हिन्दू पंचांग के अनुसार, माघ मास की पूर्णिमा तिथि को ‘ललिता जयंती’ (Lalita Jayanti) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन दस महाविद्याओं में से तीसरी और सबसे सौम्य मानी जाने वाली मां षोडशी (त्रिपुर सुंदरी) को समर्पित है। जिन्हें ‘ललिता’ कहा जाता है, वे न केवल ब्रह्मांड की सबसे सुंदर देवी हैं, बल्कि वे श्री विद्या की अधिष्ठात्री भी हैं।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि ललिता जयंती पर मां षोडशी को कैसे प्रसन्न करें, उनकी पूजा के अचूक मंत्र कौन से हैं और वे कौन से विशेष उपाय हैं जो आपके जीवन को सुख-समृद्धि से भर सकते हैं।
कौन हैं मां षोडशी (ललिता)?
मां ललिता को ‘षोडशी’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वे सोलह कलाओं से परिपूर्ण हैं और उनका स्वरूप एक सोलह वर्षीय किशोरी की तरह नित्य युवा और तेजवान है। वे त्रिपुर सुंदरी हैं, अर्थात तीनों लोकों (स्वर्ग, पृथ्वी और पाताल) में उनसे सुंदर कोई नहीं है।
मान्यता है कि इनकी साधना करने वाले व्यक्ति के चेहरे पर एक अलग ही तेज (आकर्षण) आ जाता है और उसे जीवन में कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती।
ललिता जयंती पूजा का शुभ मुहूर्त और विधि
ललिता जयंती के दिन की गई साधना कभी निष्फल नहीं जाती। यदि आप जीवन में स्थिरता और मोक्ष दोनों चाहते हैं, तो इस विधि से पूजन करें:
- सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और श्वेत (सफेद) या गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें।
- मां ललिता की पूजा में ‘श्री यंत्र’ का विशेष महत्व है। यदि आपके पास श्री यंत्र है, तो उसे गंगाजल और दूध से स्नान कराएं।
- मां को खीर, मिश्री और सफेद बर्फी का भोग अत्यंत प्रिय है।
- कमल का फूल या कोई भी सुगंधित लाल/गुलाबी फूल अर्पित करें।
मां षोडशी को प्रसन्न करने के अचूक मंत्र (Maa Shodashi Mantra)
मां ललिता की साधना मंत्रों के बिना अधूरी मानी जाती है। अपनी मनोकामना के अनुसार आप निम्न में से किसी एक मंत्र का जाप रुद्राक्ष या कमलगट्टे की माला से कम से कम 108 बार करें।
- सर्वकल्याणकारी बीज मंत्र – यदि आप जीवन में सामान्य सुख और शांति चाहते हैं, तो इस सरल बीज मंत्र का जाप करें: “ॐ ऐं ह्रीं श्रीं त्रिपुर सुन्दरीयै नमः”
- सौंदर्य और आकर्षण वृद्धि के लिए – यदि आप अपने व्यक्तित्व में निखार और समाज में मान-सम्मान चाहते हैं, तो इस मंत्र का जाप करें: “ॐ ह्रीं श्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं सौः ऐं ह्रीं श्रीं” (नोट: यह मंत्र अत्यंत प्रभावशाली है, इसका उच्चारण शुद्धता से करें)
- आर्थिक संकट दूर करने के लिए – कर्ज या धन की कमी को दूर करने के लिए मां ललिता के इस मंत्र का ध्यान करें: “ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं सौः ॐ ह्रीं श्रीं क ए ई ल ह्रीं ह स क ह ल ह्रीं स क ल ह्रीं सौः ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं ॐ”
सुख-समृद्धि के लिए ललिता जयंती के विशेष उपाय (Special Remedies)
ज्योतिष और तंत्र शास्त्र के अनुसार, ललिता जयंती के दिन किए गए कुछ छोटे-छोटे उपाय (Totke/Upay) आपके भाग्य को बदल सकते हैं। यहाँ कुछ अद्वितीय उपाय दिए गए हैं:
- गन्ने के रस से अभिषेक (धन प्राप्ति के लिए) – यह एक गुप्त और अत्यंत चमत्कारी उपाय है। ललिता जयंती के दिन श्री यंत्र का गन्ने के रस से अभिषेक करें। ऐसा करने से ‘दरिद्रता’ का नाश होता है और लक्ष्मी का स्थायी वास होता है। अभिषेक करते समय ‘श्रीं’ बीज मंत्र का मानसिक जाप करते रहें।
- दांपत्य जीवन में प्रेम के लिए – यदि पति-पत्नी के बीच तनाव रहता है, तो इस दिन मां ललिता को इत्र (Perfume) और 16 श्रृंगार की वस्तुएं अर्पित करें। पूजा के बाद वह इत्र पति-पत्नी नियमित रूप से प्रयोग करें। इससे रिश्तों में मिठास घोलेगी।
- विवाह में देरी के लिए – जिन कन्याओं या युवकों के विवाह में बाधा आ रही है, वे ललिता जयंती के दिन मां को 11 कमल के फूल अर्पित करें और हर फूल के साथ “ॐ कामेश्वराय नमः” मंत्र बोलें। शीघ्र विवाह के योग बनेंगे।
- मुकदमों और शत्रुओं से मुक्ति के लिए – यदि कोई शत्रु परेशान कर रहा है या कोर्ट-कचहरी का मामला है, तो मां के चरणों में नागरवेल का पान (लौंग लगा हुआ) अर्पित करें। प्रार्थना करें कि शत्रु का मन बदल जाए। मां ललिता स्तंभन शक्ति की भी देवी हैं, वे शत्रुओं की बुरी नियत को रोक देती हैं।
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