Kali Maa Ke Chamatkari Mandir – काली माँ के मंदिर जहाँ आज भी होते हैं चमत्कार, जानें रहस्यमयी स्थल

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हिंदू धर्म में मां काली को आदिशक्ति का रौद्र रूप माना जाता है। वे दुष्टों का संहार करती हैं और अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। उनकी उपासना से भय, शत्रु और नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। भारत में मां काली के ऐसे कई प्राचीन और रहस्यमयी मंदिर हैं, जहाँ आज भी उनके चमत्कारों…

Vedic Secrets to Stay Cool in Summer – गर्मी में ठंडक पाने के लिए हिन्दू धर्मशास्त्रों में बताए गए उपाय, क्या आप जानते हैं इन प्राकृतिक रहस्यों को?

Vedic Secrets to Stay Cool in Summer

प्राचीन वेदों और हिन्दू धर्मशास्त्रों में हर ऋतु के अनुसार जीवन जीने के नियम और उपाय बताए गए हैं। गर्मी के मौसम में शरीर और मन को शीतल रखने के लिए शास्त्रों में जिन प्राकृतिक उपायों का उल्लेख मिलता है, वे न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से प्रभावी हैं, बल्कि आध्यात्मिक रूप से भी शरीर को…

अलक्ष्मी कौन हैं? अलक्ष्मी और लक्ष्मी में क्या है अंतर? जानिए दरिद्रता की देवी के रहस्य और उनसे बचने के उपाय

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हिंदू धर्म में देवियों का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिनमें धन, समृद्धि और सौभाग्य की देवी माँ लक्ष्मी की पूजा विशेष रूप से की जाती है। लेकिन क्या आपने कभी अलक्ष्मी के बारे में सुना है? अलक्ष्मी, जिन्हें दरिद्रता और दुर्भाग्य की देवी माना जाता है, माँ लक्ष्मी से बिल्कुल विपरीत गुणों वाली हैं। अक्सर…

कौन हैं लक्ष्मी माता? जानिए उनकी अद्भुत कथा, रहस्य और अलौकिक शक्तियां

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देवी लक्ष्मी, धन, समृद्धि, वैभव और सौभाग्य की देवी हैं। हिंदू धर्म में उनका विशेष स्थान है और उनकी पूजा व्यापक रूप से की जाती है। देवी लक्ष्मी की पूजा अनेक अवसरों पर की जाती है, विशेष रूप से दीपावली, धनतेरस और विजयादशमी के दिन। उनकी पूजा के लिए श्री लक्ष्मी सूक्त, लक्ष्मी चालीसा और…

Mahamrityunjaya Mantra Benefits – महामृत्युंजय मंत्र क्यों है इतना खास? जानिए इसकी शक्ति, लाभ और वास्तविक अर्थ

Lord Shiva Mantra

महा मृत्युंजय मंत्र, ऋग्वेद का एक प्राचीन श्लोक है, जो भगवान शिव को समर्पित है। यह मंत्र न केवल मृत्यु पर विजय का प्रतीक है बल्कि जीवन, मृत्यु और मोक्ष के गहन दर्शन को भी प्रतिबिंबित करता है। हिंदू धर्म में, इस मंत्र को अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है और इसे विभिन्न अनुष्ठानों में उपयोग…

कैसे जानें कि आपकी कुंडली में कालसर्प योग है या नहीं? जानिए सरल जांच विधि और समाधान

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ज्योतिष में, कुंडली का अध्ययन व्यक्ति के जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने में मदद करता है। इनमें से एक महत्वपूर्ण योग है “कालसर्प योग”। यह नाम सुनते ही कई लोग चिंतित हो जाते हैं, क्योंकि इसे अक्सर अशुभ माना जाता है। लेकिन क्या सच में यह इतना डरावना है? और सबसे महत्वपूर्ण, आप कैसे…

कालसर्प योग के प्रकार – जानिए आपकी कुंडली में कौन सा है और उसके प्रभाव

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जब हम ज्योतिष में कालसर्प योग की बात करते हैं, तो अक्सर लोग एक ही प्रकार के योग की कल्पना कर लेते हैं। हालाँकि, यह एक आम गलतफहमी है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कालसर्प योग कुल 12 प्रकार का होता है, और प्रत्येक प्रकार का अपना विशिष्ट नाम, निर्माण की विधि और व्यक्ति के जीवन…

Gogamedi Dham – जाहरवीर बाबा कौन हैं? जाहरवीर बाबा की आरती, मंत्र और व्रत विधि – सम्पूर्ण पूजन मार्गदर्शिका

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जिनके नाम से सांप भी रास्ता छोड़ दें, वही हैं वीर जाहरवीर बाबा। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में विशेष श्रद्धा के साथ पूजित श्री जाहरवीर गोगा जी महाराज को सर्पदोष से मुक्ति दिलाने वाले लोकदेवता के रूप में जाना जाता है। विशेष रूप से गोगामेड़ी धाम, जो हनुमानगढ़ ज़िले में स्थित है, जाहरवीर बाबा का…

99% लोग हैं अनजान – आखिर क्या होता है ऋषि, मुनि, साधु और संत में असली अंतर?

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सनातन धर्म में ऋषि, मुनि साधु और संतों को का नाम बहुत आदर से लिया जाता हैं। प्राचीन काल से ही ऋषि-मुनियों का अस्तित्‍व तो सतयुग, त्रेतायुग, द्वापरयुग आदि सभी में रहा है। राजा महाराजा के समय में राजा अपने राज्य को चलाने के लिए ऋषि मुनि से ज्ञान प्राप्त करते थे। शस्त्रों के अनुसार…

जाने दशमहाविद्या माता बगलामुखी की उपासना विधि, मंत्र, कथा और मुख्य तथ्या

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दस महाविद्याओं में आठवीं शक्ति माता बगलामुखी को ‘पीतांबरा’ भी कहा जाता है। इनकी उपासना शत्रुओं के दमन, वाद-विवाद में विजय और जीवन की बाधाओं को रोकने (स्तंभन) के लिए अचूक मानी जाती है। माँ की पूजा में पीले रंग का विशेष महत्व है। साधक को पीले वस्त्र धारण कर, पीले आसन पर बैठकर, हल्दी…

माता सीता का जन्म वास्तव में कैसे हुआ था? (जानिये वो 3 रोचक कथाएं जो आपने कभी नहीं सुनीं)

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माता सीता का जन्म किसी साधारण गर्भ से नहीं, बल्कि साक्षात धरती माँ की कोख से हुआ था। प्रचलित कथा के अनुसार, जब मिथिला के राजा जनक वर्षा की कामना के लिए खेत में हल चला रहे थे, तब उन्हें भूमि के भीतर एक स्वर्ण कलश में नन्ही कन्या मिली। हल के अग्रभाग को ‘सीत’…

Sai Baba Vrat – साईं बाबा व्रत, 9 गुरुवार में बदलें अपनी किस्मत! जानिए विधि और लाभ

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साईं बाबा का 9 गुरुवार का व्रत भक्तों के बीच अत्यंत लोकप्रिय और चमत्कारी माना जाता है। यह व्रत किसी भी जाति या धर्म का व्यक्ति अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए कर सकता है। इसकी विधि बेहद सरल है, गुरुवार की सुबह स्नान के बाद साईं बाबा की प्रतिमा के सामने दीया जलाएं, उन्हें पीले…

Pashupati Vrat – पशुपति व्रत का महत्व, विधि, नियम, कथा, पूजन सामग्री, मंत्र, उद्यापन, और इसके लाभ

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पशुपति व्रत भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत प्रभावशाली व्रत है, जो विशेष रूप से कठिन मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत कुल 5 सोमवार तक रखा जाता है। इसकी मुख्य विशेषता शाम की पूजा है। भक्त को मंदिर में 6 घी के दीपक और प्रसाद (जैसे हलवा) के तीन बराबर…

Khatu Shyam Mandir – खाटू श्याम जी मंदिर इतिहास, दर्शन, धार्मिक महत्व, श्री खाटू श्याम कथा

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राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी मंदिर, भगवान श्री कृष्ण के अवतार बाबा श्याम का प्रसिद्ध मंदिर है। यह मंदिर देश के सबसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों में से एक है और हर साल लाखों भक्त यहां दर्शन के लिए आते हैं। महाभारत के अनुसार, बाबा श्याम भीम और हिडिंबा के पुत्र घटोत्कच…

गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ क्यों और कैसे करें? भगवान श्रीकृष्ण के 1000 नाम चमत्कारिक प्रभाव

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भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत का पाठ हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्व रखता है। यह स्त्रोत भगवान श्रीकृष्ण के 1000 नामों का संग्रह है, जो उनकी दिव्यता, गुणों और लीलाओं का वर्णन करता है। यह पाठ न केवल आध्यात्मिक शांति प्रदान करता है, बल्कि इसे जीवन में सकारात्मकता और चमत्कारिक अनुभवों के लिए…

घर पर कैसे करें सत्यनारायण व्रत? श्री सत्यनारायण व्रत कथा, विधि, सामग्री और महत्व

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सत्यनारायण व्रत कथा का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा के रूप में किया जाता है। इस व्रत की कथा का श्रवण एवं पूजा से सुख, शांति, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है। सत्यनारायण व्रत को पूर्ण विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करने से…

Santoshi Mata Vrat – संतोषी माता व्रत कथा, विधि-विधान सहित जानिए कैसे करें पूजा? पाएं अद्भुत लाभ

Santoshi Mata

संतोषी माता की पूजा 16 शुक्रवारों तक की जाती है। पूजा के दौरान, भक्त देवी को गुड़ और चना, खीर, लाल फूल और सुपारी अर्पित करते हैं। संतोषी माता को लाल रंग की साड़ी पहने हुए, हाथ में दो हाथी के दांत, एक कमंडल और एक अक्षय पात्र धारण किए हुए चित्रित किया जाता है।…

शनि अमावस्या का रहस्य – कैसे पाएं शनि की विशेष कृपा?

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भारतीय ज्योतिष और धार्मिक परंपराओं में शनि देव का एक विशेष स्थान है। न्याय और कर्मफल के दाता माने जाने वाले शनि देव की कृपा प्राप्त करना हर व्यक्ति की इच्छा होती है। ऐसे में, शनि अमावस्या का संयोग एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दुर्लभ अवसर लेकर आता है। यह वह दिन है जब अमावस्या तिथि…

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर बढ़ाएं धन और सौभाग्य

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ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन मां लक्ष्मी की पूजा करने से धन, वैभव और सौभाग्य की प्राप्ति होती है। ज्येष्ठ पूर्णिमा को धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक पवित्र माना जाता है और इस दिन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस…

Satyanarayan Vrat Katha – प्रत्येक हिंदू घर में क्यों होता है सत्यनारायण व्रत कथा पाठ? जानें कथा, आरती, लाभ और नियम

satyanarayan bhagwan

प्रत्येक हिंदू घर में सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ (Satyanarayan vrat katha path pdf) एक महत्वपूर्ण और शुभ परंपरा है। यह न केवल भगवान विष्णु के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का एक सरल और प्रभावी तरीका है, बल्कि यह परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मकता लाने वाला भी माना जाता है। आखिर…

तिरुपति बालाजी वेंकटेश्वर मंदिर – भारत का सबसे धनवान मंदिर, क्या आपने देखी है वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिमा? जानिए मंदिर का रहस्य

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आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमाला की पहाड़ियों पर विराजमान भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के हिंदुओं के लिए एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है। यह मंदिर, जिसे तिरुपति बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, अपनी भव्यता, प्राचीनता और अपार धन-संपदा के लिए प्रसिद्ध…

सदियों पुराना खजाना, क्या आपने देखा है दुनिया का सबसे अमीर मंदिर? जानिए श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के रहस्य

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भारत में अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रहस्यमयी दृष्टिकोण से भी अनमोल हैं। लेकिन जब बात “दुनिया के सबसे अमीर मंदिर” की होती है, तो केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का नाम सबसे ऊपर आता है। यह मंदिर न केवल भगवान विष्णु…

जानिए नारद मुनि का महत्व, पूजा विधि, कथा और उनके मंत्रों का जादू

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नारद मुनि हिंदू धर्म के प्रमुख ऋषियों में से एक हैं, जिन्हें देवताओं के दूत और त्रिलोकों में सूचना के वाहक के रूप में जाना जाता है। वे भगवान विष्णु के परम भक्त हैं और उनके कंठ से सदैव “नारायण-नारायण” का उच्चारण होता रहता है। नारद मुनि का प्रमुख कार्य लोक कल्याण और धर्म की…

Mallikarjuna Jyotirlinga – मल्लिकार्जुन मंदिर की सम्पूर्ण जानकारी, श्री मल्लिकार्जुन की अद्भुत कथा और मुख्य तीर्थ

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मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग, भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रमुख तीर्थ स्थल है, जो आंध्र प्रदेश के कर्नूल जिले में स्थित है। यह पवित्र ज्योतिर्लिंग “दक्षिण के कैलाश” के रूप में प्रसिद्ध है, और श्रीशैल पर्वत पर स्थित है, जिसे श्रद्धालु अत्यधिक पूजनीय मानते हैं। श्रीशैलम की यह भूमि सिर्फ भगवान शिव ही नहीं,…

क्या आपने कभी पढ़ी है Khatu Shyam Ji चालीसा? बदल सकती है आपकी किस्मत, जानिए इसके अद्भुत रहस्य और लाभ

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Khatu Shyam Ji, जिन्हें कलियुग के भगवान के रूप में पूजा जाता है, अपने भक्तों की हर पुकार को सुनते हैं। उनकी चालीसा न केवल भक्ति का माध्यम है, बल्कि यह जीवन में चमत्कारी बदलाव लाने वाली दिव्य शक्ति भी है। इस लेख में हम जानेंगे Khatu Shyam Ji चालीसा से जुड़े गूढ़ रहस्य, इसके…

वृंदावन की स्थापना कब और कैसे हुई? जानिए इसका गौरवशाली इतिहास और वर्तमान स्वरूप

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यमुना के पावन तट पर स्थित, लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र, वृंदावन धाम मात्र एक शहर नहीं, बल्कि एक जीवंत अनुभव है। यहाँ की हवा में राधा-कृष्ण के प्रेम की गूँज है, कण-कण में भक्ति की सुगंध है और हर गली में इतिहास की पदचाप सुनाई देती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है…

सबसे पुराना हिंगलाज शक्तिपीठ – बलूचिस्तान का रहस्यमयी मंदिर बना इंटरनेट पर चर्चा का विषय

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पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित एक रहस्यमयी और अत्यंत पवित्र हिंदू मंदिर हाल ही में इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। यह है हिंगलाज शक्तिपीठ, जिसे हिंगलाज माता, हिंगुला देवी या नानी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव और बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को लेकर…

महिलाओं के लिए मंगलवार और शनिवार को बाल धोना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें इसका धार्मिक पहलू

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भारत में, विशेषकर हिंदू धर्म में, सप्ताह के हर दिन का अपना एक विशिष्ट महत्व और उससे जुड़े नियम होते हैं। ये नियम हमारी दिनचर्या (Routine), खान-पान और यहाँ तक कि हमारे शरीर की साफ-सफाई से भी जुड़े होते हैं। इन्हीं में से एक नियम है महिलाओं द्वारा कुछ विशेष दिनों, जैसे मंगलवार और शनिवार…

संकटमोचन हनुमान – कलियुग में सबसे तेज़ फल देने वाली पूजा विधि! (Sankatmochan Hanuman, The Fastest Worship Method in Kaliyuga!)

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जय श्री राम! दोस्तों, हम सब जानते हैं कि यह कलियुग (Kaliyuga) है, जहाँ जीवन में पग-पग पर चुनौतियाँ और संकट खड़े रहते हैं। इस भाग-दौड़ भरी ज़िंदगी में, हमें एक ऐसे संबल की ज़रूरत होती है, जो हमारी हर मुश्किल को चुटकियों में हर ले। और इस युग में, साक्षात जागृत देव और सबसे…

Nageshwara Jyotirlinga History – नागेश्वर मंदिर का इतिहास और तीर्थ स्थल, श्री नागेश्वर ज्योतिर्लिंग की पौराणिक कथा

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भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में नागेश्वर ज्योतिर्लिंग दसवें स्थान पर स्थित है और यह गुजरात राज्य के द्वारका जिले के गोमती नदी के किनारे स्थित है। यह अत्यंत पवित्र और प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है, जहाँ भगवान शिव का दिव्य रूप ज्योतिर्लिंग के रूप में स्थापित है। इसे लेकर कुछ मत भिन्नताएँ हैं, जहाँ कुछ…

भूलकर भी न करें शिव चालीसा पाठ की ये 5 गलतियाँ! (होगा भारी नुकसान)

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भगवान शिव की महिमा अपरंपार है और उनकी स्तुति में गाई जाने वाली शिव चालीसा भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी मानी जाती है। शिव चालीसा का नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है, भय दूर होता है और महादेव की कृपा प्राप्त होती है। लेकिन, कई बार अनजाने में ही सही, भक्त कुछ…

सिर्फ 10 मिनट में पाएं शिव कृपा – शिव तांडव स्तोत्र के अद्भुत लाभ, विधि और नियम

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शिव तांडव स्तोत्र एक प्राचीन और शक्तिशाली स्तोत्र है जिसे भगवान शिव की स्तुति में रावण ने रचा था। यह स्तोत्र भगवान शिव के तांडव नृत्य और उनकी महिमा का वर्णन करता है। इसे गाने या सुनने से भक्तों को आध्यात्मिक शांति, शक्ति और भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। शिव तांडव स्तोत्र भगवान…

शिव तांडव स्तोत्र की वो 5 गुप्त बातें जो आपकी ज़िंदगी बदल सकती हैं!

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नमस्ते दोस्तों! क्या आपने कभी सोचा है कि एक स्तोत्र (Stotra) आपकी पूरी लाइफ (Life) को कैसे बदल सकता है? हम बात कर रहे हैं शिव तांडव स्तोत्र की, जिसे लंकापति रावण ने रचा था। यह सिर्फ़ शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि स्वयं महादेव शिव के पावरफुल (Powerful) तांडव नृत्य की ऊर्जा को अपने भीतर…

Maha Shivratri 2026 – क्या है रुद्राभिषेक? जानें इसकी विधि, महत्व और लाभ

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महा शिवरात्रि 2026 का पर्व शिव भक्तों के लिए अत्यंत शुभ होता है। इस दिन रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। रुद्राभिषेक के लिए सबसे पहले भगवान शिव का जल से स्नान कराएं, फिर दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। उसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग और अक्षत…

महाशिवरात्रि 2026 पर रखें व्रत, तो जानें नियम, सावधानियां, क्या करें, क्या न करें, और क्या खाएं

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वर्ष 2026 में महाशिवरात्रि का पावन पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष चतुर्दशी 15 फरवरी की शाम से शुरू होगी, इसलिए निशिता काल (मध्यरात्रि) की पूजा इसी दिन की जाएगी। यह रात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की रात्रि मानी जाती है। भक्त इस दिन…

Mahashivratri 2026 – महाशिवरात्रि के अवसर पर कौन सी शिव स्तुति का पाठ करना चाहिए और इसका महत्व क्या है? जानें सम्पूर्ण जानकारी

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महाशिवरात्रि हिंदू धर्म का एक प्रमुख पर्व है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित है। यह दिन शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शिवभक्त उपवास रखते हैं और पूरी श्रद्धा से भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि की रात शिव की कृपा…

Mahashivratri 2026 – महाशिवरात्रि पर करें शिव पंचाक्षरी, भस्म और रुद्राक्ष के दर्शन, जीवन में आएगी शुभता

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सनातन धर्म में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्त्व है। भस्म, पंचाक्षरी मंत्र और रुद्राक्ष – ये तीनों शिव-भक्ति के मुख्य स्तंभ माने जाते हैं। इनका प्रतिदिन दर्शन करने एवं उपयोग करने से व्यक्ति के जीवन में शुभता, शांति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता है। भगवान शिव की भक्ति में भस्म, शिव पंचाक्षरी…

जानिए विजया एकादशी व्रत के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए और कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए

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साल 2026 में विजया एकादशी का पावन व्रत 13 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह एकादशी जातक को शत्रुओं पर विजय और कठिन कार्यों में सफलता दिलाने वाली मानी जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने…

कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को लगाएं ये विशेष भोग, मिलेगी असीम कृपा

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कामदा एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत हर महीने में दो बार, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आता है। एकादशी के दिन, भक्त उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए, भक्त उन्हें भोग भी…

ढुण्ढिराज चतुर्थी 2026 – पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और महत्व, एक सम्पूर्ण गाइड

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भगवान गणेश, जो प्रथम पूज्य हैं और विघ्नहर्ता हैं, उनके भक्तों के लिए हर चतुर्थी एक उत्सव समान होती है। लेकिन ढुण्ढिराज चतुर्थी (जिसे पंचांग में द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी के नाम से जाना जाता है) का महत्व अत्यंत विशिष्ट है। विशेष रूप से काशी (वाराणसी) की परंपरा में ‘ढुण्ढिराज गणेश’ का स्थान सर्वोपरि है। मान्यता…

काशी के ‘ढुण्ढिराज’ का अद्भुत रहस्य – गणेश जी का वह रूप जो ‘ढूँढने’ वालों को ही मिलता है

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काशी की गलियों में कदम रखते ही एक अजीब सी ऊर्जा महसूस होती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बाबा विश्वनाथ के दरबार में हाजिरी लगाने से पहले एक ‘अदालती’ प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है? वह अदालत है ‘ढुण्ढिराज गणेश’ की। वाराणसी के हृदय में स्थित, ज्ञानवापी के समीप, भगवान गणेश का यह स्वरूप…

क्या आप जानते हैं नृसिंह द्वादशी का असली मतलब? 99% लोग हैं इससे अनजान!

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यह सच है कि हम अक्सर त्योहारों की ऊपरी चमक-दमक में उनके पीछे छिपे गहरे आध्यात्मिक और वैज्ञानिक अर्थों को भूल जाते हैं। नृसिंह द्वादशी (जिसे कई क्षेत्रों में नृसिंह जयंती के रूप में भी मनाया जाता है) सिर्फ एक पौराणिक कथा मात्र नहीं है, बल्कि यह मानव चेतना और बुराई के अंत का एक…

नृसिंह द्वादशी – पूजा का सही मुहूर्त और व्रत के नियम, जिससे मिलेगा अखंड सौभाग्य

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हिंदू धर्म में नृसिंह द्वादशी का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु के सबसे उग्र और शक्तिशाली अवतार, भगवान नृसिंह को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को नृसिंह द्वादशी मनाई जाती है। यह पर्व न केवल नकारात्मक ऊर्जा के विनाश का प्रतीक है, बल्कि श्रद्धापूर्वक…

शत्रु बाधा और अज्ञात भय का होगा अंत – नृसिंह द्वादशी पर करें ये 3 चमत्कारी उपाय

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जीवन में कई बार हम ऐसी परिस्थितियों से घिर जाते हैं जिनका कोई प्रत्यक्ष कारण समझ नहीं आता। कभी ‘नृशत्रु’ (मनुष्यों द्वारा पैदा की गई बाधाएं या ईर्ष्या) हमें आगे बढ़ने से रोकती है, तो कभी एक ‘अज्ञात भय’ हमारे आत्मविश्वास को लील जाता है। यदि आप भी शत्रुओं के षड्यंत्र, मानसिक अशांति या भविष्य…

नृसिंह द्वादशी संपूर्ण पूजा विधि – संकटों से मुक्ति पाने के लिए ऐसे करें भगवान नृसिंह को प्रसन्न

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भगवान विष्णु के उग्र किंतु अत्यंत कल्याणकारी स्वरूप ‘भगवान नृसिंह’ की कृपा प्राप्त करने के लिए नृसिंह द्वादशी का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यदि आप शत्रुओं से घिरे हैं, कोर्ट-कचहरी के मामलों से परेशान हैं या जीवन में अचानक आने वाले संकटों से मुक्ति चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।…

नृसिंह द्वादशी विशेष – क्यों हिरण्यकश्यप को मारने के लिए भगवान को लेना पड़ा इतना भयानक रूप?

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हिंदू धर्मग्रंथों में भगवान विष्णु के दशावतारों की कथाएं केवल पौराणिक कहानियां नहीं हैं, बल्कि वे अधर्म पर धर्म की विजय और ब्रह्मांडीय संतुलन के गहरे दर्शन को समेटे हुए हैं। इन्हीं में से एक सबसे शक्तिशाली और रोंगटे खड़े कर देने वाला अवतार है – भगवान नृसिंह। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी…

सिर्फ मोदक नहीं, यहाँ ‘खोज’ का भोग लगता है – ढुण्ढिराज चतुर्थी की अनसुनी महिमा

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यह कोई साधारण धार्मिक लेख नहीं है, बल्कि उस ‘गुमशुदा’ कड़़ी की तलाश है जिसे हम अक्सर त्योहारों की भीड़ में खो देते हैं। जब हम गणेश चतुर्थी की बात करते हैं, तो दिमाग में सबसे पहले चमक-धमक, बड़े पंडाल और भारी-भरकम मोदक आते हैं। लेकिन काशी की गलियों से निकली ‘ढुण्ढिराज चतुर्थी’ एक अलग…

काशी विश्वनाथ से पहले इनका दर्शन क्यों जरूरी है? जानिए ढुण्ढिराज गणेश की कहानी

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बनारस के बारे में एक मशहूर कहावत है – “काशी की गली, और शिव की टोली”। लेकिन इस टोली का सबसे महत्वपूर्ण चेहरा, जो अक्सर गलियों की भीड़ में कहीं ओझल रह जाता है, वह है ‘ढुण्ढिराज गणेश’। क्या आपने कभी गौर किया है कि काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य द्वार की ओर बढ़ते समय,…

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