जगत के सर पर जिनका हाथ, वही है अपने भोले नाथ PDF हिन्दी
Download PDF of Jagat Ke Sar Par Jinka Hath Vahi Hai Apne Bholenath Bhajan Hindi
Shiva ✦ Bhajan (भजन संग्रह) ✦ हिन्दी
जगत के सर पर जिनका हाथ, वही है अपने भोले नाथ हिन्दी Lyrics
|| जगत के सर पर जिनका हाथ, वही है अपने भोले नाथ ||
जगत के सर पर जिनका हाथ,
वही है अपने भोले नाथ,
जिन चरणों में सदा झुकाती,
जिन चरणों में सदा झुकाती,
सारी दुनिया माथ,
वही है अपने भोले नाथ,
वही है अपने भोले नाथ ॥
श्रष्टि के पालक तुम ही,
कुशल संचालक तुम ही,
तुम्ही हो जग विस्तारक,
तुम्ही इसके संघारक,
जिनको पाकर कभी ना समझे,
जिनको पाकर कभी ना समझे,
खुद को कोई अनाथ,
वही है अपने भोले नाथ,
वही है अपने भोले नाथ ॥
हिमालय पर तुम रहते,
मार मौसम की सहते,
गले में सर्प लपेटे,
मगन मन रहते लेटे,
भूत प्रेत बेताल हमेशा,
भूत प्रेत बेताल हमेशा,
रहते जिनके साथ,
वही है अपने भोले नाथ,
वही है अपने भोले नाथ ॥
कृपा सब पर बरसाते,
सभी का मन हर्षाते,
भक्त गण जब भी टेरे,
सदा जो दौड़े आते,
अनुज ‘देवेंद्र’ भी पाकर जिनको,
अनुज ‘देवेंद्र’ भी पाकर जिनको,
अब हो गए सनाथ,
वही है अपने भोले नाथ,
वही है अपने भोले नाथ ॥
जगत के सर पर जिनका हाथ,
वही है अपने भोले नाथ,
जिन चरणों में सदा झुकाती,
जिन चरणों में सदा झुकाती,
सारी दुनिया माथ,
वही है अपने भोले नाथ,
वही है अपने भोले नाथ ॥
Join HinduNidhi WhatsApp Channel
Stay updated with the latest Hindu Text, updates, and exclusive content. Join our WhatsApp channel now!
Join Nowजगत के सर पर जिनका हाथ, वही है अपने भोले नाथ
READ
जगत के सर पर जिनका हाथ, वही है अपने भोले नाथ
on HinduNidhi Android App
DOWNLOAD ONCE, READ ANYTIME
Your PDF download will start in 15 seconds
CLOSE THIS
