श्री गौरी माँ चालीसा PDF हिन्दी
Download PDF of Shri Gauri Maa Chalisa Hindi
Parvati Ji ✦ Chalisa (चालीसा संग्रह) ✦ हिन्दी
श्री गौरी माँ चालीसा हिन्दी Lyrics
हिंदू धर्म में माता पार्वती के मंगलमय स्वरूप ‘माँ गौरी’ की आराधना का विशेष महत्व है। श्री गौरी माँ चालीसा का नियमित पाठ करने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का आगमन होता है। विशेषकर सुहागिन महिलाएँ अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए माँ गौरी की स्तुति करती हैं। माँ गौरी को दया और करुणा की प्रतिमूर्ति माना जाता है, जो अपने भक्तों के सभी कष्टों को हर लेती हैं।
यदि आप भी माँ की कृपा पाना चाहते हैं और भक्ति भाव से पाठ करना चाहते हैं, तो Gauri Maa Chalisa PDF हमारी वेबसाइट से डाउनलोड करें। यह चालीसा न केवल मन को शांति प्रदान करती है, बल्कि साधक में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करती है।
श्री गौरी माँ चालीसा का पाठ करने से व्यक्ति को सौभाग्य, सुखी वैवाहिक जीवन और संतान सुख की प्राप्ति होती है। यह चालीसा भगवान शिव की अर्धांगिनी और समस्त जगत की माता, देवी गौरी (पार्वती) को समर्पित है। इसका नियमित पाठ करने से मनवांछित फल की प्राप्ति होती है और जीवन में आने वाली सभी बाधाएं दूर होती हैं।
|| श्री गौरी माँ चालीसा (Gauri Maa Chalisa PDF) ||
।। दोहा ।।
मन मन्दिर मेरे इन बसों,
आरंभ करूं गुणगान।
गौरी माँ मातेश्वरी,
दो चरणों का ध्यान।
पूजन विधि ना जानती,
पर श्रद्धा है अपार,
प्रणाम मेरा स्वीकारिये ,
माँ प्राण आधार।।
।। चौपाई ।।
नमो नमो हे गौरी माता।
आप हो मेरी भाग्य विधाता।।
शरनागत न कभी घबराता।
गौरी उमा शंकरी माता।।
आपका प्रिय है आदर पाता।
जय हो कार्तिकेय गणेश की माता।।
महादेव गणपति संग आओ।
मेरे सकल क्लेश मिटाओ।।
सार्थक हो जाए जग में जीना।
सद्कर्मों से कभी हटूं ना।।
सकल मनोरथ पूर्ण कीजो।
सुख सुविधा वरदान में दीजो।।
हे माँ भाग्य रेखा जगा दो।
मन भावन संयोग मिला दो।।
मन को भाये वोह वर चाहूँ।
ससुराल पक्ष का स्नेह मैं पाऊँ।।
परम आराध्या आप हो मेरी।
फ़िर क्यों वर मे इतनी देरी।।
हमरे काज सम्पूर्ण कीजो।
थोडे़ में बरकत भर दीजो।।
अपनी दया बनाए रखना।
भक्ति भाव जगाये रखना।।
गौरी माता अंगसंग रहना।
कभी न खोऊं मन का चैना।।
देव मुनि सब सीस निवाते।
सुख सुविधा को वर में पाते।।
श्रद्धा भाव जो लेकर आया।
बिन मांगे भी सब कुछ पाया।।
हर संकट से उसे उबारा।
आगे बढ़ के दिया सहारा।।
जबहिं आप माँ स्नेह दिखलावें।
निराश मन मे आस जगावें।।
शिव भी आपका कहा ना टालें ।
दया दृष्टि हम पे डालें।।
जो जन करता आपका ध्यान।
जग में पाये मान सम्मान।।
सच्चे मन जो सिमरण करती।
उसके सुहाग की रक्षा करती।।
दया दृष्टि जब माँ डारें।
भवसागर से पार उतारें।।
जपे जो ॐ नमः शिवाय।
शिव परिवार का स्नेह वो पाय।।
जिस पे आप दया दिखावें।
दुष्ट आत्मा नहीं सतावें।।
सद्गुण की हो दाता आप।
हर इक मन की ज्ञाता आप।।
काटो हमरे सकल क्लेश।
निरोग रहे परिवार हमेश।।
दुख संताप मिटा देना माँ।
मेघ दया के बरसा देना माँ।।
जबहिं आप मौज में आए।
हठ जाए माँ सब विपदायें।।
जिसपे दयाल हों माता आप।
उसका बढ़ता पुण्य प्रताप।।
फल-फूल मैं दुग्ध चढ़ाऊं।
श्रद्धाभाव से आपको ध्याऊं।।
अवगुण मेरे ढक देना माँ।
ममता आंचल कर देना माँ।।
कठिन नहीं कुछ आपको माता।
जग ठुकराया दया को पाता।।
गिन पाऊं न गुन माँ तेरे।
नाम धाम स्वरूप बहूतेरे।।
जितने आपके पावन धाम।
सब धामों को माँ प्राणम।।
आपकी दया का है ना पार।
तभी तो पूजे कुल संसार।।
निर्मल मन जो शरण में आता।
मुक्ति की वोह युक्ति पाता।।
संतोष धन से दामन भर दो।
असंभव को माँ संभव कर दो।।
आपकी दया के भारे भण्डार।
सुखी वसे मेरा परिवार।।
आपकी महिमा अति निराली।
भक्तों के दुःख हरने वाली।।
मनोकामना पूर्ण करती।
मन की दुविधा पल मे हरती।।
चालीसा जो भी पढे सुनाय।
सुयोग्य वर वरदान मे पाय।।
आशा पूर्ण कर देना माँ।
सुमंगल साखी वर देना माँ।।
।। दोहा ।।
गौरी माँ विनती करूँ,
आना आपके द्वार।
ऐसी माँ कृपा किजिये,
हो जाए उद्धार।।
दीन-हीन हूँ शरण में,
दो चरणों का ध्यान ।
ऐसी कृपा कीजिये,
पाऊँ मान सम्मान।।
|| श्री गौरी माँ चालीसा पाठ विधि ||
गौरी माँ चालीसा का पाठ शुरू करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना आवश्यक है:
- सोमवार या शुक्रवार के दिन सुबह स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें। एक साफ और शांत स्थान पर देवी गौरी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
- एक दीया (घी का), धूप, फूल (लाल रंग के फूल विशेष रूप से), रोली, सिन्दूर, अक्षत और प्रसाद (हलवा या कोई भी मीठा व्यंजन) तैयार रखें।
- सबसे पहले, भगवान गणेश का ध्यान करें और उनसे पाठ को निर्विघ्न संपन्न करने की प्रार्थना करें। इसके बाद, देवी गौरी का ध्यान करते हुए मन ही मन उनका आह्वान करें।
- अपनी इच्छा को मन में रखते हुए चालीसा पाठ का संकल्प लें।
- श्रद्धा और भक्ति के साथ चालीसा का पाठ करें।
- पाठ पूरा होने के बाद देवी गौरी की आरती करें और प्रसाद सभी में बांट दें।
|| श्री गौरी माँ चालीसा के लाभ ||
- इस चालीसा का नियमित पाठ करने से विवाहित महिलाओं को सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन का आशीर्वाद मिलता है।
- अविवाहित लड़कियां अच्छे और मनचाहे वर की प्राप्ति के लिए इस चालीसा का पाठ कर सकती हैं।
- जो लोग संतान प्राप्ति की इच्छा रखते हैं, उन्हें इस चालीसा का पाठ करने से विशेष लाभ मिलता है।
- यह चालीसा कुंडली में अशुभ ग्रहों के प्रभाव को कम करने में सहायक मानी जाती है।
- गौरी माँ चालीसा के पाठ से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में सुख-शांति आती है।
Join HinduNidhi WhatsApp Channel
Stay updated with the latest Hindu Text, updates, and exclusive content. Join our WhatsApp channel now!
Join Nowश्री गौरी माँ चालीसा

READ
श्री गौरी माँ चालीसा
on HinduNidhi Android App
DOWNLOAD ONCE, READ ANYTIME
Your PDF download will start in 15 seconds
CLOSE THIS
