वैभव लक्ष्मी व्रत कथा पुस्तक

वैभव लक्ष्मी व्रत कथा पुस्तक

वैभव लक्ष्मी व्रत विशेष रूप से सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति के लिए किया जाता है। इस व्रत की कथा माता लक्ष्मी के अलौकिक प्रभाव को दर्शाती है। कथा के अनुसार, शीला नाम की एक धार्मिक महिला अपने शांत स्वभाव और भक्ति से माता लक्ष्मी को प्रसन्न करती है, जिससे उसका दरिद्र जीवन खुशहाली…

सन्तोषी माता आरती

सन्तोषी माता की आरती भक्त के जीवन में सुख, शांति और संतोष का संचार करती है। माँ सन्तोषी को प्रेम और धैर्य की देवी माना जाता है, जिनकी आराधना विशेष रूप से शुक्रवार के व्रत के दौरान की जाती है। ‘जय सन्तोषी माता, मैया जय सन्तोषी माता’ की गूंज से घर का वातावरण शुद्ध होता…

संतोषी माता व्रत कथा पूजा विधि

संतोषी माता का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत सुख, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए शुक्रवार को रखा जाता है। संतोषी माता व्रत कथा भगवान गणेश की पुत्री माता संतोषी की महिमा का वर्णन करती है। इस कथा को सुनने या पढ़ने से भक्तों के जीवन के दुख और…

संतोषी माता चालीसा

संतोषी माता की कृपा और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए संतोषी माता चालीसा का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन माता संतोषी को समर्पित है। ऐसी मान्यता है कि श्रद्धापूर्वक चालीसा का पाठ करने से जीवन में सुख, शांति और संतोष का आगमन होता है और सभी मानसिक व…

Santoshi Mata Vrat – संतोषी माता व्रत क्यों माना जाता है चमत्कारी? जानें 16 शुक्रवार व्रत की विधि, नियम और अद्भुत लाभ

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संतोषी माता व्रत मानसिक शांति और मनोकामना पूर्ति हेतु चमत्कारी माना जाता है। यह श्रद्धापूर्वक लगातार 16 शुक्रवार तक किया जाता है। पूजा में गुड़-चना और जल भरा कलश रखें। माता की कथा सुनें और अंत में आरती करें। इस व्रत का सबसे अनिवार्य नियम खट्टी वस्तुओं (नींबू, दही, अचार) का पूर्ण त्याग है। व्रत…

एकादशी माता आरती

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान विष्णु को समर्पित यह तिथि अत्यंत पवित्र होती है। एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने के बाद एकादशी माता की आरती गाना अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती के स्वर न केवल मन को…

चावल और एकादशी का वो रहस्य जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे – जानिए पौराणिक कथा और विज्ञान का अद्भुत मेल।

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एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो बार आती है – शुक्ल पक्ष की एकादशी और कृष्ण पक्ष की एकादशी। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त अन्न ग्रहण नहीं करते, बल्कि फलाहार या केवल जल पर निर्भर रहते हैं। यह परंपरा हजारों वर्षों…

त्रिस्पृशा एकादशी महायोग कथा (पूजा विधि)

त्रिस्पृशा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी मानी जाती है। जब एक ही तिथि में एकादशी, द्वादशी और सूर्योदय के समय त्रयोदशी का संगम होता है, तो उसे ‘त्रिस्पृशा’ कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महायोग में व्रत करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है। इस पावन…

सिर्फ 1 बुध प्रदोष व्रत से बदलेगी किस्मत! रोग, शोक, और दरिद्रता दूर करने का महासंयोग।

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सनातन धर्म में व्रतों का विशेष महत्व है, और इन्हीं में से एक है ‘प्रदोष व्रत’ (Pradosh Vrat)। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और हर माह की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। जब यह त्रयोदशी तिथि बुधवार के दिन पड़ती है, तो इसे बुध प्रदोष व्रत कहते हैं। यह मात्र एक व्रत…

नौकरी नहीं मिल रही? बुधवार व्रत और बुध देव के इन गुप्त उपायों से खुलेगा सफलता का द्वार।

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क्या आप अपनी नौकरी या व्यापार में चुनौतियों का सामना कर रहे हैं? क्या आप एक नई नौकरी की तलाश में हैं? यदि हां, तो बुधवार का व्रत आपके लिए एक शक्तिशाली समाधान हो सकता है। यह व्रत न केवल आपको भगवान गणेश और बुध ग्रह का आशीर्वाद दिलाता है, बल्कि यह आपके करियर में…

क्या आप भी कर रहे हैं मंगलवार व्रत? जानें वो गुप्त सामग्री और मंत्र जो तुरंत दिलाते हैं हनुमान जी का आशीर्वाद

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जय श्री राम! जय हनुमान! क्या आप जीवन में आने वाली बाधाओं, डर (fear), और चुनौतियों से थक चुके हैं? क्या आप एक ऐसे उपाय की तलाश में हैं जो आपको शक्ति, साहस और हनुमान जी का आशीर्वाद (blessings) दिला सके? तो यह ब्लॉग पोस्ट आपके लिए ही है! मंगलवार का व्रत (Mangalwar Vrat) एक…

मंगलवार का महाउपाय – 12 राशियों के लिए विशेष हनुमान मंत्र, जो बदल देंगे आपकी किस्मत!

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हनुमान जी को बल, बुद्धि और शक्ति के देवता माना जाता है। उनकी पूजा करने से हर तरह की बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मंगलवार का दिन विशेष रूप से हनुमान जी की उपासना के लिए महत्वपूर्ण होता है। अगर आप अपनी राशि के अनुसार हनुमान जी के मंत्रों का…

Mangalwar Ke Upay – मंगलवार स्पेशल, लाइफ में चाहिए तरक्की? तो आज ही फॉलो करें ये 5 प्रभावशाली उपाय।

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मंगलवार का दिन संकटमोचक हनुमान जी को समर्पित है। इस दिन किए गए उपायों से मंगल दोष शांत होता है और जीवन के कष्ट दूर होते हैं। भक्त हनुमान जी की कृपा पाने के लिए कई तरह के उपाय करते हैं। प्रमुख उपायों में हनुमान मंदिर जाकर हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना शामिल है।…

संकट मोचन का वरदान – वर्कप्लेस की पॉलिटिक्स और करियर के संकटों से बचने के मंगलवार के प्रभावी उपाय।

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वर्कप्लेस पॉलिटिक्स और करियर के अवरोधों को दूर करने के लिए मंगलवार के उपाय अत्यंत प्रभावी हैं। हनुमान जी को ‘संकट मोचन’ माना जाता है, जो पेशेवर जीवन की हर बाधा हर लेते हैं। मंगलवार को हनुमान चालीसा और सुंदरकांड पाठ करने से आत्मविश्वास जागता है और षड्यंत्रकारियों का प्रभाव कम होता है। चमेली के…

मंगलवार व्रत की आरती

मंगलवार व्रत की आरती (Mangalwar Aarti) मुख्य रूप से भगवान हनुमान को समर्पित है। मंगलवार का दिन हनुमान जी का माना जाता है, और भक्त व्रत रखकर उनकी पूजा करते हैं। व्रत की समाप्ति पर यह आरती गाई जाती है। सबसे प्रसिद्ध आरती है “आरती कीजै हनुमान लला की, दुष्ट दलन रघुनाथ कला की”। यह…

मंगलवार व्रत कथा पूजा विधि

मंगलवार का व्रत भगवान हनुमान को समर्पित है, जो शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। यह व्रत रखने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भक्त इस दिन सुबह स्नान कर हनुमान जी की पूजा करते हैं, लाल फूल चढ़ाते हैं और व्रत…

द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी 2026 – जानें शुभ मुहूर्त, चंद्रोदय का समय और संपूर्ण पूजा विधि

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साल 2026 में भगवान गणेश की आराधना का महापर्व द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी (Dwijapriya Sankashti Chaturthi) भक्तों के लिए विशेष खुशियां और सौभाग्य लेकर आ रहा है। फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाए जाने वाले इस व्रत का हिंदू धर्म में गहरा महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गणपति के ‘द्विजप्रिय’ स्वरूप…

माघ पूर्णिमा – कल्पवास की पूर्णाहुति और पुण्य प्राप्ति का महासंयोग, जानें क्यों उमड़ती है संगम पर भीड़।

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कल्पना कीजिए… कड़ाके की ठंड, भोर का धुंधलका, और गंगा-यमुना-सरस्वती के पवित्र संगम तट पर गूँजते ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष। यह केवल एक धार्मिक दृश्य नहीं है, बल्कि करोड़ों भारतीयों की अटूट आस्था का जीवंत महाकुंभ है। माघ पूर्णिमा – जिसे माघी पूर्णिमा भी कहा जाता है हिन्दू कैलेंडर के सबसे पवित्र दिनों में से…

माघ पूर्णिमा 2026 – क्या करें और क्या न करें? जानें व्रत के वे नियम जो आपको दिलाएंगे भगवान विष्णु का आशीर्वाद।

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हिन्दू धर्म में माघ का महीना अत्यंत पवित्र माना जाता है और इस महीने की अंतिम तिथि यानी माघ पूर्णिमा का महत्व सबसे अधिक है। इसे ‘माघी पूर्णिमा’ भी कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, इस दिन देवतागण स्वयं पृथ्वी पर आते हैं और प्रयागराज में संगम तट पर स्नान करते हैं। यह दिन केवल…

भगवान गणेश के 32 स्वरूपों में से एक ‘द्विजप्रिय’ की महिमा और संकष्टी व्रत के लाभ

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भगवान गणेश की महिमा अनंत है। हम उन्हें विघ्नहर्ता कहते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों (विशेषकर मुद्गल पुराण) में उनके 32 विशिष्ट स्वरूपों का वर्णन मिलता है? इनमें से हर स्वरूप जीवन की एक अलग समस्या का समाधान करता है। आज हम चर्चा करेंगे भगवान गणेश के छठे स्वरूप – ‘द्विजप्रिय’ (Dwijapriya…

द्विजप्रिय संकष्टी – चार मुखों वाले गणपति की आराधना से कैसे मिलता है आरोग्य और सौभाग्य?

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हिन्दू संस्कृति में हर व्रत के पीछे एक गहरा मनोविज्ञान और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का रहस्य छिपा होता है। द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी उन्हीं में से एक है। अक्सर लोग संकष्टी चतुर्थी को केवल ‘कष्ट हरने वाला दिन’ मानते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस दिन पूजे जाने वाले भगवान गणेश के ‘चतुर्मुख’ (चार मुखों…

आर्थिक तंगी और मानसिक तनाव से मुक्ति दिलाएगा द्विजप्रिय संकष्टी व्रत, जानें अचूक उपाय

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क्या आप कड़ी मेहनत के बावजूद आर्थिक अस्थिरता (Financial Instability) से जूझ रहे हैं? या फिर जीवन की भागदौड़ ने मानसिक शांति छीन ली है? हिन्दू धर्म में भगवान गणेश को ‘विघ्नहर्ता’ कहा गया है, जिसका अर्थ है सभी बाधाओं को हरने वाला। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ‘द्विजप्रिय…

थाई पूसम 2026 गाइड – इस साल की तिथि, शुभ मुहूर्त और भगवान मुरुगन की पूजा विधि

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दक्षिण भारतीय संस्कृति और विशेष रूप से तमिल समुदाय के लिए ‘थाई पूसम’ (Thai Pusam) केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि अटूट श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है। यह दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र, भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) की विजय और शक्ति को समर्पित है। अगर आप साल 2026 में थाई पूसम की तैयारी…

थाई पूसम क्या है? शरीर को कष्ट देकर भगवान मुरुगन को प्रसन्न करने के पीछे की पूरी कहानी

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जब हम भक्ति की बात करते हैं, तो अक्सर शांत प्रार्थना या ध्यान की छवि मन में आती है। लेकिन दक्षिण भारत और विशेषकर तमिल समुदायों के बीच एक ऐसा त्योहार मनाया जाता है, जहाँ भक्ति ‘साहस’ और ‘कष्ट’ की सीमाओं को पार कर जाती है। इस त्योहार का नाम है – थाई पूसम (Thaipusam)।…

क्यों मनाई जाती है ललिता जयंती? जानें मां ललिता त्रिपुर सुंदरी के प्राकट्य की रहस्यमयी कथा।

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हिंदू धर्म के पावन कैलेंडर में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन न केवल माघ स्नान संपन्न होता है, बल्कि ब्रह्मांड की सबसे शक्तिशाली और सुंदर देवी मां ललिता (त्रिपुर सुंदरी) का प्राकट्य उत्सव भी मनाया जाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जब पहले से ही जगत जननी…

माघ पूर्णिमा 2026 – मोक्ष का द्वार और सुख-समृद्धि की चाबी, जानें संपूर्ण व्रत विधान और महत्व।

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सनातन धर्म में पूर्णिमा तिथि का अपना एक विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘माघ पूर्णिमा’ की आती है, तो यह महत्व कई गुना बढ़ जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माघ के महीने में स्वर्ग से देवता पृथ्वी पर आते हैं और प्रयागराज के संगम में वास करते हैं। वर्ष 2026 में माघ पूर्णिमा…

2026 में कब है माघ पूर्णिमा? जानें स्नान-दान का सही समय और चंद्रोदय का मुहूर्त।

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Magh Purnima 2026 Date and Time – हिंदू धर्म में माघ मास की पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और वैज्ञानिक महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्वर्ग से देवी-देवता पृथ्वी पर आते हैं और प्रयागराज में गंगा स्नान करते हैं। यदि आप भी इस पावन अवसर पर पुण्य कमाना चाहते हैं, तो यह जानना…

ललिता जयंती विशेष – मां षोडशी को प्रसन्न करने के अचूक मंत्र और सुख-समृद्धि के लिए चमत्कारी उपाय

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि को ‘ललिता जयंती’ (Lalita Jayanti) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दस महाविद्याओं में से तीसरी और सबसे सौम्य मानी जाने वाली मां षोडशी (त्रिपुर सुंदरी) को समर्पित है। जिन्हें ‘ललिता’ कहा जाता है, वे न केवल ब्रह्मांड की सबसे सुंदर देवी हैं, बल्कि…

दश महाविद्या की तीसरी शक्ति – जानें ललिता जयंती का महत्व, व्रत कथा और पूजन के विशेष नियम।

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क्या आप जीवन में समस्त ऐश्वर्य, सौंदर्य और आत्मिक शांति की तलाश में हैं? सनातन धर्म की गुप्त साधनाओं में ‘दश महाविद्याओं’ का स्थान सर्वोच्च है। इनमें से तीसरी महाविद्या हैं – माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी। माघ मास की पूर्णिमा को मनाई जाने वाली ललिता जयंती (Lalita Jayanti) केवल एक तिथि नहीं, बल्कि ब्रह्मांड की…

ललिता जयंती 2026 – मां ललिता त्रिपुर सुंदरी की कृपा पाने के लिए सरल पूजा विधि और शुभ मुहूर्त।

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क्या आप अपने जीवन में सुख, समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करते हैं? 2026 में ललिता जयंती का पावन अवसर आ रहा है। यह दिन दस महाविद्याओं में से एक, माँ ललिता त्रिपुर सुंदरी (राजराजेश्वरी) को समर्पित है। आइये जानते हैं इस वर्ष ललिता जयंती कब है, इसका महत्व क्या है और माँ को…

द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

साल 2026 में द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व 5 फरवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह व्रत भगवान गणेश के ‘द्विजप्रिया’ स्वरूप को समर्पित है, जिन्हें बाधाओं का नाश करने वाला और ज्ञान का दाता माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से जीवन के सभी संकट दूर होते…

थाईपुसम पौराणिक कथा

थाईपुसम 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक तमिल हिंदू त्योहार है, जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 1 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार मुख्य रूप से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने भगवान मुरुगन को…

श्री सरस्वती चालीसा

विद्या और बुद्धि की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की कृपा प्राप्त करने के लिए श्री सरस्वती चालीसा का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। विद्यार्थियों, कलाकारों और ज्ञान के साधकों के लिए यह चालीसा एक वरदान के समान है। इसके नियमित पाठ से एकाग्रता बढ़ती है, वाणी में मधुरता आती है और अज्ञानता का अंधकार…

देवी सरस्वती सहस्रनामावली

देवी सरस्वती सहस्रनामावली (Saraswati Sahastranamavali PDF) हिंदू धर्म में ज्ञान, कला और संगीत की देवी माँ सरस्वती को समर्पित एक अत्यंत शक्तिशाली और पवित्र स्तोत्र है। ‘सहस्रनामावली’ का अर्थ है माता के 1000 विशिष्ट नामों का संग्रह। मान्यता है कि इन नामों का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से बुद्धि का विकास होता है, एकाग्रता बढ़ती है…

माँ सरस्वती जी की आरती

माँ सरस्वती विद्या, बुद्धि और कला की अधिष्ठात्री देवी हैं। बसंत पंचमी हो या कोई भी शुभ शैक्षणिक कार्य, माँ सरस्वती की आरती का गान करने से मन को शांति और एकाग्रता प्राप्त होती है। भक्तगण पूर्ण श्रद्धा के साथ “जय सरस्वती माता” आरती गाकर देवी का आशीर्वाद मांगते हैं ताकि उनके जीवन से अज्ञानता…

नर्मदा अष्टकम

श्री नर्मदा अष्टकम (Narmada Ashtakam PDF) आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा रचित माँ नर्मदा की स्तुति में एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्त्रोत है। नर्मदा नदी को ‘रेवा’ के नाम से भी जाना जाता है, जिसे मोक्षदायिनी माना गया है। इस अष्टकम की हर पंक्ति माँ नर्मदा के सौंदर्य, उनकी दिव्यता और भक्तों पर उनकी असीम…

नर्मदा कवच

नर्मदा कवच भगवान शिव की कृपा और माँ नर्मदा की दिव्यता को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली स्रोत है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसका नियमित पाठ करने से भक्त को मानसिक शांति, नकारात्मक शक्तियों से सुरक्षा और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। माँ नर्मदा को “पापनाशिनी” माना जाता है, और उनके इस कवच का जाप…

श्री नर्मदा आरती

माँ नर्मदा की आरती (Narmada Aarti PDF) का आध्यात्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। माँ नर्मदा, जिन्हें “रेवा” के नाम से भी जाना जाता है, भारत की पवित्रतम नदियों में से एक हैं। उनकी आरती का गान करने से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है।…

श्री नर्मदा व्रत कथा एवं पूजन विधि

माँ नर्मदा को मोक्षदायिनी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, श्री नर्मदा व्रत कथा का श्रवण और पठन करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह व्रत विशेष रूप से नर्मदा जयंती के दिन रखा जाता है। माँ नर्मदा की कृपा से वैवाहिक जीवन में…

श्री नर्मदा चालीसा

श्री नर्मदा चालीसा मां नर्मदा की स्तुति और महिमा का एक अत्यंत पावन संग्रह है। हिंदू धर्म में मां नर्मदा को पुण्य सलिला और मोक्षदायिनी माना गया है, जिनकी भक्ति मात्र से जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं। चालीसा का नियमित पाठ करने से मन को शांति, उत्तम स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति…

बसंत पंचमी व्रत कथा एवं पूजा विधि

माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। ब्रह्मा जी ने जब सृष्टि की रचना की,…

स्कन्द षष्ठी व्रत कथा व पूजा विधि

भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय (स्कन्द) को समर्पित स्कन्द षष्ठी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब तारकासुर नामक दैत्य के अत्याचारों से देवता त्रस्त हो गए थे, तब भगवान कार्तिकेय ने इसी दिन उसका वध कर देवलोक की रक्षा की थी। यह व्रत विशेष रूप…

भानु सप्तमी व्रत कथा व पूजा विधि

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है, जो भगवान सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित है। जब भी शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को पड़ती है, तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य भानु सप्तमी 25 जनवरी (माघ शुक्ल सप्तमी – जिसे रथ सप्तमी भी…

रथ सप्तमी (अचला सप्तमी) व्रत कथा

|| रथ सप्तमी की व्रत कथा (Rath Saptami Vrat Katha Achala Saptami PDF) || माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी, अचला सप्तमी, सूर्य सप्तमी और सूर्य जयंती के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान सूर्य देव अपने दिव्य…

भीष्म अष्टमी व्रत कथा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 26 जनवरी, सोमवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत के महान योद्धा पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर बाणों की शय्या पर अपने प्राण त्यागे थे।…

जया एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में जया एकादशी का पावन व्रत 28 जनवरी, बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को नीच योनि जैसे कि भूत-प्रेत या पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती…

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा

मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत मां दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत शुभ और कल्याणकारी उपवास है। हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उनकी पावन व्रत कथा का पाठ करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब महिषासुर नामक…

भीष्म द्वादशी पौराणिक कथा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी (Bhishma Dwadasi Katha PDF) के रूप में मनाया जाता है, जिसे ‘तिल द्वादशी’ भी कहते हैं। वर्ष 2026 में यह पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत के पितामह भीष्म ने इसी दिन अपने प्राण त्यागने के पश्चात मोक्ष प्राप्त…

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