मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम की जन्मस्थली अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के बाद से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। साल 2026 की शुरुआत के साथ ही, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए दर्शन और आरती के समय में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
यदि आप भी 2026 में रामलला के दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यह लेख आपके लिए मार्गदर्शिका साबित होगा। यहाँ जानें आरती के नए समय से लेकर ऑनलाइन बुकिंग तक की पूरी जानकारी।
राम मंदिर दर्शन का नया समय (2026 अपडेटेड शेड्यूल)
बदलते मौसम और बढ़ती भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट ने अब दर्शन की अवधि को बढ़ा दिया है। अब श्रद्धालु पहले की तुलना में 2 घंटे अधिक समय तक मंदिर परिसर में रुक सकेंगे।
दर्शन की समय सारिणी
- प्रातःकाल दर्शन – सुबह 6:00 AM से दोपहर 12:00 PM तक
- विश्राम काल – दोपहर 12:00 PM से शाम 4:00 PM तक (मंदिर के पट बंद)
- सायं काल दर्शन – शाम 4:00 PM से रात्रि 10:00 PM तक
मुख्य आरतियों का समय
रामलला की आरती के दर्शन करना हर भक्त का सपना होता है। 2026 के नए शेड्यूल के अनुसार आरतियों का समय निम्नलिखित है:
- मंगला आरती – प्रातः 4:00 बजे (दिन की शुरुआत रामलला के जागरण से)
- श्रृंगार आरती – प्रातः 6:00 बजे (प्रभु का दिव्य श्रृंगार)
- भोग आरती – दोपहर 12:00 बजे (राजभोग अर्पण)
- संध्या आरती – सायं 7:00 बजे (शाम की दिव्य लौ)
- शयन आरती – रात्रि 10:00 बजे (प्रभु के विश्राम का समय)
नोट – आरती में सम्मिलित होने के लिए पास की आवश्यकता हो सकती है, जिसे आप आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।
मंदिर प्रवेश के कड़े नियम और सुरक्षा दिशा-निर्देश
राम मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था अत्यंत सुदृढ़ है। सुगम दर्शन के लिए इन नियमों का पालन अनिवार्य है:
- प्रतिबंधित वस्तुएं – मोबाइल फोन, कैमरा, स्मार्ट वॉच, हेडफोन और कोई भी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट मंदिर के भीतर ले जाना पूरी तरह वर्जित है।
- पहचान पत्र – सुरक्षा जांच के समय अपना मूल आधार कार्ड या कोई भी सरकारी फोटो युक्त पहचान पत्र (ID Proof) साथ रखें।
- वस्त्र संहिता (Dress Code) – हालांकि कोई सख्त ड्रेस कोड नहीं है, लेकिन भक्तों को सलाह दी जाती है कि वे शालीन और पारंपरिक भारतीय वस्त्र पहनें।
- निषिद्ध वस्तुएं – मंदिर परिसर में चमड़े के बेल्ट, पर्स, और तंबाकू/धूम्रपान सामग्री ले जाना मना है।
ऑनलाइन बुकिंग – भीड़ से बचने का आसान तरीका
यदि आप लंबी लाइनों से बचना चाहते हैं, तो ऑनलाइन दर्शन पास बुक करना सबसे अच्छा विकल्प है:
- स्टेप 1 – श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।
- स्टेप 2 – ‘Reserve Your Slot’ या ‘Online Darshan’ टैब पर क्लिक करें।
- स्टेप 3 – अपनी सुविधा अनुसार तिथि और उपलब्ध समय का चयन करें।
- स्टेप 4 – अपनी व्यक्तिगत जानकारी और आईडी प्रूफ नंबर दर्ज करें।
- स्टेप 5 – स्लॉट बुक होने के बाद, उसका प्रिंटआउट या क्यूआर कोड अपने पास रखें।
अयोध्या कैसे पहुँचें? (परिवहन के साधन)
अयोध्या अब भारत के सभी प्रमुख शहरों से आधुनिक कनेक्टिविटी के जरिए जुड़ चुका है:
- हवाई मार्ग – महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (AYO)** देश के प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ा है। लखनऊ हवाई अड्डा भी एक विकल्प है।
- रेल मार्ग – अयोध्या धाम जंक्शन और अयोध्या कैंट स्टेशन के लिए दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई से सीधी ट्रेनें उपलब्ध हैं।
- सड़क मार्ग – लखनऊ, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज से सीधी बस सेवाएं और टैक्सी उपलब्ध हैं।
अयोध्या में ठहरने की व्यवस्था
अयोध्या में अब रुकने के लिए हर बजट के विकल्प मौजूद हैं:
- धर्मशाला – ट्रस्ट द्वारा संचालित धर्मशालाएं बहुत ही कम शुल्क पर उपलब्ध हैं।
- होटल और होमस्टे – राम मंदिर के पास अब कई बजट और लग्जरी होटल खुल चुके हैं।
- टेंट सिटी – विशेष पर्वों के दौरान श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक टेंट सिटी का निर्माण भी किया जाता है।
मंदिर के आसपास अन्य दर्शनीय स्थल
रामलला के दर्शन के बाद आप इन पवित्र स्थानों पर भी जा सकते हैं:
- हनुमानगढ़ी – मान्यता है कि रामलला के दर्शन से पहले बजरंगबली की अनुमति लेना अनिवार्य है।
- कनक भवन- माता सीता और प्रभु राम का सोने का महल।
- सरयू नदी – शाम के समय सरयू तट पर होने वाली महाआरती एक अविस्मरणीय अनुभव है।
- सीता की रसोई – मंदिर परिसर के पास स्थित ऐतिहासिक स्थान।
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