|| राधा मंत्र PDF ||
राधा रानी, भक्ति और प्रेम की प्रतीक मानी जाती हैं। श्रीकृष्ण की आध्यात्मिक शक्ति और उनकी अर्धांगिनी के रूप में राधा का विशेष स्थान है। राधा जी के मंत्रों का जाप करने से मन को शांति, प्रेम में स्थिरता और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। यह मंत्र न केवल भक्त को कृष्ण भक्ति में लीन करता है, बल्कि जीवन में सौंदर्य, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा भी लाता है।
- श्री राधायै स्वाहा। – षडक्षर राधामंत्र यह मंत्र धर्म, अर्थ आदि को प्रकाशित करने वाला है। इसे मंत्र का 108 बार जाप करने से राधा रानी की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
- ऊं ह्नीं राधिकायै नम:।, ऊं ह्नीं श्री राधायै स्वाहा। – सप्ताक्षर राधामंत्र इस मंत्र को लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विशेष माना गया है। इसका जाप करने से आपको कभी पैसों की तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
- ऊं ह्नीं श्रीराधिकायै नम:।, ऊं ह्नीं श्रीं राधिकायै नम:। – अष्टाक्षर राधामंत्र इस मंत्र को सर्व कार्य सिद्धि मंत्र बताया गया है। इस मंत्र का 16 लाख बार जाप करने से भक्तों को सभी कार्य में सफलता प्राप्त होती है।
- नमस्ते परमेशानि रासमण्डलवासिनी। रासेश्वरि नमस्तेऽस्तु कृष्ण प्राणाधिकप्रिये।। – भगवान नारायण द्वारा श्रीराधा की स्तुति, श्रीकृष्ण को प्राणों से भी अधिक प्रिय हे रासेश्वरि, आपको नमस्कार है।
- नमस्त्रैलोक्यजननि प्रसीद करुणार्णवे। ब्रह्मविष्ण्वादिभिर्देवैर्वन्द्यमान पदाम्बुजे।। – ब्रह्मा विष्णु द्वारा राधाजी की वंदना हे त्रैलोक्यजननी, आपको मैं नमस्कार करता हूँ। हे करुणा की देवी आप मेरी आराधना स्वीकार कर प्रसन्न हुई।
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