रामलला प्रतिष्ठा दिवस 2026 – Epic Journey of Shree Ram, अयोध्या से अशोक वाटिका तक श्रीराम का सफर, एक संक्षिप्त विवरण

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22 जनवरी 2026 का दिन हर राम भक्त के लिए भावुक और ऐतिहासिक है। यह वही तारीख है जब दो साल पहले, सदियों की प्रतीक्षा के बाद, हमारे आराध्य प्रभु श्री राम अपने भव्य महल में विराजे थे। हालांकि धार्मिक रूप से यह उत्सव ‘तिथि’ (पौष शुक्ल द्वादशी) के अनुसार मनाया जाता है, लेकिन जन-मानस में…

जानें घर में शंख रखने के नियम, इसके फायदे और नुकसान

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सनातन धर्म और हिन्दू शास्त्रों में शंख को केवल एक वाद्य यंत्र या सजावट की वस्तु नहीं, बल्कि सौभाग्य, पवित्रता और विजय का प्रतीक माना गया है। इसकी उत्पत्ति समुद्र मंथन के दौरान निकले 14 रत्नों में से एक के रूप में हुई थी। चूँकि माता लक्ष्मी भी समुद्र से प्रकट हुई थीं, इसलिए शंख…

श्री इन्द्र बाईसा की आरती

श्री इन्द्र बाईसा (Indra Baisa Aarti PDF) की आरती उनके भक्तों के लिए अपार श्रद्धा और अटूट विश्वास का प्रतीक है। खुडियाला धाम की ममतामयी माँ, श्री इन्द्र बाईसा का जीवन त्याग, तपस्या और जन-कल्याण के लिए समर्पित रहा है। उनकी आरती का नियमित गान करने से मन को असीम शांति मिलती है और घर…

दिवाली व्रत कथा और पूजा विधि

दीपावली का पावन पर्व न केवल दीपों का उत्सव है, बल्कि यह मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त करने का भी दिन है। शास्त्रों के अनुसार, दीपावली के दिन दीपावली व्रत कथा का श्रवण या पठन करने से घर में सुख, शांति और अखंड लक्ष्मी का वास होता है। इस कथा में…

पूर्णिमा व्रत कथा

पूर्णिमा व्रत (Purnima Vrat Katha PDF) का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, पूर्णिमा के दिन व्रत रखने और पूर्णिमा व्रत की कथा सुनने से जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और घर…

सरस्वती व्रत कथा एवं पूजा विधि

सरस्वती व्रत कथा भगवती सरस्वती की कृपा प्राप्त करने का एक अत्यंत मंगलकारी माध्यम है। विशेष रूप से विद्यार्थियों, कलाकारों और संगीत प्रेमियों के लिए यह व्रत बहुत फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस व्रत के पालन और कथा के श्रवण से बुद्धि, विवेक और ज्ञान में वृद्धि होती है। इस कथा में…

शिव जी आरती

भगवान शिव की आरती हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। महादेव की आराधना के बिना कोई भी पूजा पूर्ण नहीं होती। शिव जी की आरती “जय शिव ओंकारा” के गान से मन को शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। भक्त श्रद्धापूर्वक शिवरात्रि, सावन और सोमवार के व्रत में शिव जी की स्तुति…

श्री हरि स्तोत्रम्

श्री हरि स्तोत्रम् (Hari Stotram PDF) भगवान विष्णु की स्तुति में रचा गया एक अत्यंत प्रभावशाली और मधुर स्रोत है। इसकी रचना स्वामी ब्रह्मानंद द्वारा की गई थी। इस स्तोत्र के प्रत्येक श्लोक के अंत में “हरिमेव भजे सुनिषण्णमते” आता है, जिसका अर्थ है – “मैं उन श्री हरि का भजन करता हूँ, जो मेरे…

श्री हनुमान स्तुति

हनुमान स्तुति (Hanumana Stuti PDF) भगवान हनुमान की महिमा और शक्ति का एक पावन गान है। यह स्तुति भक्तों को मानसिक शांति, साहस और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति प्रदान करने के लिए जानी जाती है। नियमित रूप से हनुमान स्तुति का पाठ करने से जीवन के सभी संकट दूर होते हैं और आत्मबल में वृद्धि…

कनकधारा स्तोत्र पाठ हिंदी अर्थ सहित

कनकधारा स्तोत्र (Kanakadhara Stotram PDF) आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा रचित एक अत्यंत चमत्कारी और प्रभावशाली स्तुति है। मान्यता है कि जब शंकराचार्य ने एक निर्धन महिला की भक्ति से प्रसन्न होकर इस स्तोत्र का गान किया, तब देवी लक्ष्मी ने स्वर्ण वर्षा (सोने की धारा) कर दी थी। आज के समय में आर्थिक तंगी से…

माता रामो मत्पिता रामचन्द्र – श्लोक अर्थ सहित

यह प्रसिद्ध श्लोक श्री रामरक्षा स्तोत्र का एक अत्यंत भावपूर्ण अंश है, जो भगवान राम के प्रति पूर्ण समर्पण और अटूट श्रद्धा को दर्शाता है। इस श्लोक के माध्यम से भक्त अपनी आध्यात्मिक पहचान को केवल श्री राम से जोड़ता है। यह श्लोक हमें सिखाता है कि जब हम ईश्वर को अपने माता-पिता और मित्र…

करवा चौथ व्रत कथा और पूजन विधि

करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला उपव्रत रखती हैं। करवा चौथ की पूजा में ‘करवा चौथ व्रत कथा’ का पाठ करना अनिवार्य माना गया है। कथा के अनुसार, वीरावती नाम की एक पतिव्रता स्त्री…

श्री गौरी माँ चालीसा

हिंदू धर्म में माता पार्वती के मंगलमय स्वरूप ‘माँ गौरी’ की आराधना का विशेष महत्व है। श्री गौरी माँ चालीसा का नियमित पाठ करने से भक्तों के जीवन में सुख, शांति और सौभाग्य का आगमन होता है। विशेषकर सुहागिन महिलाएँ अखंड सौभाग्य और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए माँ गौरी की स्तुति करती हैं। माँ…

श्री खाटू श्याम जी कथा

खाटू श्याम जी की कथा भक्त और भगवान के बीच अटूट विश्वास का प्रतीक है। महाभारत काल के वीर बर्बरीक ही आज खाटू श्याम के रूप में पूजे जाते हैं। उन्होंने धर्म की जीत के लिए भगवान श्री कृष्ण के मांगने पर अपना शीश दान कर दिया था। उनकी इस महान बलि से प्रसन्न होकर…

दुर्गा जी आरती

माँ दुर्गा की आरती (Durga ji Aarti PDF) हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह आरती न केवल देवी दुर्गा के प्रति श्रद्धा प्रकट करने का एक माध्यम है, बल्कि यह भक्तों के मन में सकारात्मक ऊर्जा और शक्ति का संचार भी करती है। ‘जय अम्बे गौरी’ आरती के गायन से घर का…

ऋणमोचक मंगल स्तोत्रम् अर्थ सहित

श्री ऋणमोचक मंगल स्तोत्र हिंदू धर्म में अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह स्तोत्र भगवान मंगल (मंगल ग्रह) को समर्पित है, जिन्हें शक्ति, साहस और भूमि का कारक माना जाता है। यदि आप भारी कर्ज (Loan), आर्थिक तंगी या भूमि संबंधी विवादों से परेशान हैं, तो इस स्तोत्र का नियमित पाठ करना अत्यंत फलदायी होता…

श्री नारायण कवच अर्थ सहित

श्री नारायण कवच श्रीमद्भागवत पुराण के छठे स्कंध के आठवें अध्याय से लिया गया एक अत्यंत प्रभावशाली स्तोत्र है। यह भगवान विष्णु (नारायण) को समर्पित है और इसे स्वयं देवराज इंद्र को विश्वरूप द्वारा प्रदान किया गया था। इस कवच का मुख्य उद्देश्य भक्त के शरीर, मन और आत्मा की नकारात्मक शक्तियों, शत्रुओं और भयों…

श्री जाहरवीर गोगाजी चालीसा

श्री जाहरवीर गोगाजी महाराज राजस्थान के प्रमुख लोक देवताओं में से एक हैं, जिन्हें सांपों के देवता और रक्षक के रूप में पूजा जाता है। गोगाजी चालीसा का पाठ भक्तों के जीवन से भय, संकट और मानसिक कष्टों को दूर करने के लिए किया जाता है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से इस चालीसा का…

श्री भागवत भगवान आरती

श्रीमद्भागवत महापुराण की आरती, जिसे “श्री भागवत भगवान की आरती” कहा जाता है, हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। यह आरती केवल शब्दों का समूह नहीं, बल्कि भगवान कृष्ण के वांग्मय स्वरूप की वंदना है। इस आरती के गायन से भक्तों को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का आशीर्वाद प्राप्त होता है। आरती की…

श्री कार्तिक मास कथा

कार्तिक मास हिन्दू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस मास के महत्व और नियमों का वर्णन ‘श्री कार्तिक मास कथा’ में मिलता है, जिसे भक्तजन पुण्य लाभ के लिए पढ़ते हैं। Kartik Maas Katha PDF आसानी से उपलब्ध है। कथा में मुख्य रूप से भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और माता लक्ष्मी की पूजा, गंगा स्नान,…

श्री कल्कि चालीसा

भगवान विष्णु के दसवें और अंतिम अवतार, श्री कल्कि को समर्पित श्री कल्कि चालीसा का पाठ (Kalki Chalisa PDF) भक्तों के लिए अत्यंत फलदायी माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, कलियुग के अंत में अधर्म का विनाश और सत्ययुग की स्थापना के लिए कल्कि अवतार का अवतरण होगा। इस चालीसा के नियमित पठन से…

दशामाता व्रत कथा एवं पूजा विधि

दशामाता का व्रत (Dashamata Vrat Katha PDF) मुख्य रूप से चैत्र मास की कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत घर की सुख-समृद्धि और बिगड़ी हुई दशा को सुधारने के लिए रखा जाता है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा नल और रानी दमयंती के जीवन में जब कष्ट आए, तो रानी…

श्री दुर्गा माता स्तुति

माँ दुर्गा की महिमा अपार है, और उनकी स्तुति करना भक्तों के लिए शक्ति, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। श्री दुर्गा माता स्तुति एक अत्यंत प्रभावशाली प्रार्थना है, जिसके नियमित पाठ से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। नवरात्रि के पावन अवसर पर या…

शिव जी स्तुति

भगवान शिव की महिमा अनंत है और उनकी आराधना के लिए शिव स्तुति का पाठ अत्यंत फलदायी माना जाता है। “आशुतोष शशाँक शेखर…” जैसे दिव्य मंत्रों और श्लोकों से सजी यह स्तुति साधक के मन को शांति प्रदान करती है और जीवन के समस्त कष्टों का निवारण करती है। मान्यता है कि जो भक्त पूर्ण…

चित्रगुप्त कथा व पूजा विधि

भगवान चित्रगुप्त जी की पूजा कायस्थ समाज और सनातन धर्म में विशेष महत्व रखती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, चित्रगुप्त जी का जन्म ब्रह्मा जी के शरीर (काया) से हुआ था, इसलिए उन्हें ‘कायस्थ’ कहा गया। वे यमराज के सहायक हैं और मनुष्यों के पाप-पुण्य का लेखा-जोखा रखते हैं। कथा के अनुसार, जब ब्रह्मा जी…

हलषष्ठी सम्पूर्ण व्रत कथा एवं पूजा विधि

हलषष्ठी (Halashasti Sampuran Vrat Katha PDF), जिसे ललही छठ या तिन्नी छठ के नाम से भी जाना जाता है, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी आयु, स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना के लिए रखती हैं। पौराणिक कथा के अनुसार,…

मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत कथा व पूजा विधि (मार्गशीर्ष गुरुवार व्रत कथा)

मार्गशीर्ष माह में देवी लक्ष्मी की उपासना का विशेष महत्व है। इस पावन महीने के प्रत्येक गुरुवार को मार्गशीर्ष महालक्ष्मी व्रत रखा जाता है, जिसे ‘अगहन गुरुवार’ भी कहते हैं। मान्यता है कि जो भक्त श्रद्धापूर्वक यह व्रत रखते हैं और श्री महालक्ष्मी व्रत कथा का पाठ करते हैं, उनके घर में सुख, शांति और…

हरतालिका तीज व्रत कथा

हिंदू पंचांग के अनुसार, हरतालिका तीज 2026 का पावन पर्व 14 सितंबर 2026, सोमवार को मनाया जाएगा। यह व्रत भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए यह निर्जला व्रत रखती हैं, वहीं कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए…

श्री हनुमान अमृतवाणी

हनुमान अमृतवाणी भगवान श्री राम के परम भक्त, संकटमोचन हनुमान जी की महिमा का एक अत्यंत सुंदर और भक्तिमय संग्रह है। इसमें हनुमान जी के दिव्य गुणों, उनकी शक्ति और उनके निस्वार्थ सेवा भाव का वर्णन किया गया है। मान्यता है कि अमृतवाणी का श्रद्धापूर्वक पाठ करने से मन को शांति मिलती है, भय का…

मां काली की कथा

पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब रक्तबीज नामक असुर ने देवताओं को प्रताड़ित करना शुरू किया, तब माँ दुर्गा ने देवी काली का रूप धारण किया। रक्तबीज को वरदान था कि उसकी रक्त की हर एक बूंद जमीन पर गिरने से एक नया असुर पैदा होगा। माँ काली ने अपने विकराल रूप और खप्पर से उसका…

श्री चिंतपूर्णी माता चालीसा

श्री चिंतपूर्णी माता चालीसा (Chintpurni Mata Chalisa PDF) माँ छिन्नमस्तिका की स्तुति में गाया जाने वाला एक अत्यंत प्रभावशाली पाठ है। माता चिंतपूर्णी को ‘चिंताओं को दूर करने वाली’ देवी माना जाता है। इस चालीसा के श्रद्धापूर्वक पाठ से साधक के जीवन के सभी कष्ट, मानसिक तनाव और दरिद्रता का नाश होता है। हिमाचल प्रदेश…

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्त्रोत पाठ विधि व लाभ

श्री गोपाल सहस्त्रनाम स्तोत्र (Gopal Sahastranaam Stotram PDF) भगवान श्रीकृष्ण के एक हजार दिव्य नामों का एक अत्यंत प्रभावशाली संग्रह है। यह स्तोत्र मुख्य रूप से ‘आकाश भैरव तंत्र’ से लिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भक्त श्रद्धापूर्वक इसका पाठ करते हैं, उन्हें सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह स्तोत्र…

बाबा मोहन राम चालीसा

बाबा मोहन राम चालीसा (Baba Mohan Ram Chalisa PDF) भक्तगणों के लिए अत्यंत फलदायी चालीसा है। बाबा मोहन राम को भगवान कृष्ण का ही कलियुगी अवतार माना जाता है, जिनका मुख्य धाम राजस्थान के भिवाड़ी (मिलकपुर) में स्थित है। उनकी चालीसा का नियमित पाठ करने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं, घर में सुख-शांति…

वैभव लक्ष्मी व्रत कथा

वैभव लक्ष्मी व्रत मुख्य रूप से सुख, समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माता लक्ष्मी के ‘वैभव’ स्वरूप को समर्पित है, जो भक्तों की दरिद्रता दूर कर उन्हें ऐश्वर्य प्रदान करती हैं। आमतौर पर यह व्रत शुक्रवार को रखा जाता है और इसे स्त्री या पुरुष…

विज्ञान भैरव तंत्र (Vigyan Bhairav Tantra PDF)

विज्ञान भैरव तंत्र (Vigyan Bhairav Tantra)

विज्ञान भैरव तंत्र देवी और भैरव के संवाद के रूप में प्रकट हुआ है, जिसमें शिव को रचयिता माना गया है। इसमें १६३ छंद हैं, जिनमें तंत्र-साधना के विभिन्न पहलुओं का वर्णन किया गया है। यह ग्रंथ योग, ध्यान और आत्मज्ञान के मार्गों का विस्तृत विवेचन करता है। इसमें ११२ धारणाओं का वर्णन है, जो…

श्री इंद्र बाईसा चालीसा पाठ

श्री इंद्र बाईसा चालीसा (Indra Baisa Chalisa PDF) का पाठ भक्तों के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाता है। यह चालीसा माँ इंद्र बाईसा की महिमा और कृपा का गुणगान करती है। जो भक्त सच्चे मन से इस चालीसा का नियमित पाठ करते हैं, उनके सभी कष्ट दूर होते हैं। माँ की कृपा से…

पशुपति व्रत कथा एवं पूजा विधि

यह श्री पशुपतिनाथ व्रत (Pashupati Vrat PDF) की संपूर्ण कथा और विधि है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित है और मान्यता है कि इसे पूर्ण श्रद्धा से करने पर बड़ी से बड़ी मनोकामना पूर्ण होती है। पशुपति व्रत भगवान शिव (पशुपतिनाथ) को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। यह व्रत किसी भी सोमवार से…

श्री तिरुपति बालाजी आरती

भगवान श्री वेंकटेश्वर, जिन्हें हम प्यार से तिरुपति बालाजी कहते हैं, करोड़ों भक्तों की आस्था के केंद्र हैं। श्री तिरुपति बालाजी आरती (Tirupati Balaji Aarti PDF) आरती का गान करना न केवल मन को शांति प्रदान करता है, बल्कि जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता का संचार भी करता है। बालाजी की महिमा अपरंपार है और उनकी…

महालक्ष्मी व्रत कथा और पूजा विधि

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की अष्टमी से महालक्ष्मी व्रत (Mahalakshmi Vrat Katha PDF) की शुरुआत होती है और यह व्रत पूरे सोलह दिनों तक चलता है। इस व्रत में माता लक्ष्मी के आठ रूपों की पूजा की जाती है, जिन्हें अष्टलक्ष्मी कहा जाता है। यह कथा माता लक्ष्मी के एक भक्त की कहानी पर…

हनुमान चालीसा पाठ {स्वामी रामभद्राचार्य जी}

स्वामी रामभद्राचार्य जी द्वारा रचित ‘हनुमान चालीसा पाठ’ (Hanuman Chalisa Rambhadracharya PDF) एक अनूठा और शक्तिशाली पाठ है। यह हनुमान जी की महिमा का गुणगान करता है और भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है। इस पाठ की विशेषता यह है कि यह हनुमान चालीसा के प्रत्येक पद के गूढ़ अर्थ को…

श्री धन्वंतरि जी की आरती

भगवान धनवंतरि को हिंदू धर्म में आयुर्वेद के देवता और भगवान विष्णु का अवतार माना जाता है। उनकी आरती का गान विशेष रूप से ‘धनतेरस’ और ‘राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस’ के अवसर पर किया जाता है। “ॐ जय धन्वंतरि देवा” से शुरू होने वाली यह आरती भक्तों को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और रोगों से मुक्ति का…

अन्नपूर्णा माता व्रत कथा

माता अन्नपूर्णा का व्रत सुख, शांति और अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है। हिंदू धर्म में मां अन्नपूर्णा को अन्न और पोषण की अधिष्ठात्री देवी माना गया है। यह व्रत मार्गशीर्ष मास (अगहन) के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से शुरू होकर 17 दिनों तक चलता है। भक्त अक्सर “अन्नपूर्णा माता व्रत कथा…

श्री विष्णु सहस्रनाम स्तोत्रम पाठ

विष्णु सहस्त्रनाम (Vishnu Sahasranamam PDF) भगवान श्रीहरि विष्णु के एक हजार दिव्य और महिमामय नामों का पवित्र स्तोत्र है, जिसका उल्लेख महाभारत के अनुशासन पर्व में मिलता है। हिंदू धर्म में इसका नियमित पाठ अत्यंत पुण्यदायी, मन को शांति देने वाला और आत्मा को शुद्ध करने वाला माना गया है। आज के डिजिटल युग में…

Brihaspati Remedies 2026 – बृहस्पति के इन अचूक उपायों से दूर होंगी नौकरी की रुकावटें, मिलेगी मनचाही सफलता!

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आज के दौर में एक अच्छी नौकरी पाना किसी चुनौती से कम नहीं है। कड़ी मेहनत, अच्छी योग्यता और इंटरव्यू में बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी अगर आपको सफलता नहीं मिल पा रही है, तो इसके पीछे ज्योतिषीय कारण हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, कुंडली में ग्रहों की स्थिति हमारी जिंदगी के हर…

बृहस्पति स्तोत्रम् पाठ की विधि और लाभ

बृहस्पति स्तोत्रम् देवगुरु बृहस्पति को प्रसन्न करने के लिए एक अत्यंत प्रभावशाली और पवित्र स्तुति है। हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, बृहस्पति (गुरु) ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा और सौभाग्य के कारक माने जाते हैं। इस स्तोत्र का नियमित पाठ करने से व्यक्ति के जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है। इस स्तोत्र में गुरु…

थाई अमावसाई 2026 – थाई अमावसाई पर करें ये 5 विशेष उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति और चमकेगी आपकी किस्मत।

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थाई अमावसाई 2026 – क्या आप जीवन में अकारण बाधाओं का सामना कर रहे हैं? क्या कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता हाथ से फिसल जाती है? अगर हाँ, तो 18 जनवरी 2026 (रविवार) की तारीख अपनी डायरी में नोट कर लीजिए। यह दिन सामान्य नहीं है, यह पवित्र ‘थाई अमावसाई’ (Thai Amavasai) का दिन…

मौनी अमावस्या 2026 – शुभ मुहूर्त, स्नान-दान की सही विधि और इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां।

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क्या आप जानते हैं? हिंदू धर्म में साल की सभी अमावस्याओं में ‘मौनी अमावस्या’ को सबसे बड़ी और फलदायी अमावस्या माना जाता है। माघ का महीना, कड़कड़ाती ठंड और पवित्र नदियों में आस्था की डुबकी यह दृश्य अपने आप में अद्भुत होता है। साल 2026 में मौनी अमावस्या का संयोग बेहद खास है। यह दिन…

मेरु त्रयोदशी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक इतिहास और पूजन की संपूर्ण विधि

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मेरु त्रयोदशी (Meru Trayodashi) जैन धर्म के सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहारों में से एक है। यह केवल एक तिथि नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और मोक्ष की साधना का प्रतीक है। हर साल पौष माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी (तेरस) को मनाया जाने वाला यह पर्व प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) जी के निर्वाण…

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