The Story of Kshirsagar – भगवान विष्णु की नींद में भी छिपा है सृष्टि का रहस्य, क्षीरसागर की कथा

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क्या आप जानते हैं कि जब भगवान विष्णु सोते हैं, तब भी सृष्टि का संचालन कैसे होता है? क्या वाकई उनकी योगनिद्रा में छिपा है संपूर्ण ब्रह्मांड का रहस्य? आइए जानते हैं क्षीरसागर की इस अद्भुत कथा के माध्यम से। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु को सृष्टि का पालक और संरक्षक माना जाता है। वे…

घर पर कैसे करें सत्यनारायण व्रत? श्री सत्यनारायण व्रत कथा, विधि, सामग्री और महत्व

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सत्यनारायण व्रत कथा का हिंदू धर्म में अत्यंत महत्व है। यह व्रत भगवान विष्णु के सत्यनारायण स्वरूप की पूजा के रूप में किया जाता है। इस व्रत की कथा का श्रवण एवं पूजा से सुख, शांति, समृद्धि और संतान सुख की प्राप्ति होती है। सत्यनारायण व्रत को पूर्ण विधि-विधान और श्रद्धा के साथ करने से…

Satyanarayan Vrat Katha – प्रत्येक हिंदू घर में क्यों होता है सत्यनारायण व्रत कथा पाठ? जानें कथा, आरती, लाभ और नियम

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प्रत्येक हिंदू घर में सत्यनारायण व्रत कथा का पाठ (Satyanarayan vrat katha path pdf) एक महत्वपूर्ण और शुभ परंपरा है। यह न केवल भगवान विष्णु के प्रति अपनी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करने का एक सरल और प्रभावी तरीका है, बल्कि यह परिवार में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मकता लाने वाला भी माना जाता है। आखिर…

तिरुपति बालाजी वेंकटेश्वर मंदिर – भारत का सबसे धनवान मंदिर, क्या आपने देखी है वेंकटेश्वर स्वामी की प्रतिमा? जानिए मंदिर का रहस्य

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आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में स्थित तिरुमाला की पहाड़ियों पर विराजमान भगवान वेंकटेश्वर का मंदिर न केवल भारत बल्कि दुनिया भर के हिंदुओं के लिए एक अत्यंत पवित्र और महत्वपूर्ण स्थान है। यह मंदिर, जिसे तिरुपति बालाजी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, अपनी भव्यता, प्राचीनता और अपार धन-संपदा के लिए प्रसिद्ध…

सदियों पुराना खजाना, क्या आपने देखा है दुनिया का सबसे अमीर मंदिर? जानिए श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के रहस्य

Shree Padmanabhaswamy Temple

भारत में अनेक प्रसिद्ध मंदिर हैं जो न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं, बल्कि सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और रहस्यमयी दृष्टिकोण से भी अनमोल हैं। लेकिन जब बात “दुनिया के सबसे अमीर मंदिर” की होती है, तो केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर का नाम सबसे ऊपर आता है। यह मंदिर न केवल भगवान विष्णु…

कृष्ण वामन द्वादशी कथा

कृष्ण वामन द्वादशी (जिसे वामन जयंती भी कहा जाता है) की कथा भगवान विष्णु के पांचवें अवतार, भगवान वामन को समर्पित है। यह कथा अहंकार के विनाश और संपूर्ण समर्पण की शक्ति को दर्शाती है। यहाँ वामन द्वादशी की पौराणिक कथा विस्तार से दी गई है: || श्री वामन अवतार कथा || प्राचीन काल में…

वरूथिनी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

वरूथिनी एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी और सौभाग्य प्रदान करने वाला माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति के समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में राजा मान्धाता ने इस कठिन व्रत का पालन कर भगवान…

जानिए विजया एकादशी व्रत के दौरान किन नियमों का पालन करना चाहिए और कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए

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साल 2026 में विजया एकादशी का पावन व्रत 13 फरवरी, शुक्रवार को रखा जाएगा। जैसा कि इसके नाम से ही पता चलता है, यह एकादशी जातक को शत्रुओं पर विजय और कठिन कार्यों में सफलता दिलाने वाली मानी जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने लंका पर विजय प्राप्त करने…

कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु को लगाएं ये विशेष भोग, मिलेगी असीम कृपा

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कामदा एकादशी हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण व्रत है जो भगवान विष्णु को समर्पित है। यह व्रत हर महीने में दो बार, शुक्ल पक्ष और कृष्ण पक्ष में आता है। एकादशी के दिन, भक्त उपवास रखते हैं और भगवान विष्णु की पूजा करते हैं। भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए, भक्त उन्हें भोग भी…

मत्स्य जयन्ती कथा

|| मत्स्य जयन्ती कथा || मत्स्य जयन्ती भगवान विष्णु के प्रथम अवतार, ‘मत्स्य अवतार’ के प्राकट्य का उत्सव है। यह पर्व प्रतिवर्ष चैत्र मास की शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। पुराणों के अनुसार, जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है या सृष्टि पर संकट आता है, तब-तब भगवान विष्णु अवतार धारण करते…

वामन द्वादशी की पौराणिक कथा

वामन द्वादशी (जिसे वामन जयंती भी कहा जाता है) भगवान विष्णु के पांचवें अवतार, ‘वामन’ को समर्पित है। यह पावन तिथि भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को मनाई जाती है। यहाँ वामन अवतार की पौराणिक कथा विस्तार से दी गई है: || वामन अवतार की पौराणिक कथा || असुरराज बलि (राजा प्रह्लाद के पौत्र)…

कामदा एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

हिंदू धर्म में कामदा एकादशी का विशेष महत्व है। यह चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। पौराणिक कथा के अनुसार, प्राचीन काल में भोगीपुर नगर में पुण्डरीक नाम का राजा राज्य करता था। वहां गंधर्व ललित और उसकी पत्नी ललिता निवास करते थे। एक बार दरबार में गायन के दौरान…

आमलकी एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

हिन्दू धर्म में आमलकी एकादशी का विशेष महत्व है, जो फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा की जाती है। माना जाता है कि आंवले के वृक्ष की उत्पत्ति भगवान विष्णु के थूकने (या उनके आंसुओं) से हुई थी, इसलिए इसमें देवत्व का वास…

नृसिंह द्वादशी – पूजा का सही मुहूर्त और व्रत के नियम, जिससे मिलेगा अखंड सौभाग्य

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हिंदू धर्म में नृसिंह द्वादशी का विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु के सबसे उग्र और शक्तिशाली अवतार, भगवान नृसिंह को समर्पित है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को नृसिंह द्वादशी मनाई जाती है। यह पर्व न केवल नकारात्मक ऊर्जा के विनाश का प्रतीक है, बल्कि श्रद्धापूर्वक…

शत्रु बाधा और अज्ञात भय का होगा अंत – नृसिंह द्वादशी पर करें ये 3 चमत्कारी उपाय

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जीवन में कई बार हम ऐसी परिस्थितियों से घिर जाते हैं जिनका कोई प्रत्यक्ष कारण समझ नहीं आता। कभी ‘नृशत्रु’ (मनुष्यों द्वारा पैदा की गई बाधाएं या ईर्ष्या) हमें आगे बढ़ने से रोकती है, तो कभी एक ‘अज्ञात भय’ हमारे आत्मविश्वास को लील जाता है। यदि आप भी शत्रुओं के षड्यंत्र, मानसिक अशांति या भविष्य…

नृसिंह द्वादशी संपूर्ण पूजा विधि – संकटों से मुक्ति पाने के लिए ऐसे करें भगवान नृसिंह को प्रसन्न

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भगवान विष्णु के उग्र किंतु अत्यंत कल्याणकारी स्वरूप ‘भगवान नृसिंह’ की कृपा प्राप्त करने के लिए नृसिंह द्वादशी का दिन सर्वश्रेष्ठ माना गया है। यदि आप शत्रुओं से घिरे हैं, कोर्ट-कचहरी के मामलों से परेशान हैं या जीवन में अचानक आने वाले संकटों से मुक्ति चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगा।…

रंगभरी एकादशी का उल्लास – बाबा विश्वनाथ और भगवान विष्णु की कृपा का महापर्व।

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क्या आपने कभी सोचा है कि होली की असली शुरुआत कहाँ से होती है? ब्रज में लट्ठमार होली की गूंज से पहले, मोक्षदायिनी काशी में बाबा विश्वनाथ के आंगन से रंगों का पहला पैगाम आता है। रंगभरी एकादशी (Rangbhari Ekadashi) केवल एक तिथि नहीं, बल्कि वह शुभ घड़ी है जब काशी अपने आराध्य का स्वागत…

आमलकी एकादशी 2026 – घर पर कैसे करें पूजा? जानें सरल विधि, शुभ मुहूर्त और आंवले के वृक्ष का महत्व

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हिन्दू धर्म में एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित सबसे पवित्र व्रतों में से एक माना जाता है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘आमलकी एकादशी’ (Amalaki Ekadashi) या ‘आंवला एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। यह होली से कुछ दिन पहले आती है, इसलिए देश के कई हिस्सों में इसे…

आर्थिक तंगी से हैं परेशान? आमलकी एकादशी पर आंवले के वृक्ष की पूजा से पाएं धन-समृद्धि।

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आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में आर्थिक स्थिरता हर व्यक्ति की प्राथमिकता है। कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी बरकत नहीं होती और पैसा पानी की तरह बह जाता है। अगर आप भी लगातार आर्थिक तंगी (Financial Crisis) का सामना कर रहे हैं, तो शास्त्रों में वर्णित ‘आमलकी एकादशी’ का व्रत और पूजन आपके…

पापों के नाश और आरोग्य प्राप्ति के लिए आमलकी एकादशी पर जरूर करें ये 5 काम।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली आमलकी एकादशी (जिसे रंगभरी एकादशी भी कहा जाता है) का स्थान सबसे ऊपर माना जाता है। यह दिन न केवल भगवान विष्णु की कृपा पाने का है, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य और पुराने पापों से मुक्ति का भी…

होली से पहले आने वाली आमलकी एकादशी क्यों मानी जाती है मोक्षदायिनी? जानें इसका गूढ़ रहस्य।

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फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी, जिसे हम आमलकी एकादशी के नाम से जानते हैं, हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखती है। होली के रंगों में सराबोर होने से ठीक पहले आने वाली यह एकादशी केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आध्यात्मिक शुद्धिकरण का एक महापर्व है। इसे ‘रंगभरी एकादशी’ भी कहा जाता है,…

क्या आप जानते हैं? आमलकी एकादशी पर आंवले के नीचे दीपक जलाने से बदल सकती है किस्मत!

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हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत अध्यात्म और मानसिक शांति का प्रतीक माना जाता है। लेकिन साल भर में आने वाली सभी 24 एकादशियों में ‘आमलकी एकादशी’ (Amalaki Ekadashi) का अपना एक विशेष और वैज्ञानिक महत्व है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली इस एकादशी को ‘आंवला एकादशी’ भी कहा जाता है। मान्यता…

आमलकी एकादशी का रहस्य – आखिर क्यों होती है इस दिन आंवले के पेड़ की विशेष पूजा?

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हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत आत्मिक शुद्धि और श्री हरि विष्णु की कृपा प्राप्त करने का सबसे बड़ा माध्यम माना जाता है। लेकिन साल भर की 24 एकादशियों में ‘आमलकी एकादशी’ अपना एक विशिष्ट और रहस्यमयी स्थान रखती है। होली से कुछ दिन पहले आने वाली यह एकादशी न केवल भक्ति, बल्कि प्रकृति और…

आमलकी एकादशी व्रत कथा – जानें कैसे एक शिकारी को मिला था इस व्रत से बैकुंठ धाम।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) अपनी महिमा के कारण बेहद खास मानी जाती है। इसे ‘रंगभरी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ आंवले के वृक्ष की पूजा का विधान है।…

भगवान विष्णु को क्यों इतना प्रिय है आंवला? आमलकी एकादशी की यह कथा आपको चौंका देगी।

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हिंदू धर्म में प्रकृति और परमात्मा का अटूट संबंध रहा है। पीपल, तुलसी और बरगद की तरह ही आंवले के वृक्ष का विशेष महत्व है। विशेषकर ‘आमलकी एकादशी’ के दिन आंवले की पूजा का विधान है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि एक साधारण सा फल भगवान विष्णु को इतना प्रिय क्यों है कि…

1000 गौदान के बराबर पुण्य देता है यह एक व्रत – आमलकी एकादशी के अचूक उपाय।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का महत्व सर्वोपरि माना गया है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली आमलकी एकादशी (Amalaki Ekadashi) का स्थान बेहद खास है। इसे ‘आंवला एकादशी’ या ‘रंगभरी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, इस एक व्रत को विधि-विधान से करने का फल 1000…

आमलकी एकादशी – असाध्य रोगों से मुक्ति और दीर्घायु जीवन का पौराणिक राज।

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली आमलकी एकादशी का स्थान बेहद खास है। इसे ‘आमला एकादशी’ या ‘रंगभरी एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह केवल एक व्रत नहीं, बल्कि आरोग्य प्राप्ति और आध्यात्मिक कायाकल्प का एक…

Shri Brihaspati/Guruvaar (Thursday) Vrat Katha

The Brihaspati Vrat Katha (Thursday Fast Story) is a sacred narrative dedicated to Lord Brihaspati, the deity associated with the planet Jupiter and the teacher of the gods. Devotees observe this fast to seek wisdom, prosperity, and the removal of obstacles in marriage or education. The story typically revolves around a wealthy merchant or a…

एकादशी माता आरती

हिंदू धर्म में एकादशी का व्रत सभी व्रतों में सर्वश्रेष्ठ माना गया है। भगवान विष्णु को समर्पित यह तिथि अत्यंत पवित्र होती है। एकादशी के दिन विधि-विधान से पूजा करने के बाद एकादशी माता की आरती गाना अनिवार्य माना जाता है, क्योंकि इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आरती के स्वर न केवल मन को…

चावल और एकादशी का वो रहस्य जिसे सुनकर आप हैरान रह जाएंगे – जानिए पौराणिक कथा और विज्ञान का अद्भुत मेल।

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एकादशी हिन्दू पंचांग के अनुसार हर महीने में दो बार आती है – शुक्ल पक्ष की एकादशी और कृष्ण पक्ष की एकादशी। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। इस दिन भक्त अन्न ग्रहण नहीं करते, बल्कि फलाहार या केवल जल पर निर्भर रहते हैं। यह परंपरा हजारों वर्षों…

Ekadashi Mata Aarti

The Ekadashi Mata Aarti is a soulful devotional hymn dedicated to Ekadashi Devi, the personification of the sacred eleventh day of the lunar fortnight. Chanting this aarti is believed to bring peace, spiritual purification, and the divine blessings of Lord Vishnu. For devotees who observe the rigorous Ekadashi fast, performing the aarti is a vital…

जया एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में जया एकादशी का पावन व्रत 28 जनवरी, बुधवार को रखा जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत को करने से व्यक्ति को नीच योनि जैसे कि भूत-प्रेत या पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती…

श्री हरि स्तोत्रम्

श्री हरि स्तोत्रम् (Hari Stotram PDF) भगवान विष्णु की स्तुति में रचा गया एक अत्यंत प्रभावशाली और मधुर स्रोत है। इसकी रचना स्वामी ब्रह्मानंद द्वारा की गई थी। इस स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक के अंत में “हरिमेव भजे सुनिषण्णमते” आता है, जिसका अर्थ है – “मैं उन श्री हरि का भजन करता हूँ, जो मेरे…

गजेंद्र मोक्ष पाठ

गजेन्द्र मोक्ष पाठ (Gajendra Moksha Path PDF) श्रीमद्भागवत पुराण के आठवें स्कंध का एक अत्यंत प्रभावशाली और भक्तिपूर्ण अध्याय है। यह पाठ संकट के समय भगवान विष्णु की शरण में जाने और पूर्ण समर्पण की शक्ति को दर्शाता है। जब एक शक्तिशाली हाथी (गजेन्द्र) को मगरमच्छ ने पकड़ लिया था और उसके सभी प्रयास विफल…

श्री नारायण कवच अर्थ सहित

श्री नारायण कवच श्रीमद्भागवत पुराण के छठे स्कंध के आठवें अध्याय से लिया गया एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह भगवान विष्णु (नारायण) को समर्पित है और इसे स्वयं देवराज इंद्र को विश्वरूप द्वारा प्रदान किया गया था। इस कवच का मुख्य उद्देश्य भक्त के शरीर, मन और आत्मा की नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं और भयों…

जय दीनदयाळा – सत्यनारायणाची आरती

जय दीनदयाळा ही भगवान सत्यनारायणाची अत्यंत लोकप्रिय आणि भावपूर्ण आरती आहे. सत्यनारायणाची पूजा संपन्न झाल्यावर ही आरती श्रद्धापूर्वक गायली जाते. यामध्ये प्रभू विष्णूंच्या महिमेचे वर्णन असून, भक्तांच्या संकटांचे निवारण करणारा आणि त्यांना सुख-समृद्धी देणारा हा दिव्य मंत्र मानला जातो. या आरतीच्या शब्दांतून ईश्वराप्रती असलेली भक्ती आणि शरणागती व्यक्त होते, ज्यामुळे मनाला शांती मिळते. जर तुम्हाला…

श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र पाठ

श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र (Vishnu Sahasranama Stotram PDF) हिंदू धर्म के सबसे प्रभावशाली और पवित्र पाठों में से एक है। महाभारत के ‘अनुशासन पर्व’ से उद्धृत इस स्तोत्र में भगवान विष्णु के 1000 दिव्य नामों का वर्णन है। मान्यता है कि इसका नियमित पाठ करने से मन को शांति मिलती है, भय का नाश होता…

विष्णु सहस्त्रनाम

विष्णु सहस्त्रनाम हे हिंदू धर्मातील अत्यंत पवित्र आणि प्रभावशाली स्तोत्र मानले जाते. याचा उल्लेख महाभारताच्या अनुशासन पर्वात आढळतो. धर्मराज युधिष्ठिराने विचारलेल्या प्रश्नांना उत्तर देताना पितामह भीष्मांनी भगवान विष्णूंच्या एक हजार नामांचा उपदेश केला आणि तेव्हापासून हे स्तोत्र भक्तांसाठी श्रद्धेचा आधार बनले आहे. आज अनेक भक्तांना संस्कृतमधील कठीण शब्दांचे योग्य उच्चार आणि अर्थ समजून घेणे अवघड…

श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम पाठ

विष्णु सहस्त्रनाम (Vishnu Sahasranamam PDF) भगवान श्रीहरि विष्णु के एक हजार दिव्य और महिमामय नामों का पवित्र स्तोत्र है, जिसका उल्लेख महाभारत के अनुशासन पर्व में मिलता है। हिंदू धर्म में इसका नियमित पाठ अत्यंत पुण्यदायी, मन को शांति देने वाला और आत्मा को शुद्ध करने वाला माना गया है। आज के डिजिटल युग में…

बृहस्पतिवार व्रत कथा – गुरुवार व्रत पूजन

बृहस्पतिवार व्रत कथा भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह व्रत सुख-समृद्धि, ज्ञान और संतान प्राप्ति की कामना से रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी और सात बेटियों के साथ रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और व्रत नहीं करती थी। एक बार भगवान बृहस्पति देव…

ಬೃಹಸ್ಪತಿ ವಾರ (ಗುರುವಾರ) ವ್ರತ ಕಥಾ

Observed on auspicious Thursdays, the Guruvar Laxmi Vrat is a powerful practice for inviting wealth and harmony into the home. Devotees honor Goddess Laxmi – the consort of Lord Vishnu through a day of fasting and prayer. The ritual involves creating a beautiful floral shrine, reading the sacred Katha, and offering traditional yellow sweets and…

बृहस्पति स्तोत्रम् पाठ की विधि और लाभ

बृहस्पति स्तोत्रम् देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्तुति है। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति (गुरु) ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा और सौभाग्य के कारक माने जाते हैं। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस स्तोत्र में गुरु…

माघ मास की जया एकादशी – शुभ मुहूर्त, पूजा सामग्री लिस्ट और व्रत में क्या खाएं, क्या नहीं?

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माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ‘जया एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह एकादशी अत्यंत पुण्यदायी और पापों का नाश करने वाली है। कहा जाता है कि जो भक्त इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें भूत-प्रेत या पिशाच योनि के भय से…

हजारों वर्षों की तपस्या के समान है जया एकादशी का व्रत – जानें इसका महत्व और पौराणिक कथा।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष स्थान है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली ‘जया एकादशी’ को अत्यंत कल्याणकारी और फलदायी माना गया है। शास्त्रों में वर्णित है कि इस एक दिन का व्रत रखने से व्यक्ति को पिशाच योनि से मुक्ति मिलती है और उसे हजारों वर्षों की कठिन तपस्या…

जया एकादशी 2026 – प्रेत योनी से मुक्ति और श्री हरि की असीम कृपा पाने का सबसे सरल मार्ग।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी अपने आप में अत्यंत कल्याणकारी मानी गई है। जैसा कि इसके नाम से ही स्पष्ट है – ‘जया’ यानी विजय दिलाने वाली। यह एकादशी न केवल पापों का नाश करती है, बल्कि साधक को नीच योनियों (जैसे…

क्यों खास है 2026 की जया एकादशी? जानें शुभ संयोग और अपनी राशि के अनुसार दान।

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सनातन धर्म में एकादशी व्रत का महत्व सर्वोपरि माना गया है, लेकिन जब बात जया एकादशी की आती है, तो इसका आध्यात्मिक वजन और भी बढ़ जाता है। वर्ष 2026 में आने वाली जया एकादशी कई दुर्लभ ज्योतिषीय संयोगों के कारण बेहद खास होने वाली है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से…

जया एकादशी 2026 स्पेशल – भगवान विष्णु के इन मंत्रों के जाप से चमक उठेगी आपकी किस्मत।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की जया एकादशी (Jaya Ekadashi) का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, जो व्यक्ति इस दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसे न केवल पापों से मुक्ति मिलती है, बल्कि वह पिशाच योनी…

पिशाच योनी से मुक्ति दिलाने वाली ‘जया एकादशी’ का रहस्य और इसके पीछे की प्राचीन कहानी।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की ‘या एकादशी’ अपने आप में अत्यंत विलक्षण और कल्याणकारी मानी गई है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह केवल एक व्रत नहीं बल्कि वह अमोघ अस्त्र है जो मनुष्य को नीच योनियों, विशेषकर पिशाच योनी के कष्टों से मुक्ति दिलाता…

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