નિર્જલા એકદશી વ્રત કથા

|| નિર્જલા એકદશી વ્રત કથા (Nirjala Ekadashi Vrat Katha Gujarati PDF) || વેદવ્‍યાસજી નિર્જલા એકાદશીનું મહત્વ બતાવતા કહેવા લાગ્‍યાઃ “એકાદશીના દિવસે ભોજન ન કરવું પ્રાદશીના દિવસે સ્‍નાન વગેરે કરીને, પવિત્ર થઇને, પુષ્‍પોથીભગવાન કેશવની પૂજા કરવી. ત્‍યારબાદ નિત્‍યક્રમ સમાપ્‍ત થયા પછી પ્રથમ બ્રાહ્મણોને ભોજન કરાવવું પછી પોતે ભોજન કરવું. જનનાશૌચ અને મરણશૌચમાં પણ એકાદશીના દિવસે ભોજન…

શ્રી ગજેન્દ્ર મોક્ષ માર્ગ

|| શ્રી ગજેન્દ્ર મોક્ષ માર્ગ PDF || શ્રીશુક ઉવાચ એવં વ્યવસિતો બુદ્ધ્યા સમાધાય મનોહૃદિ . જજાપ પરમં જાપ્યં પ્રાગ્જન્મન્યનુશિક્ષિતમ્ .. ગજેન્દ્ર ઉવાચ નમો ભગવતે તસ્મૈ યત એતચ્ચિદાત્મકમ્ . પુરુષાયાદિબીજાય પરેશાયાભિધીમહિ .. યસ્મિન્નિદં યતશ્ચેદં યેનેદં ય ઇદં સ્વયમ્ . યોઽસ્માત્પરસ્માચ્ચ પરસ્તં પ્રપદ્યે સ્વયમ્ભુવમ્ .. યઃ સ્વાત્મનીદં નિજમાયયાર્પિતં ક્વચિદ્વિભાતં ક્વ ચ તત્તિરોહિતમ્ . અવિદ્ધદૃક્ સાક્ષ્યુભયં તદીક્ષતે સ…

Yogini Ekadashi 2025 – पापों से मुक्ति दिलाने वाली योगिनी एकादशी, जानिए पूजा विधि और व्रत का रहस्य

yogini-ekadashi

हिंदू कैलेंडर के आषाढ़ माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि भगवान विष्णु के पांचवें अवतार भगवान वामन को समर्पित है और इसे योगिनी एकादशी के नाम से जाना जाता है। इस दिन विष्णु भक्तों द्वारा रखा जाने वाला व्रत या उपवास योगिनी एकादशी व्रत है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह दिन हर साल जून-जुलाई…

आरती करू गोपाळा – विष्णूची आरती

|| आरती करू गोपाळा – विष्णूची आरती PDF || आरती आरती करू गोपाळा । मी तू पण सांडोनी वेळोवेळा ॥ आवडी गंगाजळे देवा न्हाणिले । भक्तीचे भूषण प्रेमसुगंध अर्पिले ॥ अह हा धूप जाळू श्रीहरीपुढे । जव जव धूप जळे तव तव देवा आवडे ॥ आरती आरती करू गोपाळा.. रमावल्लभदासे अहंधूप जाळिला । एका आरतीचा…

हो दीनानाथ

|| हो दीनानाथ || सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार सोना सट कुनिया, हो दीनानाथ हे घूमइछा संसार, हे घूमइछा संसार आन दिन उगइ छा हो दीनानाथ आहे भोर भिनसार, आहे भोर भिनसार आजू के दिनवा हो दीनानाथ हे लागल एती बेर, हे लागल एती बेर बाट में भेटिए गेल…

नारायण खगवाहन – विष्णूची आरती

|| नारायण खगवाहन – विष्णूची आरती PDF || नारायण खगवाहन चतुराननताता । स्मरअरितापविमोचन पयनिधिजामाता ॥ वैकुंठाधिपते तव महिमा मुखि गाता । सहस्त्र मुखांचा तोही थकला अनंता ॥ जय देव जय देव जय लक्ष्मीकांता । मंगल आरति करितो भावे सुजनहिता ॥ सदैव लालन पालन विश्वाचे करिसी । दासास्तव तू नाना अवतार धरिसी ॥ दुष्टा मर्दुनि दुःखा…

दशावताराची आरती

|| दशावताराची आरती PDF || आरती सप्रेम जय जय विठ्ठल परब्रह्म । भक्त संकटि नानास्वरूपीं स्थापिसि स्वधर्म ॥ अंबऋषीकारणें गर्भवास सोशीसी । वेद नेले चोरूनि ब्रह्मया आणुनिया देसी ॥ मत्स्यरूपी नारायण सप्तहि सागर धुंडीसी । हस्त लागता शंखासुरा तुझा वर देसी ॥ आरती सप्रेम जय जय विठ्ठल परब्रह्म.. रसातळासी जाता पृथ्वी पाठीवर घेसी । परोपकरासाठी…

నారాయణ కవచం

|| నారాయణ కవచం (Narayana Kavacham Telugu PDF) || ఓం నమో నారాయణాయ | ఓం నమో భగవతే వాసుదేవాయ | విష్ణవే నమః | ఫట్ ఇత్యస్త్రాయ ఫట్ | భూర్భువస్సువరోం ఇతి దిగ్బంధః || ఇత్యాత్మానం పరం ధ్యాయే ధ్యేయం షట్భక్తిభి ర్యుతమ్ । విద్యా తేజస్తపోమూర్తి మిమం మంత్ర ముదాహరేత్ ॥ ఓం హరి ర్విదధ్యా న్మమ సర్వరక్షాం న్యస్తాంఫ్రి పద్మః పతగేంద్ర పృష్టే | దరారి చర్మాసి గదేషు చాప…

Narsimha Puran (नरसिंह पुराण)

Narsimha Puran (नरसिंह पुराण)

नृसिंह पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है। यह पुराण भगवान विष्णु के नृसिंह अवतार को समर्पित है, जो आधे सिंह और आधे मानव के रूप में प्रकट हुए थे। नृसिंह पुराण pdf में भगवान विष्णु के इस अवतार की महिमा, उनकी लीलाओं, धर्म, भक्ति, और पौराणिक कथाओं का विस्तार…

ओम जय जगदीश हरे आरती

|| ओम जय जगदीश हरे आरती PDF || ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे भक्तजनों के संकट क्षण में दूर करे॥ जो ध्यावै फल पावै, दुख बिनसे मन का। सुख-संपत्ति घर आवै, कष्ट मिटे तन का ॐ जय जगदीश हरे…. मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं किसकी। तुम बिनु और न दूजा, आस करूं…

Shri Vishnu Stuti

|| Shri Vishnu Stuti PDF || Shantakaram Bhujagashayanam Padmanabham Suresham Vishwadharam Gaganasadrisham Meghavarnam Shubhangam. Shantakaram Bhujagashayanam…… Lakshmikantam Kamalanayanam Yogibhir-dhyana-gamyam Vande Vishnu Bhavabhayaharam Sarvalokeka Natham. Shantakaram Bhujagashayanam…… Yam Brahma Varunendra Rudramarutah Stunvanti Divyaih Stavaih Sangapadakramopanishadaih Gayanti Yam Samagaah. Shantakaram Bhujagashayanam…… Dhyanavasthita Tadgatena Manasa Pashyanti Yam Yogino Yasyantam Na Viduh Surasura-ganah Daivaya Tasmai Namah. Shantakaram Bhujagashayanam Padmanabham…

Shri Lakshmi Narayana Kavacham

|| Shri Lakshmi Narayana Kavacham PDF || || Shri Bhairava Uvacha || Adhuna Devi Vakshyami Lakshmi Narayanasya Te | Kavacham Mantragarbham Cha VajrapanjaraKakhyaaya || Shri Vajrapanjaram Naama Kavacham Paramadbhutam | Rahasyam Sarvadevaanaam Saadhakaanaam Visheshatah || Yam Dhrutva Bhagavan Devah Praseedati Parah Puman | Yasya DhaaranaMatrena Brahmaa LokaPitaamahah || Ishvaro’ham Shivo Bhimo Vaasavo’pi Divaspatih | SuryastejoNidhirDevi…

Shri Narayana Kavach

|| Shri Narayana Kavach PDF || Om Shri Vishnave Namah || Om Shri Vishnave Namah || Om Shri Vishnave Namah || Om Namo Narayanaya || Om Namo Narayanaya || Om Namo Narayanaya || Om Namo Bhagavate Vasudevaya || Om Namo Bhagavate Vasudevaya || Om Namo Bhagavate Vasudevaya || Om Harirvidadhyanmam Sarvarakshaam Nyastad Ghrpadmah Patagendraprsthe |…

अपरा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

|| अपरा एकादशी पूजा विधि || सुबह जल्दी उठकर स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। घर के मंदिर में दीप प्रज्वलित करें। भगवान विष्णु का गंगा जल से अभिषेक करें। भगवान विष्णु को पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें। अगर संभव हो तो इस दिन व्रत भी रखें। भगवान की आरती करें। भगवान को भोग लगाएं। इस…

Kurma Puran PDF Book (कूर्म पुराण)

Kurma Puran (कूर्म पुराण)

कूर्म पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक महत्वपूर्ण पुराण है। यह पुराण भगवान विष्णु के कूर्म (कछुआ) अवतार को समर्पित है। कूर्म पुराण में धर्म, आचार, पूजा विधियाँ, तीर्थ यात्रा, और विभिन्न पौराणिक कथाओं का विस्तृत वर्णन है। इसे धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। कूर्म पुराण की…

श्री सत्यनारायण आरती

|| श्री सत्यनारायण आरती PDF || जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा। सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥ जय लक्ष्मी रमणा.. रत्न जडि़त सिंहासन अद्भुत छवि राजै। नारद करत निरंजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥ जय लक्ष्मी रमणा.. प्रगट भये कलि कारण, द्विज को दर्श दियो। बूढ़ो ब्राह्मण बनकर, कञ्चन महल कियो ॥ जय लक्ष्मी…

Shri Satyanarayan Aarti

|| Shri Satyanarayan Aarti PDF || Jai Lakshmi Ramana, Swami Jai Lakshmi Ramana, Satyanarayan Swami, Jan Patak Harana. Jai Lakshmi Ramana… Ratna Jadit Sinhasan Adbhut Chhavi Rajai, Narad Karat Niranjan, Ghanta Dhvani Bajai. Jai Lakshmi Ramana… Pragat Bhaye Kali Karan, Dwij Ko Darsh Diyo, Boodho Brahman Banakar, Kanchan Mahal Kiyo. Jai Lakshmi Ramana… Durbal Bhil…

Mohini Ekadashi 2025 – जाने मोहिनी एकादशी मुहूर्त, अनुष्ठान, व्रत कथा एवं पूजा विधि

mohini-ekadashi

हिन्दू धर्म में, मोहिनी एकादशी एक बहुत ही प्रतिष्ठित और पवित्र तिथि मानी जाती है। 2025 में, मोहिनी एकादशी 08 मई, बृहस्पतिवार को मनाई जाएगी। इस दिन को व्रत रखने से कहा जाता है कि व्यक्ति का जीवन कल्याणमय हो जाता है। मान्यता है कि जो व्यक्ति इस पावन तिथि के दिन पूर्ण विधि विधान…

अम्बरीषकतं विष्णुस्तोत्रम्

|| अम्बरीषकतं विष्णुस्तोत्रम् || अम्बरीष उवाच । प्रसीद देव सर्वात्मन्नसङ्ख्येयशिरोभुज । असङ्ख्यघ्राणनयनपाणिपाद नमोऽस्तु ते ॥ ३७॥ षट्त्रिंशत्तत्त्वातीतोऽसि निष्प्रपञ्च प्रपञ्चकः । चतुर्विधजगद्धाम विश्वमूर्ते नमोऽस्तु ते ॥ ३८॥ एकपादस्त्रिपादश्च तीर्थपादोंऽतरिक्षपात् । यस्य पादोद्भवा गङ्गा पुनाति भुवनत्रयम् ॥ ३९॥ ब्रह्महत्यादिपापानां शोधकं यस्य नाम वै । कीर्तितं सर्वशुभदं नमस्तस्मै शुभात्मने ॥ २.५.४०॥ देव त्वन्नामकीर्त्यापि जायन्ते सर्वसिद्धयः । कौतुकात्त्वां हि…

Garuda Puran PDF Book (गरुड़ पुराण)

Garuda Puran (गरुड़ पुराण)

गरुड़ पुराण हिंदू धर्म के अठारह महापुराणों में से एक प्रमुख पुराण है। यह पुराण भगवान विष्णु के वाहन गरुड़ को समर्पित है। गरुड़ पुराण में मृत्यु, आत्मा, पुनर्जन्म, कर्म, और मोक्ष के विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई है। इसे विशेष रूप से मृत्युकाल में सुनने और पढ़ने का महत्व बताया गया है, जिससे…

श्री सत्यनारायण आरती

|| श्री सत्यनारायण आरती || जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । सत्यनारायण स्वामी, जन पातक हरणा ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । रत्‍‌न जडि़त सिंहासन, अद्भुत छवि राजै । नारद करत निराजन, घण्टा ध्वनि बाजै ॥ ॐ जय लक्ष्मी रमणा, स्वामी जय लक्ष्मी रमणा । प्रकट भये कलि कारण,…

Shri Satyanarayan Aarti

|| Shri Satyanarayan Aarti || Jai Lakshmi Ramna, Swami Jai Lakshmi Ramna। Satyanarayan Swami, Jan Paatak Harna॥ ॥ Om Jai Lakshmi Ramna…॥ Ratan Jadhit Sinhaasan, Adbhut Chavi Raaje। Naarad Karat Niraajan, Ghanta Van Baaje॥ ॥ Om Jai Lakshmi Ramna…॥ Prakat Bhay Kalikaaran, Dwij Ko Daras Diyo। Budho Bramhaan Bankar, Kanchan Mahal Kiyo॥ ॥ Om Jai…

नरसिंह द्वादशी व्रत कथा

|| नरसिंह द्वादशी व्रत कथा PDF || प्राचीन काल में कश्यप नामक एक ऋषि थे। उनकी पत्नी का नाम दिति था। उनके दो पुत्र हुए – हिरण्याक्ष और हिरण्यकशिपु। दोनों ही असुर स्वभाव के थे और उन्होंने चारों ओर हाहाकार मचा रखा था। पृथ्वी की रक्षा के लिए भगवान विष्णु ने वराह रूप धारण कर…

Varuthini Ekadashi 2025 – कब है वरुथिनी एकादशी, जानें व्रत कथा, पूजा विधि, अनुष्ठान और शुभ मुहूर्त

varuthini-ekadashi

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है। वर्ष भर में 24 एकादशी मनाई जाती हैं, जैसे की वरुथिनी एकादशी, जो साल 2025 में 24 अप्रैल को है। इस पृष्ठ पर, हम वरुथिनी एकादशी के महत्व, व्रत के शुभ मुहूर्त, विधि और इस पवित्र तिथि के दौरान किए जाने वाले उपायों के बारे में…

Shri Narayan Ashtakam

|| Shri Narayanashtakam PDF || Vatsalyadabhayapradana- samayadatinirvapana- Daudaryadghoshanada- ganitshreyah Padaprapanat। Sevyah Sripatirek Eva Jagatamete Bhavansakshinah Prahladashcha Vibhishanshch Karirat Panchalyahalya Dhruvah॥ Prahladasti Yadishvaro Vada Harih Sarvatra Mein Darshya Stambha Chaimvamiti Bruvantamasuram Tatravirasiddharih। Vakshastasya Vidarayannijana Khairvatsyalyamapada- yanartatranparayanah Sa Bhagawannarayano Me Gatih॥ Shriramatra Vibhishanoyamangho Rakshobhyayadagatha Sugrivanaya Palayainmadhuna Paulastyamevagatam। ItyuktvabhayamsyaSarvavidtam Yo Raghavo Dattavanartatranparayanah Sa Bhagawannarayano Me Gatih॥ Nakgratapadam Samuddhatkaram…

Shri Hari Sharanashtakam

|| Shri Hari Sharanashtakam PDF || Dhyeyam Vadanti Shivameva Hi Kechidanye Shaktim Ganeshamapare Tu Divakaram Vai। Rupaistu Tairapi Vibhasi Yatastvameva Tasmattvameva Sharanam Mama Dinabandho॥ No Sodaro Na Janako Janani Na Jaya Naivatmajo Na Cha Kulam Vipulam Balam Va। Sandrishyate Na Kila Koapi Sahayako Me Tasmattvameva Sharanam Mama Dinabandho॥ Nopasita Madamapasya Maya Mahantastirthani Chastikadhiya Na Hi…

तीर्थस्नानफलप्रदम् श्रीविष्णुस्तोत्रं नरसिंहपुराणे

|| तीर्थस्नानफलप्रदम् श्रीविष्णुस्तोत्रं नरसिंहपुराणे || वागुवाच स्तोत्रेणानेन विप्रेन्द्र स्तुहि नारायणं प्रभुम् । नान्यथा सर्वतीर्थानां फलं प्राप्स्यसि सुव्रत ॥ १॥ मार्कण्डेय उवाच तदेवाख्याहि भगवन् स्तोत्रं तीर्थफलप्रदम् । येन जप्तेन सकलं तीर्थस्नानफलं लभेत् ॥ २॥ वागुवाच जय जय देवदेव जय माधव केशव । जय पद्मपलाशाक्ष जय गोविन्द गोपते ॥ ३॥ जय जय पद्मनाभ जय वैकुण्ठ वामन ।…

સત્યનારાયણ ભગવાનની કથા

|| સત્યનારાયણ ભગવાનની કથા || એક સમયની વાત છે. નૈમીષારણ્ય તિર્થક્ષેત્રમા શૌનક વગેરે ઋષીઓ ભેગા થયા હતા. તે સમયે પુરાણો તથા મહાભારતના રચયીતા શ્રી વ્યાસ મુનીના પ્રધાન શિષ્ય સુતજી પણત્યા બિરાજમાન હતા.શૌનક વગેરે રૂષિઓએ શ્રી સુતજીને પછ્યુ કે હે મહામુની! વ્રત અથવા તપથી ક્યુ મનોવાંછીત ફળ પ્રાપ્ત છે થાય, આપ તે અમને સમજાવીને કહેવાની કૃપા…

सत्यनारायणाची व्रत कथा मराठी

|| सत्यनारायणाची व्रत कथा मराठी || प्रारंभ अध्याय पहिला अथ कथा: । श्रीगणेशाय नम: ॥ एकदा नैमिषारण्ये ऋषय: शौनकादय: ॥ पप्रच्छुर्मुनय: सर्वे सूतं पौराणिकं खलु ॥१॥ ऋषय ऊचु: ॥ व्रतेन तपसा किं वा प्राप्यते वांछितं फलम्। तत्सर्वं श्रोतुमिच्छाम: कथयस्व महामुने ॥२॥ सूत उवाच ॥ नरादेनैव संपृष्टो भगवान्कमलापति: ॥ सुरर्षये यथैवाह तच्छृणुध्वं समाहिता: ॥३॥ एकदा नारदो योगी…

श्री सत्यनारायण व्रत कथा एवं पूजा विधि

|| श्री सत्य नारायण पूजन विधि || जो व्यक्ति भगवान् श्री सत्य नारायण की पूजा का संकल्प लेते हैं, उन्हें दिन भर व्रत रखना चाहिए। पूजन स्थल को गाय के गोबर से पवित्र करके वहाँ एक अल्पना बनाएँ और उस पर पूजा की चौकी रखना चाहिये। इस चौकी के चारों पायों के पास केले के…

Kamada Ekadashi 2025 – जानिए कामदा एकादशी शुभ मुहूर्त, व्रत कथा और पूजा विधि

kamada-ekadashi

चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘कामदा एकादशी’ कहा जाता है। यह हिंदू संवत्सर की पहली एकादशी होती है। इसे फलदा एकादशी भी कहा जाता है, क्योंकि इसे बहुत ही फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत रखने से व्रती को प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल सकती है।…

श्रीविष्णुपूजास्तोत्रम्

|| श्रीविष्णुपूजास्तोत्रम् || शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम् । लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम् ॥ १॥ आराधयामि मणिसन्निभमात्मविष्णुं मायापुरे हृदयपङ्कजसन्निविष्टम् । श्रद्धानदीविमलचित्तजलाभिषिक्तं नित्यं समाधिकुसुमैरपुनर्भवाय ॥ २॥ ज्योतिश्शान्तं सर्वलोकान्तरस्थमोङ्कारारव्यं योगिहृद्ध्यानगम्यम् । साङ्गं शक्तिं सायुधं भक्तसेव्यं सर्वाकारं विष्णुमावाहयामि ॥ ३॥ कल्पद्रुमे मणिवेदिमध्ये सिंहासने स्वर्णमयं सरत्नम् । विचित्रवस्त्रावृतमच्युत प्रभो गहाण लक्ष्मीधरणीसमन्वित ॥ ४॥…

Vishnu Ji Ki Aarti

|| Vishnu Ji Ki Aarti || Om Jaya Jagadisa Hare | Svami Jaya Jagadisa Hare || Bhakta Jano Ke Sankata | Dasa Jano Ke Sankata | Ksana Me Dura Kare || Om Jaya Jagadisa Hare || Jo Jhyave Phala Pave | Dukha Binase Mana Ka || Svami Dukha Binase Mana Ka | Sukha Sampati Ghara…

विष्णु जी आरती

|| विष्णु जी आरती || ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी ! जय जगदीश हरे । भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे ॥  || ॐ जय जगदीश हरे || जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का । स्वामी दुःख विनसे मन का । सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का ॥  ||…

मत्स्यस्तुति

|| मत्स्यस्तुति || मग्ने मेरौ पतति तपने तोयबिन्दाविवेन्दौ अन्तर्लीने जलधिसलिले व्याकुले देवलोके । मात्स्यं रूपं मुखपुटतटाकृष्टनिर्मुक्तवार्धि श्रीकान्तस्य स्थलजलगतं वेत्यलक्ष्यं पुनातु ॥ १॥ वियत्पुच्छातुच्छोच्छलितजलगर्भं निधिरपां अपान्नाथः पाथः पृथुललवदुस्थो वियदभूत् । निधिर्भासामौर्वो दिनपतिरभूदौर्वदहनः चलत्काये यस्मिन्स जयति हरिर्मीनवपुषा ॥ २॥ जीयासुः शकुलाकृतेर्भगवतः पुच्छच्छटाच्छोटनात् उद्यन्तः शतचन्द्रिताम्बरतलं ते बिन्दवः सैन्धवाः । यैर्व्यावृत्य पतद्भिरौर्वशिखिनस्तेजोजटालं वपुः पानाध्मानवशादरोचकरुजां चक्रे चिरायास्पदम् ॥ ३॥ दिश्याद्वः…

मत्स्यस्तोत्रम्

|| मत्स्यस्तोत्रम् || श्रीगणेशाय नमः । नूनं त्वं भगवान्साक्षाद्धरिर्नारायणोऽव्ययः । अनुग्रहाय भूतानां धत्से रूपं जलौकसाम् ॥ १॥ नमस्ते पुरुषश्रेष्ठ स्थित्युत्पत्त्यप्ययेश्वर । भक्तानां नः प्रपन्नानां मुख्यो ह्यात्मगतिर्विभो ॥ २॥ सर्वे लीलावतारास्ते भूतानां भूतिहेतवः । ज्ञातुमिच्छाम्यदो रूपं यदर्थं भवता धृतम् ॥ ३॥ न तेऽरविन्दाक्ष पदोपसर्पणं मृषा भवेत्सर्वसुहृत्प्रियात्मनः । यथेतरेषां पृथगात्मनां सतामदीदृशो यद्वपुरद्भुतं हि नः ॥ ४॥ इति…

विष्णुलहरी (करुणालहरी)

|| विष्णुलहरी (करुणालहरी) || विषीदता नाथ विषानलोपमे विषादभूमौ भवसागरे विभो । परं प्रतीकारमपश्यताधुना मयायमात्मा भवते निवेदितः ॥ १॥ भवानलज्वालविलुप्तचेतनः शरण्य तेऽङ्घ्रिं शरणं भयादयाम् । विभाव्य भूयोऽपि दयासुधाम्बुजे विधेहि मे माथ यथा यथेच्छसि ॥ २॥ विहाय संसारमहामरुस्थलीमलीकदेहादिमिलन्मरीचिकाम् । मनोमृगो मे करुणामृताम्बुधे विगाढुमीश त्वयि गाढमीहते ॥ ३॥ त्वदङ्घ्रिफुल्लाम्बुजमध्यनिर्गलन्मरन्दनिःस्यन्दनितान्तलम्पटः । मनोमिलिन्दो मम मुक्तचापलस्त्वदन्यमीशान तृणाय मन्यते ॥ ४॥ जगत्त्रयत्राणविधौ…

प्रहलाद कृत नृसिंह स्तोत्र

|| प्रहलाद कृत नृसिंह स्तोत्र || ब्रह्मादयः सुरगणा मुनयोऽथ सिद्धाः सत्त्वैकतानमतयो वचसां प्रवाहैः। नाराधितुं पुरुगुणैरधुनापि पिप्रुः किं तोष्टुमर्हति स मे हरिरुग्रजातेः॥ मन्ये धनाभिजनरूपतपःश्रुतौज- स्तेजःप्रभावबलपौरुषबुद्धियोगाः। नाराधनाय हि भवन्ति परस्य पुंसो भक्त्या तुतोष भगवान् गजयूथपाय॥ विप्राद्द्विषड्गुणयुतादरविन्दनाभ- पादारविन्दविमुखाच्छ्वपचं वरिष्ठम्। मन्ये तदर्पितमनोवचनेहितार्थ- प्राणं पुनाति स कुलं न तु भूरिमानः॥ नैवात्मनः प्रभुरयं निजलाभपूर्णो मानं जनादविदुषः करुणो वृणीते । यद्यज्जनो भगवते…

श्री लक्ष्मी नरसिंह करावलंबा स्तोत्रम

|| श्री लक्ष्मी नरसिंह करावलंबा स्तोत्रम || श्रीमत्पयॊनिधिनिकॆतन चक्रपाणॆ भॊगीन्द्रभॊगमणिराजित पुण्यमूर्तॆ । यॊगीश शाश्वत शरण्य भवाब्धिपॊत लक्ष्मीनृसिंह मम दॆहि करावलम्बम् ॥ ब्रह्मॆन्द्ररुद्रमरुदर्ककिरीटकॊटि सङ्घट्टिताङ्घ्रिकमलामलकान्तिकान्त । लक्ष्मीलसत्कुचसरॊरुहराजहंस लक्ष्मीनृसिंह मम दॆहि करावलम्बम् ॥ संसारदावदहनाकरभीकरॊरु- ज्वालावलीभिरतिदग्धतनूरुहस्य । त्वत्पादपद्मसरसीरुहमागतस्य लक्ष्मीनृसिंह मम दॆहि करावलम्बम् ॥ संसारजालपतिततस्य जगन्निवास सर्वॆन्द्रियार्थ बडिशाग्र झषॊपमस्य । प्रॊत्कम्पित प्रचुरतालुक मस्तकस्य लक्ष्मीनृसिंह मम दॆहि करावलम्बम् ॥ संसारकूमपतिघॊरमगाधमूलं सम्प्राप्य…

लक्ष्मी नरसिंह करावलंबा स्तोत्रम लाभ सहित

|| श्री लक्ष्मी नरसिंह करावलंबा स्तोत्रम के लाभ || नरसिंह मंत्रों का जाप करने का लाभ सभी प्रकार के भय और चिंताओं को दूर करना है। ये मंत्र सूक्ष्म तरीके से काम करता हैं और जाप करने वाले को साहस, आत्मविश्वास, विश्वास और निडरता देता है | शत्रुओं को वश में करने में मदद करता…

श्रीमान नारायण नाम संकीर्तन

|| श्रीमान नारायण नाम संकीर्तन || श्रीमन्नारायण नारायण नारायण नारायण ।टेक। लक्ष्मीनारायण नारायण नारायण नारायण बद्रीनारायण नारायण नारायण नारायण मुक्तिनारायण नारायण नारायण नारायण सत्यनारायण नारायण नारायण नारायण गोदानारायण नारायण नारायण नारायण वेंकटनारायण नारायण नारायण नारायण श्रीविष्णुपुराण भागवत गीता (स्वमी), वाल्मीकिजीकी रामायण । श्रीमन्नारायण नारायण नारायण नारायण ॥ चारिहूँ वेद पुराण अष्टादश, वेदव्यासजी की पारायण ।…

श्री नारायणाष्टकम्

॥ श्री नारायणाष्टकम् ॥ वात्सल्यादभयप्रदान-समयादार्तिनिर्वापणा- दौदार्यादघशोषणाद-गणितश्रेयःपदप्रापणात्। सेव्यः श्रीपतिरेक एवजगतामेतेऽभवन्साक्षिणः प्रह्लादश्च विभीषणश्चकरिराट् पाञ्चाल्यहल्या ध्रुवः॥ प्रह्लादास्ति यदीश्वरो वदहरिः सर्वत्र मे दर्शय स्तम्भे चैवमितिब्रुवन्तमसुरं तत्राविरासीद्धरिः। वक्षस्तस्य विदारयन्निजन-खैर्वात्सल्यमापाद- यन्नार्तत्राणपरायणः सभगवान्नारायणो मे गतिः॥ श्रीरामात्र विभीषणोऽयमनघोरक्षोभयादागतः सुग्रीवानय पालयैनमधुनापौलस्त्यमेवागतम्। इत्युक्त्वाभयमस्यसर्वविदितं यो राघवो दत्तवानार्तत्राणपरायणः सभगवान्नारायणो मे गतिः॥ नक्रग्रस्तपदं समुद्धतकरंब्रह्मादयो भो सुराः पाल्यन्तामिति दीनवाक्यकरिणंदेवेष्वशक्तेषु यः। मा भैषीरिति यस्यनक्रहनने चक्रायुधः श्रीधर। आर्तत्राणपरायणः सभगवान्नारायणो मे गतिः॥…

श्री विष्णु स्तुति

॥ श्री विष्णु स्तुति ॥ शान्ताकारं भुजंगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगन सदृशं मेघवर्ण शुभांगम् । शान्ताकारं भुजंगशयनं….. लक्ष्मीकांत कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णु भवभयहरं सर्व लौकेक नाथम् ॥ शान्ताकारं भुजंगशयनं….. यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे: । सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा: । शान्ताकारं भुजंगशयनं…. ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा…

नृसिंह अवतरण पौराणिक कथा

|| नृसिंह अवतरण पौराणिक कथा || पौराणिक कथा के अनुसार, हिरण्यकश्यप को ब्रह्माजी से वरदान प्राप्त था कि वह न तो किसी मनुष्य द्वारा मारा जा सके न ही किसी पशु द्वारा। न दिन में मारा जा सके, न रात में, न जमींन पर मारा जा सके, न आसमान में। इस वरदान के नशे में…

वामन द्वादशी 2025 – जानें कहानी, व्रत, अनुष्ठान और पूजा विधि

vamanavtar

भगवान विष्णु को समर्पित पवित्र वामन द्वादशी प्रति वर्ष 2 बार मनाई जाती है। साल 2025 में वामन द्वादशी का व्रत बुधवार 09 अप्रैल 2025 को पड़ रहा है। एक चैत्र माह की शुक्ल द्वादशी तिथि को, और दूसरी बार भाद्रपद माह में शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को। विष्णु जी के दस अवतारों में…

भगवान विष्णु सहस्रनामावली

भगवान विष्णु सहस्रनामावली में भगवान विष्णु के एक हजार पवित्र नामों का वर्णन है। भगवान विष्णु सृष्टि के पालनकर्ता और समस्त ब्रह्मांड के संरक्षक हैं। उनका यह सहस्रनाम उनके दिव्य गुणों, स्वरूपों और महिमा का गुणगान करता है। विष्णु सहस्रनामावली का पाठ भक्तों को हर प्रकार के संकटों से मुक्ति दिलाने, आत्मिक शांति प्राप्त करने,…

श्री नारायण कवच

॥ श्री नारायण कवच ॥ ॐ श्री विष्णवे नमः ॥ ॐ श्री विष्णवे नमः ॥ ॐ श्री विष्णवे नमः ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥ ॐ नमो नारायणाय ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ॐ नमो भगवते वासुदेवाय ॥ ॐ हरिर्विदध्यान्मम सर्वरक्षां न्यस्ताड़् घ्रिपद्मः पतगेन्द्रपृष्ठे । दरारिचर्मासिगदेषुचापपाशान्…

बैकुंठ चतुर्दशीच्या कथा

|| बैकुंठ चतुर्दशीच्या कथा || एकदा भगवान विष्णू काशीला भगवान शिवाची पूजा करण्यासाठी आले. त्यांनी मणिकर्णिका घाटावर स्नान केलं आणि 1000 सुवर्ण कमळाच्या फुलांनी भगवान विश्वनाथाची पूजा करण्याचं ठरवलं. अभिषेकानंतर पूजा सुरू केली, तेव्हा भगवान शिवांनी त्यांच्या भक्तीची परीक्षा घेण्यासाठी एक फूल कमी केलं. भगवान विष्णूला 1000 कमळाची फुलं अर्पण करायची होती. फुलं कमी असल्याचं…

Join WhatsApp Channel Download App