भगवान श्री राम के 108 नाम उनकी महिमा, गुणों और दिव्य स्वरूप का वर्णन करते हैं। इन नामों को ‘श्री रामाष्टोत्तर शतनामावली’ के रूप में जाना जाता है। प्रत्येक नाम प्रभु के एक विशेष गुण को दर्शाता है, जैसे ‘राम’ (आनंद देने वाला), ‘राघव’ (रघुवंश के वंशज), ‘पुरुषोत्तम’ (पुरुषों में श्रेष्ठ) और ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’।
हिंदू धर्म में इन नामों का जाप अत्यंत मंगलकारी और शांतिदायक माना गया है। मान्यता है कि इनके स्मरण से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं और मन को एकाग्रता मिलती है। यह नामावली न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करती है, बल्कि साधक के जीवन में सत्य, धर्म और धैर्य जैसे आदर्शों को भी जागृत करती है। श्री राम के इन 108 नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करना भक्ति मार्ग की एक सुगम सीढ़ी है।
|| भगवान श्री राम के 108 नाम ||
ॐ श्रीरामाय नमः
ॐ रामभद्राय नमः।
ॐ रामचन्द्राय नमः
ॐ शाश्वताय नमः।
ॐ राजीवलोचनाय नमः।
ॐ श्रीमते नमः।
ॐ राजेन्द्राय नमः।
ॐ रघुपुङ्गवाय नमः।
ॐ जानकीवल्लभाय नमः।
ॐ जैत्राय नमः। (10)
ॐ जितामित्राय नमः।
ॐ जनार्दनाय नमः।
ॐ विश्वामित्रप्रियाय नमः।
ॐ दान्ताय नमः।
ॐ शरणत्राणतत्पराय नमः।
ॐ वालिप्रमथनाय नमः।
ॐ वाग्मिने नमः।
ॐ सत्यवाचे नमः।
ॐ सत्यविक्रमाय नमः।
ॐ सत्यव्रताय नमः। (20)
ॐ व्रतधराय नमः।
ॐ सदाहनुमदाश्रिताय नमः।
ॐ कौसलेयाय नमः।
ॐ खरध्वंसिने नमः।
ॐ विराधवधपण्डिताय नमः।
ॐ विभीषणपरित्रात्रे नमः।
ॐ हरकोदण्डखण्डनाय नमः।
ॐ सप्ततालप्रभेत्रे नमः।
ॐ दशग्रीवशिरोहराय नमः।
ॐ जामदग्न्यमहादर्पदलनाय नमः। (30)
ॐ ताटकान्तकाय नमः।
ॐ वेदान्तसाराय नमः।
ॐ वेदात्मने नमः।
ॐ भवरोगस्य भेषजाय नमः।
ॐ दूषणत्रिशिरोहन्त्रे नमः।
ॐ त्रिमूर्तये नमः।
ॐ त्रिगुणात्मकाय नमः।
ॐ त्रिविक्रमाय नमः।
ॐ त्रिलोकात्मने नमः।
ॐ पुण्यचारित्रकीर्तनाय नमः। (40)
ॐ त्रिलोकरक्षकाय नमः।
ॐ धन्विने नमः।
ॐ दण्डकारण्यकर्तनाय नमः।
ॐ अहल्याशापशमन नमः।
ॐ पितृभक्ताय नमः।
ॐ वरप्रदाय नमः।
ॐ जितेन्द्रियाय नमः।
ॐ जितक्रोधाय नमः।
ॐ जितमित्राय नमः।
ॐ जगद्गुरवे नमः। (50)
ॐ ऋक्षवानरसङ्घातिने नमः।
ॐ चित्रकूटसमाश्रयाय नमः।
ॐ जयन्तत्राणवरदाय नमः।
ॐ सुमित्रापुत्रसेविताय नमः।
ॐ सर्वदेवादिदेवाय नमः।
ॐ मृतवानरजीवनाय नमः।
ॐ मायामारीचहन्त्रे नमः।
ॐ महादेवाय नमः।
ॐ महाभुजाय नमः।
ॐ सर्वदेवस्तुताय नमः। (60)
ॐ सौम्याय नमः।
ॐ ब्रह्मण्याय नमः।
ॐ मुनिसंस्तुताय नमः।
ॐ महायोगिने नमः।
ॐ महोदराय नमः।
ॐ सुग्रीवेप्सितराज्यदाय नमः।
ॐ सर्वपुण्याधिकफलाय नमः।
ॐ स्मृतसर्वाघनाशनाय नमः।
ॐ आदिपुरुषाय नमः।
ॐ परमपुरुषाय नमः। (70)
ॐ महापुरुषाय नमः।
ॐ पुण्योदयाय नमः।
ॐ दयासाराय नमः।
ॐ पुराणपुरुषोत्तमाय नमः।
ॐ स्मितवक्त्राय नमः।
ॐ मितभाषिणे नमः।
ॐ पूर्वभाषिणे नमः।
ॐ राघवाय नमः।
ॐ अनन्तगुणगम्भीराय नमः।
ॐ धीरोदात्तगुणोत्तमाय नमः। (80)
ॐ मायामानुषचारित्राय नमः।
ॐ महादेवादिपूजिताय नमः।
ॐ महादेवादिपूजिताय नमः।
ॐ जितवाराशये नमः।
ॐ सर्वतीर्थमयाय नमः।
ॐ हरये नमः।
ॐ श्यामाङ्गाय नमः।
ॐ सुन्दराय नमः।
ॐ शूराय नमः।
ॐ पीतवाससे नमः। (90)
ॐ धनुर्धराय नमः।
ॐ सर्वयज्ञाधिपाय नमः।
ॐ यज्विने नमः।
ॐ जरामरणवर्जिताय नमः।
ॐ शिवलिङ्गप्रतिष्ठात्रे नमः।
ॐ सर्वापगुणवर्जिताय नमः।
ॐ परमात्मने नमः।
ॐ परब्रह्मणे नमः।
ॐ सच्चिदानन्दविग्रहाय नमः।
ॐ परंज्योतिषे नमः। (100)
ॐ परंधाम्ने नमः।
ॐ पराकाशाय नमः।
ॐ परात्पराय नमः।
ॐ परेशाय नमः।
ॐ पारगाय नमः।
ॐ पाराय नमः।
ॐ सर्वदेवात्मकाय नमः।
ॐ परस्मै नमः। (108)
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