ब्रह्मचारिणी माता आरती

नवरात्रि के दूसरे दिन पूजी जाने वाली माँ ब्रह्मचारिणी (Maa Brahmacharini) माँ दुर्गा का दूसरा दिव्य स्वरूप हैं। ‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली। यह देवी पूर्ण ज्योतिर्मय और अत्यंत शांत हैं। उनके दाहिने हाथ में जप की माला और बाएं हाथ में कमंडल है। कठोर तप और…

महागौरी माता आरती

माँ महागौरी, नवदुर्गा का आठवाँ स्वरूप हैं। इनका वर्ण (रंग) पूर्णतः गौर (श्वेत) है, जिसकी उपमा शंख, चंद्रमा और कुंद के फूल से की जाती है। कठोर तपस्या के बाद इन्हें यह अत्यंत तेजोमय और शांत स्वरूप प्राप्त हुआ। ये श्वेत वस्त्र धारण करती हैं और इनका वाहन वृषभ (बैल) है। इनकी चार भुजाएँ हैं,…

श्री शैलपुत्री आरती

मां शैलपुत्री नवदुर्गा का प्रथम स्वरूप हैं। ‘शैल’ का अर्थ है पर्वत, और ‘पुत्री’ का अर्थ है बेटी। पर्वतराज हिमालय के घर पुत्री रूप में जन्म लेने के कारण इन्हें शैलपुत्री कहा गया। ये देवी वृषभ (बैल) पर सवार होती हैं, इसलिए इन्हें वृषारूढ़ा भी कहते हैं। इनके दाहिने हाथ में त्रिशूल और बाएँ हाथ…

कात्यायनी माता आरती

माँ कात्यायनी माँ दुर्गा का छठा स्वरूप हैं। इनका नाम ऋषि कात्यायन के यहाँ जन्म लेने के कारण पड़ा। ये अत्यंत तेजस्वी और क्रोधित रूप में प्रकट हुईं थीं, जिन्होंने महिषासुर का वध करके देवताओं को भयमुक्त किया। माँ कात्यायनी सिंह पर सवार हैं और इन्हें चार भुजाओं वाली देवी के रूप में पूजा जाता…

Vishwakarma Aarti

|| Vishwakarma Aarti PDF || Jai Shri Vishvakarma Prabhu, Jai Shri Vishvakarma। Sakal Srashti Ke Karata, Rakshak Stuti Dharma॥ ॥ Jai Shri Vishvakarma…॥ Aadi Srashti Me Vidhi Ko, Shruti Upadesh Diya। Jeev Maatra Ka Jag Me, Gyan Vikas Kiya॥ ॥ Jai Shri Vishvakarma…॥ Dhyan Kiya Jab Prabhu Ka, Sakal Siddhi Aai। Rishi Angeera Tap Se,…

श्री वामन आरती

|| श्री वामन आरती (Vaman Aarti PDF) || ॐ जय वामन देवा, हरि जय वामन देवा बलि राजा के द्वारे, बलि राजा के द्वारे सन्त करे सेवा, || ॐ जय वामन देवा…||  वामन रूप अनुपम छत्र दंड शोभा, हरि छत्र दंड शोभा तिलक भाल की मनोहर भक्तन मन मोहा || ॐ जय वामन देवा…||  आगम…

Shri Kalki Aarti

|| Shri Kalki Aarti PDF || Om Jay Jay Sur Rakshak Asur Vinashak, Padmavat Ke Pyare. Jay Jay Shri Kalki Bhakt Hitkari, Dushtan Maaran Haare. Jay Jay Khadgadhari Jay Asurari, Gau Vipran Ke Rakhvaare. Ksheer Sagarvaasi Jay Avinaashi, Bhoomi Bhaar Utaaran Haare. Alakh Niranjan Bhav Bhay Bhanjan, Jay Sambhal Sarkaare. Bhakt Jaano Ke Palankarta, Jay…

श्री राधा आरती

श्री राधा रानी की आरती उनके भक्तों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह आरती राधा जी के दिव्य स्वरूप, उनकी कृपा और प्रेम को समर्पित है। “श्री राधा आरती PDF” के माध्यम से भक्तगण कभी भी, कहीं भी इस पावन आरती का पाठ कर सकते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति और आध्यात्मिक संतोष प्राप्त होता…

ऋषि पंचमी आरती

|| ऋषि पंचमी आरती (Rishi Panchami Aarti Hindi PDF) || श्री हरि हर गुरु गणपति, सबहु धरि ध्यान। मुनि मंडल श्रृंगार युक्त, श्री गौतम करहुँ बखान।। ॐ जय गौतम त्राता, स्वामी जी गौतम त्राता । ऋषिवर पूज्य हमारे, मुद मंगल दाता।। ॐ जय गौतम त्राता…. द्विज कुल कमल दिवाकर, परम् न्याय कारी। जग कल्याण करन…

Shri Rishi Panchami Aarti

|| Shri Rishi Panchami Aarti PDF || Shri Hari Har Ganpati, Sabahu dhari dhyan, Muni Mandal Shringar Yukt, Shri Gautam karahun bakhan. Om Jai Gautam Traata, Swami Ji Gautam Traata, Rishivar Pujya Hamaare, Mud Mangal Data. Om Jai Gautam Traata… Dvij Kul Kamal Divakar, Param Nyaay Kaari, Jag Kalyan Karan Hit, Nyaay Rachyo Bhaari. Om…

श्री गणपति आरती

|| श्री गणपति आरती (Ganpati Aarti PDF) || गणपति की सेवा मंगल मेवा, सेवा से सब विघ्न टरैं। तीन लोक के सकल देवता, द्वार खड़े नित अर्ज करैं॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा…। रिद्धि-सिद्धि दक्षिण वाम विराजें, अरु आनन्द सों चमर करैं। धूप-दीप अरू लिए आरती भक्त खड़े जयकार करैं॥ गणपति की सेवा मंगल मेवा…। गुड़…

जय देव वक्रतुंडा – गणपतीची आरती

|| जय देव वक्रतुंडा – गणपतीची आरती (Jai Dev Vakratunda Ganpatichi Aarti Marathi PDF) || जय देव जय देव जय वक्रतुंडा । सिंदुरमंडित विशाल सरळ भुजदंडा ॥ प्रसन्नभाळा विमला करि घेउनि कमळा । उंदिरवाहन दोंदिल नाचसि बहुलीळा ॥ रुणझुण रुणझुण करिती घागरिया घोळा । सताल सुस्वर गायन शोभित अवलीळा ॥ जय देव जय देव जय…

नानापरिमळ दूर्वा – गणपतीची आरती

|| नानापरिमळ दूर्वा – गणपतीची आरती (Nanaparimal Durva Ganpatichi Aarti Marathi PDF) || नानापरिमळ दूर्वा शमिपत्रे । लाडू मोदक अन्ने परिपूरित पाते ॥ ऐसे पूजन केल्या बीजाक्षरमंत्रे । अष्टहि सिद्धी नवनिधि देसी क्षणमात्रे ॥ जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती । तुझे गुण वर्णाया मज कैची स्फूर्ती ॥ तुझे ध्यान निरंतर जे कोणी करिती ।…

गजबदन विनायक आरती

|| गजबदन विनायक आरती (Gajaban Vinayak Aarti PDF) || आरती गजबदन विनायककी। सुर-मुनि-पूजित गणनायककी॥ आरती गजबदन विनायककी॥ एकदन्त शशिभाल गजानन, विघ्नविनाशक शुभगुण कानन। शिवसुत वन्द्यमान-चतुरानन, दुःखविनाशक सुखदायक की॥ आरती गजबदन विनायककी॥ ऋद्धि-सिद्धि-स्वामी समर्थ अति, विमल बुद्धि दाता सुविमल-मति। अघ-वन-दहन अमल अबिगत गति, विद्या-विनय-विभव-दायककी॥ आरती गजबदन विनायककी॥ पिङ्गलनयन, विशाल शुण्डधर, धूम्रवर्ण शुचि वज्रांकुश-कर। लम्बोदर बाधा-विपत्ति-हर, सुर-वन्दित…

श्री सिद्धिविनायक आरती: जय देव जय देव

|| श्री सिद्धिविनायक आरती -जय देव जय देव (Siddhivinayak Aarti PDF) || सुख करता दुखहर्ता, वार्ता विघ्नाची । नूर्वी पूर्वी प्रेम कृपा जयाची । सर्वांगी सुन्दर उटी शेंदु राची । कंठी झलके माल मुकताफळांची । जय देव जय देव.. जय देव जय देव, जय मंगल मूर्ति । दर्शनमात्रे मनः, कामना पूर्ति जय देव जय देव…

Siddhivinayak Aarti

|| Siddhivinayak Aarti PDF || Sukh Karta Dukhharta Varta Vighnachi । Noorvi Poorvi Prem Krupya Jayachi । Sarwangi Sundar Utishendu Rachi । Kanthi Jhalke Maad Mukhta Padhanchi । Jai Dev Jai Dev.. Jai Dev Jai Dev Jai Mangal Murti । Darshan Matre Mann, Kamana Purti Jai Dev Jai Dev ॥ Ratnakhachit Phara Tujh Gaurikumra ।…

अम्बे गौरी की आरती

अम्बे गौरी, जिन्हें दुर्गा और पार्वती के रूप में भी जाना जाता है, हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवी हैं। वह शक्ति और मातृ शक्ति का प्रतीक हैं। अम्बे गौरी को अक्सर शेर पर सवार, अष्टभुजाओं वाली और विभिन्न प्रकार के अस्त्र-शस्त्र धारण किए हुए दर्शाया जाता है। उन्हें ब्रह्मांड की रक्षक, बुराई का नाश…

तुलसी माता की आरती

हिंदू धर्म में तुलसी माता को अत्यधिक पूजनीय माना जाता है। इन्हें भगवान विष्णु की पत्नी देवी वृंदा का ही रूप माना जाता है। तुलसी का पौधा हर हिंदू घर में पाया जाता है और इसकी नियमित पूजा की जाती है। माना जाता है कि तुलसी की पूजा करने से घर में सुख, शांति और…

श्री विश्वकर्मा आरती

श्री विश्वकर्मा’ सृष्टि के महान वास्तुकार, देवता और शिल्पकार हैं। हिंदू धर्म में उन्हें सभी यंत्रों, कलाओं और विज्ञान के जनक के रूप में पूजा जाता है। यह माना जाता है कि उन्होंने ब्रह्मा के कहने पर सृष्टि के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देवताओं के लिए महलों, अस्त्रों और रथों का निर्माण करने…

श्री कृष्ण कन्हैया आरती

|| श्री कृष्ण कन्हैया आरती (Krishna Kanhaiya Aarti PDF) || मथुरा कारागृह अवतारी, गोकुल जसुदा गोद विहारी। नन्दलाल नटवर गिरधारी, वासुदेव हलधर भैया की॥ आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की। मोर मुकुट पीताम्बर छाजै, कटि काछनि, कर मुरलि विराजै। पूर्ण सरक ससि मुख लखि लाजै, काम कोटि छवि जितवैया की॥ आरती श्रीकृष्ण कन्हैया की। गोपीजन रस रास…

आरती कुंजबिहारी की (Shri Krishna Aarti)

|| आरती कुंजबिहारी की || आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला । श्रवण में कुण्डल झलकाला, नंद के आनंद नंदलाला । गगन सम अंग कांति काली, राधिका चमक रही आली । लतन में ठाढ़े बनमाली…

श्री कृष्णाची आरती

|| श्री कृष्णाची आरती (Krishna Aarti Marathi PDF) || ओवालू आरती मदनगोपाळा। श्यामसुन्दर गळा लं वैजयन्तीमाळा॥ चरणकमल ज्याचे अति सुकुमार। ध्वजवज्रानकुश ब्रीदाचा तोडर॥ ओवालू आरती मदनगोपाळा…॥ नाभीकमळ ज्याचेब्रह्मयाचे स्थान। ह्रीदयीन पदक शोभे श्रीवत्सलांछन॥ ओवालू आरती मदनगोपाळा…॥ मुखकमळा पाहता सूर्याचिया कोटी। वेधीयेले मानस हारपली धृष्टी॥ ओवालू आरती मदनगोपाळा…॥ जडित मुगुट ज्याच्या देदीप्यमान। तेणे तेजे कोदले अवघे…

श्री कृष्ण भोग आरती

|| श्री कृष्ण भोग आरती (Krishna Bhog Aarti PDF) || आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… दुर्योधन को मेवा त्यागो, साग विदुर घर खायो प्यारे मोहन, आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… भिलनी के बैर सुदामा के तंडुल रूचि रूचि भोग लगाओ प्यारे मोहन… आओ भोग लगाओ प्यारे मोहन… वृदावन की कुञ्ज…

श्री गायत्री माता की आरती

|| श्री गायत्री माता की आरती (Gayatri Mata ki Aarti Hindi) || जयति जय गायत्री माता, जयति जय गायत्री माता । सत् मारग पर हमें चलाओ, जो है सुखदाता ॥ ॥ जयति जय गायत्री माता..॥ आदि शक्ति तुम अलख निरंजन जगपालक क‌र्त्री । दु:ख शोक, भय, क्लेश कलश दारिद्र दैन्य हत्री ॥ ॥ जयति जय…

श्री कल्कि आरती

श्री कल्कि आरती भगवान विष्णु के दशम अवतार कल्कि भगवान की महिमा का गान है, जो कलियुग के अंत में अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करेंगे। इस आरती का पाठ करने से भक्तों को अज्ञान, अधर्म और कलियुगी दोषों से मुक्ति मिलती है। श्री कल्कि आरती में कल्कि भगवान की दिव्य शक्ति, उनके…

शेषनाग की आरती

|| शेषनाग की आरती (Sheshnag ki Aarti PDF) || आरती कीजे श्री नागदेवता की , भूमि का भार वहनकर्ता की॥ उग्र रूप है तुम्हारा देवा, भक्त सभी करते है सेवा॥ मनोकामना पूरण करते, तन-मन से जो सेवा करते। भक्तो के संकट हारी की, आरती कीजे श्री नागदेवता की , भूमि का भार वहनकर्ता की॥ महादेव…

Shri Shani Dev Aarti

Shri Shani Dev Aarti is a sacred hymn sung in praise of Lord Shani, the powerful deity known to deliver justice based on one’s karma. Devotees perform this Aarti especially on Saturdays to seek relief from hardships, Shani Dosha, and obstacles in life. Chanting the Aarti with faith is believed to bring balance, discipline, and…

Shaniwar Aarti

Shaniwar Aarti is a powerful devotional hymn dedicated to Lord Shani Dev, the god of justice in Hinduism. Reciting this Aarti on Saturdays is believed to remove the malefic effects of Shani Dosha and bring peace, prosperity, and protection from obstacles. Devotees light mustard oil lamps and chant the Aarti with utmost devotion. Many people…

हरतालिकेची आरती

हरतालिकेची आरती ही महाराष्ट्रातील स्त्रियांसाठी एक अत्यंत महत्त्वाची आणि पवित्र पूजा मानली जाते. ही आरती पारंपारिकरित्या गणेश चतुर्थीच्या आदल्या दिवशी केली जाते, जेव्हा स्त्रिया भगवान शंकरांना चांगला पती मिळावा किंवा पतीच्या दीर्घायुष्यासाठी प्रार्थना करतात. या पूजेमध्ये देवी पार्वती आणि भगवान शिव यांची उपासना केली जाते. ‘हरतालिकेची आरती PDF’ स्वरूपात उपलब्ध असल्याने ती घराघरात पोहोचली आहे….

Shri Mangala Gauri Aarti

Shri Mangala Gauri Aarti is a sacred hymn dedicated to Goddess Mangala Gauri, especially revered during the Shravan month by married women seeking marital bliss and the well-being of their families. Chanting this aarti with devotion brings peace, prosperity, and protection from negative energies. It is commonly performed during the Mangala Gauri Vrat on Tuesdays….

मंगला गौरी आरती

मंगला गौरी आरती, माँ गौरी की भक्ति का एक अनुपम साधन है, जो विशेष रूप से सावन मास के मंगलवार को उनके भक्तों द्वारा गाई जाती है। यह आरती माँ पार्वती के उस स्वरूप को समर्पित है, जो सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य प्रदान करता है। मंगला गौरी आरती के माध्यम से भक्त अपनी श्रद्धा और…

काली माता की आरती

काली माता की आरती देवी काली की महिमा का गुणगान करती है, जो अंधकार और अधर्म का विनाश करने वाली शक्ति हैं। यह आरती भक्तों को भयमुक्त करती है और आत्मबल प्रदान करती है। काली माता की उपासना विशेष रूप से अमावस्या, नवमी और तंत्र साधना के दिनों में की जाती है। काली माता की…

शीतला माता की आरती

शीतला माता की पूजा का विशेष महत्व है, खासकर चैत्र माह में पड़ने वाली शीतला अष्टमी के दिन। यह दिन देवी शीतला को समर्पित है, जो चेचक और अन्य बीमारियों से रक्षा करती हैं। शीतला माता की आरती इस पवित्र पूजा का एक अभिन्न अंग है, जिसके बिना कोई भी अनुष्ठान अधूरा माना जाता है।…

श्री ललिता माता आरती

माँ ललिता त्रिपुरसुंदरी, दस महाविद्याओं में सर्वोच्च स्थान रखती हैं। उनकी आराधना से जीवन में सुख-समृद्धि, ज्ञान और मोक्ष की प्राप्ति होती है। श्री ललिता माता आरती उनके भक्तों के लिए एक शक्तिशाली माध्यम है अपनी श्रद्धा अर्पित करने का। यह आरती माँ की महिमा, उनके दिव्य स्वरूप और आशीर्वाद का गुणगान करती है। श्री…

श्री दंतेश्वरी माता आरती

श्री दंतेश्वरी माता आरती छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में अत्यंत श्रद्धा के साथ गाई जाने वाली आरती है, जो माँ दंतेश्वरी की महिमा और शक्ति का गुणगान करती है। माँ दंतेश्वरी देवी शक्ति की अवतार मानी जाती हैं और बस्तर दशहरा में इनकी विशेष पूजा होती है। भक्तजन इस आरती के माध्यम से माँ से…

श्री हलषष्ठी माता आरती

श्री हलषष्ठी माता आरती का पाठ विशेष रूप से हलषष्ठी व्रत के अवसर पर किया जाता है, जो पुत्र सुख, संतान की दीर्घायु और समृद्धि की प्राप्ति हेतु मनाया जाता है। यह आरती मातृशक्ति की कृपा प्राप्त करने का एक श्रेष्ठ माध्यम है। मान्यता है कि श्री हलषष्ठी माता की आराधना करने से महिलाएं स्वस्थ…

श्री सप्तश्रृंगा अंबा आरती

श्री सप्तश्रृंगा अंबा आरती माँ सप्तश्रृंगी देवी की महिमा का वर्णन करने वाली एक भक्तिपूर्ण आरती है, जो महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित सप्तश्रृंगी देवी मंदिर में विशेष रूप से गाई जाती है। भक्तगण इस आरती के माध्यम से माँ की कृपा प्राप्त करते हैं और अपने जीवन के संकटों से मुक्ति पाते हैं।…

तू सुखकर्ता – गणपतीची आरती

“तू सुखकर्ता – गणपतीची आरती” मराठी में भगवान गणेश की एक अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिपूर्ण आरती है, जिसे विशेष रूप से गणेश चतुर्थी, संकष्टी चतुर्थी और गणेश पूजा के समय गाया जाता है। यह आरती भगवान गणपति को सुख और समृद्धि प्रदान करने वाले, दुखों का नाश करने वाले देवता के रूप में स्तुति करती…

शेंदुर लाल चढायो – गणपतीची आरती

“शेंदुर लाल चढायो” गणपती बाप्पांच्या सर्वाधिक प्रिय आरत्यांपैकी एक आहे. ही आरती गणेशाच्या तेजाचे आणि भक्तीचे अद्भुत वर्णन करते. नारदांच्या मुखातून निघालेली ही आरती गणपतीला शेंदूर अर्पण करण्याच्या परंपरेचे महत्त्व विशद करते, जो समृद्धी आणि शुभतेचे प्रतीक आहे. बाप्पांना शेंदूर अर्पण करून भक्त त्यांच्या जीवनात सुख, शांती आणि यश प्राप्त करतात अशी मान्यता आहे. ही…

माता पार्वती आरती

हम आपके लिए माता पार्वती की आरती का पूर्ण पाठ लेकर आए हैं, जिसे आप आसानी से पढ़ सकते हैं और गा सकते हैं। साथ ही, आपकी सुविधा के लिए हमने इसका PDF संस्करण भी उपलब्ध कराया है, जिसे आप डाउनलोड करके कभी भी, कहीं भी उपयोग कर सकते हैं। माता पार्वती, जो भगवान शिव…

आरती रामदासा – रामदासाची आरती

ही रामदासाची आरती PDF केवळ भक्तीचा अनुभव देत नाही, तर आपल्या मनाला स्थैर्य, प्रेरणा आणि आध्यात्मिक बळही प्रदान करते. आरतीच्या ओळींमध्ये संत रामदास स्वामींचे गुणगान, त्यांचे समाजासाठी केलेले कार्य आणि भगवंतावरची अटळ श्रद्धा यांचे वर्णन आहे. ही आरती म्हणताना मन भक्तिभावाने ओतप्रोत होते आणि आपल्या जीवनातील अडचणी दूर होण्यास मदत मिळते. रामदासाची आरती PDF डाउनलोड…

श्रीव्याडेश्वर आरती

श्रीव्याडेश्वर आरती ही व्याडेश्वर देवाला समर्पित एक पवित्र विधी आहे. भक्ती आणि श्रद्धेने गायली जाणारी ही आरती आपल्या जीवनात शांतता आणि समृद्धी आणते. भगवान व्याडेश्वर हे संकटे दूर करणारे आणि मनोकामना पूर्ण करणारे देवता मानले जातात. तुम्हीही “श्रीव्याडेश्वर आरती PDF” डाउनलोड करून ही पवित्र आरती आपल्या घरी म्हणू शकता. रोजच्या पूजेमध्ये या आरतीचा समावेश केल्यास…

श्री कुन्थुनाथ आरती

श्री कुन्थुनाथ भगवान जैन धर्म के 17वें तीर्थंकर हैं, जिनकी आराधना से आत्मशुद्धि, शांति और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। जैन श्रद्धालु कुन्थुनाथ भगवान की आरती विशेष रूप से रविवार और पर्व-दिवसों पर करते हैं। यदि आप श्री कुन्थुनाथ आरती PDF, सही विधि (vidhi) और इससे मिलने वाले लाभ (laabh) की जानकारी खोज रहे…

राणी ​​सतीजी की आरती

राणी सतीजी, जिन्हे दादी राणी सती के नाम से भी जाना जाता है, भारत में विशेषकर राजस्थान के झुंझुनू क्षेत्र में अत्यंत पूजनीय मानी जाती हैं। हर माह अमावस्या और विशेष अवसरों पर राणी सतीजी की आरती करके भक्तजन उनकी कृपा प्राप्त करते हैं। यह आरती शक्ति, त्याग और समर्पण का प्रतीक मानी जाती है।…

येई हो विठ्ठले – विठ्ठलाची आरती

|| येई हो विठ्ठले (Yei Ho Vitthale Marathi Aarti PDF) || येई हो विठ्ठले माझे माऊली ये । निढळावरी कर ठेवुनि वाट मी पाहे ॥ येई हो विठ्ठले… आलिया गेलिया हाती धाडी निरोप । पंढरपुरी आहे माझा मायबाप ॥ येई हो विठ्ठले… पिवळा पीतांबर कैसा गगनी झळकला । गरुडावरि बैसोनि माझा कैवारी आला ॥ येई…

लोलो लागला अंबेचा​ आरती

|| लोलो लागला अंबेचा​ आरती PDF Marathi || लोलो लागला अंबेचा, भेदाभेद कैचा आला कंटाळा विषयाचा, धंदा मुळ मायेचा ।। ध्रु.।। प्रपंच खोटा हा, मृगपाणी घोरे फिरतो प्राणी। कन्या-सुत-दारा-धन माझे मिथ्या वदतो वाणी। अंती नेतील हे यमदुत। न ये संगे कोणी। निर्गुण रेणुका कुळदेवी जपतो मी निर्वाणी।। लोलो।।१।। लोलो लागला अंबेचा, भेदाभेद कैचा आला कंटाळा…

आम्ही चुकलो जरी तरी काही​ आरती

|| आम्ही चुकलो जरी तरी काही​ आरती PDF || आम्ही चुकलो जरी तरी काही। तूं चुकू नको अंबाबाई ।।धृ । तुझे नांव आनंदी साजे| तुझा महिमा त्रिभुवनी गाजे| तुझे सगुणरूप विराजे| तुला वंदिती सन्मुनि, राजे। गुण गाती वेदशास्त्रेही ।।१ ।। आम्ही चुकलो जरी तरी काही। तूं चुकू नको अंबाबाई ।।धृ । आम्ही अनाथ, दीन भिकारी।…

श्री स्वामी समर्थ आरती

श्री स्वामी समर्थ महाराज हे कलियुगातील एक महान संत आणि दत्तावतारी पुरुष म्हणून ओळखले जातात. त्यांचे स्मरण, नामस्मरण आणि भजन हे त्यांच्या भक्तांना मानसिक शांती, धैर्य आणि सामर्थ्य प्रदान करते. स्वामी समर्थांच्या भक्तीचा एक महत्त्वाचा भाग म्हणजे त्यांची आरती. “श्री स्वामी समर्थ आरती” ही स्वामींच्या गौरवार्थ गायली जाणारी एक सुंदर आणि भक्तीपूर्ण रचना आहे. आरती…

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