक्ति से नित्य-प्रति, प्रणमूं ‘सिद्धाण’ ॥ ॐ जय अरिहंताण ॥ दर्शन-ज्ञान-अनन्ता, शक्ति के धारी | स्वामी। यथाख्यात समकित है, कर्म-शत्रु हारी || ॐ || हे सर्वज्ञ !सर्वदर्शी ! बल, सुख अनन्त पाये ।स्वामी। अगुरुलघु अमूरत, अव्यय कहलाये ।।ॐ।। ‘नमो आयरियाण’, छत्तीस गुण पालक…

महाकुंभ मेला 2025 की संपूर्ण जानकारी – जानें आरंभ तिथि, शाही स्नान की तिथियां, तैयारियां और महत्व

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आज से दो दिन बाद महाकुंभ मेला 2025 का आरंभ होने जा रहा है। आइए जानते हैं महाकुंभ की संपूर्ण जानकारी। महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन भारत के उत्तर प्रदेश राज्य के प्रयागराज (प्रयाग) में होने जा रहा है। हर 12 साल में आयोजित होने वाला यह मेला हिंदू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन…

श्री मीनाक्षी द्वादश स्तोत्रम्

|| श्री मीनाक्षी द्वादश स्तोत्रम् || या देवी जगतां कर्त्री शङ्करस्यापि शङ्करी । नमस्तस्यै सुमीनाक्ष्यै देव्यै मङ्गलमूर्तये ॥ सकृदाराध्य यां सर्वमभीष्टं लभते नरः । नमस्तस्यै मुमीनाक्ष्यै देव्यै मङ्गलमूर्तये ॥ यस्याः प्रसादलेशेन भोरामोक्षौ न दुर्लभौ । नमस्तस्यै सुमीनाक्ष्यै देव्यै मङ्गलमूर्तये ॥ यया शिवोऽपि युक्तः सन् पञ्चकृत्यं करोति हि । नमस्तस्यै सुमीनाक्ष्यै देव्यै मङ्गलमूर्तये ॥ यस्याः प्रीत्यर्थमनिशं…

अग्नि सूक्तम्

|| अग्नि सूक्तम् || अ॒ग्निमी॑ले पु॒रोहि॑तं य॒ज्ञस्य॑ दे॒वमृ॒त्विज॑म् । होता॑रं रत्न॒धात॑मम् ॥ १ अ॒ग्निः पूर्वे॑भि॒रृषि॑भि॒रीड्यो॒ नूत॑नैरु॒त । स दे॒वा।ण् एह व॑क्षति ॥ २ अ॒ग्निना॑ र॒यिम॑श्नव॒त्पोष॑मे॒व दि॒वेदि॑वे । य॒शसं॑ वी॒रव॑त्तमम् ॥ ३ अग्ने॒ यं य॒ज्ञम॑ध्व॒रं वि॒श्वत॑: परि॒भूरसि॑ । स इद्दे॒वेषु॑ गच्छति ॥ ४ अ॒ग्निर्होता॑ क॒विक्र॑तुः स॒त्यश्चि॒त्रश्र॑वस्तमः । दे॒वो दे॒वेभि॒रा ग॑मत् ॥ ५ यद॒ङ्ग दा॒शुषे॒ त्वमग्ने॑ भ॒द्रं…

हवन मन्त्राः (Hawan Mantras)

हवन मन्त्राः (Hawan Mantras)

हवन मंत्र पुस्तक एक अद्वितीय ग्रंथ है, जिसमें भारतीय वैदिक परंपरा के अनुसार हवन करने के लिए उपयोगी मंत्रों और विधियों का संग्रह किया गया है। इस पुस्तक के लेखक पं. वजीरचंद्र शर्मा ने हवन की महत्ता, उसके उद्देश्य, और उसके द्वारा प्राप्त होने वाले आध्यात्मिक एवं पर्यावरणीय लाभों को सरल और सुबोध भाषा में…

श्री गौराङ्ग महाप्रभु (Shri Gauranga Mahaprabhu)

श्री गौराङ्ग महाप्रभु (Shri Gauranga Mahaprabhu)

श्री गौराङ्ग महाप्रभु पुस्तक भगवान श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन, व्यक्तित्व और शिक्षाओं का गहन वर्णन प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक के लेखक शिवनंदन सहाय ने श्री चैतन्य महाप्रभु के भक्तिमय जीवन और उनके द्वारा प्रचारित भक्ति आंदोलन को सरल और प्रेरणादायक भाषा में प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथ श्री चैतन्य महाप्रभु के जीवन की…

Mahakumbh 2025 – पहला महाकुंभ कब और क्यों हुआ आयोजन, जानिए इतिहास, तथ्य और छुपे रहस्य

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महाकुंभ, एक ऐसा धार्मिक आयोजन जो आस्था, परंपरा और संस्कृति का अद्भुत संगम है, 2025 में फिर से प्रयागराज में आयोजित होने जा रहा है। कुंभ मेला चार स्थानों – प्रयागराज (इलाहाबाद), हरिद्वार, नासिक और उज्जैन में लगता है। प्रत्येक स्थान पर यह मेला 12 वर्षों के अंतराल पर आयोजित होता है। जब 12 पूर्ण…

मकर संक्रांति व्रत कथा

|| मकर संक्रांति व्रत कथा || पौराणिक कथा के अनुसार, राजा सगर अपने परोपकार और पुण्य कर्मों के लिए तीनों लोकों में प्रसिद्ध हो गए थे। चारों ओर उनकी ही प्रशंसा हो रही थी। यह देख देवताओं के राजा इंद्र चिंतित हो गए कि कहीं राजा सगर स्वर्ग के राजा न बन जाएं। इसी दौरान…

वीरभद्र गायत्री मंत्र विधि और लाभ

॥ वीरभद्र मंत्र का जाप विधि ॥ सुबह सूर्योदय के साथ या सूर्यास्त बाद करें। बस्त्र रंग – लाल काधारण करे। दक्षिण दिशा के और बैठे सबसे पहले गणेश जी को अर्घ्य दें। घी का दीपक जलाएं। मन में वीरभद्र स्वामी का मानसिक चित्र बनाएं। रुद्राक्ष माला के सहारे मंत्र का 108 बार जाप करें।…

अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं श्लोक (अर्थ सहित)

॥ अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं – श्लोक ॥ अतुलितबलधामं हेमशैलाभदेहं दनुजवनकृशानुं ज्ञानिनामग्रगण्यम् । सकलगुणनिधानं वानराणामधीशं रघुपतिप्रियभक्तं वातात्मजं नमामि ॥ हिंदी अर्थ: यह श्लोक भगवान हनुमान की महिमा का वर्णन करता है। जिनकी शक्ति अतुलनीय है, जिनका शरीर सोने के पहाड़ों की भाँति है। जिन्होंने दानवों को नष्ट किया, जो ज्ञानियों में अग्रणी हैं।जो समस्त गुणों के स्वामी…

बुद्धिर् बलम् यशो धैर्यम् – श्लोक अर्थ सहित

॥ बुद्धिर् बलम् यशो धैर्यम् – श्लोक अर्थ सहित ॥ बुद्धिर् बलम् यशो धैर्यम् निर्भयत्वम् अरोगताम् अजाड्यम् वाक् पटुत्वम् च हनुमत् स्मरणात् भवेत् ॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: बुद्धि (विवेक), बल (शक्ति), यश (कीर्ति), धैर्य (धीरज), निर्भयता (निडरता), अरोग्यता (आरोग्य), आलस्य से मुक्त (अजाद्यम्), और वाणी में कुशलता…

अधरं मधुरं वदनं मधुरं – श्लोक अर्थ सहित

॥ अधरं मधुरं वदनं मधुरं – श्लोक ॥ अधरं मधुरं वदनं मधुरं नयनं मधुरं हसितं मधुरम् । हृदयं मधुरं गमनं मधुरं मधुराधिपतेरखिलं मधुरम् ॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: श्री मधुराधिपति (श्री कृष्ण) का सभी कुछ मधुर है। उनके अधर (होंठ) मधुर है, मुख मधुर है, नेत्र मधुर है,…

एकोनविंशे विंशतिमे – श्लोक अर्थ सहित

॥ एकोनविंशे विंशतिमे – श्लोक ॥ एकोनविंशे विंशतिमे वृष्णिषु प्राप्य जन्मनी । रामकृष्णाविति भुवो भगवानहरद्भरम् ॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: वृष्णिवंशी कुल में उन्नीसवें तथा बीसवें अवतारों में भगवान कृष्ण के रूप में अवतरित हुए और इस तरह उन्होंने संसार के भार को दूर किया। Ekona-vinse vinsatim vrsnisu…

कृष्णाय वासुदेवाय देवकी नन्दनाय – श्लोक अर्थ सहित

॥ कृष्णाय वासुदेवाय देवकी नन्दनाय – श्लोक ॥ कृष्णाय वासुदेवाय देवकी नन्दनाय च । नन्दगोप कुमाराय गोविन्दाय नमो नमः ॥ हिंदी अर्थ: आइये जानें इस संस्कृत श्लोक का अर्थ हिंदी में: वासुदेव के पुत्र श्रीकृष्ण को, और देवकी नंदन है अर्थात देवकी के पुत्र को, ग्वाल नंद के पुत्र को, जो स्वयं भगवान श्री गोविंद…

अर्हत पुराण (Arhat Puran)

अर्हत पुराण (Arhat Puran)

अर्हत पुराण जैन धर्म के धार्मिक और दार्शनिक मूल्यों पर आधारित एक महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसे स्वतन्त्र जैन ने रचा है। यह ग्रंथ जैन धर्म के तीर्थंकरों, उनकी शिक्षाओं, और उनके जीवन के प्रेरक प्रसंगों का विस्तृत वर्णन करता है। इसके माध्यम से पाठकों को जैन धर्म की गहरी समझ और उसके आदर्शों को अपनाने…

अर्हत रामायण (Arhat Ramayan)

अर्हत रामायण (Arhat Ramayan)

अर्हत रामायण एक विशेष ग्रंथ है, जो रामायण की कथा को जैन धर्म के दृष्टिकोण से प्रस्तुत करता है। इस पुस्तक के लेखक स्वतन्त्र जैन ने भगवान राम के चरित्र को अहिंसा, धर्म, और संयम के आदर्शों के साथ जोड़ा है। यह ग्रंथ रामायण की कथा का एक अनूठा और प्रेरक रूप है, जिसमें जैन…

सुबोध – बाल भागवत (Subodh – Baal Bhagvat)

सुबोध - बाल भागवत (Subodh - Baal Bhagvat)

सुबोध – बाल भागवत श्रीमद्भागवत महापुराण का सरल और सुबोध रूपांतरण है, जिसे रूपनारायण पाण्डेय जी ने विशेष रूप से बालकों और सामान्य पाठकों के लिए प्रस्तुत किया है। यह ग्रंथ भागवत कथा के गूढ़ और गहन तत्वों को सरल भाषा में समझाने का प्रयास है, ताकि हर उम्र का व्यक्ति इससे लाभान्वित हो सके।…

कृष्णाश्रयस्तोत्रम् (Krishnashrayastotram)

कृष्णाश्रयस्तोत्रम् (Krishnashrayastotram)

कृष्णाश्रयस्तोत्रम् महान वैष्णव संत और आचार्य वल्लभाचार्य द्वारा रचित एक प्रसिद्ध स्तोत्र है। यह ग्रंथ भगवान श्रीकृष्ण के प्रति पूर्ण भक्ति और समर्पण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। वल्लभाचार्य ने इसे अपनी भावनाओं और भक्ति को व्यक्त करने के लिए लिखा, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप, गुण, और कृपा का सुंदर वर्णन किया गया है।…

षट्खंडागम (Shatkhandagam)

षट्खंडागम (Shatkhandagam)

षट्खंडागम जैन धर्म के दिगंबर परंपरा का एक अत्यंत प्राचीन और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसकी रचना महान जैन आचार्यों पुष्पदंत और भूतबली ने की है। यह ग्रंथ जैन धर्म के दर्शन, सिद्धांतों, और कर्म सिद्धांत का विस्तृत वर्णन करता है। षट्खंडागम को जैन धर्म के आगम साहित्य में सबसे महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। इसे द्रव्य…

हिन्दू कैलंडर फरवरी 2025 में कौन-कौन से हिन्दू त्यौहार और व्रत आएंगे? जानिए यहाँ

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फरवरी 2025 में कई महत्वपूर्ण हिन्दू त्यौहार और व्रत मनाए जाएंगे। इस महीने में विशेष धार्मिक अनुष्ठानों, पूजा-पाठ और व्रतों का महत्व है। यह माह धार्मिक दृष्टि से बहुत खास होता है क्योंकि इसमें श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार देवताओं की उपासना करते हैं। महीने की शुरुआत माघ पूर्णिमा (12 फरवरी) से होगी, जो स्नान…

आर्यासप्तशती (Aaryasaptashati)

आर्यासप्तशती (Aaryasaptashati)

आर्यासप्तशती भारतीय संस्कृत साहित्य का एक प्रसिद्ध और उत्कृष्ट ग्रंथ है, जिसकी रचना महान कवि गोवर्धनाचार्य ने की है। यह ग्रंथ संस्कृत काव्य परंपरा का एक अद्वितीय उदाहरण है और इसे भारतीय साहित्य के रत्नों में गिना जाता है। गोवर्धनाचार्य संस्कृत साहित्य के महान कवि थे। उनकी लेखनी में गहरी विद्वता और काव्य कला का…

रामायण के रास्ते (Ramayan Ke Raste)

रामायण के रास्ते (Ramayan Ke Raste)

रामायण के रास्ते एक प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक पुस्तक है, जो भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़े आदर्शों और शिक्षाओं को सरल व व्यावहारिक तरीके से प्रस्तुत करती है। यह ग्रंथ रामायण के प्रमुख प्रसंगों और घटनाओं के माध्यम से जीवन के मार्गदर्शन, नैतिकता, और धर्म का संदेश देती है। रामायण के रास्ते पुस्तक की विशेषताएँ…

महाकुंभ 2025 में कितने शाही स्नान है जानें डेट

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हिन्दू धर्म के अनुसार महाकुंभ मेला प्रत्येक 12 वर्ष आयोजित होता है। यह कुंभ मेला हिन्दू धर्म का सबसे बड़ा धार्मिक समागम है, जो उज्जैन, नासिक, हरिद्वार और प्रयागराज में आयोजित किया जाता है। इस प्रकर यह मेला इन 4 पवित्र स्थलों पर प्रत्येक 3 वर्षों में लगता है। इस साल 2025 में में यह…

सनातन धर्म

सनातन धर्म

सनातन धर्म मूल रूप हिन्दू धर्म के वैकल्पिक नाम से जाना जाता है। वैदिक काल में भारतीय उपमहाद्वीप के धर्म के लिये ‘सनातन धर्म’ नाम मिलता है। ‘सनातन’ का अर्थ है – शाश्वत या ‘हमेशा बना रहने वाला’, अर्थात् जिसका न आदि है न अन्त। सनातन धर्म मूलत: भारतीय धर्म है, जो किसी ज़माने में…

मकर संक्रांति – धर्मराज की कहानी

मकर संक्रांति 2026 का पावन पर्व 14 जनवरी, बुधवार को मनाया जाएगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दिन सूर्य दोपहर 03:13 बजे धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के साथ ही ‘उत्तरायण’ काल आरंभ होगा और ‘खरमास’ समाप्त हो जाएगा, जिससे विवाह जैसे शुभ कार्यों पर लगा विराम हट जाएगा।…

Padma Purana (पद्म पुराण गीता प्रेस गोरखपुर)

Padma Purana (पद्म पुराण गीता प्रेस गोरखपुर)

पद्म पुराण में भगवान् विष्णु की विस्तृत महिमा के साथ भगवान् श्रीराम तथा श्रीकृष्ण के चरित्र, विभिन्न तीर्थों का माहात्म्य शालग्राम का स्वरूप, तुलसी-महिमा तथा विभिन्न व्रतों का सुन्दर वर्णन है। यह हिन्दू धर्म के 18 पुराणों में प्रसिद्ध पुराण है। 18 पुराणों की गिनती में पद्म पुराण दूसरे क्रम में है, और यह पुराण…

Narad Puran Gita Press (नारद पुराण)

Narad Puran Gita Press (नारद पुराण)

नारदपुराण में शिक्षा, कल्प, व्याकरण, ज्योतिष (तथा गणित), और छन्द-शास्त्रों का विशद वर्णन तथा भगवान की उपासना का विस्तृत वर्णन है। यह पुराण इस दृष्टि से काफी महत्त्वपूर्ण है कि इसमें अठारह पुराणों की अनुक्रमणिका दी गई है। इस पुराण के विषय में कहा जाता है कि इसका श्रवण करने से पापी व्यक्ति भी पापमुक्त…

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