सूर्य देव व्रत कथा एवं पूजा विधि

सूर्य देव व्रत कथा हिंदू धर्म में अत्यंत फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि रविवार के दिन भगवान सूर्य की उपासना और कथा श्रवण करने से व्यक्ति को आरोग्य, सुख-समृद्धि और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। यह व्रत विशेष रूप से चर्म रोगों से मुक्ति और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा के संचार के लिए…

सोळा सोमवाराची कहाणी

सोळा सोमवारचे व्रत हे भगवान शिवाची कृपा प्राप्त करण्यासाठी अत्यंत प्रभावी मानले जाते. प्रामुख्याने मनोकामना पूर्ती, सुख-समृद्धी आणि वैवाहिक आनंदासाठी हे व्रत केले जाते. या व्रताची सुरुवात श्रावण महिन्यातील पहिल्या सोमवारी करणे अत्यंत शुभ मानले जाते. या व्रताच्या कथेत एका गरीब ब्राह्मणाची किंवा कधी व्यापाऱ्याची कथा असते, ज्याला महादेवाच्या आशीर्वादाने सर्व सुखे प्राप्त होतात. श्रद्धेने…

शनिवार व्रत कथा और व्रत विधि

शनिवार का व्रत भगवान शनि देव को प्रसन्न करने और उनके अशुभ प्रभाव (जैसे साढ़ेसाती या ढैय्या) को कम करने के लिए रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से मानसिक शांति, आर्थिक समृद्धि और जीवन की बाधाओं को दूर करने के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि शनिवार के दिन शनि देव…

वैभव लक्ष्मी व्रत कथा मराठी

|| वैभव लक्ष्मी व्रत कथा (Vaibhav Laxmi Vrat Katha Marathi) || एक काळ होता, जेव्हा आटपाट नगरात प्रेम, आपुलकी, नामस्मरण, कीर्तन, सेवा आणि परोपकार यांनी लोकांचे जीवन भरलेले होते. लोक गुण्यागोविंदाने राहत होते. पण काळाच्या बदलासोबत समाजात चोरी, दरोडे, जुगार, व्यभिचार, मद्यपान यांसारख्या दुर्गुणांनी पाय पसरले. तरीही काही चांगली, सज्जन माणसे त्या नगरात होती. त्यात…

संतोषी माता व्रत कथा पूजा विधि

संतोषी माता का व्रत हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है। यह व्रत सुख, शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए शुक्रवार को रखा जाता है। संतोषी माता व्रत कथा भगवान गणेश की पुत्री माता संतोषी की महिमा का वर्णन करती है। इस कथा को सुनने या पढ़ने से भक्तों के जीवन के दुख और…

Shri Brihaspati/Guruvaar (Thursday) Vrat Katha

The Brihaspati Vrat Katha (Thursday Fast Story) is a sacred narrative dedicated to Lord Brihaspati, the deity associated with the planet Jupiter and the teacher of the gods. Devotees observe this fast to seek wisdom, prosperity, and the removal of obstacles in marriage or education. The story typically revolves around a wealthy merchant or a…

त्रिस्पृशा एकादशी महायोग कथा (पूजा विधि)

त्रिस्पृशा एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी मानी जाती है। जब एक ही तिथि में एकादशी, द्वादशी और सूर्योदय के समय त्रयोदशी का संगम होता है, तो उसे ‘त्रिस्पृशा’ कहा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस महायोग में व्रत करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है। इस पावन…

मंगलवार व्रत कथा पूजा विधि

मंगलवार का व्रत भगवान हनुमान को समर्पित है, जो शक्ति, साहस और भक्ति के प्रतीक माने जाते हैं। यह व्रत रखने से कुंडली में मंगल दोष का प्रभाव कम होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है। भक्त इस दिन सुबह स्नान कर हनुमान जी की पूजा करते हैं, लाल फूल चढ़ाते हैं और व्रत…

द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा

साल 2026 में द्विजप्रिया संकष्टी चतुर्थी का पावन पर्व 5 फरवरी, गुरुवार को मनाया जाएगा। यह व्रत भगवान गणेश के ‘द्विजप्रिया’ स्वरूप को समर्पित है, जिन्हें बाधाओं का नाश करने वाला और ज्ञान का दाता माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और कथा सुनने से जीवन के सभी संकट दूर होते…

थाईपुसम पौराणिक कथा

थाईपुसम 2026 एक अत्यंत महत्वपूर्ण और आध्यात्मिक तमिल हिंदू त्योहार है, जो भगवान मुरुगन (कार्तिकेय) को समर्पित है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 1 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। यह त्योहार मुख्य रूप से बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन माता पार्वती ने भगवान मुरुगन को…

श्री नर्मदा व्रत कथा एवं पूजन विधि

माँ नर्मदा को मोक्षदायिनी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, श्री नर्मदा व्रत कथा का श्रवण और पठन करने से भक्तों के सभी पाप धुल जाते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है। यह व्रत विशेष रूप से नर्मदा जयंती के दिन रखा जाता है। माँ नर्मदा की कृपा से वैवाहिक जीवन में…

बसंत पंचमी व्रत कथा एवं पूजा विधि

माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का पावन पर्व मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन विद्या और बुद्धि की देवी मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था। ब्रह्मा जी ने जब सृष्टि की रचना की,…

स्कन्द षष्ठी व्रत कथा व पूजा विधि

भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय (स्कन्द) को समर्पित स्कन्द षष्ठी व्रत का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब तारकासुर नामक दैत्य के अत्याचारों से देवता त्रस्त हो गए थे, तब भगवान कार्तिकेय ने इसी दिन उसका वध कर देवलोक की रक्षा की थी। यह व्रत विशेष रूप…

भानु सप्तमी व्रत कथा व पूजा विधि

हिंदू धर्म में भानु सप्तमी का विशेष महत्व है, जो भगवान सूर्य देव की उपासना के लिए समर्पित है। जब भी शुक्ल पक्ष या कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि रविवार को पड़ती है, तो उसे भानु सप्तमी कहा जाता है। वर्ष 2026 में मुख्य भानु सप्तमी 25 जनवरी (माघ शुक्ल सप्तमी – जिसे रथ सप्तमी भी…

रथ सप्तमी (अचला सप्तमी) व्रत कथा

|| रथ सप्तमी की व्रत कथा (Rath Saptami Vrat Katha Achala Saptami PDF) || माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को रथ सप्तमी, अचला सप्तमी, सूर्य सप्तमी और सूर्य जयंती के रूप में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर भगवान सूर्य देव अपने दिव्य…

भीष्म अष्टमी व्रत कथा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को भीष्म अष्टमी के रूप में मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 26 जनवरी, सोमवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन महाभारत के महान योद्धा पितामह भीष्म ने सूर्य के उत्तरायण होने पर बाणों की शय्या पर अपने प्राण त्यागे थे।…

जया एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में जया एकादशी का पावन व्रत 28 जनवरी, बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को नीच योनि जैसे कि भूत-प्रेत या पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती…

मासिक दुर्गाष्टमी व्रत कथा

मासिक दुर्गाष्टमी का व्रत मां दुर्गा को समर्पित एक अत्यंत शुभ और कल्याणकारी उपवास है। हर माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को यह व्रत रखा जाता है। इस दिन भक्त मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा करते हैं और उनकी पावन व्रत कथा का पाठ करते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब महिषासुर नामक…

भीष्म द्वादशी पौराणिक कथा

माघ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को भीष्म द्वादशी (Bhishma Dwadasi Katha PDF) के रूप में मनाया जाता है, जिसे ‘तिल द्वादशी’ भी कहते हैं। वर्ष 2026 में यह पर्व 29 जनवरी को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत के पितामह भीष्म ने इसी दिन अपने प्राण त्यागने के पश्चात मोक्ष प्राप्त…

मासिक कार्तिगाई व्रत कथा

मासिक कार्तिकेय व्रत, जिसे कार्तिगाई दीपम के नाम से भी जाना जाता है, मुख्य रूप से भगवान शिव और उनके पुत्र भगवान कार्तिकेय (मुरुगन) को समर्पित है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब भगवान विष्णु और ब्रह्मा जी के बीच अपनी श्रेष्ठता को लेकर विवाद हुआ, तब भगवान शिव एक अनंत ‘ज्योतिर्लिंग’ के रूप में प्रकट…

ਕਰਵਾ ਚੌਥ ਵ੍ਰਤ ਕਥਾ ਪੂਜਾ ਵਿਧੀ

Karwa Chauth is a festival celebrated by married Hindu women for the long life and prosperity of their husbands. The day is marked by a strict fast from sunrise to moonrise. A central part of this ritual is the Karwa Chauth Vrat Katha, which narrates the story of Queen Veervati and her devotion. The Puja…

दिवाली व्रत कथा और पूजा विधि

दीपावली का पावन पर्व न केवल दीपों का उत्सव है, बल्कि यह मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने का भी दिन है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन दीपावली व्रत कथा का श्रवण या पठन करने से घर में सुख, शांति और अखंड लक्ष्मी का वास होता है। इस कथा में…

पूर्णिमा व्रत कथा

पूर्णिमा व्रत (Purnima Vrat Katha PDF) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पूर्णिमा व्रत की कथा सुनने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर…

सरस्वती व्रत कथा एवं पूजा विधि

सरस्वती व्रत कथा भगवती सरस्वती की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत मंगलकारी माध्यम है। विशेष रूप से विद्यार्थियों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों के लिए यह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के पालन और कथा के श्रवण से बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि होती है। इस कथा में…

करवा चौथ व्रत कथा और पूजन विधि

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपव्रत रखती हैं। करवा चौथ की पूजा में ‘करवा चौथ व्रत कथा’ का पाठ करना अनिवार्य माना गया है। कथा के अनुसार, वीरावती नाम की एक पतिव्रता स्त्री…

श्री खाटू श्याम जी कथा

खाटू श्याम जी की कथा भक्त और भगवान के बीच अटूट विश्वास का प्रतीक है। महाभारत काल के वीर बर्बरीक ही आज खाटू श्याम के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने धर्म की जीत के लिए भगवान श्री कृष्ण के मांगने पर अपना शीश दान कर दिया था। उनकी इस महान बलि से प्रसन्न होकर…

श्री कार्तिक मास कथा

कार्तिक मास हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस मास के महत्व और नियमों का वर्णन ‘श्री कार्तिक मास कथा’ में मिलता है, जिसे भक्तजन पुण्य लाभ के लिए पढ़ते हैं। Kartik Maas Katha PDF आसानी से उपलब्ध है। कथा में मुख्य रूप से भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा, गंगा स्नान,…

दशामाता व्रत कथा एवं पूजा विधि

दशामाता का व्रत (Dashamata Vrat Katha PDF) मुख्य रूप से चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत घर की सुख-समृद्धि और बिगड़ी हुई दशा को सुधारने के लिए रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा नल और रानी दमयंती के जीवन में जब कष्ट आए, तो रानी…

श्री महालक्ष्मी व्रताची कथा (मार्गशीर्ष गुरुवारची व्रत कथा)

श्री महालक्ष्मी व्रताची कथा मार्गशीर्ष महिन्यातील गुरुवारी सांगितली जाते. ही कथा देवी लक्ष्मीच्या कृपेचे महत्त्व सांगते. एका गरीब ब्राह्मणीने हे व्रत श्रद्धेने केले आणि तिला देवी महालक्ष्मीचा आशीर्वाद मिळाला. कथेनुसार, एकदा लक्ष्मी देवीने एका म्हाताऱ्या स्त्रीचे रूप घेऊन राजाच्या महालात प्रवेश करण्याचा प्रयत्न केला, पण राणीने तिचा अपमान केला. मात्र, राजकन्या शामबालेने म्हातारीला (जी प्रत्यक्ष…

हरतालिकेची कहाणी व्रताची कथा

भाद्रपद शुद्ध तृतीयेला हरतालिका साजरी केली जाते. हे व्रत प्रामुख्याने स्त्रिया आणि कुमारिका अखंड सौभाग्य आणि इच्छित वर प्राप्तीसाठी करतात. पौराणिक कथेनुसार, माता पार्वतीने भगवान शंकराला पती म्हणून मिळवण्यासाठी अरण्यात कठोर तपश्चर्या केली होती. पार्वतीने अन्नाचा त्याग करून केवळ सुक्या पानांचे सेवन केले, म्हणून या व्रताला विशेष महत्त्व आहे. या दिवशी सखींनी (मैत्रिणींनी) पार्वतीचे अपहरण…

चित्रगुप्त कथा व पूजा विधि

भगवान चित्रगुप्त जी की पूजा कायस्थ समाज और सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रह्मा जी के शरीर (काया) से हुआ था, इसलिए उन्हें ‘कायस्थ’ कहा गया। वे यमराज के सहायक हैं और मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी…

हलषष्ठी सम्पूर्ण व्रत कथा एवं पूजा विधि

हलषष्ठी (Halashasti Sampuran Vrat Katha PDF), जिसे ललही छठ या तिन्नी छठ के नाम से भी जाना जाता है, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार,…

मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत कथा व पूजा विधि (मार्गशीर्ष गुरुवार व्रत कथा)

मार्गशीर्ष माह में देवी लक्ष्मी की उपासना का विशेष महत्व है। इस पावन महीने के प्रत्येक गुरुवार को मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत रखा जाता है, जिसे ‘अगहन गुरुवार’ भी कहते हैं। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक यह व्रत रखते हैं और श्री महालक्ष्मी व्रत कथा का पाठ करते हैं, उनके घर में सुख, शांति और…

हरतालिका तीज व्रत कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज 2026 का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए…

শ্রী লক্ষ্মী পাঁচালী

শ্রী লক্ষ্মী পাঁচালী (Laxmi Panchali PDF) हिंदू धर्म में विशेष रूप से बंगाली परिवारों के बीच एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण ग्रंथ है। इसमें धन और समृद्धि की देवी, माँ लक्ष्मी की महिमा और उनके व्रतों का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि गुरुवार (Laxmi Bar) के दिन भक्ति भाव से इस पांचाली का…

కేదారేశ్వర వ్రతం వ్రత కథ

Kedareswara Vratham, also known as Kedara Gauri Vratam, is a highly auspicious observance dedicated to Lord Shiva. According to the Vrat Katha, Goddess Parvati performed this penance to become an inseparable part of Lord Shiva, eventually leading to the divine form of Ardhanarishwara. Devotees observe this fast with deep devotion, usually on the day of…

సంకట హర చతుర్థి వ్రత కథ

Sankatahara Chaturthi is a highly auspicious day dedicated to Lord Ganesha, the remover of obstacles. Devotees observe a fast from morning until the sighting of the moon to seek divine blessings and relief from life’s hardships. The Sankatahara Chaturthi Katha PDF is a main part of this ritual, narrating how Lord Ganesha aids his devotees…

मां काली की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब रक्तबीज नामक असुर ने देवताओं को प्रताड़ित करना शुरू किया, तब माँ दुर्गा ने देवी काली का रूप धारण किया। रक्तबीज को वरदान था कि उसकी रक्त की हर एक बूंद जमीन पर गिरने से एक नया असुर पैदा होगा। माँ काली ने अपने विकराल रूप और खप्पर से उसका…

ഒരു ദേശത്തിൻ്റെ കഥ

Oru Desathinte Katha is a masterpiece of Malayalam literature written by the legendary S.K. Pottekkatt. This semi-autobiographical novel won the prestigious Jnanpith Award in 1980 and remains a cornerstone of Indian fiction. The story follows the protagonist, Sreedharan, as he navigates life in the fictional village of Athiranippadam. It beautifully captures the transition of a…

वैभव लक्ष्मी व्रत कथा

वैभव लक्ष्मी व्रत मुख्य रूप से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माता लक्ष्मी के ‘वैभव’ स्वरूप को समर्पित है, जो भक्तों की दरिद्रता दूर कर उन्हें ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। आमतौर पर यह व्रत शुक्रवार को रखा जाता है और इसे स्त्री या पुरुष…

पशुपति व्रत कथा एवं पूजा विधि

यह श्री पशुपतिनाथ व्रत (Pashupati Vrat PDF) की संपूर्ण कथा और विधि है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और मान्यता है कि इसे पूर्ण श्रद्धा से करने पर बड़ी से बड़ी मनोकामना पूर्ण होती है। पशुपति व्रत भगवान शिव (पशुपतिनाथ) को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। यह व्रत किसी भी सोमवार से…

महालक्ष्मी व्रत कथा और पूजा विधि

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से महालक्ष्मी व्रत (Mahalakshmi Vrat Katha PDF) की शुरुआत होती है और यह व्रत पूरे सोलह दिनों तक चलता है। इस व्रत में माता लक्ष्मी के आठ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें अष्टलक्ष्मी कहा जाता है। यह कथा माता लक्ष्मी के एक भक्त की कहानी पर…

अन्नपूर्णा माता व्रत कथा

माता अन्नपूर्णा का व्रत सुख, शांति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। हिंदू धर्म में मां अन्नपूर्णा को अन्न और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। यह व्रत मार्गशीर्ष मास (अगहन) के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर 17 दिनों तक चलता है। भक्त अक्सर “अन्नपूर्णा माता व्रत कथा…

సంపద శుక్రవరం కథ (Sampada Sukravaram Katha)

Sampada Sukravaram Katha is a revered spiritual story dedicated to Goddess Lakshmi and is traditionally observed on Fridays, known as Sukravaram. This sacred observance is performed to invite prosperity, abundance, and financial stability into one’s life. The katha highlights the importance of the Sampada Sukravaram Vratam, a ritual mainly practiced by women with deep faith…

बृहस्पतिवार व्रत कथा – गुरुवार व्रत पूजन

बृहस्पतिवार व्रत कथा भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह व्रत सुख-समृद्धि, ज्ञान और संतान प्राप्ति की कामना से रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी और सात बेटियों के साथ रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और व्रत नहीं करती थी। एक बार भगवान बृहस्पति देव…

ಬೃಹಸ್ಪತಿ ವಾರ (ಗುರುವಾರ) ವ್ರತ ಕಥಾ

Observed on auspicious Thursdays, the Guruvar Laxmi Vrat is a powerful practice for inviting wealth and harmony into the home. Devotees honor Goddess Laxmi – the consort of Lord Vishnu through a day of fasting and prayer. The ritual involves creating a beautiful floral shrine, reading the sacred Katha, and offering traditional yellow sweets and…

अन्वाधान व्रत की कथा

अन्वाधान व्रत हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण अनुष्ठान है, जो मुख्य रूप से ‘इष्टि’ (यज्ञ) से पहले किया जाता है। ‘अन्वाधान’ का शाब्दिक अर्थ है ‘प्रज्वलित अग्नि को निरंतर बनाए रखना’। यह व्रत आमतौर पर पूर्णिमा और अमावस्या की तिथियों पर रखा जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, अगले दिन किए जाने वाले मुख्य यज्ञ…

मेरु त्रयोदशी व्रत की कथा

मेरु त्रयोदशी जैन धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है। वर्ष 2026 में यह पर्व 16 जनवरी (शुक्रवार) को मनाया जाएगा। यह दिन जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ प्रभु) के निर्वाण कल्याणक की स्मृति में मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन भगवान आदिनाथ ने अष्टापद पर्वत (कैलाश…

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