2026 योगेश्वर द्वादशी व्रत करने से मिलते हैं ये 5 दिव्य लाभ – जानें शुभ तिथि, पूजा विधि और उपवास के नियम

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योगेश्वर द्वादशी 2026 का पावन पर्व 21 नवंबर 2026 (शनिवार) को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह तिथि कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को आती है। इसे ‘चिलकु द्वादशी’ या ‘तुलसी द्वादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि (Dwadashi Tithi) को…

उत्पन्ना एकादशी 2026 व्रत क्यों और कैसे करें? जानिए व्रत का संपूर्ण विवरण और रहस्य

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हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 4 दिसंबर, शुक्रवार को पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन एकादशी माता प्रकट हुई थीं, इसलिए इसे ‘उत्पन्ना एकादशी’ के नाम से जाना जाता है। उत्पन्ना एकादशी का व्रत हिंदू धर्म…

मोक्षदा एकादशी 2026 में कब है यह खास व्रत? जानिए व्रत कथा और मोक्ष पाने का तरीका

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वर्ष 2026 में मोक्षदा एकादशी का पावन पर्व 20 दिसंबर, रविवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आती है। धार्मिक दृष्टि से इसका अत्यधिक महत्व है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का उपदेश दिया था,…

वैकुण्ठ चतुर्दशी 2026 सम्पूर्ण गाइड – शुभ मुहूर्त, व्रत कथा, पूजा विधि और सरल उपाय

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वैकुण्ठ चतुर्दशी हिंदू धर्म का एक अत्यंत पवित्र पर्व है, जो कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह पर्व 23 नवंबर को मनाया जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव के मिलन का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान विष्णु ने वाराणसी में…

पापांकुशा एकादशी 2026 – व्रत कथा, नियम और महत्व जो हर भक्त को जानना चाहिए

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आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहा जाता है। साल 2026 में यह पवित्र व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। जैसा कि नाम से स्पष्ट है ‘पाप’ और ‘अंकुश’ यह एकादशी मनुष्य के पापों पर अंकुश लगाकर उन्हें नष्ट कर देती है। पापांकुशा एकादशी एक पवित्र अवसर है जब हम…

Jagannath Puri Rath Yatra 2026 – HD Beautiful Lord Jagannath Wallpapers (Printable) Download for Free

जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा 2026 उड़ीसा के पुरी शहर में मनाया जाने वाला एक अत्यंत भव्य और पवित्र उत्सव है। यह उत्सव प्रत्येक वर्ष आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को आयोजित किया जाता है। वर्ष 2026 में, यह शुभ यात्रा 16 जुलाई, गुरुवार को शुरू होगी। इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ,…

मत्स्य द्वादशी 2026 – भगवान विष्णु ने क्यों लिया था मत्स्य अवतार? जानें तिथि, पूजा विधि और वेदों की रक्षा की पूरी कथा!

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हिंदू पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मत्स्य द्वादशी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह शुभ तिथि 21 दिसंबर, सोमवार को पड़ रही है। क्या आप जानते हैं कि सृष्टि के पहले जल प्रलय (First Deluge) के दौरान किस अवतार ने वेदों की रक्षा की थी? यह थे…

मत्स्य द्वादशी 2026 – इस दिन मछलियों को दाना खिलाने का वैज्ञानिक और धार्मिक महत्व! जानें आपकी राशि पर असर

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मत्स्य द्वादशी भगवान विष्णु के प्रथम अवतार, मत्स्य अवतार को समर्पित एक महत्वपूर्ण हिंदू तिथि है। वर्ष 2026 में यह 21 दिसंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। हर साल मार्गशीर्ष (Margashirsha) माह के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मत्स्य द्वादशी मनाई जाती है। यह दिन भगवान विष्णु के प्रथम अवतार, मत्स्य रूप को समर्पित है।…

2026 गुरुवार व्रत गाइड – व्रत की संपूर्ण कथा, कितने गुरुवार व्रत रखें? जानिए पूजा विधि, बृहस्पतिवार व्रत के फायदे

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2026 में भगवान विष्णु को समर्पित गुरुवार व्रत का विशेष महत्व है। यह व्रत सुख-समृद्धि, ज्ञान और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है। व्रत रखने वाले को गुरुवार की कथा अवश्य पढ़नी चाहिए, जिसमें एक गरीब ब्राह्मण और उसके परिवार पर भगवान विष्णु की कृपा का वर्णन है। यह कथा बताती है कि कैसे…

कूर्म द्वादशी 2026 – भगवान विष्णु ने क्यों लिया था कछुआ अवतार? जानें समुद्र मंथन की पूरी कथा और पूजा विधि

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हिंदू धर्म में, भगवान विष्णु के दस अवतारों (Ten Avatars) का विशेष महत्व है। इनमें से एक अद्वितीय और महत्वपूर्ण अवतार है कूर्म अवतार (कछुआ रूप)। कूर्म द्वादशी का पावन पर्व इसी अवतार को समर्पित है। हर साल पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को यह व्रत और पूजन किया जाता है। आइए,…

देवउठनी एकादशी 2026 – सम्पूर्ण कथा, पूजा विधि, महत्व और व्रत के नियम

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वर्ष 2026 में देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) 20 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की यह तिथि अत्यंत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु चार महीने की योग निद्रा (चातुर्मास) के बाद जागते हैं। देवउठनी एकादशी, जिसे प्रबोधिनी एकादशी, देवोत्थान एकादशी…

पद्मनाभ द्वादशी व्रत 2026 – जानिए पूजन विधि, कथा और पद्मनाभ भगवान के चमत्कारी स्वरूप

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हिन्दू पंचांग के अनुसार, पद्मनाभ द्वादशी आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह व्रत 22 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। यह दिन भगवान विष्णु के ‘पद्मनाभ’ स्वरूप को समर्पित है, जिनकी नाभि से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति वाला कमल (पद्म) निकला था। सनातन धर्म में व्रतों…

जानें क्यों खास है धनुर्मास की वैकुण्ठ एकादशी? पूजा और दान से बदल जाएगी आपकी किस्मत!

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और जब यह एकादशी धनुर्मास (तमिल पंचांग में ‘मार्गाज्ही मास’) में आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। इस एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी या मुक्कोटी एकादशी के नाम से जाना जाता है। यह सिर्फ एक व्रत नहीं, बल्कि साक्षात मोक्ष (Salvation) का द्वार…

वैकुण्ठ एकादशी – जब श्री विष्णु के शरीर से हुआ ‘एकादशी देवी’ का जन्म! जानें रोचक कथा।

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प्रत्येक वर्ष पौष माह (Paush Month) के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी के नाम से जाना जाता है। इसे मोक्षदा एकादशी और दक्षिण भारत में मुक्कोटी एकादशी भी कहते हैं। हिंदू धर्म में इस एकादशी का महत्व (Significance) सबसे अधिक माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और…

वैकुण्ठ एकादशी की संपूर्ण पूजा विधि – 5 सरल चरणों में करें श्री हरि को प्रसन्न और पाएं बैकुंठ धाम।

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हिंदू धर्म में, एकादशी तिथि का अपना एक विशेष महत्व है, और जब बात वैकुण्ठ एकादशी की आती है, तो इसका आध्यात्मिक मूल्य (Spiritual value) कई गुना बढ़ जाता है। पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को ‘मोक्षदा एकादशी’ और ‘पुत्रदा एकादशी’ (यदि यह पौष माह में पड़े) के नाम से भी जाना…

वैकुण्ठ एकादशी व्रत – मोक्ष का महाद्वार खोलने वाला पावन दिन, चावल क्यों हैं वर्जित? जानें 7 जरूरी नियम और शुभ मुहूर्त

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सनातन धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व है, और जब बात वैकुण्ठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) की हो, तो इसका माहात्म्य कई गुना बढ़ जाता है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ और ‘मुरवैकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा करने से व्यक्ति के लिए…

जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति दिलाएगी वैकुण्ठ एकादशी, ये 5 काम करना न भूलें!

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सनातन धर्म में एकादशी (Ekadashi) का व्रत विशेष महत्व रखता है, लेकिन इन सबमें भी वैकुण्ठ एकादशी (Vaikuntha Ekadashi) का स्थान सर्वोपरि है। इसे ‘मोक्षदा एकादशी’ या पौष पुत्रदा एकादशी (Pausha Putrada Ekadashi) के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस पावन दिन स्वर्ग के द्वार (Swarg Dwar) खुल जाते हैं,…

पुत्रदा एकादशी (वैकुण्ठ एकादशी) व्रत कथा और पूजा विधि

आज है पुत्रदा एकादशी, जैसा कि नाम से स्पष्ट है, संतान प्राप्ति की कामना करने वाले दंपत्तियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्रत है। यह पावन एकादशी 2025 में भी भक्तों द्वारा पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है, और मान्यता है कि सच्चे मन…

वैष्णव पौष पुत्रदा एकादशी पर भूलकर भी न करें ये 5 गलतियाँ, वरना अधूरा रह जाएगा व्रत का फल।

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हिंदू धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, लेकिन जब बात ‘पुत्रदा एकादशी’ की आती है, तो इसका महत्व कई गुना बढ़ जाता है। साल में दो बार पुत्रदा एकादशी आती है – एक श्रावण मास में और दूसरी पौष मास में। वर्ष 2025 में पौष मास के शुक्ल पक्ष की इस एकादशी को…

Vamana Jayanti 2026 – वामन जयंती का व्रत कैसे करें? जानें पूजन, नियम और ब्राह्मण दान का महत्व

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वामन जयंती, जिसे वामन द्वादशी के नाम से भी जाना जाता है, भगवान विष्णु के पांचवें अवतार ‘वामन देव’ के प्राकट्य का उत्सव है। वर्ष 2026 में यह शुभ पर्व 23 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को श्रवण नक्षत्र में भगवान विष्णु ने…

Parivartini Ekadashi 2026 – परिवर्तिनी एकादशी के दिन क्या करें और क्या न करें?

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साल 2026 में परिवर्तिनी एकादशी का व्रत 22 सितंबर, मंगलवार को रखा जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह एकादशी भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष में आती है। इसे ‘पार्श्व एकादशी’, ‘पद्मा एकादशी’ या ‘वामन एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। परिवर्तिनी एकादशी, जिसे ‘परिवर्तिनी’ या ‘आश्वयुज एकादशी’ भी कहते हैं, हिंदू कैलेंडर के अनुसार…

अजा एकादशी 2026 – क्यों कहलाती है पापमोचक? पूरी जानकारी व्रत और पूजा विधि की

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भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अजा एकादशी कहा जाता है। वर्ष 2026 में यह पवित्र तिथि 7 सितंबर, सोमवार को पड़ेगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अजा एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के समस्त पापों का नाश होता है और खोया हुआ मान-सम्मान पुनः प्राप्त होता है। अजा एकादशी का व्रत भगवान…

Hayagriva Jayanti 2026 – हयग्रीव जयंती का रहस्य, जब स्वयं विष्णु ने लिया घोड़े का रूप ज्ञान की रक्षा के लिए

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हयग्रीव जयंती भगवान विष्णु के हयग्रीव अवतार के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 27 अगस्त, गुरुवार को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु ने ज्ञान और बुद्धि के देवता के रूप में अश्व (घोड़े) के मुख के साथ अवतार लिया था। इस अवतार का…

Kalki Jayanti 2026 – भगवान कल्कि का अवतरण दिवस, कब है कल्कि जयंती और कैसे करें पूजा?

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भगवान विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार को समर्पित कल्कि जयंती हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण पर्व है। वर्ष 2026 में, कल्कि जयंती 18 अगस्त, मंगलवार को मनाई जाएगी। शास्त्रों के अनुसार, कल्कि अवतार का प्राकट्य श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को कलियुग के अंत और सतयुग की स्थापना के लिए…

अन्दल जयंती विशेष 2026 – कैसे बन गई एक भक्त कन्या विष्णु की वामांगी? जानें तिथि, पूजा विधि और आध्यात्मिक महत्व

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अन्दल जयंती, जिसे ‘आदि पूरम’ के नाम से भी जाना जाता है, दक्षिण भारत की महान कवयित्री और एकमात्र महिला अलवार संत देवी अन्दल के जन्मोत्सव का प्रतीक है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 14 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। देवी अन्दल को भगवान विष्णु की परम भक्त और ‘दक्षिण की मीरा’ कहा जाता…

Vasudev Dwadashi 2026 – जानिए वासुदेव द्वादशी व्रत विधि, नियम और पूजा सामग्री की सम्पूर्ण जानकारी

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वासुदेव द्वादशी 2026 हिंदू धर्म में एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पावन तिथि है। वर्ष 2026 में यह पर्व 25 जुलाई (शनिवार) को मनाया जाएगा। यह व्रत मुख्य रूप से भगवान श्रीकृष्ण (वासुदेव) और माता लक्ष्मी को समर्पित है। यह तिथि आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी को आती है, जो ‘देवशयनी एकादशी’ के ठीक…

निर्जला एकादशी 2026 – व्रत करने से मिलती है 24 एकादशियों का पुण्य, जानें तिथि व पूजा विधि

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निर्जला एकादशी को सभी 24 एकादशियों में सबसे कठिन और पुण्यदायी माना जाता है। वर्ष 2026 में यह व्रत 25 जून, गुरुवार को रखा जाएगा। ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की इस तिथि को “भीमसेनी एकादशी” के नाम से भी जाना जाता है। इस व्रत की विशेषता इसके नाम में ही छिपी है – ‘निर्जला’,…

कूर्म जयंती 2026 कब है? जानें व्रत, पूजा विधि और महत्व, भगवान विष्णु के कच्छप अवतार की पौराणिक कथा

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कूर्म जयंती 2026 भगवान विष्णु के दूसरे अवतार, ‘कूर्म’ (कछुआ) को समर्पित एक पावन हिंदू त्योहार है। वर्ष 2026 में यह 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह पर्व वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के दस प्रमुख अवतारों (दशावतार)…

नृसिंह जयंती 2026 में कब है? जानें तिथि, पूजा विधि और पौराणिक महत्व, जानिए भगवान नृसिंह के अवतार की रहस्यमयी कथा

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हिंदू पंचांग के अनुसार, भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। वर्ष 2026 में नृसिंह जयंती 30 अप्रैल, गुरुवार को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में भगवान विष्णु के दशावतारों में से एक प्रमुख और रहस्यमयी अवतार है नृसिंह…

Apara Ekadashi 2026 – अपरा एकादशी (अचला एकादशी) तिथि, मुहूर्त, व्रत कथा और पूजा विधि

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वर्ष 2026 में अपरा एकादशी का व्रत 13 मई, बुधवार को रखा जाएगा। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की इस एकादशी को ‘अचला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ‘अपरा’ का अर्थ है ‘अपार’, अर्थात यह व्रत जातक को अपार पुण्य और सुख-समृद्धि प्रदान करने वाला है। हिंदू धर्म…

नारद जयंती 2026 – क्यों मनाया जाता है यह पर्व और क्या है इसका महत्व? नारद जयंती पर जानें नारद मुनि के प्रमुख अवतार और उनकी विशेषताएं

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वर्ष 2026 में नारद जयंती का पावन पर्व 2 मई, शनिवार को मनाया जाएगा। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह उत्सव प्रतिवर्ष ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि को देवर्षि नारद के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ब्रह्मा जी के मानस पुत्र नारद मुनि को ब्रह्मांड का प्रथम पत्रकार और संवाद का…

Amalaki Ekadashi 2026 – आमलकी एकादशी कब है, जानिए आंवला एकादशी शुभ मुहूर्त, पूजा विधि

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आमलकी एकादशी, जिसे ‘आंवला एकादशी’ के नाम से भी जाना जाता है, हिंदू धर्म के सबसे पवित्र व्रतों में से एक है। वर्ष 2026 में यह एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की इस तिथि पर भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की विशेष पूजा का विधान है। पौराणिक मान्यताओं…

Shattila Ekadashi 2026 – षटतिला एकादशी कैसे करें? जानिए व्रत के नियम, कथा और पूजा विधि

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षटतिला एकादशी का व्रत माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस एकादशी का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से समस्त पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। “षटतिला” का अर्थ है छह प्रकार के तिलों का उपयोग, जो इस व्रत…

पुण्यदायक सफला एकादशी 2025 कब है? इस दिन श्री हरि विष्णु की कृपा पाने का शुभ मुहूर्त और सरल पूजा विधि।

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सफला एकादशी पौष मास के कृष्ण पक्ष में आती है और यह वर्ष की पहली एकादशी होती है। जैसा कि नाम से पता चलता है, ‘सफला’ का अर्थ है सफलता। यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित है और इसे करने से सभी कार्य सफल होते हैं तथा जीवन में सौभाग्य की प्राप्ति होती है। इस…

सफला एकादशी व्रत कथा एवं पूजा विधि

‘सफला एकादशी’ पौष मास के कृष्ण पक्ष में आती है, जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है, यह व्रत समस्त कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान अच्युत (श्री विष्णु) की विधि-विधान से पूजा और व्रत किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सफला एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति…

श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर (बिड़ला मंदिर) – कब जाएं, कैसे पहुंचे, क्या देखें? पूरी गाइड

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क्या आप दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत, दिव्य और ऐतिहासिक स्थान की तलाश में हैं? तो आपको श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर, जिसे आमतौर पर बिड़ला मंदिर कहा जाता है, ज़रूर जाना चाहिए। यह मंदिर ना केवल धार्मिक श्रद्धा का प्रतीक है, बल्कि इसकी भव्य वास्तुकला और आध्यात्मिक वातावरण हर आगंतुक को आकर्षित करता…

बृहस्पतिवार व्रत कथा – गुरुवार व्रत पूजन

बृहस्पतिवार व्रत कथा भगवान विष्णु और देव गुरु बृहस्पति को समर्पित है। यह व्रत सुख-समृद्धि, ज्ञान और संतान प्राप्ति की कामना से रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, एक गरीब ब्राह्मण अपनी पत्नी और सात बेटियों के साथ रहता था। उसकी पत्नी बहुत कंजूस थी और व्रत नहीं करती थी। एक बार भगवान बृहस्पति…

श्री बृहस्पति देव आरती

श्री बृहस्पति देव, जिन्हें देवगुरु भी कहा जाता है, नवग्रहों में सबसे शुभ और ज्ञानदायक ग्रह माने जाते हैं। इनकी पूजा से बुद्धि, विवाह, संतान सुख, सम्मान और आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त होती है। गुरुवार के दिन श्री बृहस्पति देव की आरती करना विशेष फलदायी माना जाता है। श्री बृहस्पति देव आरती के माध्यम से भक्तजन…

श्री बृहस्पतिदेव चालीसा

क्या आप श्री बृहस्पतिदेव चालीसा का पाठ कर देवगुरु बृहस्पति की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं? क्या आप श्री बृहस्पतिदेव चालीसा pdf ढूंढ रहे हैं ताकि आप इसे आसानी से पढ़ सकें और अपने पास सुरक्षित रख सकें? तो आप बिलकुल सही जगह पर हैं! देवगुरु बृहस्पति, जिन्हें बृहस्पति देव के नाम से भी जाना…

Mystery of Vitthal Avatar – वैकुंठ छोड़कर पंढरपुर क्यों आए श्री हरि? विट्ठल अवतार का रहस्य

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नमस्ते दोस्तों! आज हम एक ऐसे दिव्य और अद्भुत रहस्य (divine and amazing mystery) की गहराई में उतरने वाले हैं, जिसने सदियों से भक्तों को भावविभोर कर रखा है। यह कथा है श्री हरि (Lord Vishnu) के उस रूप की, जिसे हम सब प्रेम से भगवान विट्ठल या पंढरीनाथ कहते हैं। क्या आपने कभी सोचा है…

Govinda Namalu Telugu – శ్రీ గోవింద నామాలు

Few chants resonate in the Indian spiritual landscape with the same pervasive power as the “Govinda Namalu.” More than just a collection of names, this rhythmic, euphoric invocation is the heartbeat of Tirumala, the sacred abode of Lord Venkateswara (also known as Srinivasa or Balaji). For millions, merely uttering “Govinda! Govinda!” is a direct connection…

रोली-घी का दीपक और तुलसी की माला – मत्स्य द्वादशी पर धन लाभ के लिए करें ये 3 गुप्त उपाय (Secret Remedies)

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हिंदू धर्म में, मार्गशीर्ष (अगहन) मास की शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि का विशेष महत्व है, जिसे मत्स्य द्वादशी (Matsya Dwadashi) के रूप में मनाया जाता है। यह दिन भगवान विष्णु के प्रथम अवतार, मत्स्य रूप को समर्पित है, जिन्होंने वेदों की रक्षा की थी। यह केवल धर्म की रक्षा का पर्व नहीं, बल्कि आर्थिक…

Matsya Puran Part 1 (मत्स्य पुराण – भाग 1)

Matsya Puran Part 1 (मत्स्य पुराण - भाग 1)

मत्स्य पुराण हिंदू धर्म के 18 प्रमुख पुराणों में से एक है और इसका नाम ‘मत्स्य’ (मत्स्य = मछली) से लिया गया है। यह पुराण भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार से संबंधित कथाओं और धार्मिक शिक्षा का स्रोत है। मत्स्य पुराण का पहला भाग प्राचीन भारतीय धर्म, संस्कृति, और ज्योतिष का महत्वपूर्ण ग्रंथ है, जिसमें…

श्री विष्णु मत्स्य अवतार पौराणिक कथा

भगवान विष्णु के दस अवतारों में मत्स्य अवतार उनका प्रथम अवतार है। इसकी कथा महाप्रलय और वेदों की रक्षा से जुड़ी है। पौराणिक कथा के अनुसार, जब हयग्रीव नामक दैत्य ने वेदों को चुराकर सागर में छिपा दिया, तब ज्ञान के अभाव में संसार में अधर्म फैलने लगा। उसी समय, पृथ्वी पर जल प्रलय का समय…

केवल 41 दिनों के मंडला पूजा उत्सव में आने वाली गुरुवायुर एकादशी! इस दिन क्या करें और क्या नहीं?

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केरल की धरती पर स्थित “भूलोक वैकुंठ” (पृथ्वी पर स्वर्ग) कहे जाने वाले गुरुवायुर श्री कृष्ण मंदिर (Guruvayur Sree Krishna Temple) में एक अत्यंत विशेष पर्व मनाया जाता है – गुरुवायुर एकादशी! यह एकादशी केवल एक धार्मिक तिथि मात्र नहीं, बल्कि यह 41 दिनों तक चलने वाले प्रसिद्ध मंडला पूजा उत्सव (Mandala Pooja Festival) के…

Lord Vishnu Most Powerful Mantra – भगवान विष्णु के शक्तिशाली मंत्र, करें इन मंत्रों का जाप, होगी हर इच्छा पूरी

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भगवान विष्णु को गुरुवार का दिन अत्यंत प्रिय माना जाता है। इस दिन जगत के पालनहार श्री हरि विष्णु और बृहस्पति देव की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि गुरुवार के दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखने से साधक की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख, समृद्धि तथा सौभाग्य की वृद्धि होती…

Varahi Sahasranama – श्री वाराही सहस्त्रनाम पाठ, महत्व, पूजा विधि, प्रभाव और लाभ

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हिंदू धर्म में देवी वाराही को शक्ति और ज्ञान का प्रतीक माना जाता है। देवी वाराही महाविद्याओं में से एक हैं और भगवान विष्णु के वराह अवतार की शक्तिरूपा हैं। उनके सहस्त्रनाम का पाठ (1000 नामों का जप) भक्तों के लिए अनेक लाभकारी और कल्याणकारी प्रभाव देता है। इस लेख में हम श्री वाराही सहस्त्रनाम…

उत्पन्ना एकादशी व्रत कथा और पूजा विधि

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष माह के कृष्ण पक्ष की ग्यारहवीं तिथि को मनाई जाती है। यह वह महत्वपूर्ण दिन है जब एकादशी देवी का प्राकट्य हुआ था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवी एकादशी ने मुर नामक भयंकर राक्षस का वध किया था, जिसने देवताओं को त्रस्त कर रखा था। इस दिन, भक्तजन भगवान विष्णु की विधिवत…

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