श्री भैरव चालीसा
|| श्री भैरव चालीसा || ॥ दोहा ॥ श्री भैरव सङ्कट हरन, मंगल करन कृपालु। करहु दया जि दास पे, निशिदिन दीनदयालु॥ ॥ चौपाई ॥ जय डमरूधर नयन विशाला। श्याम वर्ण, वपु महा कराला॥ जय त्रिशूलधर जय डमरूधर। काशी कोतवाल, संकटहर॥ जय गिरिजासुत परमकृपाला। संकटहरण हरहु भ्रमजाला॥ जयति बटुक भैरव भयहारी। जयति काल भैरव बलधारी॥…